Sunday, 29 September 2024

एट महत्वपूर्ण बैठक 29 सितंबर 2024

 https://youtu.be/gBc0UL0FFSo?si=uWA7OAVZ1Vx7Rm6F 



🌹 अति महत्वपूर्ण सूचना दिनांक 29 सितंबर 2024


आज मुझे अपने पिताजी की बात पुनः याद आ रही है जो वह अक्सर व्यंग में कहा करते थे "किस पर करें सिंगार पिया मोरे अंधेरे ".


1. मैं एक सप्ताह से श्री OP ढाड़ा जी से बात करने का प्रयास कर रहा हूं,


2. उनसे केंद्रीय कमेटी का रेगुलेशन चाहता हूं, ताकि दिल्ली के रविदास समाज का भला हो सके!


3. एक सप्ताह पहले उनसे बात हुई थी, तब मैंने उनसे रेगुलेशन की कॉपी मांगी थी 🙏


4. केंद्रीय कमेटी के वर्तमान प्रधान हमारे बगल में हैं 🙏 परंतु रेगुलेशन की कॉपी अभी तक मुझे नहीं मिली है 🙏


5. श्री अक्षय महाराज ने कहला दिया है कि वह अपने व्यक्तिगत काम में बिजी हैं इसलिए उनको फोन ना किया जाए 🙏


6. केंद्रीय कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री गुरदीप लाली जी को नहीं पता है कि केंद्रीय कमेटी का रेगुलेशन क्या है, श्री अक्षय महाराज जी और श्री ढांडा जी के निकट होने के कारण वे अक्सर मुझसे मांगते हैं 😂


7. उप प्रधान रहे मिस्टर बीके सिंह केंद्रीय कमेटी से कोई ताल्लुक रखता नहीं चाहते हैं 🙏


8. ऐसा कहा जाता है यह कमेटी 54 साल पुरानी है🙏 किसी व्यक्ति को इस कमेटी का प्रधान बनते समय यह तो सोचना चाहिए कि वह कमेटी के लिए कितना समय निकाल सकेगा, या केवल पद पर बैठकर समाज का समय खराब करेगा, समाज के लिए पनौती बना रहेगा🙏😭


9. दिनांक 10 जनवरी 2024 को श्री के. सी. रवि जी के साथ पूजा के बाद मेरी भेंट हुई और साथ-साथ काम करने का निर्णय लिया 🙏 इसकी सूचना सोशल मीडिया से जारी होने लगी थी 🙏


10. 24 मार्च 2024 को मेरे माध्यम से श्री अक्षय महाराज जी और श्री OP ढांडा जी की श्री के. सी. रवि जी से भेंट हुई 🙏 24 मार्च 2024 को एक संकल्प पारित हुआ जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर उपलब्ध है 🙏


11. इसके बाद श्री अक्षय महाराज ने अधिक चतुराई दिखाते हुए श्री के. सी. रवि जी से सीधे संपर्क करना शुरू कर दिया🙏


12. श्री ब्रह्म प्रकाश बुलाकी जी के कार्यालय पर हुई बैठक में अक्षय महाराज जी ने मुझे यह भी बताना आवश्यक नहीं समझा कि वहां पर श्री के. सी. रवि जी भी आ रहे हैं🙏 


13. गठबंधन प्रक्रिया के अधीन जब मैंने श्री रवि जी को सूचित किया कि मैं अगले दिन श्री ब्रह्म प्रकाश बुलाकी जी के कार्यालय में बैठक के लिए जा रहा हूं, अक्षय महाराज जी ने मुझे आमंत्रण दिया है, तब श्री रवि जी ने मुझे बताया उनको भी बुलाया गया है, तब श्री रवि जी को मैंने सूचित किया कि आपको बुलाया गया इसकी सूचना अक्षय जी ने मुझे नहीं दी हैं 🙏


14. क्योंकि श्री रवि जी के साथ हमारी एक मर्यादा अनुबंध के अधीन थी कि सभा में या तो वह बोलेंगे अथवा मैं, एक सभा में हम दोनों नही बोलेंगे 🙏


15. क्योंकि हमारी और उनकी विचारधारा में थोड़ा अंतर है, भले ही हम दोनों की मंजिल एक है परंतु पहुंचने के रास्ते बहुत विपरीत है 🙏


16. श्री अक्षय जी की इस त्रुटि का परिणाम यह हुआ कि श्री बुलाकी जी के कार्यालय में हुई बैठक में श्री रवि जी नहीं आये 🙏


17. चारों तरफ से मेरे पास फोन ज्यादा आते थे जिसकी सूचना मैं नियमित रूप से श्री रवि जी को देता था 🙏


18. राजनीतिक रहे व्यक्ति श्री रवि जी को सदैव यह चिंता सताती थी कि मित्रा कहीं हमसे आगे ना निकल जाए 🙏 इसलिए वह अपना ड्राइवर के माध्यम से इसका मूल्यांकन करते रहते थे, जो की एक अधिवक्ता की गरिमा के विरुद्ध था, उनकी उच्च अभिलाषा को देखते हुए मैंने अपने सभी पत्रों पर उनको संत सभा के प्रतिनिधि के रूप में स्थापित कर दिया 🙏


20. परंतु जो व्यक्ति जिस सम्मान के योग्य न हो और उसको वह सम्मान मिल जाए तो फिर वह सम्मान उसको पचता नहीं है🙏


21. जिस प्रकार राजनीतिक सत्ता मिलने पर राजनीतिक व्यक्ति अपना घर भरने लगता है, परिवार को देखने लगता है उनके लिए अकूत धन एकत्र करने लगता है, यही कार्य श्री रवि जी ने किया, उनके पास अक्षय महाराज थे, अपने भाई विजय कुमार और राज कुमार थे इसलिए उन्हें कमलेश मित्रा की जरूरत नहीं थी 🙏और 24 जून 2024 को पंजाब से लौटते हुए हमारा और श्री रवि जी का गठबंधन टूट गया 🙏 उन्होंने श्री अक्षय का पूरा प्रयोग करने का प्रयास किया, परंतु श्री अक्षय महाराज जी तो महा कुटिल आदमी थे वह श्री रवि जी का प्रयोग करना चाहते थे, लिहाजा दोनों की प्रगति परवान नहीं चढ़ सकी 🙏 और दिल्ली के रविदास समाज को भारी नुकसान हुआ😭


22. 31 अगस्त 2024 को जब मैं जालंधर के दौरे पर था तब श्री अक्षय महाराज जी ने मुझे सूचित किया कि श्री रवि जी उनका फोन नहीं उठा रहे हैं, वह श्री रवि जी से अपेक्षा करते हैं कि वह अपने प्रभाव से दिल्ली के मंदिरों को उनकी केंद्रीय कमेटी से जोड़ दें 🙏


23. मैंने रवि जी के कार्यालय में फोन करके उनके अनुरोध को आगे बढ़ा दिया क्योंकि फोन तो मेरा भी श्री रवि जी नहीं उठाते थे🙏


24. 🌹 गठबंधन बनते और टूटे रहते हैं, परंतु समाज में संवाद हीनता नहीं आनी चाहिए 🙏 विचारों का अंतर हो सकता है🙏 परंतु संवाद हीनता मनभेद कर देती है😭


25. विगत दो बार श्री रवि जी के कार्यालय से फोन आया मुझे मीटिंग में बुलाया गया परंतु अपरिहार्य कारण से मैं किसी भी मीटिंग में नहीं पहुंचा हूं 🙏 मुझे यह पता नहीं है यह रूटीन फोन था अथवा विशेष क्योंकि उनके कार्यालय से फोन आते रहते हैं🙏


26. मैं श्री रवि जी का आज भी सम्मान करता हूं वह समाज के गणमान्य वरिष्ठ व्यक्ति हैं 🙏 मैं श्री अक्षय जी का भी सम्मान करता हूं, श्री अक्षय जी में योग्यता भरपूर हैं कुटिलता की सीमा तक है, परंतु कोई व्यक्ति एक समय में एक ही कार्य कर सकता है🙏


27. सभी पदों पर बैठने का लोभ उनको कहीं भी सफल नहीं होने दे रहा है 🙏 यह नहीं कहा जा सकता कि श्री अक्षय महाराज जी का संत रविदास में समर्पण नहीं है 🙏 इसलिए मैंने ढांडा साहब से कहा था कि क्या आपकी नियमावली में कोई ऐसी व्यवस्था है जिसके आधार पर हम श्री अक्षय महाराज जी को अथवा पूर्व पदाधिकारी को संगठन में अलग से सम्मान दे सके 🙏


28. श्री ढांडा साहब क्या है कैसे हैं इस वीडियो से आपको पता चल जाएगा 🙏 सभी के संबंध में मेरे पास सूचनाएं हैं, मुझे किसी के संबंध में अफवाह फैलाने की आवश्यकता नहीं है, समाज उनको चिर परिचित रूप में जानता है 🙏 मैं तो चाहता हूं सभी लोग सुधर जाएं, और रविदास समाज के लिए अच्छा काम करें, एवं अनुसूचित जाति समाज के लिए अच्छा काम करें🙏


29. श्री रवि जी, श्री अक्षय जी के साथ मिलकर दिल्ली के सभी मंदिरों को जोड़ लेते तो यह बहुत अच्छी बात है🙏 परंतु मुझे ऐसा होता नजर नहीं आता है, क्योंकि श्री अक्षय महाराज के पास काम करने का वक्त नहीं है 🙏 और श्री रवि जी की फिजा समाज में इस प्रकार की है कि सब जानते हैं यह राजनीतिक व्यक्ति हैं "स्थाई व्यक्ति नहीं है" "धार्मिक व्यक्ति स्थाई व्यक्ति होता है" श्री रवि जी की नीति का अंग है "यूज एंड थ्रो ". परंतु उनके सुपुत्र विधायक हैं, इसीलिए सब उनसे जुड़ कर रहना चाहते हैं 🙏


30. वे जहां भी जाते हैं तो अपने बेटे की विधायक वाली गाड़ी लेकर जाते हैं, इससे प्रतीत होता है उनकी अपनी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा नहीं है 🙏


31. जिस दिन हम गढ़ गंगा गये, उसी दिन हम गाज़ियाबाद भी गए थे, दिल्ली के एक पुराने अधिकारी ने श्री रवि जी को अच्छी तरह से धो दिया, किसी अन्य के कहने पर मैंने रवि जी के साथ इस मीटिंग का आयोजन किया था 🙏


32. मेरी तो अच्छे से क्लास लगनी ही थी, मेरी अच्छे से क्लास लगाई गई 😭 मुझे भी लगने लगा कि मेरे बस का काम नहीं है कि श्री रवि जी के साथ काम कर सकूं, उसके बाद दिल्ली की लोकल बैठकों को बंद कर दिया गया, एनसीआर की बैठक की जाती थी 🙏


33. इसी बीच श्री राम सिंह शुक्ला जी से 96 गुरु भाइयों की लिस्ट प्राप्त हो गयी और अंतिम रूप से 96 गुरु भाईयो से मिलने की योजना बनाई गयी परंतु पंजाब से लौटते हुए गठबंधन टूट गया, इसमें उन संतों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, जो संत प्रमुख का चुनाव नहीं चाहते हैं🙏


34. श्री अक्षय की टीम अपने स्तर पर विचार विमर्श कर रही है, परंतु अक्षय का विकल्प उनकी टीम को नहीं मिल पा रहा है🙏


35. केंद्रीय कमेटी के वरिष्ठ एवं महासचिव मि. ढाड़ा जी इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है, क्योंकि श्री रवि जी की तरह वे भी समाज में "यूज एंड थ्रो" की नीति अपनाते रहे हैं इसलिए समाज के लोग उनसे बहुत रुष्ट हैं, ऐसा सुनने में आया है, उनका स्विच पंजाब में है 😂🙏


36. वह मर्दों वाली बात नहीं करते है 😂 उन्होंने आज भी मीटिंग को टाल दिया है 🙏 टालो नीति, धीरे चलो नीति, हमारे समाज के लिए जहर है😂


37. 75 की उम्र पार कर चुके लोगों को रिटायरमेंट ले लेना चाहिए😂 परंतु यह बात मोदी जैसे लोगों को समझ में कहां आती है, हमारा समाज में भी मोदी की कमी नहीं है, कुछ कुर्सी पर कुंडली मार कर बैठे हैं, कुछ संगठन की नियमावली पर कुंडली मारकर बैठे हैं 😂


किस पर करें सिंगार.......


प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064


नोट :-

1. श्री ढांडा साहब को दिल्ली के लगभग 50 करोड़ रविदासिया समाज के लोगों में से श्री अक्षय महाराज जी का विकल्प नहीं मिल रहा है, श्री बीके सिंह जी चार्ज लेने को राजी नहीं है 🙏


2. पंजाब के तोता एवं श्री ढाड़ा साहब ने दिल्ली के रविदास समाज को कितना छोटा और अयोग्य दर्शा दिया है, यह एक चिंता का विषय है 🙏


आज की टेलिफोनिक कॉन्फ्रेंस समाप्त 🙏अधिसूचना निर्गत🌹

Saturday, 28 September 2024

काम क्रोध भय और वासना से मुक्ति

 रात्रि समाचार: सूचना दिनांक 28 सितंबर 2024


भय क्रोध काम-वसना विमुक्ति की प्रक्रिया : सरल सूत्र 


🌹अभी एक मित्र से अचानक चर्चा हो गई तो सोचा आपको भी बता दूं 🌹


 कहा जाता है चेहरा बोलता है -


मनुष्य के तीन विकार जो की चित्त विकार है परंतु चेहरे से पहचान लिए जाते हैं🙏


भय 

क्रोध 

काम-वसना 


1. शत्रु बहुत आसानी से आपका चेहरा देखकर पहचान लेता है कि आप भयभीत तो चुके हो, और शत्रु की आक्रामकता आपके प्रति बढ़ती जाती है🙏 मनुष्य ही क्यों पशु भी पहचान लेते हैं, खूंखार जानबर चीते के बारे में कहा जाता है कि चीते की आंखों में आंखें डाल कर देखते रहो तो वह आप पर आक्रमण नहीं करता है, और वापस चला जाता है🙏 गली का कुत्ता भी नहीं आक्रमण करता है 🙏


2. इसी प्रकार क्रोध है, बच्चे अपने माता-पिता के क्रोध को आसानी से पकड़ लेते हैं, नौकर भी अपने मालिक के क्रोध को उसके चेहरे से पहचान लेता है, पालतू जानवर तक अपने मालिक के क्रोध को आसानी से पहचान लेते हैं😂


3. कामुकता :- लुच्चा व्यक्ति अपने चेहरे से पहचान लिया जाता है, स्त्रियां लुच्चे व्यक्ति को पहचानने में कुशल होती है 🙏 चंचल स्त्रियां भी इसी प्रकार अपने चेहरे से पहचान ली जाती हैं 🙏


4. भय, क्रोध, कामवासना :- जिस प्रकार चेहरे से पहचान ली जाती है उसी प्रकार यह शरीर पर भी बुरा प्रभाव डालती है🙏


5. भयभीत व्यक्ति का पाचन तंत्र गड़बड़ रहता है, जो खाना सभी के लिए सुपाच्य है भयभीत व्यक्ति के लिए वही भोजन अपाच्य है 🙏 अगर भय की परिस्थितियों लगातार बनी रहे तो शारीरिक -कमजोरी और डिप्रेशन आदि स्थाई बीमारियां शरीर में दिखाई देने लगती हैं🙏


6. इसी प्रकार क्रोध है :- क्रोध के कारण अक्सर मुंह टेढ़ा हो जाता है, मुंह के खाल मोटी हो जाती है, आंखें तिरछी हो जाती हैं 🙏 व्यक्ति अपनी समरसता छोड़ देता है, हाई बीपी का शिकार हो जाता है🙏 मोटापा, जोड़ों के दर्द आदि गंभीर समस्याओं का शिकार होने लगता है 🙏


7. कामवासना :- अति कामुक व्यक्ति यौन रोग का शिकार हो जाता है, सामाजिक मान प्रतिष्ठा गिर जाती है, कुछ दिनों बाद जिंदगी रस हीन लगती है, शक्ति वर्धक दवाइयां के साइड इफेक्ट शरीर पर दिखने लगते हैं, बहुत से गुप्त रोगों का शिकार हो जाता है🙏


8. भयरहित व्यक्ति :- जो व्यक्ति भय रहित होता है, शत्रु उसे पर हावी नहीं हो पाते, वह सत्यवादी हो जाता है, समाज में उसकी मान प्रतिष्ठा बढ़ती है, समाज के सभी व्यक्ति उनसे संरक्षण प्राप्त करते हैं 🙏 विपरीत परिस्थितियों में भी भयरहित व्यक्ति, विपरीत परिस्थितियों से निकलने का मार्ग खोज लेता है 🙏 दीनता की ओर नहीं बढ़ता है 🙏


9. क्रोध रहित व्यक्ति :- जो व्यक्ति क्रोध रहित है उसके घर में सदैव सुख और शांति रहती है, विपरीत परिस्थितियों में भी वह प्रगति के मार्ग निकाल लेता है, उसका परिवार उसके नौकर चाकर उससे प्रेम करते हैं क्योंकि होने वाली गलती से किसी प्रकार का दंड मिलने का भय नहीं होता इसलिए मालिक और माता-पिता से कोई कुछ छुपाने की आवश्यकता नहीं महसूस नहीं करता है , इसलिए क्रोध रहित व्यक्ति कभी अंधकारमय में नहीं होता है 🙏 सगे संबंधियों और अपने कर्मचारियों से धोखा मिलने की संभावना ना के बराबर होती है 🙏 यदि किसी कारणवश ऐसा हो भी जाए, तो फिर वहां से प्रगति के मार्ग निकाल लेता है 🙏


10. कामवासना रहित व्यक्ति:- संपूर्ण समाज को पिता तुल्य देखा है, इसलिए जगत का प्रिय होता है, जगत पिता हो जाता है🙏 वह केवल दो-चार बच्चों तक ही खुद को पिता नहीं मानता है 🙏 बापू कहलाता है🙏


11. ऐतिहासिक रूप में ऐसे कई महापुरुष, संत, ऋषि और भिक्षु आपको मिल जाएंगे जो भय क्रोध और कामवासना से मुक्त थे :-


12. परंतु भय रहित, क्रोध रहित, और काम-वासना से मुक्त कैसे हुआ जाए?😂



13. ध्यान की अतुल्य गहराइयों में जाकर भय क्रोध काम से विमुक्ति का मार्ग मिलता है🙏


साधक कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :-


1. मैंने आपको सरल सूत्र बताने का वादा किया था 😂


2. हर आधे घंटे के बाद, लगभग 1 मिनट, आंख बंद करके, अपने संपूर्ण चेहरे को देखने का प्रयास करें, अपनी पूरी मुंडी को देखने का प्रयास करें🙏 जब तक आप नियमित रूप से किसी केंद्र में जाकर ध्यान नहीं कर सकते हैं तब तक करते रहे, जो भी आसानी से चेहरे पर पकड़ में आए पकड़ते रहे और 1 मिनट बाद छोड़ दे पूरी तरह छोड़ दें 🙏 यदि करना संभव हो तो आंख खोल भी बिना किसी दर्पण के अपने चेहरे को देखते रहे 🙏


3. इससे होता क्या है? आपके चेहरे पर आया भय क्रोध कामवासना का भाव तुरंत समाप्त हो जाता है🙏 जो कि प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप में आता ही रहता है, इसलिए एक बार अगर आदत बना ली जाए, तो चेहरे से भय क्रोध और वासना के भाव निकालते रहते हैं🙏


4. आपके चारों तरफ एक आभामंडल बना रहता है चेहरे की चमक बढ़ जाती है वह हजारों क्रीम से ज़्यदा लाभकारी होती है🙏 और आप देखने में दूसरों से पृथक लगते हैं 🌹🙏


संसार चलता है चलता रहेगा, यह जगत मेरे आने से पहले था, मेरे जाने के बाद भी रहेगा, प्रतिक्षण इस बात की बोधी बनी रहे, अणुव्रत (छोटे-छोटे संकल्प पूरे करते रहे) करते रहे 🙏 उपरोक्त बिंदु-2 अति सरल सूत्र है🌹🙏

Friday, 27 September 2024

25 सितंबर और 27 सितंबर की पोस्ट

 [25/09, 10:29 am] kamleshmittra: 🙏बीजेपी का बाजारवाद 🌹

 राजनीतिक सूचना दिनांक 25 सितंबर 2014 


भाजपा अपना सड़ा माल भी बेच कर चली आती है और खूब बिकता है 🙏 राजरत्न और मायावती आपस में भिड़े हुए 😂 आरक्षण कब तक?


