Wednesday, 24 July 2024

उनकी उस कमेटी को मैं तथाकथित सरकारी कमेटी कहता हूं🙏 ( July 12, 2024)

 भाई चंद्रप्रकाश जी 


आपका प्रश्न वाजिब है 🙏


 परंतु मेरे पास जो जानकारी है, उसके अनुसार श्री वाली कहते हैं कि सरकार ने उनसे कहा था कि वह एक कमेटी बनाकर उसका पंजीकरण करायें, उसी आधार पर उन्होंने कमेटी को बनाया है और उसका कार्यालय अपने घर का पता रोहिणी में रखा है 🙏 उनकी उस कमेटी को मैं तथाकथित सरकारी कमेटी कहता हूं🙏


उस समय मैंने हाउसिंग मिनिस्ट्री की नाक में दम कर रखा था कि उस अधिनियम की कॉपी दीजिए जिसके आधार पर सरकार किसी मंदिर की प्रबंधक हो सकती है🙏


 इसीलिए मैं मिस्टर बाली से उनके द्वारा बनाई गई नियमावली की कॉपी मांग रहा हूं, ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि सरकार ने उनसे कहा था या उन्होंने अपनी इच्छा से कमेटी बनाई है 🙏


मिस्टर बाली और श्री वीर सिंह हितकारी के 31 मार्च 2024 को अंबेडकर भवन में दिए गए बयान के अनुसार मिस्टर बाली द्वारा पंजीकृत कमेटी में केवल 10 सदस्य हैं, जबकि सरकारी कमेटी में 11 सदस्य है, इस प्रकार माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्देशित और सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी का उल्लंघन हो जाता है, मिस्टर बाली द्वारा बनाई गई कमेटी को सरकारी कमेटी नहीं कहा जा सकता है l


अगर मिस्टर वाली ऐसा कर सकते हैं तो दिल्ली की कोई भी कमेटी ऐसा कर सकती है और तुगलकाबाद रविदास मंदिर पर अपना दावा ठोक सकती है 🙏


क्योंकि कमेटी तो वही बनेगी, जो सरकार द्वारा समस्त शक्तियों के साथ स्वतंत्र होगी🙏


DDA के ऊपर कोर्ट आफ कॉन्टेप्ट का मामला बनता है, परंतु मि. बाली की कमेटी ने DDA पर कोर्ट आफ कंटेंप्ट का केस नहीं कर पाई है इसलिए मिस्टर बाली की यह कमेटी मुझे फ्रॉड कमेटी लगती है🙏


 क्योंकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार सरकार और DDA अपने द्वारा बनाई गई  कमेटी से पैसे की मांग नहीं कर सकती है, यह कोर्ट के समक्ष दिए गए कमिटमेंट का उल्लंघन होगा 🙏


आरटीआई एक्टिविस्ट मिस्टर कमलेश ने 10 फरवरी को मिस्टर बाली से लिखित रूप में नियमावली की कॉपी मांगी थी, परंतु वह आज तक टालते रहे हैं 🙏


अगर उनकी नियमावली में ऐसा कोई क्लाज है, जो उनको सरकारी कमेटी का प्रतिनिधि बनता है, तब वह समिति का विस्तार कर सकते हैं सभी मंदिर और 96 गुरु भाइयों को समिति में ले सकते हैं🙏 और उसे सरकारी कमेटी का सदस्य ही माना जाएगा🙏


मिस्टर बाली एक प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं, वह केवल आदेश का अनुपालन करना जानते हैं, और वह यही काम कर रहे हैं, आरएसएस के बहुत निकट है, हो सकता है उनके पास भी राज्यसभा में जाने का विकल्प खुला हो 🙏 जिस प्रकार श्री दुष्यंत गौतम को तुरंत ही राज्यसभा का सदस्य बना दिया गया 🙏 मिस्टर बाली विधिक जटिलताओं को दूर करना नहीं जानते इसीलिए वह पिछले 5 साल में कुछ नहीं कर सके हैं, मैं उनकी श्रद्धा पर प्रश्न चिह्न नहीं लगता, परंतु उनकी योग्यता पर प्रश्न चिन्ह लगता हूं, उनमें लोभ की पराकाष्ठा है🙏


हमें अपना समाज के दलालों से भी निपटना होगा, हमारे समाज के प्रतिनिधि ऐसे हो जिनके मुंह में जीभ हो🙏मा. सांसद दुष्यंत गौतम और मा.सांसद हंसराज हंस ने तुगलकाबाद रविदास मंदिर के मामले को संसद में कितनी बार उठाया है 🙏 यह सभी बिना जीभ के लोग हैं, इनकी श्रद्धा संदिग्ध है 🙏 5 साल का समय बहुत होता है, कोई काम करने के लिए, इसलिए मेरा विचार है, सभी गुरु भक्तों को सम्मिलित करते हुए नई कार्यकारिणी का चुनाव करना ही एक विकल्प है, 


अगर उनकी नियमावली में ऐसा कोई क्लास है जो उन्हें सरकारी समिति बनता है तो🙏 अन्यथा नियमावली पुनः बनाई जा सकती है🙏 परन्तु इस बात में कोई संदेह नहीं है संत श्री निरंजन दास जी सरकार द्वारा नामित चेयरमेन है, जिनकी शक्तियां और कर्तव्य,, राहुल कश्यप द्वारा निर्गत सूचना में नहीं है, अन्य कोई सूचना जारी की गई हो तो उसकी जानकारी मेरे पास नहीं है 🙏


 संयोजक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏 

मो. 9335122064

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