आजकल एक विवाद तेजी से उठाया जा रहा है 🙏


विदेश में राहुल गांधी ने आरक्षण को समाप्त करने की बात की है 🙏


इस बात का खुलासा करते हुए श्री राजरतन ने कहा बीजेपी के लोगों ने उन्हें भी राहुल गाँधी के खिलाफ आंदोलन करने के लिए कहा है 🙏


उन्होंने अमेरिका में दिए गए राहुल गांधी के बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने कहा है कि जब आरक्षण की आवश्यकता खत्म हो जाएगी तब आरक्षण को समाप्त कर दिया जाना चाहिए🙏


परंतु आरक्षण का आधार उन्होंने सामाजिक लिया अर्थात जातिगत भेदभाव केवल सामाजिक आधार पर है 🙏


🌹परंतु भारतीय संविधान ऐसा नहीं कहता है 🙏 संविधान कहता है सामाजिक भेदभाव आर्थिक और राजनीति असमनता के कारण है 🙏 आर्थिक और राजनीतिक समानता ला दीजिए सामाजिक समानता अपने आप आ जाएगी 🙏😂


भारतीय संविधान कहता है सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक समानता जब तक नहीं आ जाती आरक्षण की आवश्यकता है 🙏


क्या राजनीतिक समानता आ गई?


कितनी गैर अनुसूचित जाति सीटों से अनुसूचित जाति के सदस्य एमपी एमएलए बनकर जाते हैं?


यदि ऐसा नहीं है तो अभी तक राजनीतिक समानता नहीं आयी है 🙏 सभी को एक वोट का अधिकार मिल जाना राजनीतिक समानता नहीं है 🙏


आर्थिक विषमता के खिलाफ यह ग्रुप काम कर रहा है, पूरे समाज में आर्थिक विषमता फैली है, अनुसूचित जाति का क्रीमी लेयर नहीं चाहता कि अनुसूचित जाति के गैर क्रीमी लेयर व्यक्ति कभी आर्थिक रूप से उनके बराबर आयें 🙏


जब तक आर्थिक और राजनीतिक समानता नहीं आ जाती है, तब तक सामाजिक समानता कभी नहीं आ सकती है🙏


🌹आर्थिक समानता के लिए संघर्ष करो🌹अनुसूचित जाति के राजनीतिक व्यक्ति कभी नहीं चाहते कि दूसरा अनुसूचित जाति का व्यक्ति राजनीतिक रूप से उनको टक्कर दे 🙏


 अनुसूचित जाति की कितनी MPs और MLAs की सीटों पर अनुसूचित जाति का सर्वसम्मत MP और MLA है 🙏


आरक्षित सीटों पर तो अनुसूचित जाति का सर्वसम्मत एमपी एमएलए घोषित होना चाहिए🙏 तभी इसको राजनीतिक समानता कहा जा सकता है, समाजवादी शासन कहा जा सकता है 🙏 अन्यथा यह समाजवादी शासन नहीं है, इसको प्रतियोगितावादी शासन कहना ठीक है 🙏


उपरोक्त बातों के संदर्भ में एक ही बात कहूंगा " मैं ऐसा प्रोडक्ट बनाता हूं जिसका कोई खरीदार नहीं है 😂"


जिसका बाजार में कोई खरीदार ना हो वह वह आर्थिक विपन्नता के दौर से गुजरता है 🙏


कबीर के जीवन में एक ऐसा समय था कि वह कपड़ा बुनते तो थे परंतु उनका कपड़ा कोई खरीदता नहीं था 🙏 इस प्रकार कबीर का जीवन बहुत ही दुखमय था, उनकी बीवी रोज उनकी क्लास लगाती थी🙏


फिर एक कपड़ा बेचने वाला व्यापारी मिल गया और कबीर का वही माल मुनाफे में बिकने लगा जो लागत पर भी नहीं बिक रहा था 🙏


" मेरे विचारों का भी कोई कदर दान नहीं है 😂"


सामाजिक चिंतक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 99335122064

[25/09, 12:09 pm] kamleshmittra: 🌹एक अति आवश्यक तकनीकी सादबहार सूचना :


व्हाट्सएप का प्रयोग करने वालो का मेमोरी बहुत जल्दी भर जाता है, अक्सर यह शिकायत लोग मुझसे करते हैं, और खुद को ग्रुप से अलग कर लेते हैं 🙏जिन लोगों की मेमोरी बहुत तेजी से भरती है वह कई ग्रुप से जुड़े हुए होते हैं 🙏


ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपने व्हाट्सएप की नार्मल सेटिंग्स में ऑटोमेटिक डाउनलोड ओपन कर रखा है 🙏 इसलिए फोटो वीडियो और डॉक्यूमेंट सब लोड होता रहता है 🙏


या जब आप व्हाट्सएप को डाउनलोड करते हैं तो उसमें यह सेटिंग ऑटोमेटेकली ओपन रहती है 🙏


इस सेटिंग को आपको बंद करना होता है, सभी फोटो वीडियो डॉक्यूमेंट को आपको क्लोज करना होता है🙏


ऐसा करने से यह होता है कि कोई भी चीज ऑटोमैटिक डाउनलोड नहीं होती है जब तक आप उसे स्वयं डाउनलोड नहीं करते है, या सेव नही करते हैं 🙏


आपने जरूरत की चीजों को सेव करें 🙏 शेष को ना करें तो मेमोरी नहीं भरेगी 🙏


मैं यह जानकारी इसलिए दे रहा हूं क्योंकि वह मुझे फोन करके कहते हैं कि मुझे ग्रुप से पुनः जोड़ दीजिए, जबकि उन्होंने खुद ही अपने आप से ग्रुप से अलग किया होता है🙏


ऐसे लोगों को किसी ग्रुप का एडमिन भी नहीं जोड़ सकता है जिन्होंने खुद को ग्रुप से अलग किया होता है 🙏जब तक कि उनके पास पुनः रिक्वेस्ट ना आए 🙏


ऐसे लोगों को मैं रिक्वेस्ट लिंक भेजता हूं और उनसे कहता हूं कि आप इस लिंक पर क्लिक करो, परंतु अहंकार में लोगों को लगता है कि मुझसे रिक्वेस्ट करा रहे है 😂


भाई मेरे व्हाट्सएप की सेटिंग इसी तरह की है, यदि किसी ने खुद को ग्रुप से अलग किया है तो फिर कोई एडमिन उसको जोड़ नहीं सकता है जब तक कि वह खुद रिक्वेस्ट ना भेजें 😭


कृपया ग्रुप एडमिन के निर्देशों का पालन करें साथ-साथ व्हाट्सएप की पॉलिसी को भी समझे, तभी हम सोशल मीडिया का अपने समाज के हित में अच्छा प्रयोग कर पाएंगे🙏


क्योंकि चिर परिचित इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सरकार की गोदी में बैठे हैं🙏


कुछ लोग ग्रुप की सेटिंग 24 अवर्स कर देते हैं, ताकि उनकी मेमोरी जल्दी फुल ना हो, परंतु वास्तव में ऐसा नहीं होता है🙏 यदि ग्रुप सेटिंग ऑटोमेटेकली डाउनलोड है तो मटेरियल आपके मोबाइल की मेमोरी में स्टोर हो जाता है 24 घंटे बाद ग्रुप में मैसेज डिलीट हो जाता है, ऐसे व्यक्तियों को ग्रुप बनाना ही नहीं चाहिए, क्योंकि कोई भी व्यक्ति आपका मैसेज पढ़ने के लिए नहीं बैठा हुआ है जब उसके पास समय होगा तब पढ़ेगा🙏


कुछ लोगों ने अपने व्यक्तिगत सेटिंग में भी डिसएपियर मैसेज को 24 घंटे कर रखा है 🙏


वह मुझे मैसेज भेजते हैं मेरे पास कई बार देखने का समय नहीं होता, तो मैं उपयुक्त समय पर उनके मैसेज को देखता हूं तब पता लगता है वह मैसेज डिसएपियर हो चुका है 😂 और ऐसी दशा में मैं उनके मैसेज का रिप्लाई नहीं कर पाता हूँ 🙏 फिर वे लोग हमसे नाराज होते हैं 🙏


आपका शुभचिंतक


इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर एवं पूर्व हेड कंप्यूटर डिपार्मेंट कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[25/09, 1:21 pm] kamleshmittra: 🙏नया दर्शनशास्त्र 🌹 25 सितंबर 2024


दया दान करुणा आदि मानवीय गुणो की आवश्यकता राजतंत्रिक व्यवस्था में पड़ती है 🙏


लोकतांत्रिक व्यवस्था जहां आर्थिक राजनीतिक और सामाजिक समानता हो वहाँ पर दया दान करुणा की आवश्यकता नहीं पड़ती है 🙏 केवल प्राकृतिक आपदाओं के समय सहयोग की आवश्यकता पड़ती है 🙏


कृपया अन्य सोशल मीडिया पर दिए गए निम्न चेतावनी लेख को ध्यान से देखें :- 


भाग 1 :-


भारतीय संविधान सामाजिक समानता आर्थिक समानता और राजनीतिक समानता की बात करता है 🙏


सामाजिक समानता तब तक नहीं आ सकती है जब तक कि आर्थिक और राजनीतिक समानता नहीं आ जाती है 🙏


आप लोग मानवता पर वीडियो बना रहे हैं, मानवता के गुण हैं, दया करुणा दान मैत्री सहयोग - मनुष्य के अंदर के इन गुणो का उपयोग तभी तक हो पाएगा जब तक समाज में आर्थिक विषमता है 🙏


यदि आर्थिक विषमता समाप्त हो जाए तो दया दान करुणा की आवश्यकता नहीं होगी 🙏😂


सरकारी नीतियां आर्थिक विषमता फैलाने वाली है क्योंकि शासन सत्ता में बैठे लोग दूसरों को आर्थिक विपन्न देखकर खुश होते हैं 🙏 उनको खुद के राजा होने का एहसास होता है 😂


भारतीय संविधान में कोई राजा नहीं, परंतु राज तांत्रिक व्यवस्था के प्रशासन में कोई बदलाव न होने के कारण भारत में आज तक राजतंत्र ही लागू है 🙏


वीडियो बनाना है तो आर्थिक समानता के विषय पर वीडियो बनाये - 


अन्यथा किसी दिन मेरा दिमाग घूम गया तो कोर्ट में चुनौती दे दूंगा आपके वीडियो को, और उसके कारण समाज के हुए नुकसान की भरपाई भी कराऊंगा 🙏


 भाग 2 :-


आप लोगों के इस तरह के वीडियो, समाज को बात करने की एक नई शब्दावली दे रहा है, मैं आप लोगों के वीडियो की निंदा करता हूं 🙏


 वीडियो प्रगतिवादी होने चाहिए 🙏

 ना कि यथा स्थितिवादी 🙏

बातचीत की जो शब्दावली लोगों को नहीं पता है 🙏उस शब्दावली का भी आप प्रचार प्रसार कर रहे हैं 🙏


वास्तव में आप लोग बहुत ही निंदनीय काम कर रहे हैं! "🙏


लोकतांत्रिक समाजवाद कैसा होता है?


और राजतंत्रिक समाजवाद कैसा होता है?


बुद्ध ने राजतंत्रिक समाजवाद का दर्शन दिया है क्योंकि वह एक राजा के पुत्र थे🙏


उस समय राजतंत्रिक व्यवस्था थी, आज कुछ देश को छोड़कर लगभग सभी देशों में लोकतांत्रिक राज व्यवस्था है इसलिए लोकतांत्रिक राज व्यवस्था का समाजशास्त्र स्थापित करना होगा, लोकतांत्रिक समाजवाद की प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करनी होगी, लोकतांत्रिक समाजवाद की अर्थव्यवस्था स्थापित करनी होगी 🌹


सामाजिक चिंतक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[25/09, 3:18 pm] kamleshmittra: 🌹चमारवाला जोहाड़ 🙏

 सूचना दिनांक का 25 सितंबर 2024 


एक ऐसा तालाब जहां पर चमार पानी का उपयोग कर सकते थे🙏 ऐसे तालाबों की सुरक्षा के लिए कुछ व्यक्ति रखे जाते थे जो तालाब की सुरक्षा करते थे, उनके इस कार्य के लिए समाज उन्हें संत कहा करता था 🙏


अंग्रेजों द्वारा स्थापित भूमि आवंटन में एक ऐसा स्थान चिन्हित किया गया जिस तालाब का उपयोग चमारों के पानी पीने के लिए होता था🙏 यह बात अंग्रेजों की राज व्यवस्था के रेवेन्यू रिकॉर्ड 1948 से पता लगती है 🙏( उपलब्ध डाटा के अनुसार )


अंग्रेजों ने जब जमीदारी व्यवस्था लागू की, तो भूमि आवंटन यथावत किया अर्थात जो भूमि जिसके पास थी, जो व्यक्ति जिस स्थान का उपयोग कर रहा था उसी के नाम से चिन्हित कर दी गई इस आधार पर 1948 का रेवेन्यू रिकार्ड बताता है कि चमारवाला जोहाड़ चमारों का था 🙏


अंग्रेजों को केवल राजस्व से मतलब था, जो उनको मनमाना राजस्व नही दे पाता था, उसका नाम रेवनयु रिकॉर्ड में परिवर्तित कर दिया जाता था🙏 परंतु फिर भी कुछ अनिवार्य सेवाएं थी जिसे सुखाधिकार अधिनियम के अंतर्गत रखा गया है उसमें परिवर्तन नहीं हो सकता था🙏


बाबा साहब द्वारा चलाए गए महार तालाब जल सत्तयाग्रह को सभी लोग भली भांति जानते हैं, उसी के बाद यह आवश्यक हो गया कि अंग्रेज सरकार शूद्रो की जातियों के नाम से रिवेन्यू रिकॉर्ड्स में जल स्रोतों को चिन्हित कर दें 🙏 और अंग्रेज सरकार ने ऐसा किया भी था 🙏


जब मैं गांव का भ्रमण करता हूं, तो यह पता हूं सैकड़ो तालाब सवर्णो ने अतिक्रमण कर लिए हैं, जिनका उपयोग कभी दलित कर रहे थे, नई चकबंदी में रेवन्यु रिकॉर्ड्स में ऐसे तालाबों को समाप्त कर दिया गया 🙏जबकि चकबंदी टीम में लेखपाल और चकबंदी अधिकारी अनुपातिक आधार पर अनुसूचित जाति के होते थे🙏


तालाब उपयोग न होने के कारण सवर्णो से कुछ पैसा लेकर वह तालाब उनको दे दिया जाता और रेवेन्यू रिकॉर्ड में तालाब समाप्त कर दिया जाता 🙏


मैं जब एक अधिवक्ता से बात कर रहा था तो उन्होंने आपत्ति उठाई भारतीय जनता पार्टी के सरकार ने चमार शब्द को प्रतिबंधित कर दिया है हमको चमार शब्द प्रयोग नही करना चाहिए" जबकि वह खुद को जाटव लिखते हैं 😂 अर्थात चमार नाम से कोई भी जमीन, वस्तु आदि सरकारी रिकार्ड में चिंन्हित हो तो उसका रिकॉर्ड स्वतः समाप्त हो जाएगा (चमार वाला जोहड़ स्वतः समाप्त )😭 


चमार वाला जोहड़ का बोर्ड, हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट DDA ने हटा दिया किसी कमेटी में प्रश्न नहीं किया, महासचिव श्री M R वाली को मैंने सूचित किया परंतु फिर भी किसी कार्रवाई की कोई सूचना मेरे पास नहीं है 🙏


मैं प्रश्न पूछूं यह किसी ने अधिकृत नहीं किया, मैं स्वयं से पूछूं तो वादी हो जाऊंगा फिर उस विषय पर अधिवक्ता के रूप में बहस नहीं कर सकता हूँ, जिसमें मैं स्वयंवादी हूं मुझे भी दूसरा अधिवक्ता करना होगा😂


खोजते रह जाओगे, चमारवाला जोहड़ कहां गया🙏🌹😂


मेरी हर विषय पर बारीकी से नजर है, भू-माफिया सावधान रहें, मेरे पीछे कोई रोने वाला नहीं, तुम्हारे पीछे रोने वाला कोई मैं छोडूंगा नहीं 😂 मैं कलम का सिपाही हूं 🙏


प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :-


आज संत श्री निरंजन दास जी की तरफ से सकारात्मक संदेश प्राप्त हुआ है 🙏


यदि वास्तव में कोई संत है तो वह व्यक्ति न होकर संस्था हुआ करता है 🙏 लोग उसके नाम से काम करते हैं🙏


परन्तु मैं कुछ करना नहीं चाहता हूँ 🙏 मुझे एकांत में सोने दो, सुबह दूध लेने ना जाना पड़े, इसलिए मैंने उस जीवन शैली को छोड़ दिया😂


परंतु न जाने फिर भी लोग मेरे पीछे क्यों पड़े हैं, मुझे जबरदस्ती काम करा रहे हैं 🙏


 मेरा अगला निशाना तुगलकाबाद रविदास मंदिर की संपूर्ण जमीन को पाना है जिसका संकल्प हमने 4 फरवरी 2024 को सार्वजनिक रूप से आर्य समाज मंदिर करोल बाग में लिया था🙏🌹


अगर नई कार्यकारिणी इस कार्य को करती है तो अच्छी बात है 🙏 वरना नई कार्यकारिणी को मैं अपनी नींद का दुश्मन समझूंगा 😂 जो कोई नहीं करेगा वह मैं करूंगा 🌹🙏

[27/09, 12:28 pm] kamleshmittra: 105 Ravidas मंदिर 🙏 सामान्य सूचना 27 सितंबर 2024 


ग्रुप में कई रिक्वेस्ट पेंडिंग पड़ी है 🙏 परंतु अभी तक मैंने किसी का अप्रूवल नहीं किया है 🙏


दिल्ली के 105 रविदास मंदिर ग्रुप ओपन ग्रुप है🙏 सभी लोग अपनी बात कह सकेंगे इसलिए इस ग्रुप में एक बात का विशेष ध्यान दिया जा रहा है, कि सदस्य किसी रविदासिया मंदिर का मुख्य पदाधिकारी होना चाहिए, अथवा मुख्य पूर्व पदाधिकारी होना चाहिए🙏


मैं जिन मंदिरों का भ्रमण कर रहा हूं, और वहां से मुझे जो फोन न. प्राप्त होता है, उन्हीँ माननीय सदस्यों को मैं इस ग्रुप में जोड़ रहा हूं🙏


यदि कोई शीघ्रता से इस ग्रुप में जुड़ना चाहता है, तो कृपया मुझे अपना परिचय भेज दे कि वह किस रविदास मंदिर में पदाधिकारी हैं, अथवा पूर्व पदाधिकारी रहे हैं मैं उन्हें ग्रुप में जोड़ दूंगा🙏


96 गुरु भाईयो से अक्सर बातचीत होती रहती है, उनके 2 महीने के जेल के दर्द को मैं भली भांति समझता हूं 🙏


माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उनके केस को वापस लेने के बाद भी समाज ने उनको समुचित सम्मान नहीं दिया है🙏 मैं इस विषय को लेकर बहुत चिंतित हूं 🙏


दिल्ली के 105 मंदिरों को मैं संगठनात्मक रूप से तैयार कर देना चाहता हूं🙏 ताकि किसी भी समस्या का समाधान सामाजिक स्तर पर किया जा सके, और आवश्यकता पड़ने पर सरकार पर भारी दबाव भी बनाया जा सके🙏


मेरी इच्छा थी कि सेंट्रल कमेटी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाये, इसलिए जून में मैंने उनको प्रस्ताव दिया था परन्तु उनकी कार्यशाली से मैं असंतुष्ट हूं 🙏 संभवतः 29 सितंबर 2024 को उनके साथ आखिरी मीटिंग होगी 🙏


संसार का कोई भी काम किसी के होने अथवा ना होने से नहीं रुकता है अगर ब्रह्मांड की शक्तियों ने ऐसा ठान लिया है 🙏


मेरा संकल्प स्पष्ट है क्योंकि मेरे संकल्पना का इतिहास भी स्पष्ट है 🙏


गृह त्यागी अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[27/09, 1:45 pm] kamleshmittra: सिंह साहब जी,


मैं अपने सीमित संसाधनों में अपने खर्चे से दिल्ली के मंदिरों के पदाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश कर रहा हूं, 


सेंट्रल कमेटी से मैंने इसीलिए अनुरोध किया था क्योंकि उसका अपना कोई मंदिर नहीं है और वह खुद को सेंट्रल कमेटी कहती है, एक पंजीकृत पुरानी संस्था है🙏 चुंकि उसका अपना कोई मंदिर नहीं है इसीलिए वह सभी मंदिरों को अपना मंदिर समझेगी और सभी मंदिरों के दुख दर्द में शामिल हो सकेगी, उनके लिए कल्याणकारी योजना बनायेगी, दिल्ली के संपूर्ण रविदास समाज को संगठित करेगी, किसी भी मंदिर का प्रतिनिधि केंद्रीय समिति का पदाधिकारी हो सकेगा परंतु मैं ऐसा होता नहीं देख रहा हूँ, सेंट्रल कमेटी भी कुछ लोगों की बपौती होती जा रही है🙏


मेरे बार-बार चेतावनी देने के बाद भी सेंट्रल कमेटी के अध्यक्ष ने अपनी कार्यशैली नहीं बदली ना तो वे खुद कुछ काम कर रहे हैं और ना दूसरों को काम करने दे रहे हैं 🙏 संत शिरोमणि गुरु रविदास की प्रतिष्ठा को कोई ठेस पहुंचाएगा तो संत शिरोमणि तो शिकायत करने नहीं आएंगे😂


समाज को ही उसका हिसाब करना होगा🙏 यदि कोई समाज की जिम्मेदारी अपने कंधे पर लेता है तो उसे उस जिम्मेदारी का निर्वहन करना ही होगा अन्यथा पद छोड़ो 🙏


दान की गई संपत्ति का दान कर्ता मालिक नहीं होता है, वह संपत्ति समाज की हो जाती है और सरकार उसकी रक्षा करती है 🙏 सरकार के अधिनियम में इस प्रकार का उपबंध है 🙏


समाज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना एक अपराधिकृत है 🙏


आपका सुझाव अच्छा है, परंतु 105 मंदिरों तक मैं पहुंचने का प्रयास कर रहा हूं 🙏 हर मंदिर से दो-तीन पदाधिकारी होंगे, कुछ पूर्व पदाधिकारी भी होंगे, कुछ पूर्व दानदाता भी होंगे 🙏 सभी इस ग्रुप का सदस्य हो सकेंगे 🙏


मैं तो मुसाफिर हूं एक दिन छोड़ कर चला जाऊंगा वैसे भी मैं एक स्थान पर दो-तीन साल से ज्यादा नहीं रुकता हूँ 🙏


 मुसाफिर अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[27/09, 8:03 pm] kamleshmittra: 🌹अति आवश्यक सूचना दिनांक का 27 सितंबर 2024 🙏


संत शिरोमणि गुरु रविदास समाज दिल्ली के लिए दो महत्वपूर्ण बैठ दिनांक 2 अक्टूबर 2024 और दिनांक 29 सितंबर 2024 को होने जा रही है🙏


उपरोक्त दोनों ही बैठकों में मेरी कोई भूमिका नहीं है, दिल्ली के रविदास समाज के लोग इसको खुद कर रहे हैं, क्योंकि वह रविदास समाज के लिए कुछ कर रहे हैं, मुझे यह देखकर प्रसन्नता होती है🙏😍


एक कमेटी के मुखर प्रधान ने मेरे ऊपर आरोप लगाया कि मैं सबको उंगली करता रहता हूं, वह मुझे अधिवक्ता ना कहकर अधिक वक्त कहते हैं 😂 मैं उनके आरोप से सहमत हूँ क्योंकि मैं अकेले कुछ नहीं कर सकता हूँ इसलिए उंगली करता हूं, अधिक इसलिए बोलता हूं क्योंकि तुम बहरे हो, इशारों की बात समझने में सक्षम नहीं हो 😂


किसी इंजन में प्लग केवल उंगली करता है 🙏 फिर सारा काम तो इंजन करता है 😂 गाड़ी चल पड़ती है 🙏 जो करने में सक्षम और आलसी व्यक्ति है उसे जगाने के लिए भोपू बजाना ही पड़ता है😂


डॉ. शांति स्वरूप बौद्ध के गुजर जाने के बाद दिल्ली का बौद्ध समाज शून्यता के दौर से गुजर रहा है 🙏 जितनी जल्दी मैं यहां से मुक्त हो जाऊं मुझे वहां भी काम करना है 🙏


सदैव ध्यान रहे किसी भी धर्म के प्रमुख पद पर अगर राजनीतिक लोग हैं तो वहां धर्म नहीं अधर्म का प्रचार हो रहा है, राजनीतिक रोटी सेकी जा रही है 🙏


बौद्ध समाज से भी हमारे लिए प्रस्ताव आ रहे हैं और पहले भी आते रहे क्योंकि वहां भी हमारे समाज के लोग हैं उनको धर्म और राजनीति का अंतर बताना है 🙏 अर्थनीति धर्म नीति नहीं होती है, धन कमाना है तो धर्म के नाम पर ना करें 🙏 क्योंकि वह देता बहुत है, और बड़ी तेजी से छीन लेता है, सैकड़ो संत इस गफलत में डूब गए 🙏😂


 भगवान बुद्ध का बौद्ध समाज 

 और अंबेडकरवादी बौद्ध समाज 

 दोनों में जमीन-आसमान का अंतर है 🙏


इस अंतर का लाभ उठाकर मनुवादी वहां भी अपना विष घोल रहे हैं 🙏


प्रबुद्ध अनुसूचित जाति के लोग प्यासे लोग हैं, उनको ज्ञान की प्यास है, उनको धर्म की प्यास है, उनको धन की भूख है, उनको मान और प्रतिष्ठा की भूख है 🙏


मान-प्रतिष्ठा और धन के लिए वह किसी भी राजनीतिक पार्टी में घुस जाते हैं 🙏 ज्ञान और धर्म के लिए वह किसी भी धार्मिक संगठन में चले जाते हैं🙏


 मैं हर जगह अपने समाज के लोग देखता हूं और यह देखकर परेशान होता हूं 🙏


हमारे समाज के कुछ लोग अम्बेडकर विरोधी हैं, हमारे समाज के ही लोग बाबू जगजीवन राम विरोधी है, हमारे समाज के ही लोग बाबू मंगूराम विरोधी हैं, हमारे समाज के ही लोग बौद्ध धर्म विरोधी हैं, हमारे समाज के ही लोग संत रविदास विरोधी हैं, हमारे समाज के लोग भी कबीर विरोधी हैं, हमारे समाज के ही लोग आर्य समाज विरोधी है 🙏 हमारे समाज के लोग ही सिक़ख धर्म विरोधी हैं 🙏आदि क्योंकि उनको होरिजेंटल धर्म और वर्टिकल धर्म नहीं पता है 🙏


होरिजेंटल धर्म के सभी संत ऋषि मुनि भिक्षु हमारे पूज्य है जबकि वर्टिकल धर्म के लोग सत्ता संपन्न हो जाने पर एक विकार के रूप में हमारे होरिजेंटल धर्म से ही उत्पन्न हो जाते हैं🙏🌹


विज्ञान का थोड़ा ज्ञान क्या पाया कि अंधविश्वास बहुत बढ़ गया इससे तो अज्ञान ही अच्छा था 🙏


घट-घट वासी फ़क़ीर (अधिवक्ता) कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[27/09, 11:44 pm] kamleshmittra-SCI: प्रिय ग्रुप एडमिन जी 


आपका पहला वाक्य तो सत्य है

( दुनिया गफलत में है)


 परंतु दूसरा वाक्य अर्ध सत्य है 


तीसरा वाक्य पूर्ण असत्य और अहंकार से भरा हुआ है 🙏


दूसरे वाक्य के संदर्भ में कह दूं - ज्यादा धार्मिक नहीं होना चाहिए परंतु धार्मिक होना चाहिए🙏


तीसरे भाग के संदर्भ में कह दूं, धार्मिक व्यक्ति मानसिक गुलाम नहीं होते है 🙏 अंधविश्वासी लोग मानसिक गुलाम होते हैं 🙏


विज्ञान वादी लोग ज्यादा अंधविश्वासी है 😂 इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन न्यूट्रॉन को कभी नहीं देखा, फिर भी विश्वास करते हैं🙏


पहले वैज्ञानिक करते थे कि न्यूक्लियस में केवल तीन तत्व है इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन न्यूट्रॉन, वैज्ञानिक बुद्धि के लोग तब भी विश्वास करते थे🙏


 बाद में कुछ अन्य कणों की खोज हुई खोज हुई, जिन्हे अल्फा डेल्टा और गामा और फोटान कहा गया, वैज्ञानिक मानसिकता के लोगों ने उसे भी मान लिया, खुद करके किसी ने नहीं देखा😂


वैज्ञानिक मानसिकता के लोग तो ज्यादा अंधविश्वासी है 🙏


आध्यात्मिक लोग कहते हैं, ध्यान करो अष्टांगिक मार्ग का पालन करो, आपको अष्टकलाप की अनुभूति अपने शरीर में होगी अर्थात इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन न्यूट्रॉन अल्फा बीटा गामा डेल्टा आप अपने शरीर में स्वयं महसूस कर पाओगे🙏 यहां तक की इलेक्ट्रॉनिक मैग्नेटिव वेब के प्रभाव को भी महसूस कर पाओगे😂


 परंतु वैज्ञानिक मानसिकता के लोग ध्यान नहीं करते, क्योंकि वह ध्यान को धर्म से जोड़ देते हैं 🙏


जबकि ध्यान एक विशुद्ध वैज्ञानिक पद्धति है, आत्मविशुद्धि की पद्धति है, भौतिक तत्वों के अनुभूति की पद्धति है🙏 ध्यान उपरोक्त तत्वों के आभाष के साथ-साथ, चित्तधरा पर उत्पन्न विकारों को भी नष्ट कर देता है, अथवा उनकी तीव्रता को न्यूनतम कर देता है 🙏


जब यह विकार उग्र रूप में होते हैं तो मनुष्य अमानवीकृत करता है 🙏 और जब यह विकार संतुलित अवस्था में होते हैं, तब मनुष्य मानवी व्यवहार करता है 🙏 जब किसी मनुष्य में यह विकार पूर्णता समाप्त हो जाते हैं तो वह व्यक्ति देव तुल्य व्यवहार करता है 😂


आपने अपने ग्रुप का नाम रखा है सविधान ही धर्म है 🙏


मुझे तो लगता है ना तो आपको संविधान की समझ है और ना ही धर्म की अन्यथा आपके ग्रुप में मेरी जिस पोस्ट को लाइक किया गया है, उस ग्रुप के एडमिन के रूप में, आप इस प्रकार की टिप्पणी नहीं करते 🙏


अगर आप हमारे संपर्क में बने रहे, तो मैं आपको अवश्य बताऊंगा धर्म क्या है? और संविधान क्या है 🙏


संविधान का संबंध राजनीति से है, जबकि धर्म का संबंध मनुष्य की मानवीय प्रकृति से है 🙏


आप वैज्ञानिक बुद्धि के व्यक्ति हैं, आपके अहंकार को उपरोक्त बातें स्वीकार करने में बड़ी तकलीफ होगी🙏🌹


वैज्ञानिक बुद्धि के सभी व्यक्तियों को पहले जैन धर्म का अध्ययन करना चाहिए, उसके द्वायातवाद के सिद्धांत को भली भांति समझना चाहिए, तभी बुद्ध धर्म का अष्टांगिक मार्ग समझ में आएगा 🙏 जैन धर्म के द्वैतवाद को समझे बिना अष्टांगिक मार्ग को समझने वाला व्यक्ति अहंकारी हो जाता है 🙏 खुद को वैज्ञानिक मानसिकता का कहता है परंतु वह पूरी तरह से अंधविश्वास से भरा हुआ व्यक्ति होता है 🙏


इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर एवं धर्म विश्लेषक तथा अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

Wednesday, 25 September 2024

नया दर्शनशास्त्र

 🙏नया दर्शनशास्त्र 🌹 25 सितंबर 2024


दया दान करुणा आदि मानवीय गुणो की आवश्यकता राजतंत्रिक व्यवस्था में पड़ती है 🙏


लोकतांत्रिक व्यवस्था जहां आर्थिक राजनीतिक और सामाजिक समानता हो वहाँ पर दया दान करुणा की आवश्यकता नहीं पड़ती है 🙏 केवल प्राकृतिक आपदाओं के समय सहयोग की आवश्यकता पड़ती है 🙏


कृपया अन्य सोशल मीडिया पर दिए गए निम्न चेतावनी लेख को ध्यान से देखें :- 


भाग 1 :-


भारतीय संविधान सामाजिक समानता आर्थिक समानता और राजनीतिक समानता की बात करता है 🙏


सामाजिक समानता तब तक नहीं आ सकती है जब तक कि आर्थिक और राजनीतिक समानता नहीं आ जाती है 🙏


आप लोग मानवता पर वीडियो बना रहे हैं, मानवता के गुण हैं, दया करुणा दान मैत्री सहयोग - मनुष्य के अंदर के इन गुणो का उपयोग तभी तक हो पाएगा जब तक समाज में आर्थिक विषमता है 🙏


यदि आर्थिक विषमता समाप्त हो जाए तो दया दान करुणा की आवश्यकता नहीं होगी 🙏😂


सरकारी नीतियां आर्थिक विषमता फैलाने वाली है क्योंकि शासन सत्ता में बैठे लोग दूसरों को आर्थिक विपन्न देखकर खुश होते हैं 🙏 उनको खुद के राजा होने का एहसास होता है 😂


भारतीय संविधान में कोई राजा नहीं, परंतु राज तांत्रिक व्यवस्था के प्रशासन में कोई बदलाव न होने के कारण भारत में आज तक राजतंत्र ही लागू है 🙏


वीडियो बनाना है तो आर्थिक समानता के विषय पर वीडियो बनाये - 


अन्यथा किसी दिन मेरा दिमाग घूम गया तो कोर्ट में चुनौती दे दूंगा आपके वीडियो को, और उसके कारण समाज के हुए नुकसान की भरपाई भी कराऊंगा 🙏


 भाग 2 :-


आप लोगों के इस तरह के वीडियो, समाज को बात करने की एक नई शब्दावली दे रहा है, मैं आप लोगों के वीडियो की निंदा करता हूं 🙏


 वीडियो प्रगतिवादी होने चाहिए 🙏

 ना कि यथा स्थितिवादी 🙏

बातचीत की जो शब्दावली लोगों को नहीं पता है 🙏उस शब्दावली का भी आप प्रचार प्रसार कर रहे हैं 🙏


वास्तव में आप लोग बहुत ही निंदनीय काम कर रहे हैं! "🙏


लोकतांत्रिक समाजवाद कैसा होता है?


और राजतंत्रिक समाजवाद कैसा होता है?


बुद्ध ने राजतंत्रिक समाजवाद का दर्शन दिया है क्योंकि वह एक राजा के पुत्र थे🙏


उस समय राजतंत्रिक व्यवस्था थी, आज कुछ देश को छोड़कर लगभग सभी देशों में लोकतांत्रिक राज व्यवस्था है इसलिए लोकतांत्रिक राज व्यवस्था का समाजशास्त्र स्थापित करना होगा, लोकतांत्रिक समाजवाद की प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करनी होगी, लोकतांत्रिक समाजवाद की अर्थव्यवस्था स्थापित करनी होगी 🌹


सामाजिक चिंतक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

Tuesday, 24 September 2024

राजनीतिक समानता

 🙏बीजेपी का बाजारवाद 🌹

 राजनीतिक सूचना दिनांक 25 सितंबर 2014 


भाजपा अपना सड़ा माल भी बेच कर चली आती है और खूब बिकता है 🙏 राजरत्न और मायावती आपस में भिड़े हुए 😂 आरक्षण कब तक?


आजकल एक विवाद तेजी से उठाया जा रहा है 🙏


विदेश में राहुल गांधी ने आरक्षण को समाप्त करने की बात की है 🙏


इस बात का खुलासा करते हुए श्री राजरतन ने कहा बीजेपी के लोगों ने उन्हें भी राहुल गाँधी के खिलाफ आंदोलन करने के लिए कहा है 🙏


उन्होंने अमेरिका में दिए गए राहुल गांधी के बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने कहा है कि जब आरक्षण की आवश्यकता खत्म हो जाएगी तब आरक्षण को समाप्त कर दिया जाना चाहिए🙏


परंतु आरक्षण का आधार उन्होंने सामाजिक लिया अर्थात जातिगत भेदभाव केवल सामाजिक आधार पर है 🙏


🌹परंतु भारतीय संविधान ऐसा नहीं कहता है 🙏 संविधान कहता है सामाजिक भेदभाव आर्थिक और राजनीति असमनता के कारण है 🙏 आर्थिक और राजनीतिक समानता ला दीजिए सामाजिक समानता अपने आप आ जाएगी 🙏😂


भारतीय संविधान कहता है सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक समानता जब तक नहीं आ जाती आरक्षण की आवश्यकता है 🙏


क्या राजनीतिक समानता आ गई?


कितनी गैर अनुसूचित जाति सीटों से अनुसूचित जाति के सदस्य एमपी एमएलए बनकर जाते हैं?


यदि ऐसा नहीं है तो अभी तक राजनीतिक समानता नहीं आयी है 🙏 सभी को एक वोट का अधिकार मिल जाना राजनीतिक समानता नहीं है 🙏


आर्थिक विषमता के खिलाफ यह ग्रुप काम कर रहा है, पूरे समाज में आर्थिक विषमता फैली है, अनुसूचित जाति का क्रीमी लेयर नहीं चाहता कि अनुसूचित जाति के गैर क्रीमी लेयर व्यक्ति कभी आर्थिक रूप से उनके बराबर आयें 🙏


जब तक आर्थिक और राजनीतिक समानता नहीं आ जाती है, तब तक सामाजिक समानता कभी नहीं आ सकती है🙏


🌹आर्थिक समानता के लिए संघर्ष करो🌹अनुसूचित जाति के राजनीतिक व्यक्ति कभी नहीं चाहते कि दूसरा अनुसूचित जाति का व्यक्ति राजनीतिक रूप से उनको टक्कर दे 🙏


 अनुसूचित जाति की कितनी MPs और MLAs की सीटों पर अनुसूचित जाति का सर्वसम्मत MP और MLA है 🙏


आरक्षित सीटों पर तो अनुसूचित जाति का सर्वसम्मत एमपी एमएलए घोषित होना चाहिए🙏 तभी इसको राजनीतिक समानता कहा जा सकता है, समाजवादी शासन कहा जा सकता है 🙏 अन्यथा यह समाजवादी शासन नहीं है, इसको प्रतियोगितावादी शासन कहना ठीक है 🙏


उपरोक्त बातों के संदर्भ में एक ही बात कहूंगा " मैं ऐसा प्रोडक्ट बनाता हूं जिसका कोई खरीदार नहीं है 😂"


जिसका बाजार में कोई खरीदार ना हो वह वह आर्थिक विपन्नता के दौर से गुजरता है 🙏


कबीर के जीवन में एक ऐसा समय था कि वह कपड़ा बुनते तो थे परंतु उनका कपड़ा कोई खरीदता नहीं था 🙏 इस प्रकार कबीर का जीवन बहुत ही दुखमय था, उनकी बीवी रोज उनकी क्लास लगाती थी🙏


फिर एक कपड़ा बेचने वाला व्यापारी मिल गया और कबीर का वही माल मुनाफे में बिकने लगा जो लागत पर भी नहीं बिक रहा था 🙏


" मेरे विचारों का भी कोई कदर दान नहीं है 😂"


सामाजिक चिंतक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 99335122064

20 से 25 सितंबर 2024 की पोस्ट

 [19/09, 1:19 am] kamleshmittra: 🌹सामाजिक जागरूकता अभियान👏 सूचना दिनांक 19 सितंबर 2024 


सन 2018 से अब तक मैंने 9 ग्रुप क्रिएट किए थे, दो ग्रुप हैक हो गए🙏 इस प्रकार अभी भी सात ग्रुप हैं जिनका मैं सीधे संपादन करता हूं एडमिन हूं 🙏 तीन अन्य ग्रुप में लोगों ने मुझे एडमिन बनाया है, उन ग्रुप में मैं संयुक्त एडमिन हूं 🙏


वर्तमान समय में पांच ग्रुप ऐसे हैं, जिन पर मैं अधिक फोकस करना चाहूंगा🙏


1. विधिक सूचना ग्रुप : तुगलकाबाद रविदास मंदिर 

2. आर्थिक समता के समर्थक ग्रुप 

3. SC/ST दिल्ली का अधिवक्ता संघ 

4. SC/ST के मा. MPs और MLAs 

5. SC/ST का व्यापारी संघ 


नीचे के तीन ग्रुप ऊपर के दो ग्रुप के समर्थन में बनाए गए हैं, ऊपर के दो ग्रुप को बल प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं 🙏


नीचे के तीन ग्रुप सशक्त होते जाएंगे, तो ऊपर के दो ग्रुप अपने आप सशक्त हो जाएंगे, कुल मिलाकर हमारा समाज मजबूत हो जाएगा🙏


ग्रुप एडमिन अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 🙏9335122064


 अन्य सहायक ग्रुप 

1. दिल्ली के 105 रविदास मंदिर (दिल्ली में अपने समाज को संगठित और मजबूत बनाने का हमारा प्रयास है )

2. करुणाकर बुद्ध विहार ( बुद्धिस्ट दर्शन संस्थाएं और विचार एक प्रयास )

3. धर्म चक्र कल्याण मित्र मियापुर (पारिवारिक ग्रुप है)

4. चमार महासभा ( संत श्री रविदास जी का दर्शन शास्त्र )

5. बहुजन दंगल ( राजनीतिक ग्रुप )


 जिन ग्रुप को हैक कर लिया गया : 

1. प्रबुद्ध चमार

2. प्रबुद्ध भारत

[19/09, 10:30 am] kamleshmittra: 🌹जातिगत सामानता की बात छोड़ो आर्थिक समानता की बात शुरू करो🙏


जाति की जरूरत शादी करते समय और पड़ोसी बनाते समय पड़ती है🙏


पंरतु आर्थिक असमानता का दंश हमेशा झेलना पड़ता है, आर्थिक समानता का संघर्ष आरंभ करो🙏आर्थिक समता के लिए आंदोलन करो 👏


आर्थिक समानता के विचारक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[20/09, 9:05 am] kamleshmittra: शुक्ला जी,


मैं पुनः निवेदन करूंगा, आरएसएस का काल्पनिक साहित्य पढ़ना बंद करो 🙏


भगवान बुद्ध का कार्य चित्त विकार को दूर करना था🙏


दुख है, दुख का कारण है, दुख का निवारण है, निवारण की प्रतिपदा है 🙏


भगवान बुद्ध के कार्य में उपरोक्त चार आर्य सत्य है 🙏


राज्य व्यवस्था उनका विषय नहीं है 🙏 इसलिए किसी मूर्ख राजा के कार्यों को, बुद्ध दर्शन से नहीं जोड़ा जा सकता है 🙏


जो व्यक्ति खुद अपना चित्त विकार दूर नहीं करता, जो राजा अपने समाज के चित्त विकारों को दूर के लिए कार्य नहीं करता है, पड़ोसी राज्यों के चित्त विकारों को दूर करने के लिए कार्य नहीं करता है 🙏 उसके राज्य में उथल-पुथल होती है 🙏 सम्राट अशोक ने जब बौद्ध धर्म को धारण किया तब उसने पड़ोसी राज्यों में भी बौद्ध धर्म फैलाया इसलिए वह विशाल साम्राज्य आर्यावर्त का सम्राट कहलाया 🙏


चित्त विकार दूर करना एक भौतिक प्रक्रिया है इसके लिए साधन और समाधि में बैठना होता है🙏 कोई दूसरा नहीं कर सकता है 🌹


मात्र भजन गाकर, भक्ति करके चित्र विकार को दूर नहीं किया जा सकता है🙏


जिस प्रकार दूसरे के नहाने से अपना शरीर पवित्र नहीं होता है स्वयं पवित्र होने के लिए स्वयं नहाना पड़ता है 🙏


इसी प्रकार दूसरे के साधना करने से, अथवा भक्ति भाव कर लेने से, खुद का चित्त विकार विमुक्त नहीं होता है 🙏


आप बुद्ध से नफरत करते हो, क्योंकि अभी तक आपने आरएसएस का ही साहित्य पढ़ा है, आरएसएस बुद्ध को नष्ट करेंगी, बुद्ध दर्शन में कमियां दिखाएंगे तभी अपने पाखंडवाद को फैला सकेगी 🙏 रामाराज ( दुष्टराज ) ला सकेगी 🙏


पत्थर पूजा शंकर या गणेश की हो, अथवा बुद्ध, रविदास और कबीर की हो, चित्त के विकार दूर नहीं होते है 🙏


मौका मिलते ही लोभ सिर चढ़कर बोलता है, अपनी भी मान प्रतिष्ठा खोता है और दूसरों की भी मान प्रतिष्ठा को धूमिल करता है🙏 इसको चित्त का विकार कहते हैं🙏


केवल ऊंची ऊंची बातें फेंकने से कोई संत नहीं हो जाता है 🙏 परिस्थितिया उत्पन्न होने पर वह किस प्रकार आचरण करता है, इस पर उसका संत होना अथवा ना होना निर्भर करता है🙏


बहुत पुरानी कहावत है "मन में राम बगल में छुरी" इस आदत को छुड़ाने के लिए बुद्ध का समस्त दर्शन है🙏 राजव्यवस्था स्थापित करने के लिए दर्शन नहीं है 🙏 त्रिविधि सील विशुद्धि की जाती है, जो त्रिविधि सील विशुद्ध नहीं करता मुसीबत में पड़ता ही है 🙏 कोई राजा का राज्य हो अथवा सामान्य व्यक्ति, दुख आता ही आता है🙏


जो महा मूर्ख कहते हैं बुद्ध की शांति के कारण भारत पर आक्रमण हो रहे थे, वे महामूर्ख बताएं जब राजपूत काल था, दूसरों की बहन बेटियां उठाना एक परंपरा थी, जिसे शौर्य काल कहा जाता है🙏


ऐसी राजव्यवस्था में मुस्लिम कैसे प्रवेश कर गाये?🙏


 इन बकवास विषयों पर मैं ज्यादा चर्चा करना नहीं चाहता हूँ 🙏


अपने चित्त विकारों को देखो और उन्हें दूर करने का उपाय करो 🙏


हर व्यक्ति सभी विषय से जुड़ा होता है, परंतु कार्य वह किसी एक विषय के लिए ही करता है🙏 जिस विषय पर उसने कार्य किया हो केवल उसके लिए उसकी चर्चा की जानी चाहिए, उसमें कुछ छूटा हो तो बात की जा सकती है, 👏चार आर्य सत्य पर बुद्ध दर्शन संपूर्ण है 🙏 अन्य सभी तर्क मूर्खता पूर्ण हैं, निंदा रस का सेवन करना बंद करो🙏


आपका शुभचिंतक कमलेश कुमार मित्रा 🙏9335122064

[20/09, 10:11 am] kamleshmittra: *एससी नेता और उनकी ब्राम्हण पत्निया*

👉 रामनाथ कोविंद - पत्नी ब्राह्मण

👉 रामविलास पासवान - पत्नी ब्राह्मण

👉 प्रकाश अंबेडकरजी - पत्नी ब्राह्मण

👉 सांसद उदित राज- पत्नी ब्राह्मण

👉 रामदास अठावले - पत्नी ब्राह्मण


*ब्राह्मण राजनेता और उनके दामाद* 😗

👉 अशोक सिघंल, बेटी सीमा सिघंल - मुख्तार अब्बास नकवी.

👉 मुरली मनोहर जोशी, बेटी रेणू जोशी - शाहनावाज हुसैन

👉 लालकृष्ण आडवाणी की बेटी रोशन आडवाणी की दूसरी शादी - सलीम

👉 लालकृष्ण आडवाणी, भतीजी प्रतिभा आडवाणी - अल्ताफ हुसैन

👉 सुबहरण स्वामी, बेटी सुहासिनी - नदीम हैदर.

👉 बालसाहब ठाकरे की पोती - सहजाद

👉 प्रवीण तोगडिया की लडकी - असफाक मीर

👉 मोहन भागवत की भतीजी उर्मिला मातोडकर - मोहसीन अख्तर.

👉 शीला दीक्षित, बेटी लतीका दीक्षित - सैय्यद मौहम्मद इमरान 

👉 अशोक मणी, बेटी अखिला मणी - शफीन जहाँ.



*Some others*.....


👉 मोनिका बेदी - अबू सलेम.

👉 संगीता बिजलानी - मोहम्मद अजहरूदीन.


*मुस्लिम राजनेता और ऊनकी ब्राह्मण पत्निया*

👉 उमर अब्दुला की पत्नी - पायल नाथ ब्राह्मण

👉 शाहरुख़ खान की पत्नी - गौरी छिब्बर ब्राह्मण

👉 आमिर खान की पहली पत्नी - रीमा दत्त ब्रह्माण और दूसरी पत्नी - किरण राव ब्राह्मण


👉 सैफ अली खान के पिता नवाब पटौदी मसूंर अली खान - पत्नी शर्मीला टैगोर,ब्राह्मण

👉 फरहान अखतर (बॉलीवुड हीरो) - पत्नी अधूना भवानी, ब्राह्मण

👉 फरहान आजमी - पत्नी आयशा टाकिया (फिल्मी हीरोइन) ब्राह्मण

👉 शकील लदाक - पत्नी अमृता अरोडा़, ब्राह्मण(फिल्मी हीरोइन)

👉 सलमान खान के भाई अरबाज खान - पत्नी मलाईका अरोडा़, ब्राह्मण .

👉 सलमान खान के छोटे भाई सुहेल खान - पत्नी सीमा सचदेवा,ब्राह्मण

👉 आमिर खान के भांजे इमरान खान - पत्नी अवितंका, ब्राह्मण 

👉 सजंय खान के बेटे जायद खान (बॉलीवुड हीरो) - पत्नी मलिक पाऱेख, ब्राह्मण

👉 फिरोज खान के बेटे फरदीन खान - पत्नी नताशा पांड्या, ब्राह्मण.

👉 इरफान खान (बॉलीवुड हीरो ) - पत्नी सुतपा, ब्राह्मण .

👉 नसीरुद्दीन शाह (फिल्मी हीरो ) - पत्नी रतना पाठक,.

ब्राह्मण ।

*अब सवाल ये है की, इन धर्म के ठेकेदारो को......... गरीब एससी-"अछूत लगता" है, अमीर एससी-"दामाद" !!!*


*गरीब मुस्लिम तो "गद्दार और देशद्रोही" लगता है,.... अमीर मुस्लिम-"दामाद" !!!*


बड़ी मेहनत से लिस्ट तैयार hui है सबको शेयर kariye !!!


*ये पूरी जनता को बेवकूफ समझते हैं...ये धर्म के नाम पर केवल हमें आपस में लड़वाते हैं,*

[20/09, 10:43 am] kamleshmittra: 🌹उपरोक्त सच और परदे के पीछे की बात 👌


सूचना दिनांक 20 सितंबर 2024


उपरोक्त आंकड़ों को देखकर यह प्रतीत होता है, अंतरजातीय विवाह करने से जीवन में प्रगति आती है🙏😂


परंतु मेरा अनुभव अलग है,


मेरे अपने मामा के सुपुत्र ने एक गुप्ता लड़की से शादी की उनके तीन बच्चे हुए🙏


मामा रेलवे दिल्ली में क्लास वन अधिकारी थे उन्होंने दिल्ली में मकान नहीं बनाया, क्योंकि रिटायरमेंट के बाद वह अपने गांव में बसना चाहते थे. गांव में पुस्तैनी संपत्ति थी, अंग्रेजों के जमाने से ही शौर्य स्थापित था, भारत विभाजन के समय गांव के सभी मुसलमानों को संरक्षण दिया था🙏 इसलिए गांव के सभी मुस्लिम आज भी एहसानमंद होते हैं🙏


परंतु रिटायरमेंट के बाद मामा गांव ना जा सके, इकलौता पुत्र था और उसकी बीवी गांव जाने को तैयार नहीं थी, अधिकारियों के बच्चे बड़े खर्चे वाले होते हैं, कुछ इस समय में सारी जमा पूंजी खत्म हो गई🙏


गांव का मकान बेचकर दिल्ली में मकान बनाना पड़ा, ममेरे भाई भी समय से पहले गुजर गए, मामा भी गुजर गए, सभी बच्चे अपने नाम में गुप्ता लगाते हैं, और अपने खानदानी रिश्तेदारों से कोई संबंध नहीं रखते है, अपनी मां के परिवार से ही संबंध रखते हैं 🙏 हमारे नाना आठ भाई हुआ करते थे 🙏🌹


इस प्रकार दलितों की संपत्ति, सवर्ण के पास ट्रांसफर हो गई ❤️


अंतरजातीय विवाह में हमें सामाजिक प्रतिष्ठा का भी ध्यान रखना होगा, अगर सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होती है, सामाजिक प्रगति में बाधा पड़ती है तो ऐसे विवाह को रोकना होगा ऐसे अंतर-जातीय विवाह करने वालों को उचित दंड देना होगा, उनको आरक्षण के लाभ से, अथवा अनुसूचित जाति को मिलने वाले किसी भी लाभ से पृथक करना होगा🙏


एक अन्य भतीजे ने भी श्रीवास्तव लड़की से शादी की, वह दो-चार दिन रही, क्योंकि शहर से लेकर गांव तक ऊंची मान प्रतिष्ठा थी, परंतु गांव तो गांव ही होता है🙏 उसका शहर में रहने का ख्वाब था, परंतु भतीजे का कामकाज गांव से चलता था उसका गांव में रहना जरूरी था इसलिए रिश्ता टूट गया🙏


हमें सदैव ध्यान रखना चाहिए सवर्ण बिरादरी की लड़कियां अधिक चतुर होती हैं, और हमारे समाज में विषकन्या के रूप में आती हैं, हमारे समाज में विष घोलकर चली जाती हैं🙏 इसलिए विगत 70 सालों में हमारी प्रगति नहीं हो सकी है, आगे अधिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से काम करना होगा🙏


पुनः कहता हूं आर्थिक समानता पर जोर दो, जातिवाद कुछ नहीं है, यह केवल आर्थिक विषमता को दर्शाता है, जिस जाति के लोग आर्थिक रूप से समान होते हैं, अथवा आर्थिक रूप से मजबूत होते हैं, उन में अंतर-जातीय वैवाहिक संबंध बन ही जाते हैं🙏


छोटी कही जाने वाली जातियों को गुलाम बनाने के लिए उनका आर्थिक शोषण करने के लिए जातिवाद फैलाया जाता है🙏


सामाजिक एवं राजनीतिक चिंतक कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[20/09, 3:56 pm] kamleshmittra: 🌹खोज अभी जारी है, सूचना दिनांक 20 सितंबर 2024 


मैं संगीत का टीचर तो नहीं हूँ 🙏


अभी विद्यार्थी जरूर हूँ -


सात स्वरों पर आधारित संगीत


उच्च मध्यम और निम्न स्वर को धारण करते हुए 21 भागों में विभक्त हो जाता है 🙏


 रागो को बनाते हुए, कभी कोई स्वर पूर्ण वर्जित कर दिया जाता है 🙏कभी कोई स्वर अल्प वर्जित कर दिया जाता है 🙏


संतों की वाणी परमात्मा में लीन होकर अंतर चित्त से उत्पन्न होती है, रागो की मोहताज नहीं होती🙏 शरीर में सैकड़ो केमिकल रिएक्शन होते हैं, शरीर से सुगंध उठाती है 🙏 इसीलिए कहा जाता है भगवान बुद्ध जिस रास्ते से गुजरते थे वे मौसम फूल खिल जाते थे 🙏 वास्तव में यह सील की सुगंध है 🙏 सील वान व्यक्ति की सुगंध है 🙏


कोई शिष्य बाध्य यंत्रों पर उसको उत्पन्न नहीं कर सकता है 🙏

 परंतु फिर भी उतारा जाता है 🙏


वास्तविक रस से कोसों दूर होता है, कृत्रिम वाद्य यंत्रों से उत्पन्न किया गया रस 🙏 सामान्यत: किसी संत का यह रस बार-बार उत्पन्न नहीं होता, भक्ति/संत आगे के महल में बढ़ जाता है, प्रवेश कर जाता है 🙏 जैसे जवानी बार-बार नहीं आती है, इस प्रकार भक्त की वह अवस्था बार-बार नहीं आती है, जो जवानी को बार-बार लाने का प्रयास करता है, ठरकी कहलाता है 😂 और विभिन्न बीमारियों का शिकार हो जाता है🙏


परंतु जब लोगों को भक्तमय बनाया जाता है,, तो कृत्रिम यंत्रों के माध्यम से उनके चित्त को उद्दीपित किया जाता है🙏


उद्दीपन की प्रक्रिया में वाद्य यंत्रों का प्रयोग होता है, सामान्यतः कोई साधक अपनी उम्र के 28 वें पड़ाव के बाद इस अवस्था को धारण कर पाता है 🙏


परंतु प्रोफेशनल धार्मिक संस्थान बच्चों को इस रस में डुबोने के लिए कृत्रिम विधि का प्रयोग करते हैं🙏इसलिए अधपके बच्चों के राग से रस उत्पन्न नहीं होता है 🙏


इसीलिए बुद्ध का बताया गया मार्ग, सील समाधि प्रज्ञा सरल और सहज है, शरीर में इन सभी रसों को उत्पन्न करने के लिये 🙏 इन रसों को उत्पन्न करने के पश्चात चित्त सभी विकारों से विमुक्त हो जाता है 🙏


भय, क्रोध, ईर्ष्या, निंदा, मोह लोभ कामवासना, मममत्व आदि जो हमारे सांसारिक दुख का कारण बनता है, उनकी तीव्रता कम हो जाती है 🙏


संसार में दुख को खूंटी पर लटकाने के बहुत से तरीके हैं, किसी भी मार्ग से चले जाओ, अच्छी खूंटी, सस्ती खूंटी आदि मिल ही जाएंगी, कुछ लोग अपने घर को सुंदर बनाने के लिए कबाड का प्रयोग करते हैं🙏 कपड़े लटके भी रहते हैं और किसी को दिखाई भी नहीं पड़ते हैं 🙏


कुछ लोगों के घरों में जाइए तो चारो तरफ कीलें ही किलें ठुकी मिलती है, आप अपना दुख:(कपडे) किसी भी कील पर लटका सकते हो 🙏


इसी प्रकार हमारे मंदिरों की हालत है🙏


सैकड़ो भगवान मिल जाएंगे, सैकड़ो गुरु की प्रतिभाएं मिल जाएंगी, सैंकड़ो कृत्रिम देवी देवता मिल जाएंगे🙏 किसी देवता पर अपना दुख: लटका दो🙏


बुद्ध के नाम पर दुख लटका दो, कबीर के नाम पर दुख लटका दो, रविदास के नाम पर दुख लटका दो, शंकर जी के नाम पर दुख लटका दो, हनुमान जी के नाम पर दुःख लटका दो, निरंकार के नाम पर दु:ख लटका दो, नानक के नाम पर दु:ख लटका दो, अल्लाह मियां के नाम पर दु:ख लटका दो आदि 🙏


 मनुष्य बहुत कमजोर है उसे अपना दुख कहीं ना कहीं तो लटकाना ही पड़ता है 🙏


दुखों को लटकाने की विधियां है,


भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ, ध्यान-साधना, ज्ञय-हवन, नवाज़, पर्थना आदि 


कुछ भी करो भाई पर विशुद्ध रूप में करो हम आपके साथ हैं 🙏


तुम राम कहो या रहीम चित्त ही दूषित होगा, जब दूषित ना हो उसी को मुक्ति कहते हैं🙏 निर्वाण कहते हैं, कैवल्य कहते हैं, कयामत कहते हैं, एक दिन जरूर आएगी 🙏 मर्जी आपकी दु:ख के साथ मिलोगे या विमुक्ति के साथ 😂


साधक कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :- अभी बहुत कुछ बाकी है 😍

[21/09, 12:44 pm] kamleshmittra: अ-विधिक सूचना दिनांक 21 सितंबर 2024 


🙏आज एक और शोध अभियान पर निकलना था


परंतु एक सज्जन का फोन आ गया, उनकी एक ही शिकायत थी, मैं केवल हिंदुओं के खिलाफ लिखता हूँ, मुस्लिम के खिलाफ क्यों नही लिखता हूँ 😂


मैंने उन सज्जन को एक ही उत्तर दिया दूसरे के घर में गंदगी पड़ी हो मुझसे क्या🙏 मुझे तो अपने घर की गंदगी साफ करनी है 😂


एक अन्य वेदना का एक कमेंट और आ गया 🙏


जिस पर एक विचार लेख प्रस्तुत करना आवश्यक हो गया🙏


पश्चाताप करना और माफी मांगना दो अलग-अलग चीज हैं 🙏


माफी मांगने वाला सदैव समझता है कि मैं अपने दोष से मुक्त हो गया, वह अधिक शातिराना तरह से अपनी कुत्सित मानसिकता की सिद्धि प्राप्त करने प्रयास करता है 🙏


जबकि पश्चाताप करने वाला उस तरह की अथवा किसी अन्य तरह के मानसिक विकार की उन्नति का काम नहीं करता है 😂


माफी मांगने वाला सदैव, माफी मंगवाने की जुगाड़ ढूंढता रहता है 🙏 जबकि पश्चाताप करने वाले की मानसिकता इस प्रकार की हो जाती है कि उसने मुझे इस विकार में गिरने से बचाया, उसका कोटि-कोटि धन्यवाद है🙏 मैं भी सबको इस विकार से गिरने से बचाऊंगा 😂


जब कोई आपसे माफी मांगे, तो सावधान हो जाना🙏 


जब कोई व्यक्ति नैतिकता को छोड़ कर आपसे आगे संबंध बढ़ाएं, तो सदैव ध्यान रखना, वह आपको धोखा जरूर देगा, अपनी सुरक्षा अपने हाथ🙏


मनोवैज्ञानिक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[24/09, 10:41 pm] kamleshmittra: आरएसएस एवं 1925 में गठित हिंदू महासभा की शब्दावली का स्पष्ट प्रभाव सिख धर्म की पुस्तकों में भी दिखाई दे रहा है 🙏


 गुरु तेग बहादुर ने हिंदू की रक्षा के लिए कोई काम नहीं किया, क्योंकि तब तक कोई हिंदू धर्म था ही नहीं, ब्राह्मण क्षत्रीय वैश्य शूद्र थे, दलित और अछूत थे, शैशव और वैष्णो पंथ था 🙏


परंतु हिंदू नाम का कोई धर्म नहीं था,


महर्षि दयानंद सरस्वती ने जोर देकर कहा था हम आर्य हैं हिंदू नहीं है 🙏


उस समय तक हिंदू का मतलब हुआ करता था, धर्म विरोधी व्यक्ति, काफिर और अमानवी व्यक्ति 🙏


इस अमानवीय कहे जाने का ही महर्षि दयानंद सरस्वती ने विरोध किया था🙏


 हिंदू शब्द भारतीय संविधान के अनुसार 1950 से ही मान्यता प्राप्त है 🙏


गुरु तेग बहादुर ने उसे समय ब्राह्मणों की रक्षा की थी, जिन्हे तत्कालीन शासक मुस्लिम बनाना चाहता था🙏


 ब्राह्मण का मतलब हिंदू नहीं होता😂


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

Friday, 20 September 2024

13 से 19 सितंबर की पोस्ट

 [13/09, 9:56 am] kamleshmittra: 🌹निंदा रस (संशोधित)👏


सूचना दिनांक 12 सितंबर 2024


मैं 2019 से एक वाक्य अक्सर सुनता रहा हूं 🙏🌹


"वह आरएसएस का एजेंट है, वह भाजपा का आदमी है" सरकारी कमेटी का कौन-कौन आदमी आरएसएस का एजेंट है, कौन-कौन आदमी भाजपा का एजेंट है आदि 🌹


आज मुझे एक सूचना प्राप्त हुई जिसमें मुझे भी आरएसएस का आदमी कह दिया गया 😂


वह सेंट्रल कमेटी के पूर्व अध्यक्ष बताए जाते हैं, मैंने कभी उनको नहीं देखा, जहां तक मुझे याद आता है हमारी उनकी कभी बात नहीं हुई है 🙏


बड़ा आसान है मांस की जुबान को उठाओ और दे मारो 🙏🌹


मैं पतंजलि योगपीठ में रहा हूं, पतंजलि योगपीठ पर आरएसएस का असर है, बाबा रामदेव और आरएसएस प्रमुख की बातचीत होती रहती है🙏

अशोक सिंघल जब दिल्ली आए थे, तब बाबा रामदेव से उनकी भेंट हुई, संयोग से उस समय मैं दिल्ली में था, यह वार्ता पतंजलि योगपीठ के फार्म हाउस पर हुई थी 🙏


विषय उठता है आरएसएस कहां नहीं है ?


जहां-जहां होरिजेंटल धर्म है, वहां वहां आरएसएस नहीं है 🙏शेष सभी जगह पर आरएसएस है 🌹


आरएसएस तुम्हारे दिमाग में है, आरएसएस तुम्हारे विचारधारा में है, अगर तुम वर्टिकल धर्म का पालन करते हो, अगर तुम वर्टिकल विचारधारा की पुस्तकों का समर्थन करते हो 🙏


आप किसके साथ खड़े हो किसके साथ उठते-बैठते हो, यह बिल्कुल ही महत्व नहीं रखता है 🙏 आरएसएस एक विचारधारा है 🙏 वर्टिकल विचारधारा, समाज को वर्टिकल रूप से स्थापित कर देने की विचारधारा है 🙏


मा. काशीराम जी ने इस बात को बहुत पहले समझाया था🙏


माननीय काशीराम होरिजेंटल विचारधारा के व्यक्ति हैं, जबकि बसपा प्रमुख मायावती वर्टिकल विचारधारा की व्यक्ति हैं🙏


इस हिसाब से मायावती आरएसएस की व्यक्ति है, अन्य लोग इसी प्रकार से जाने जा सकते हैं 🙏कौन किसका आदमी है😂😭


केंद्रीय कमेटी के पूर्व अध्यक्ष से मिलने के बाद ही पता लगेगा वह किस विचारधारा के व्यक्ति हैं🙏 परंतु एक बात तो साफ हो गई, अफवाह फैलाओ, आरएसएस की विचारधारा के व्यक्तियों का यह सूत्र वचन है 🙏


केंद्रीय कमेटी के पूर्व अध्यक्ष के संपर्क में लीगल नोटिस के कई वादी है, और वह तुगलकाबाद रविदास मंदिर मिशन को छति पहुंच रहे हैं🙏 ऐसा प्रतीत होता है वह अपनी नाकामयाबी पर पछता रहे है 🙏 जब उनके पास करने का समय था तब उन्होंने कुछ किया नहीं, अब वह क्या कर लेंगे? 😂😭


मैं इस विषय को विधिक गंभीरता से ले सकता हूं, यदि एक भी व्यक्ति मुझे गवाही के रूप में मिल गया 🙏


अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏9335122064

[14/09, 10:41 am] kamleshmittra: श्रीमान शाशी जी,


कबीर का वचन है :-


पोथी पढ़ी पढ़ी जग मुआ पंडित हुआ ना कोई,


ढाई अक्षर प्रेम का पढ़े से पंडित होए 🙏


परम श्रद्धेय कबीर जी ने यह वचन पंडितों के साथ शास्त्रार्थ में कहे थे, जब वेदों को ब्रह्म वचन कहते हुए, वह अपना पांडित्व दिख रहे थे🙏


संत कबीर ने हिंदी शब्द का मात्र एक शब्द उठाकर पंडितों को धो दिया "प्रेम" "प्यार"🙏


संपूर्ण जगत केवल इसी पर आधारित है 🙏


पराग कणों का एक जगह से उठकर दूसरी जगह जाना प्रेम का प्रतीक है, पुरुष का उठकर स्त्री के पास जाना प्रेम का प्रतीक है, चंद्रमा का पृथ्वी का चक्कर लगाना प्रेम का प्रतीक है, पृथ्वी का सूर्य का चक्कर लगाना प्रेम का प्रतीक है 🙏आदि 


वैज्ञानिक भाषा में जिसको सासंजक बल और आसंजक बल कहते हैं यह सब प्रेम का प्रतीक है🙏प्यार का ही प्रतिक है 🌹


समान अणुओ के बीच उत्पन्न होने वाला आकर्षण बल को सासंजक बल कहते हैं, असमान अणुओ के बीच उत्पन्न होने वाले आकर्षक बल को आसंजक बल कहते हैं 🙏


मनुष्य का शरीर हो, या वनस्पतियों का शरीर हो, या पत्थर, पहाड़ और पानी हो, आज तो वैज्ञानिक रूप से भी सिद्ध हो चुका है कि सभी परमाणुओं के जोड़ हैं 🙏 और उनके बीच ससंजक बल और आसंजक बल लगता है 🙏


अग्नि तो फोटान का जोड़ है, परंतु अणुओ से बने सूखे पत्ते की और आकर्षित हो जाती है 🙏 यह प्रेम का प्रतीक है, और एक दूसरे को जलाकर सब नष्ट कर देती है, फिर ना अग्नि रहती है ना सूखे पत्ते😂 केवल कुछ राख बचती है 🙏 राख फिर खाद बनाकर किसी नए पौधे को जन्म देती है🙏 जन्म देना फिर प्रेम का प्रतीक है🌹


इसी प्रकार स्त्री पुरुष का प्रेम जब परवा चढ़ता है तो केवल कुछ रस टपकता हैं एक दूसरे से मिलने को, यह आसंजक बल है 🙏 सृष्टि के अनुक्रम में जैसे उनका मिलाया जाता है, मिले और बिछड़ गए 🙏 मैं मात्र भारतीय परिवार परंपरा की बात नहीं कर रहा हूँ, मैं संपूर्ण प्राणी जगत की बात कर रहा हूं😍


स्त्री पुरुष अलग हो जाते हैं, इतने अलग हो जाते हैं कि फिर कभी नहीं मिलते, परंतु संसार चल पड़ता है🙏 मनुष्य का वनस्पतियों से प्रेम, पशुओं से प्रेम, पत्थर और पहाड़ से प्रेम, चांद से प्रेम, खुद के होने से प्रेम, अपने अंगों से प्रेम, सब कुछ तो ससंजक बल अथवा आसंजक बल का आकर्षण है😂


इस संपूर्ण गाथा को कबीर ने ढाई अक्षर में पिरो दिया 🙏 सोचो कबीर का ज्ञान किस उच्च कोटि का है, संपूर्ण ज्ञान को शब्दों में पिरो पाना अत्यंत कठिन काम होता है शब्दों की सीमाएं हैं, ज्ञान अनंत है 🙏


यदि कबीर अपने उपरोक्त छंद की व्याख्या करते तो ऐसे ही करते🙏


 इन सभी ज्ञान पूर्ण बातों के आगे, पंडितों की पोथी किसी काम की नहीं जो जातिवाद से भरी हुई है🙏 मानव मानव में भेद करती है, प्रेम की कोई बात नहीं करती है 🙏


 जिसको मैं अपनी भाषा में कहता हूं, पंडितों की पोथीयां केवल वर्टिकल धर्म की बात करती हैं, कबीर का उपरोक्त छंद केवल होरिजेंटल धर्म की बात करता है🙏 एक दूसरे का हो जानने की बात करता है, प्रेम की बात करता है, प्यार की बात करता है, ग्रामर की भाषा में इसी को ढाई अक्षर कहते हैं क्योंकि इसमें दो अक्षर और आधा अक्षर मिला हुआ है🙏


मुझे लगता है आपकी जिज्ञासा के संदर्भ में लगभग सारी जानकारी दे दी गई है, यदि जानकारी मांगी गई है तो, अहंकार की संतुष्टि नहीं की जा सकती है, अहंकार नए अहंकार खोज लेता है, और कभी खुद को संतुष्ट नहीं होने देता है 😂


 साधक कमलेश कुमार मित्रा 👏9335122064


नोट :- आप लोगों के चर्चा में हस्तक्षेप करने के लिए खेद है, परंतु आप लोगों की बातें केवल वाणी विलास होकर ना रह जाए इसलिए मुझे हस्तक्षेप करना पड़ा👏

[15/09, 9:42 am] kamleshmittra: 🙏 हमारे दु:ख का अंत क्यों नहीं होता है 😭


अमृतवाणी के शबद विभिन्न रागों में है 🙏


और उन के साथ प्रयोग होने वाले वाद्य यंत्र अलग-अलग होंगे 🙏


मैं उन रागो में प्रयोग होने वाले वाद्य यंत्र में कोई अंतर नहीं पा रहा हूं, रागों की त्वरा में भी कोई अंतर दिखाई नहीं देता है 🙏


मेरे शरीर में उत्पन्न होने वाली तरंगें रागो को अलग-अलग नहीं देख पा रही हैं 🙏


मुझे ऐसा प्रतीत होता है, रागो को बहुत अधिक दूषित कर दिया गया है🙏


10 सितंबर 2024 को मैं बंगला साहब गुरुद्वारा में था, तुगलकाबाद रविदास मंदिर से निकलने के बाद, रात लगभग 8:00 बजे तक मैं बंगला साहब में ही था 🙏 रागो को अलग-अलग परखने की कोशिश कर रहा था🙏


शाम को मैं ग्रंथि साहब से मिला, जब इस विषय की मैंने उनसे चर्चा की तो उन्होंने बताया कि रागो के विषय में तो केवल रागी बतायेगा 🙏 वह तो ग्रंथि है 🌹


रागी के पीछे ग्रंथि बैठता हैं, रागी जब मदमस्त होकर गाता है, तो वह ग्रंथ के शब्दों का ध्यान नहीं रखता है, उससे कोई चूक ना हो जाए, इसलिए ग्रंथि पीछे बैठता है🙏क्योंकि आम आदमी की समझ में तो केवल शबद आते हैं, शबद ठीक रहने चाहिए🙏


 मैं तो बंगला साहब गया था अमृतवाणी का गुरु ग्रंथ साहब से मिलान करने, परंतु यह खोज का नया विषय मिल गया है 🙏


जिसे आप लोग धर्म के रूप में धारण करके, दुख से विमुक्त होना चाहते हो, जिस भाषा में गुरु का आवाहन करते हो, चित्त की वह भाषा अनंत में विद्यमान आपके गुरु तक पहुंचती भी है, कभी इसको भी जानने का प्रयास करो 😂


विज्ञान का नियम है, ऊर्जा कभी नष्ट नहीं होती है, त्वरा में परिवर्तन होता रहता है🙏

यदि संत शिरोमणि गुरु रविदास की कृपा आप पर नहीं हो रही है, आपका सामाजिक संगठन सुधार नहीं रहा है, आपके घर परिवार में शांति नहीं आ रही है, कहीं कोई बड़ी चूक हो रही है 🙏 जागो जागने का वक्त आ गया🌹😂


साधक कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[15/09, 8:28 pm] kamleshmittra: राग सिखाये तो जाते हैं परन्तु 8-15 साल के सिक्ख बच्चो को, 5 साल का रेजिडेंशियल कोर्स है 🙏


गुरुद्वारा माता सुंदरी जी में उम्र का कोई बाउंडेशन नहीं है 🙏 केवल गुरबाणी में आस्था होनी चाहिए, गुरु ग्रंथ साहब में आस्था होना चाहिए 🙏🌹


 आज का शोध निष्कर्ष🙏


साधक कमलेश मित्रा @9335122064

[16/09, 11:14 am] kamleshmittra: 🌹 राग सूचना 16 सितंबर 2024 ( नवीन शोध कार्य )


1. सिरी रागु 

2. रागु गउड़ी 

        a. रागु गउड़ी बैरागणि

         b.रागु गउड़ी पुरवी 

3. रागु आसा 

4. रागु गुजरी 

5. रागु सोरठि 

6. रागु घनासरी 

7. रागु जैतसरी 

8. रागु सूही 

9. रागु बिलावलु 

10. रागु गोंड 

11. रागु रामकली 

12. रागु मारु 

13. रागु केदार 

14. रागु भैरउ 

15. रागु बसंत 

16. रागु मलार 


उपरोक्त 16 राग और 02 उपराग में गाये जाने वाले अमृतवाणी के 40 शबद 🙏


 जबकि गुरु ग्रंथ साहब में लगभग 5000 शबद 31 राग सहित 64 उपराग सहित कई महल है,, पूरा ग्रंथ लगभग डेढ़ हजार पेज का है 🙏 पूरा अध्ययन करके मैं एक बार फिर लिखूंगा 🙏 अब आगे की बात करते हैं👏



कोई आर्केस्ट्रा गाने वाला इन रागो को नहीं गा सकता है 🙏 राग शरीर को कम्पित करते हैं🙏 राग की उत्पत्ति शरीर के कंपन से होती है🙏 परंतु अब बहुत कम लोग हैं जो ऐसा कर पाते हैं, गुरुद्वारा माता सुंदरी जी में भी जब मुख्य रागी से मेरी लगभग 2 घंटे चर्चा हुई, तब उन्होंने भी पृथक रूप से रागो को निकालने में असमर्थता व्यक्त की,


 क्योंकि परंपरा के अनुसार वह उसे वाद्य यंत्रों के साथ करते हैं, और राग उस्ताद के रूप में गुरु ग्रंथ साहब का प्रयोग करते हैं 🙏 


उन्होंने मेरा स्वागत किया जब भी मैं गुरु ग्रंथ साहब को राग के साथ सीखना चाहूं, मैं वहाँ जा सकता हूं🙏 इसके साथी ही चर्चा समाप्त हो गयी 🙏🌹


यदि पुराने गानों के जानकार लोग हैं तो उन्हें पता होगा, लता मंगेशकर, किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, मुकेश हो या अन्य कोई पुराने गायक🙏 सबको इस बात की ट्रेनिंग होती थी कि वह रागो पर गाने के शब्दों को चढ़ा सके, अथवा नहीं चढ़ा सके है 🙏


इसलिए पहले राग बनाया जाता था, और उसके ऊपर गाने को चढ़ाया जाता था🙏


 जो भी राग बनाया जाता था वह फिल्म किस सिचुएशन के अनुसार होता था, अर्थात घटना रात्रि की है, घटना सुबह की है, घटना प्रेम की है, घटना व्यंग्य की है, आदि सिचुएशन को देखकर राग बनाए जाते थे🙏 उसके ऊपर गाने को चढ़ाया जाता था🙏


 राग को बनाते समय इस बात का ध्यान रखा जाता था, क्या वह श्रोता के शरीर में कंपन उत्पन्न कर रहा है, वारिस के मौसम के लिए बनाया गया संगीत, क्या कृत्रिम रूप से श्रोता को बारिश का एहसास दिला पता है🙏 पहाड़ों की वादियों में गाए जाने वाले गीत, राग पहाड़ी पर आधारित होते थे🙏आदि 🙏


इसी प्रकार प्रभु परमात्मा आदि की अरदास के लिए बनाए जाने वाले राग एक विशेष प्रकृति के होते हैं, स्वयं से की गई प्रार्थना के लिए किसी राग का मोहताज नहीं होना पड़ता, शरीर में स्वत: कंपित होता है, और वह ब्रह्मांड को हिला देने के लिए काफी होता है🙏


आज भी आप हिंदू मंदिरों में जाएं, और सिखों के गुरुद्वारे में जाएं, यदि आप संप्रदायवाद के चश्मे से नहीं देखते हैं तो आपको गुरुद्वारे में बैठकर ज्यादा शांति मिलेगी 🙏


आपको चर्च में बैठकर ज्यादा शांति मिलेगी, चर्च में तो केवल शून्यता होती है, एक निस्तव्यता जो अंदर तक झक-झोर जाती है 🙏


उस असीम शांति में, चित्तधारा के विकार पिघलने लगते हैं और दु:ख से बाहर निकलने का रास्ता मिलने लगता है 🙏


चित्तधारा पर पहले ही बहुत शोर है, एक क्षण में दर्जनों विचार आते हैं और निकल जाते हैं, अगर स्थाई हो जाए तो वह मनुष्य पागल हो जाता है 🙏


इन सभी बातों का शोध कार्य तब आरंभ हुआ था जब मैं नैनीताल हाई कोर्ट एक केस के सिलसिले में गया था बात सन 2012 की है, नैनी झील के निकट एक आर्य समाज मंदिर में रुका था🙏 उस मंदिर में रुकने की एक ही शर्त थी कि सुबह 5 बजे यज्ञ में सम्मिलित होना होगा 🙏 पतंजलि योगपीठ में रहने के कारण यह मेरे लिए समस्या नहीं थी क्योंकि पतंजलि योगपीठ यज्ञ होता रहता था, और मैंने उसके लिए हामी भर दी 🙏 परंतु सुबह में लेट हो गया और थोड़ी देर से पहुंचा, वह अकेला ही हवन कुंड पर चारों सीटों पर उछाल-उछाल कर माइक से प्रवचन कर रहा था 😂 उस हवन कुंड के अगल-बगल अन्य कोई नहीं था🙏 और माइक लगाकर अगल-बगल पड़ोसियों को परेशान कर रहा था😂


ऐसे ही मेरे साथ तब हुआ जब मैं भोगल के रविदास मंदिर में रह रहा था, पहले तो कुछ लोग आकर बैठते अरदास करते घंटी और शंख बजाते थे, ढोलक बजाते थे, कुछ देर मेरे अध्ययन कार्य डिस्टर्ब होता था परंतु सब ठीक चल रहा था🙏


उसके बाद एक दिन म्यूजिक सिस्टम लगा दिया गया, घंटी तबला ढोलक यांत्रिक रूप से बजता था 🙏 और इतनी तेज बजता था कि उसके अगल-बगल किसी का खड़ा रहना संभव नहीं था🙏


परिणाम भी कुछ ऐसा ही हुआ, एक बार मैंने देखा वहां कोई नहीं था, ढोलक घंटी तबला बहुत जोर से बज रहा था, कोई इलेक्ट्रिक स्विच ऑन करके चला गया था 😂


भाई मेरे यह धार्मिकता नहीं है, इससे संत शिरोमणि गुरु रविदास की कोई कृपा नहीं मिलने वाली है 🙏


बुद्धि वादी लोगों ने अमृतवाणी को बुद्धि के आधार पर भले ही अलग कर लिया हो, परंतु गुरु ग्रंथ साहिब में महल है, राग को शरीर में पकने में समय लगता है🙏 जब कोई राग शरीर में पक जाता है उसे एक महल कहते हैं🙏


 परंतु आपने अमृतवाणी को अलग करके, अधपकी सब्जी को खाने का काम कर रहे हो, आपका और आपके समाज का स्वास्थ्य बिगड़ जाएगा 😂 और ऐसा हो भी रहा है 🙏


राग विहीन शबद का उच्चारण उसी प्रकार हैं जैसे बिना मात्रा की जानकारी के किसी सब्जी में मसाले मिला दिए गए हैं 😂 रागो पके बिना उतार लेना अधपकी की सब्जी खाने के समान है 🙏


जो व्यक्ति इनकी जानकारी रखता है, और अपने शरीर से राग उत्पन्न करने में सक्षम है वही आरती और अरदास कर सकता है😂


 स्वामी ईश्वर दास जी ने आदधर्म ग्रंथ की रचना करके ब्राह्मणों की कथाओं को इतिहास बना दिया है🙏 इससे बाबू मांगू राम के आंदोलन को बहुत हानि हुई है🙏 


हमें सभी बातों को नए सिरे से विचार करना ही होगा, धर्म और राजनीति को अलग-अलग रखना होगा, राजनेता धर्मसीट पर ना बैठे अन्यथा उनका अपना सर्वनाश होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा🙏🌹


तुगलकाबाद का रविदास मंदिर इसका सबसे अच्छा उदाहरण है, यदि धर्म का पालन हो रहा होता तो यह विपत्ति कभी ना आती 🙏 और आज भी लोग धर्म का पालन करने को राजी नहीं है, मेरे साथ शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं, 


मुझे चार लाइन लिखने में बहुत अधिक शयही का प्रयोग नहीं करना होगा है परन्तु मामला कई दशकों के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लटक जाएगा, फिर कुछ नहीं कर सकोगे🙏👏


जितनी जल्दी जाग जाओ सवेरा हो जाएगा🙏🌹


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश मित्रा@9335122064

[16/09, 1:24 pm] kamleshmittra: 🙏शोध अनुष्ठान, दिनांक 16 सितंबर 2024 


मूल राग श्री और राग श्री पर गुरु ग्रंथ साहब के वचन, 


 यह वचन भी आठ प्रहर के अनुसार राग को बदल देते हैं🙏


 राग दिन के प्रहार के अनुसार, ऋतु के अनुसार, चित्त दशा के अनुसार बदलते रहते हैं🙏


यदि रागी उपरोक्त बातों का ध्यान नहीं रखता, तो उसके द्वारा गाया जाने वाला संपूर्ण वचन प्रभावहीन हो जाता है🙏


 रागी तो आनंदित हो भी सकता है, क्योंकि उसके चित्त की दशा वह हो सकती है🙏 परंतु श्रोता के ग्रहण योग्य परिस्थितियों का ध्यान रखा जाना चाहिए🙏


तभी गुरुद्वारा अथवा रविदास मंदिर में गुरुवाणी अथवा रविदास वाणी का असर होगा 🙏


गुरु ग्रंथ साहिब या अमृतवाणी का वाचन करने से कोई फायदा होगा 🙏


धर्म स्थान विद्यालय की पाठशाला की तरह नहीं होता है 🙏 कि केवल मन में पढ़ा जाए, गायन करना होता है, इसी को भजन कहा जाता है, भजन कभी मौन नहीं होता है 🌹🙏


इस क्षेत्र में भी बहुत काम किए जाने की आवश्यकता है, घर स्त्री से होता है, बच्चों से होता है🙏


ठीक इसी प्रकार, धर्म स्थान भक्तों से होता है, गुरुवाणी से होता है 🙏


प्रबंधक की भूमिका मात्र पुरुष की तरह से होती है, वह ना तो घर बना सकता है और ना ही धर्म स्थान बना सकता है अगर उसका अहंकार सर्वोपरि रहता है अनावश्यक टीका टिप्पणी करता है 🙏


साधक कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[16/09, 2:55 pm] kamleshmittra: संत दास जी,


भारतीय दर्शन की सोच ऐसी नहीं थी 🙏 गोरखपुर की गीता प्रेस स्थापित होने से पहले, भगवान केवल शिवलिंग के रूप में होता था जिसमें स्त्री पुरुष के यौन-अंगों का संयुक्त रूप होता था उसी को भगवान कहते थे, खजुराहो की कलाकृतियां उसी का प्रदर्शन करती हैं 🙏


गीता प्रेस स्थापित होने के बाद भगवान के नाना प्रकार के रूप आ गए🙏 जो विदेशी भारतीय दर्शन में खोज कर रहे थे वह चक्कर में पड़ गए, और वैज्ञानिक बुद्धि के लोग चकरघिननी खा रहे हैं 🙏


जब ईसाई धर्म के पैगंबर श्री ईसा मसीह ने कहा कि परमात्मा ने मुझे अपने रूप में बनाया है 🙏 तब तथाकथित पुरोहितों को दिक्कत हो गई, और उन्होंने अपने सभी भगवान मनुष्य के रूप में बना दिए 😂


वैज्ञानिक बुद्धि के व्यक्तियों को यही सोच सोच कर परेशानी होती है, कि भगवान ने मुझे बनाया है या मैंने भगवान को बनाया है बस सारा खेल यही है 👏


जिस दिन वैज्ञानिक बुद्धि के व्यक्ति अपनी इस मानसिक संकीर्णता से बाहर निकल आएंगे कि ईश्वर परमात्मा खुदा अल्लाह मनुष्य के रूप में नहीं है, वल्कि मनुष्य के यौन-अंगों में स्थित है, उसका रूप और कार्य बिन देखा बिन जाना है🙏 वैज्ञानिकों को उस भगवान ईश्वर परमात्मा को स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं होगी 😂


साधक कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[16/09, 3:57 pm] kamleshmittra: 🌹किस पर करें सिंगार पिया मोरे अंधरे 👌 दिनांक 16 सितंबर 2024 🙏


माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दलितों के केस पहले ही सुने नहीं जाते, सिर्फ तरीके दी जाती है, उसके बाद सर्वोच्च न्यायालय की स्थिति निम्नवत है 


1 अप्रैल 2024 के अनुसार माननीय सुप्रीम कोर्ट में 80 हजार 194 केस पेंडिंग है,


सुप्रीम कोर्ट के सबसे अच्छे आंकड़े, जनवरी 2024 के हैं, जिसमें 1966 नए कैसे डाले गए, और 2420 केस का निस्तारण हुआ 🙏 यानी एक माह में लगभग 400 से ज्यादा पुराने केस का निस्तारण नहीं होता है 


😂 कृपया बुद्धिजीवी बताएं, क्या माननीय सर्वोच्च न्यायालय में मुझे केस फाइल कर देना चाहिए, या किसी अन्य विकल्प पर विचार करना चाहिए, मैंने अपने स्तर से सारे प्रयास कर लिए हैं, कुछ प्रयास हमारे प्रतिवादियों को भी करना चाहिए, क्योंकि यह समाज केवल मेरा नहीं है उनका भी है 😂


गुरुद्वारा रकाबगंज दिल्ली हर साल अपने समाज के 200 बच्चों को तैयार करता है, जो गुरु वाणी को आगे बढ़ायें गुरु ग्रंथ साहब को आगे बढ़ायें उनके समाज में धर्म का प्रचार प्रसार करें🙏


 200 बच्चों की भर्ती निष्पक्ष रूप से होती है, क्या हमारा समाज अपने 96 बच्चों को स्वीकार नहीं कर सकता है, उनकी जिम्मेदारी अपने कंधों पर नहीं ले सकता है 🙏


क्या इंन 96 बच्चों के बुनियादी खर्च को उठाने के लिए 105 मंदिर अपना सहयोग नहीं कर सकते हैं, संगठन तो बनना पड़ेगा🙏


जिन्होंने दो महीने की जेल की सजा भुगति, दर्जनो लाठियां खाई , समाज के ताने सुने, पुलिस वालों की गलियां खाई,


 इस उम्मीद में कि हम अपने समाज के लिए कुछ अच्छा कर रहे हैं, आज समाज उन्हें ही अपराधी की तरह देख रहा है, अधिकतम बच्चों ने तो तब तक समाज को समझा भी नहीं था 🙏


 उम्र के दो पड़ाव पार कर चुके समाज के लोगों के ऊपर क्या कोई जिम्मेदारी नहीं है🙏


मुझे लगता है आप सभी को इस विषय पर विचार करना चाहिए, मुझसे जितना अच्छा हो सकेगा मैं अच्छा करने का प्रयास करूंगा, मैं इंसान हूं खुद नहीं🙏


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[18/09, 10:32 am] kamleshmittra: इस ग्रुप में जुड़ने के लिए किसी भी मंदिर का पदाधिकारी होना आवश्यक है, अथवा पूर्व पदाधिकारी होना आवश्यक है🙏


आप हमको व्यक्तिगत सूचना भेज सकते हैं उस आधार पर हम आपको ग्रुप में जोड़ देंगे, 


जिन मंदिरों का मैं भ्रमण कर रहा हूं उनके पदाधिकारी को इस ग्रुप में जोड़ा जाएगा🙏


इस ग्रुप का उद्देश्य 105 मंदिरों का सहयोग प्राप्त करना है, ताकि तुगलकाबाद रविदास मंदिर को भव्य बनाया जा सके, और उसमें सभी मंदिरों की भागीदारी हो 🙏


पंजाब हरियाणा एवं अन्य राज्यों के, गुरु रविदास मंदिर के पदाधिकारी भी इस ग्रुप के मार्गदर्शक के रूप में इस ग्रुप के सदस्य हो सकेंगे l 


कोई भी राजनीतिक पोस्ट डालना इस ग्रुप में वर्जित होगा, 

ग्रुप से हटाने के लिए इतनी निर्योग्यता काफी होगी🙏 किसी काल्पनिक देवी देवता की पोस्ट भी वर्जित है🙏


इस ग्रुप में समाज को संगठित करने के लिए, संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के वचनों का, श्री गुरु ग्रंथ साहब के वचनों का सही रूप में संपादन हो इस बात की चर्चा होगी 🙏 जब मैंने श्री गुरु ग्रंथ साहब कह दिया, इसका अर्थ है सभी भक्तों की वाणी पर भी इसमें चर्चा की जा सकेगी 🙏 जिन्होंने होरिजेंटल समाज स्थापित किया है, जो होरिजेंटल विचारधारा के सूत्रधार हैं 🙏


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 🙏@9335122064

[19/09, 1:19 am] kamleshmittra: 🌹सामाजिक जागरूकता अभियान👏 सूचना दिनांक 19 सितंबर 2024 


सन 2018 से अब तक मैंने 9 ग्रुप क्रिएट किए थे, दो ग्रुप हैक हो गए🙏 इस प्रकार अभी भी सात ग्रुप हैं जिनका मैं सीधे संपादन करता हूं एडमिन हूं 🙏 तीन अन्य ग्रुप में लोगों ने मुझे एडमिन बनाया है, उन ग्रुप में मैं संयुक्त एडमिन हूं 🙏


वर्तमान समय में पांच ग्रुप ऐसे हैं, जिन पर मैं अधिक फोकस करना चाहूंगा🙏


1. विधिक सूचना ग्रुप : तुगलकाबाद रविदास मंदिर 

2. आर्थिक समता के समर्थक ग्रुप 

3. SC/ST दिल्ली का अधिवक्ता संघ 

4. SC/ST के मा. MPs और MLAs 

5. SC/ST का व्यापारी संघ 


नीचे के तीन ग्रुप ऊपर के दो ग्रुप के समर्थन में बनाए गए हैं, ऊपर के दो ग्रुप को बल प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं 🙏


नीचे के तीन ग्रुप सशक्त होते जाएंगे, तो ऊपर के दो ग्रुप अपने आप सशक्त हो जाएंगे, कुल मिलाकर हमारा समाज मजबूत हो जाएगा🙏


ग्रुप एडमिन अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 🙏9335122064


 अन्य सहायक ग्रुप 

1. दिल्ली के 105 रविदास मंदिर (दिल्ली में अपने समाज को संगठित और मजबूत बनाने का हमारा प्रयास है )

2. करुणाकर बुद्ध विहार ( बुद्धिस्ट दर्शन संस्थाएं और विचार एक प्रयास )

3. धर्म चक्र कल्याण मित्र मियापुर (पारिवारिक ग्रुप है)

4. चमार महासभा ( संत श्री रविदास जी का दर्शन शास्त्र )

5. बहुजन दंगल ( राजनीतिक ग्रुप )


 जिन ग्रुप को हैक कर लिया गया : 

1. प्रबुद्ध चमार

2. प्रबुद्ध भारत

[19/09, 10:30 am] kamleshmittra: 🌹जातिगत सामानता की बात छोड़ो आर्थिक समानता की बात शुरू करो🙏


जाति की जरूरत शादी करते समय और पड़ोसी बनाते समय पड़ती है🙏


पंरतु आर्थिक असमानता का दंश हमेशा झेलना पड़ता है, आर्थिक समानता का संघर्ष आरंभ करो🙏आर्थिक समता के लिए आंदोलन करो 👏


आर्थिक समानता के विचारक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[20/09, 9:05 am] kamleshmittra: शुक्ला जी,


मैं पुनः निवेदन करूंगा, आरएसएस का काल्पनिक साहित्य पढ़ना बंद करो 🙏


भगवान बुद्ध का कार्य चित्त विकार को दूर करना था🙏


दुख है, दुख का कारण है, दुख का निवारण है, निवारण की प्रतिपदा है 🙏


भगवान बुद्ध के कार्य में उपरोक्त चार आर्य सत्य है 🙏


राज्य व्यवस्था उनका विषय नहीं है 🙏 इसलिए किसी मूर्ख राजा के कार्यों को, बुद्ध दर्शन से नहीं जोड़ा जा सकता है 🙏


जो व्यक्ति खुद अपना चित्त विकार दूर नहीं करता, जो राजा अपने समाज के चित्त विकारों को दूर के लिए कार्य नहीं करता है, पड़ोसी राज्यों के चित्त विकारों को दूर करने के लिए कार्य नहीं करता है 🙏 उसके राज्य में उथल-पुथल होती है 🙏 सम्राट अशोक ने जब बौद्ध धर्म को धारण किया तब उसने पड़ोसी राज्यों में भी बौद्ध धर्म फैलाया इसलिए वह विशाल साम्राज्य आर्यावर्त का सम्राट कहलाया 🙏


चित्त विकार दूर करना एक भौतिक प्रक्रिया है इसके लिए साधन और समाधि में बैठना होता है🙏 कोई दूसरा नहीं कर सकता है 🌹


मात्र भजन गाकर, भक्ति करके चित्र विकार को दूर नहीं किया जा सकता है🙏


जिस प्रकार दूसरे के नहाने से अपना शरीर पवित्र नहीं होता है स्वयं पवित्र होने के लिए स्वयं नहाना पड़ता है 🙏


इसी प्रकार दूसरे के साधना करने से, अथवा भक्ति भाव कर लेने से, खुद का चित्त विकार विमुक्त नहीं होता है 🙏


आप बुद्ध से नफरत करते हो, क्योंकि अभी तक आपने आरएसएस का ही साहित्य पढ़ा है, आरएसएस बुद्ध को नष्ट करेंगी, बुद्ध दर्शन में कमियां दिखाएंगे तभी अपने पाखंडवाद को फैला सकेगी 🙏 रामाराज ( दुष्टराज ) ला सकेगी 🙏


पत्थर पूजा शंकर या गणेश की हो, अथवा बुद्ध, रविदास और कबीर की हो, चित्त के विकार दूर नहीं होते है 🙏


मौका मिलते ही लोभ सिर चढ़कर बोलता है, अपनी भी मान प्रतिष्ठा खोता है और दूसरों की भी मान प्रतिष्ठा को धूमिल करता है🙏 इसको चित्त का विकार कहते हैं🙏


केवल ऊंची ऊंची बातें फेंकने से कोई संत नहीं हो जाता है 🙏 परिस्थितिया उत्पन्न होने पर वह किस प्रकार आचरण करता है, इस पर उसका संत होना अथवा ना होना निर्भर करता है🙏


बहुत पुरानी कहावत है "मन में राम बगल में छुरी" इस आदत को छुड़ाने के लिए बुद्ध का समस्त दर्शन है🙏 राजव्यवस्था स्थापित करने के लिए दर्शन नहीं है 🙏 त्रिविधि सील विशुद्धि की जाती है, जो त्रिविधि सील विशुद्ध नहीं करता मुसीबत में पड़ता ही है 🙏 कोई राजा का राज्य हो अथवा सामान्य व्यक्ति, दुख आता ही आता है🙏


जो महा मूर्ख कहते हैं बुद्ध की शांति के कारण भारत पर आक्रमण हो रहे थे, वे महामूर्ख बताएं जब राजपूत काल था, दूसरों की बहन बेटियां उठाना एक परंपरा थी, जिसे शौर्य काल कहा जाता है🙏


ऐसी राजव्यवस्था में मुस्लिम कैसे प्रवेश कर गाये?🙏


 इन बकवास विषयों पर मैं ज्यादा चर्चा करना नहीं चाहता हूँ 🙏


अपने चित्त विकारों को देखो और उन्हें दूर करने का उपाय करो 🙏


हर व्यक्ति सभी विषय से जुड़ा होता है, परंतु कार्य वह किसी एक विषय के लिए ही करता है🙏 जिस विषय पर उसने कार्य किया हो केवल उसके लिए उसकी चर्चा की जानी चाहिए, उसमें कुछ छूटा हो तो बात की जा सकती है, 👏चार आर्य सत्य पर बुद्ध दर्शन संपूर्ण है 🙏 अन्य सभी तर्क मूर्खता पूर्ण हैं, निंदा रस का सेवन करना बंद करो🙏


आपका शुभचिंतक कमलेश कुमार मित्रा 🙏9335122064

[20/09, 10:11 am] kamleshmittra: *एससी नेता और उनकी ब्राम्हण पत्निया*

👉 रामनाथ कोविंद - पत्नी ब्राह्मण

👉 रामविलास पासवान - पत्नी ब्राह्मण

👉 प्रकाश अंबेडकरजी - पत्नी ब्राह्मण

👉 सांसद उदित राज- पत्नी ब्राह्मण

👉 रामदास अठावले - पत्नी ब्राह्मण


*ब्राह्मण राजनेता और उनके दामाद* 😗

👉 अशोक सिघंल, बेटी सीमा सिघंल - मुख्तार अब्बास नकवी.

👉 मुरली मनोहर जोशी, बेटी रेणू जोशी - शाहनावाज हुसैन

👉 लालकृष्ण आडवाणी की बेटी रोशन आडवाणी की दूसरी शादी - सलीम

👉 लालकृष्ण आडवाणी, भतीजी प्रतिभा आडवाणी - अल्ताफ हुसैन

👉 सुबहरण स्वामी, बेटी सुहासिनी - नदीम हैदर.

👉 बालसाहब ठाकरे की पोती - सहजाद

👉 प्रवीण तोगडिया की लडकी - असफाक मीर

👉 मोहन भागवत की भतीजी उर्मिला मातोडकर - मोहसीन अख्तर.

👉 शीला दीक्षित, बेटी लतीका दीक्षित - सैय्यद मौहम्मद इमरान 

👉 अशोक मणी, बेटी अखिला मणी - शफीन जहाँ.



*Some others*.....


👉 मोनिका बेदी - अबू सलेम.

👉 संगीता बिजलानी - मोहम्मद अजहरूदीन.


*मुस्लिम राजनेता और ऊनकी ब्राह्मण पत्निया*

👉 उमर अब्दुला की पत्नी - पायल नाथ ब्राह्मण

👉 शाहरुख़ खान की पत्नी - गौरी छिब्बर ब्राह्मण

👉 आमिर खान की पहली पत्नी - रीमा दत्त ब्रह्माण और दूसरी पत्नी - किरण राव ब्राह्मण


👉 सैफ अली खान के पिता नवाब पटौदी मसूंर अली खान - पत्नी शर्मीला टैगोर,ब्राह्मण

👉 फरहान अखतर (बॉलीवुड हीरो) - पत्नी अधूना भवानी, ब्राह्मण

👉 फरहान आजमी - पत्नी आयशा टाकिया (फिल्मी हीरोइन) ब्राह्मण

👉 शकील लदाक - पत्नी अमृता अरोडा़, ब्राह्मण(फिल्मी हीरोइन)

👉 सलमान खान के भाई अरबाज खान - पत्नी मलाईका अरोडा़, ब्राह्मण .

👉 सलमान खान के छोटे भाई सुहेल खान - पत्नी सीमा सचदेवा,ब्राह्मण

👉 आमिर खान के भांजे इमरान खान - पत्नी अवितंका, ब्राह्मण 

👉 सजंय खान के बेटे जायद खान (बॉलीवुड हीरो) - पत्नी मलिक पाऱेख, ब्राह्मण

👉 फिरोज खान के बेटे फरदीन खान - पत्नी नताशा पांड्या, ब्राह्मण.

👉 इरफान खान (बॉलीवुड हीरो ) - पत्नी सुतपा, ब्राह्मण .

👉 नसीरुद्दीन शाह (फिल्मी हीरो ) - पत्नी रतना पाठक,.

ब्राह्मण ।

*अब सवाल ये है की, इन धर्म के ठेकेदारो को......... गरीब एससी-"अछूत लगता" है, अमीर एससी-"दामाद" !!!*


*गरीब मुस्लिम तो "गद्दार और देशद्रोही" लगता है,.... अमीर मुस्लिम-"दामाद" !!!*


बड़ी मेहनत से लिस्ट तैयार hui है सबको शेयर kariye !!!


*ये पूरी जनता को बेवकूफ समझते हैं...ये धर्म के नाम पर केवल हमें आपस में लड़वाते हैं,*

[20/09, 10:43 am] kamleshmittra: 🌹उपरोक्त सच और परदे के पीछे की बात 👌


सूचना दिनांक 20 सितंबर 2024


उपरोक्त आंकड़ों को देखकर यह प्रतीत होता है, अंतरजातीय विवाह करने से जीवन में प्रगति आती है🙏😂


परंतु मेरा अनुभव अलग है,


मेरे अपने मामा के सुपुत्र ने एक गुप्ता लड़की से शादी की उनके तीन बच्चे हुए🙏


मामा रेलवे दिल्ली में क्लास वन अधिकारी थे उन्होंने दिल्ली में मकान नहीं बनाया, क्योंकि रिटायरमेंट के बाद वह अपने गांव में बसना चाहते थे. गांव में पुस्तैनी संपत्ति थी, अंग्रेजों के जमाने से ही शौर्य स्थापित था, भारत विभाजन के समय गांव के सभी मुसलमानों को संरक्षण दिया था🙏 इसलिए गांव के सभी मुस्लिम आज भी एहसानमंद होते हैं🙏


परंतु रिटायरमेंट के बाद मामा गांव ना जा सके, इकलौता पुत्र था और उसकी बीवी गांव जाने को तैयार नहीं थी, अधिकारियों के बच्चे बड़े खर्चे वाले होते हैं, कुछ इस समय में सारी जमा पूंजी खत्म हो गई🙏


गांव का मकान बेचकर दिल्ली में मकान बनाना पड़ा, ममेरे भाई भी समय से पहले गुजर गए, मामा भी गुजर गए, सभी बच्चे अपने नाम में गुप्ता लगाते हैं, और अपने खानदानी रिश्तेदारों से कोई संबंध नहीं रखते है, अपनी मां के परिवार से ही संबंध रखते हैं 🙏 हमारे नाना आठ भाई हुआ करते थे 🙏🌹


इस प्रकार दलितों की संपत्ति, सवर्ण के पास ट्रांसफर हो गई ❤️


अंतरजातीय विवाह में हमें सामाजिक प्रतिष्ठा का भी ध्यान रखना होगा, अगर सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होती है, सामाजिक प्रगति में बाधा पड़ती है तो ऐसे विवाह को रोकना होगा ऐसे अंतर-जातीय विवाह करने वालों को उचित दंड देना होगा, उनको आरक्षण के लाभ से, अथवा अनुसूचित जाति को मिलने वाले किसी भी लाभ से पृथक करना होगा🙏


एक अन्य भतीजे ने भी श्रीवास्तव लड़की से शादी की, वह दो-चार दिन रही, क्योंकि शहर से लेकर गांव तक ऊंची मान प्रतिष्ठा थी, परंतु गांव तो गांव ही होता है🙏 उसका शहर में रहने का ख्वाब था, परंतु भतीजे का कामकाज गांव से चलता था उसका गांव में रहना जरूरी था इसलिए रिश्ता टूट गया🙏


हमें सदैव ध्यान रखना चाहिए सवर्ण बिरादरी की लड़कियां अधिक चतुर होती हैं, और हमारे समाज में विषकन्या के रूप में आती हैं, हमारे समाज में विष घोलकर चली जाती हैं🙏 इसलिए विगत 70 सालों में हमारी प्रगति नहीं हो सकी है, आगे अधिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से काम करना होगा🙏


पुनः कहता हूं आर्थिक समानता पर जोर दो, जातिवाद कुछ नहीं है, यह केवल आर्थिक विषमता को दर्शाता है, जिस जाति के लोग आर्थिक रूप से समान होते हैं, अथवा आर्थिक रूप से मजबूत होते हैं, उन में अंतर-जातीय वैवाहिक संबंध बन ही जाते हैं🙏


छोटी कही जाने वाली जातियों को गुलाम बनाने के लिए उनका आर्थिक शोषण करने के लिए जातिवाद फैलाया जाता है🙏


सामाजिक एवं राजनीतिक चिंतक कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[20/09, 3:56 pm] kamleshmittra: 🌹खोज अभी जारी है, सूचना दिनांक 20 सितंबर 2024 


मैं संगीत का टीचर तो नहीं हूँ 🙏


अभी विद्यार्थी जरूर हूँ -


सात स्वरों पर आधारित संगीत


उच्च मध्यम और निम्न स्वर को धारण करते हुए 21 भागों में विभक्त हो जाता है 🙏


 रागो को बनाते हुए, कभी कोई स्वर पूर्ण वर्जित कर दिया जाता है 🙏कभी कोई स्वर अल्प वर्जित कर दिया जाता है 🙏


संतों की वाणी परमात्मा में लीन होकर अंतर चित्त से उत्पन्न होती है, रागो की मोहताज नहीं होती🙏 शरीर में सैकड़ो केमिकल रिएक्शन होते हैं, शरीर से सुगंध उठाती है 🙏 इसीलिए कहा जाता है भगवान बुद्ध जिस रास्ते से गुजरते थे वे मौसम फूल खिल जाते थे 🙏 वास्तव में यह सील की सुगंध है 🙏 सील वान व्यक्ति की सुगंध है 🙏


कोई शिष्य बाध्य यंत्रों पर उसको उत्पन्न नहीं कर सकता है 🙏

 परंतु फिर भी उतारा जाता है 🙏


वास्तविक रस से कोसों दूर होता है, कृत्रिम वाद्य यंत्रों से उत्पन्न किया गया रस 🙏 सामान्यत: किसी संत का यह रस बार-बार उत्पन्न नहीं होता, भक्ति/संत आगे के महल में बढ़ जाता है, प्रवेश कर जाता है 🙏 जैसे जवानी बार-बार नहीं आती है, इस प्रकार भक्त की वह अवस्था बार-बार नहीं आती है, जो जवानी को बार-बार लाने का प्रयास करता है, ठरकी कहलाता है 😂 और विभिन्न बीमारियों का शिकार हो जाता है🙏


परंतु जब लोगों को भक्तमय बनाया जाता है,, तो कृत्रिम यंत्रों के माध्यम से उनके चित्त को उद्दीपित किया जाता है🙏


उद्दीपन की प्रक्रिया में वाद्य यंत्रों का प्रयोग होता है, सामान्यतः कोई साधक अपनी उम्र के 28 वें पड़ाव के बाद इस अवस्था को धारण कर पाता है 🙏


परंतु प्रोफेशनल धार्मिक संस्थान बच्चों को इस रस में डुबोने के लिए कृत्रिम विधि का प्रयोग करते हैं🙏इसलिए अधपके बच्चों के राग से रस उत्पन्न नहीं होता है 🙏


इसीलिए बुद्ध का बताया गया मार्ग, सील समाधि प्रज्ञा सरल और सहज है, शरीर में इन सभी रसों को उत्पन्न करने के लिये 🙏 इन रसों को उत्पन्न करने के पश्चात चित्त सभी विकारों से विमुक्त हो जाता है 🙏


भय, क्रोध, ईर्ष्या, निंदा, मोह लोभ कामवासना, मममत्व आदि जो हमारे सांसारिक दुख का कारण बनता है, उनकी तीव्रता कम हो जाती है 🙏


संसार में दुख को खूंटी पर लटकाने के बहुत से तरीके हैं, किसी भी मार्ग से चले जाओ, अच्छी खूंटी, सस्ती खूंटी आदि मिल ही जाएंगी, कुछ लोग अपने घर को सुंदर बनाने के लिए कबाड का प्रयोग करते हैं🙏 कपड़े लटके भी रहते हैं और किसी को दिखाई भी नहीं पड़ते हैं 🙏


कुछ लोगों के घरों में जाइए तो चारो तरफ कीलें ही किलें ठुकी मिलती है, आप अपना दुख:(कपडे) किसी भी कील पर लटका सकते हो 🙏


इसी प्रकार हमारे मंदिरों की हालत है🙏


सैकड़ो भगवान मिल जाएंगे, सैकड़ो गुरु की प्रतिभाएं मिल जाएंगी, सैंकड़ो कृत्रिम देवी देवता मिल जाएंगे🙏 किसी देवता पर अपना दुख: लटका दो🙏


बुद्ध के नाम पर दुख लटका दो, कबीर के नाम पर दुख लटका दो, रविदास के नाम पर दुख लटका दो, शंकर जी के नाम पर दुख लटका दो, हनुमान जी के नाम पर दुःख लटका दो, निरंकार के नाम पर दु:ख लटका दो, नानक के नाम पर दु:ख लटका दो, अल्लाह मियां के नाम पर दु:ख लटका दो आदि 🙏


 मनुष्य बहुत कमजोर है उसे अपना दुख कहीं ना कहीं तो लटकाना ही पड़ता है 🙏


दुखों को लटकाने की विधियां है,


भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ, ध्यान-साधना, ज्ञय-हवन, नवाज़, पर्थना आदि 


कुछ भी करो भाई पर विशुद्ध रूप में करो हम आपके साथ हैं 🙏


तुम राम कहो या रहीम चित्त ही दूषित होगा, जब दूषित ना हो उसी को मुक्ति कहते हैं🙏 निर्वाण कहते हैं, कैवल्य कहते हैं, कयामत कहते हैं, एक दिन जरूर आएगी 🙏 मर्जी आपकी दु:ख के साथ मिलोगे या विमुक्ति के साथ 😂


साधक कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :- अभी बहुत कुछ बाकी है 😍

9 से 12 सितंबर की पोस्ट

 [09/09, 1:20 pm] kamleshmittra: कड़वी बात - 2


सूचना दिनांक 9 सितंबर 2024 


कड़वी बात तो कड़वी बात ही होती है, और जब मैं खुद कह रहा हूं बात कड़वी है तो जरूर ही कड़वी होगी🙏 पिछली बार जब कड़वी बात पोस्ट लिखी थी तो लोगों ने पोस्ट डिलीट करने का प्रयास किया, और उसके बाद परिणाम हुआ कि आगे की पोस्ट 24 घंटे में डिलीट होती रही क्योंकि सेटिंग बदल दी गयी 😂


1. यह बात ठीक वैसे ही है, जब बच्चे को कड़वी दवा खिला दो, तब मौका पाते ही वह दवा को कचरे में फेंक देता है😂 इसको अबोधता कहते हैं, भले दवा कड़वी है परंतु वह उस बच्चों को ही स्वस्थ करेगी 🙏


2. बातें तो बहुत सी करनी है, और आज कुछ विधिक कार्य भी करने थे, कोर्ट की तरफ जाना था🙏 परंतु मैं 10:00 बजे सो कर उठा हूं, मन में इतने विचार आते हैं, कि नीद नही आती, क्या ना लिखूं यह सोच सोच कर परेशान होता हूं 🙏


3. मुझे जो काम करना पड़ रहा है यह करने के लिए मैं दिल्ली नहीं आया था, भारतीय न्याय व्यवस्था में जो हमारे समाज का शोषण हो रहा है, केवल हमारे समाज के केसो की तारीख नहीं लगती है, मैं उस कुव्यवस्था को ठीक करने आया हूं 🙏


4. एक लंबे संघर्ष के बाद सूचना अधिकार अधिनियम बना, कई लोगों और संगठनों का योगदान रहा है 🙏सन 2005 में पांच सौ से अधिक पत्र मैंने व्यक्तिगत रूप से सांसदों को लिखे थे उसके बाद यह कानून अस्तित्व में आया 🙏यह अब तक का पहला और आखिरी कानून है जो जनता के लिए है, जनता को लोकतांत्रिक अधिकार देता है 🙏 परंतु इस अधिकार को भी प्रशासन का अधिकार बनाकर रख दिया गया है 🙏 इस अधिकार को भी अन्य अधिनियम की तरह प्रशासन की जागीर बना दिया गया है 🙏


5. अधिनियम कहता है सूचना 30 दिन के अंदर दी जाएगी, उसके बाद अपील की जा सकती है, प्रथम अपील द्वितीय अपील 🙏


6. प्रथम अपील की अपील 45 दिन के बाद आरंभ होती है जो 90 दिन तक की जा सकती है🙏 प्रथम अपील का निस्तारण न होने पर, पुनः 90 दिन तक आप द्वितीय अपील कर सकते हैं🙏


7. परंतु केंद्रीय / राज्य सूचना आयोग आपकी शिकायत का संज्ञान कब लेगा, और कब तक आपको सूचना दिलायेगा यह निश्चित नही है 🙏


8. राष्ट्रीय सूचना आयोग में, तीन अपील पिछले एक साल से पड़ी है और लगभग 6 माह से एक अन्य अपील पड़ी है 🙏 और अब तक दो अपील और मैच्योर हो चुकी है🙏 परंतु अभी तक किसी की सुनवाई आरंभ नहीं हुई है 🙏


9. उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग में दो केस को मैंने 12, और 10 साल तक लड़ा, सूचना आयोग की आंख के नीचे प्रतिवादी ने समस्त सूचनाओं ( पत्रावली को बीट आउट कर दिया ) को जला दिया 🙏 सूचना आयोग ने उसको दंडित नहीं किया, मेरे अनुरोध करने के बाद भी दंडित नहीं किया🙏


10. इस प्रकार यह सूचना अधिकार अधिनियम केवल सूचना आयोग प्रशासन का अधिकार बनकर रह गया है, आम जनता का अधिकार नहीं है 🙏


11. उपरोक्त मामला लखनऊ हाई कोर्ट की बेंच में विचाराधीन है, इस मुकदमे को 2022 में कायम किया गया था, अभी तक लखनऊ हाई कोर्ट प्रतिवादी से WS नहीं मंगा सका है 🙏 इसमें उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग भी प्रतिवादी है 🙏


12. हाई कोर्ट के लिस्टिंग बाबू को पता है, कि केस को कितने नंबर पर लगाया जाए तो सुनवाई में नहीं आएगा, इसलिए लिस्टिंग एप्लीकेशन से भी कोई फर्क नहीं पड़ता है 🙏और धोखे से केस आ भी गया तो प्रतिवादी वकील के पास सैकड़ो बहाने है🙏 क्योंकि सामने की सीट पर उनके जीजा जी बैठे हैं 🙏


13. पतंजलि योगपीठ के ट्रस्टी जो इलाहाबाद में रह रहे थे उनके केस की फाइल को मैंने 33 वर्ष बाद पुन: चालू कराया था, इलाहाबाद में हाई कोर्ट में भ्रष्टाचार का यह लेवल है, तब जस्टिस चंद्रचूड़ हाई कोर्ट इलाहाबाद के चीफ जस्टिस हुआ करते थे 🙏 जब तक बाबू को पैसा नहीं मिलेगा वह फाइल दबाए रखेंगा 🙏

14. उपरोक्त संपूर्ण संघर्ष में मैंने अपनी जेब से पैसा खर्च किया, क्योंकि तब मैं पैसा कमा सकता था, मेरा पैसा किताबें और कानूनी प्रक्रिया में खर्च होता था🙏


15. मेरा संघर्ष उपरोक्त विषयों को लेकर था, इसका समाधान करने के लिए मैं दिल्ली आया था परंतु यहाँ पर हमारे समाज के लोग मुझे अन्य कार्यों में फंसाए हुए हैं 🙏


16. जब तक मैं पतंजलि योगपीठ में नहीं आया था, मुझे जानने वालों की संख्या 1 2 3 4 होती थी, इंजीनियरिंग कॉलेज के क्लास के विद्यार्थियों को छोड़कर 🙏


17. एक लंबे एकाकी जीवन के बाद सितम्बर 2022 में मैंने अपने एक चचेरे भाई के साथ बेगमपुर में रहना स्वीकार किया, सन 2004 से मैं एकाकी जीवन ही जी रहा हूं🙏 और अपनी लाश को अपने कंधे पर उठाया हूं 👏


18. जनवरी 2024 में तुगलकाबाद रविदास मंदिर के आरटीआई एक्टिविस्ट ने हाई कोर्ट में आगे बढ़ने से आर्थिक असमर्थता व्यक्त की तब, श्री के. सी. रवि जी से आर्थिक सहयोग हेतु मैंने भेंट की थी 🙏


19. मैं गुरु रविदास मंदिर संघर्ष के जो भी पेपर उनको दिखता था, वह तुरंत उसकी फोटो कॉपी करा लेते मुझे उनकी नियत पर शक तो होने लगा था क्योंकि मैं अपने किसी भी क्लाइंट का पेपर बिना उसकी अनुमति के दूसरे को नहीं दे सकता हूँ 🙏


20. मेरे पास कोई विकल्प नहीं था संत शिरोमणि गुरु रविदास की इच्छा को मानते हुए मैं उनके साथ चलता रहा उसी का परिणाम यह हुआ कि मैं 96 गुरु भक्तों सहित 105 रविदास मंदिरों के संपर्क में आ चुका हूं, और अन्य गुरु भक्त भी हमसे अपेक्षा करते हैं🙏


21. परंतु रवि जी इस मुद्दे को भाजपा के खिलाफ भुनना चाहते हैं, वह 96 गुरु भाईयों के कल्याण के पक्ष में नहीं है, उनको अधिकार देने के पक्ष में नहीं है, जिस प्रकार उन्होंने मेरे साथ जो नीति अपनाई "यूज़ एंड थ्रो" वह वही रणनीति 96 गुरु भाइयों के साथ अपनना चाहते हैं 🙏

22. 96 गुरु भाइयों के एड्रेस लिस्ट मुझसे लेने के बाद, खुद को उनका नेता बनने के प्रयास में है 😂 और खुद को राष्ट्रीय धार्मिक नेता दिखाने के षड्यंत्र में है 🙏


23. जबकि श्री दुष्यंत गौतम जी, प्रतिनिधि भारत सरकार, उनके रिश्तेदार है, पारिवारिक प्रोग्राम में वह एक दूसरे से मिलते हैं🙏वह चाहे तो सीधे उनसे बात करके 96 गुरु भाईयो सहित 105 मंदिरों के प्रतिनिधियों को सरकारी कमेटी की आमसभा में जोड़ सकते हैं, अन्य इच्छुक गुरु भक्तों को तुगलकाबाद रविदास मंदिर आम सभा में जोड़ सकते हैं🙏 परंतु उनको तो मंदिर पर राजनीति करनी है👏


24. क्योंकि वह काली के पुजारी है 🙏 उनके कॉमन हाल में काली की प्रतिभा विराजमान है, जब वह अपने परिवार के व्यक्तियों से संबोधन करते हैं तो जय माता की कहते हैं, जय गुरु रविदास कभी नहीं कहते है 🙏

25. 105 मंदिरों का तो वह जिक्र तक नहीं करते है, उनको तुगलकाबाद रविदास मंदिर से जोड़ने की कोई बात नहीं करते, उनके एजेंटो से पता लगा है, वह संत श्री निरंजन दास जी वाली कुर्सी चाहते हैं 🙏 वह भी बिना किसी चुनावी प्रक्रिया के 😂


26. भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए कोई व्यक्ति अगर सीट पर आता है तो मैं उसका स्वागत करूंगा, परंतु चोर दरवाजे से अगर कोई आना चाहता है, निर्योग्यता के साथ आना चाहता है🙏 तो मैं समाज को सजग करूंगा, मैं कोई अंतिम विचारक नहीं हूं, कृपया अन्य विचारों को भी सुने 🙏


27. कल 10 सितंबर 2024 है मासिक पूजा का दिन है, आम सभा के गठन के साथ कार्यकारिणी के चुनाव की घोषणा हो जाती है तो मैं समझ लूंगा मेरा कार्य खत्म हो गया है 🙏


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏9335122064

[09/09, 3:34 pm] kamleshmittra: संत श्री कमल दास जी,


आपकी बात के संदर्भ में इतना ही कह सकता हूं -


"दर्द जब हद से गुजरता है तो गा लेते हैं" मैं कोई शायर तो नहीं🙏


इस धरती को बनाने वाला भी मैं नहीं हूं, अपने 50 साल के जीवन में सिर्फ इतना जान पाया हूं धरती बनी कैसे, लोग बने कैसे, समाज बना कैसे, सरकार बनी कैसे, संसार बना कैसे 🙏


मैं नहीं था तब भी था,

मैं नहीं रहूंगा तब भी रहेगा 🙏


यह संसार घर के आँगन की तरह है, सुबह साफ करो शाम तक फिर गंदा हो जाता है 🙏 कुछ देर घोर अंधेरा रहता है, अगली सुबह फिर कोई संत आँगन साफ करता है🙏 संसार इसी प्रकार चलता रहता है 🙏


मैं अपना काम कर रहा हूं, जितना होगा करूंगा, मैं कोई अंतिम करने वाला नहीं हूँ 🙏और न निराश और हताश हूँ 🙏


मेरे संगी साथी निपट गए 🌹 कौन जाने हमारी अगली सांस आखिरी सांस हो 🙏 


आओ कुछ अच्छा करते हुए चलते हैं 👏

कुछ आप करो कुछ हम करते हैं 🙏🌹


 साधक कमलेश कुमार मित्रा@9335122064

[09/09, 8:25 pm] kamleshmittra: संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का वह स्थान जहां पर पिछली बार चादर नहीं डाली गई, और लोग इस पर चलते रहे 🙏


यह वह स्थान है जहां पर उनकी प्रतिमा थी 🙏🌹 इस स्थान को श्री रिशिपाल जी ने, माननीय सांसद भाई चंद्रशेखर आजाद को चिन्हित कराया था 🙏

[09/09, 9:24 pm] kamleshmittra: लंगर की सेवा परिवार की तरफ से होगी से क्या मतलब है 😂


 किसके परिवार की तरफ से? 🙏


जय माता जी के परिवार की तरफ से या जय गुरुदेव जी के परिवार की तरफ से 😂😍

[09/09, 9:43 pm] kamleshmittra: अति आवश्यक सूचना🙏🌹


11 सितंबर के आंदोलन का स्थान रामलीला मैदान से बदलकर आईपी स्टेट हो गया है 🙏


ऑफिशियल सूचना आना अभी बाकी है 🙏


 आईपी स्टेट, आईटीओ के पास है 🙏 खुद को मानसिक रूप से तैयार रखें🙏🌹 जंग अभी जारी है 🇮🇳

[09/09, 10:49 pm] kamleshmittra: 🌹अति आवश्यक सूचना-

 9 सितंबर 2024


1. सिरी रागु 

2. रागु गउड़ी 

3. रागु गउड़ी बैरागणि 

4. रागु गउड़ी पुरवी 

5. रागु आसा 

6. रागु गुजरी 

7. रागु सोरठि 

8. रागु घनासरी 

9. रागु जैतसरी 

10. रागु सूही 

11. रागु बिलावलु 

12. रागु गोंड 

13. रागु रामकली 

14. रागु मारु 

15. रागु केदार 

16. रागु भैरउ 

17. रागु बसंत 

18. रागु मलार 


उपरोक्त 18 राग में गाये जाने वाले अमृतवाणी के 40 शबद 🙏


 कोई आर्केस्ट्रा गाने वाला नहीं गा सकता है 🙏 राग शरीर को कम्पित करते हैं🙏 राग की उत्पत्ति शरीर के कंपन से होती है🙏


वह पहला गुरु वह पहला भक्ति जिसने अपने शरीर से यह राग उत्पन्न किये 🙏 हमारा आराध्य देव है 🙏


उसके साथ प्रयोग किए जाने वाले कोई भी बाध्य यन्त्र इस प्रकार नहीं होने चाहिए, जो इन रागों को उनकी संवेदनाओं से भ्रमित करते हों 🙏 इसीलिए संत शिरोमणि गुरु रविदास ने मीरा को मात्र एक तारा दिया था🙏 कोई ढोलक नहीं दी थी 😂


इन सब बातो का जानकार ही संत शिरोमणि गुरु रविदास का पुजारी हो सकता है🙏 अन्य कोई पूजा करने योग्य नहीं है 🌹


राग विहीन शबद का उच्चारण उसी प्रकार हैं जैसे बिना मात्रा की जानकारी के किसी सब्जी में मसाले मिला दिए गए हैं 😂


जो व्यक्ति इनकी जानकारी रखता है, और अपने शरीर से राग उत्पन्न करने में सक्षम है वही आरती और अरदास कर सकता है😂


 इसी प्रकार पूजा की थाली का बड़ा महत्व है, क्या वह थाली भक्त के घर की है🙏 भक्तों की संयुक्त थाली है 🙏 या किसी की दया से भेजी गई थाली है 🙏


किसी अन्य धर्म, मान्यता को मानने वाले की करुणा से दी गई थाली/दान से गुरु कृपा प्रकट नहीं होती है 🙏


 यदि गुरु का अपमान होगा, तो कथित भक्तों का भी अपमान होगा😂


मैंने बहुत कम कहा है, अधिक समझने का प्रयास करना 🙏 मेरी मजबूरी है मैं इस विषय में ज्यादा निंदा रस में नहीं जा सकता हूँ 🙏


साधक कमलेश मित्रा@9335122064

[12/09, 10:04 am] kamleshmittra: 🌹अंतिम सूचना नहीं👏


सूचना दिनांक 12 सितंबर 2024


कुछ सामान्य सूचना निर्गत कर देता हूं 🙏


1. तुगलकाबाद रविदास मंदिर की तथा कथित सरकारी कमेटी के संदर्भ में अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है कि वह ही सरकारी कमेटी है 🙏 उनके द्वारा आईटीआई की सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है जबकि अबतक चार अपीलीय अधिकारी बदले जा चुके हैं 🙏

2. प्रधानमंत्री कार्यालय के माध्यम से जो पत्र मुझे भेजा गया उसमें जिस कमेटी के नाम का उल्लेख है और 4 करोड़ 33 लाख रुपया मांगा गया है, उसमें भी इस बात का उल्लेख नहीं है कि वह ही सरकारी कमेटी है🙏( क्योंकि स्व-गठित कमेटी से पैसे की डिमांड तभी की जा सकती है जब उसको आय का स्रोत बता दिया गया हो🌹)

3. प्रधानमंत्री कार्यालय से जो सूचना भेजी गई वह लीगल नोटिस के अनुरूप नहीं थी इसलिए उसकी अपील लगा दी है, अभी तक अंतिम सूचना नहीं आई है 🙏

4. संत श्री निरंजन दास जी के ऑफिस से कोई लिखित सूचना प्राप्त नहीं हुई है कि अंतिम निर्णय क्या लिया गया है🙏

5. तथाकथित सरकारी कमेटी के अध्यक्ष श्री वीर सिंह हितकारी जी की तरफ से किसी भी सूचना से अवगत नहीं कराया गया है कि उनकी अगली कार्रवाई क्या है 🙏

6. माननीय सांसद भाई चंद्रशेखर आजाद जी के द्वारा तुगलकाबाद रविदास मंदिर का मुद्दा संसद में उठाया गया, उस पर क्या कार्रवाई हुई इस सूचना आना बाकी है 🙏

7. हम सभी सूचनाओं के आने का इंतजार कर रहे हैं🙏

8. इसके पश्चात ही कोई अंतिम सूचना जारी की जाएगी कि मेरे स्तर से अगली कार्रवाई क्या है 🙏


प्रतिनिधि:अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064


नोट : 

1. कल एक राजनीतिक व्यक्ति ने हमारे ग्रुप को छोड़ दिया, यह सोचकर कि मैं आजाद समाज पार्टी के लिए काम कर रहा हूं, वह दूसरी पार्टी से संबंध रखते हैं🙏


2. मैं स्पष्ट कर दूं मेरा गोल निश्चित है, मैं हर उस पार्टी के साथ हूं, मैं हर उस राजनीतिक नेता के साथ हूं, मैं हर उस संत के साथ हूं, मैं हर उस धर्म के साथ हूं जो मेरे समाज के उत्थान के लिए कार्य कर रहा है🙏 छल प्रपंच से मुक्त होकर 😂


3. मेरा लक्ष्य निश्चित है - मैं होरिजेंटल विचारधारा का व्यक्ति हूं, मैं होरिजेंटल विचारधारा स्थापित करना चाहता हूं🙏 होरिजेंटल विचारधारा की राजनीतिक पार्टी, होरिजेंटल विचारधारा के सामाजिक संगठन, होरिजेंटल विचारधारा के धार्मिक संगठनों के बीच आप मुझे कहीं भी पा सकते हैं🙏


4. आप मुझे वर्टिकल विचारधारा के राजनीतिक संगठन के बीच, वर्टिकल विचारधारा के सामाजिक संगठन के बीच, वर्टिकल विचारधारा के धार्मिक संगठनो के बीच भी पा सकते हैं🙏 क्योंकि हम होरिजेंटल विचारधारा के व्यक्ति हैं 🙏 हमारा लक्ष्य निश्चित है 🌹


5. श्री मनोज मान्यवर जी ने, हरिद्वार के एक धार्मिक प्रोग्राम में आने का विशेष आमंत्रण दिया था🙏 परंतु चर्चा के दौरान वह बताना भूल गए कि धार्मिक प्रोग्राम मा. सांसद श्री दुष्यंत गौतम जी के मार्गदर्शन में हो रहा है 🙏 उन्होंने जब प्रोग्राम का पंपलेट मुझे भेजा, तब मुख्य अतिथि के रूप में माननीय सांसद श्री दुष्यंत गौतम जी का नाम का उल्लेख था🙏


6. वह राजनीतिक प्रोग्राम होता और वह राजनीतिक प्रोग्राम के मुख्य अतिथि होते तो मैं जरूर जाता परंतु वह धार्मिक प्रोग्राम था🌹 चंद पैसे पाने के लिए उनका मुख्य अतिथि बनाया गया इसलिए मैं उसे प्रोग्राम में नहीं गया था 🙏


7. श्री मनोज मान्यवर जी का ग्रुप को छोड़ना मुझे कदापि उचित नहीं लगा🙏


8. भाजपा सांसद माननीय श्री दुष्यंत गौतम जी के पास समाज के लिए करने के लिए बहुत कुछ है परंतु वह कुछ करते हुए नजर नहीं आते इसलिए हम उनके साथ नजर नहीं आते😂


9. मैंने गंभीर लिखा पढ़ी से पहले, फरवरी मार्च माह में उनसे संपर्क करने का प्रयास किया था, समाज के वरिष्ठ समाज सेवक और पूर्व अधिकारी श्री मोतीराम जी से सोर्स भी लगवाया था, इसके बावजूद उनके कार्यालय ने मुझे मिलने नहीं दिया 🙏 


10. मैं चाहूंगा वह हमारे समाज के लिए कुछ अच्छा करते नजर आए हम उनके साथ भी नजर आएंगे 🙏🌹

[12/09, 10:30 pm] kamleshmittra: 🌹निंदा रस👏


सूचना दिनांक 12 सितंबर 2024


मैं 2019 से एक वाक्य अक्सर सुनता रहा हूं 🙏🌹


"वह आरएसएस का एजेंट है, वह भाजपा का आदमी है" सरकारी कमेटी का कौन-कौन आदमी आरएसएस का एजेंट है, कौन-कौन आदमी भाजपा का एजेंट है आदि 🌹


आज मुझे एक सूचना प्राप्त हुई जिसमें मुझे भी आरएसएस का आदमी कह दिया गया 😂


वह सेंट्रल कमेटी के पूर्व अध्यक्ष बताए जाते हैं, मैंने कभी उनको नहीं देखा, जहां तक मुझे याद आता है हमारी उनकी कभी बात नहीं हुई है 🙏


बड़ा आसान है मांस की जुबान को उठाओ और दे मारो 🙏🌹


मैं पतंजलि योगपीठ में रहा हूं, पतंजलि योगपीठ पर आरएसएस का असर है, बाबा रामदेव और आरएसएस प्रमुख की बातचीत होती रहती है🙏

अशोक सिंघल जब दिल्ली आए थे, तब बाबा रामदेव से उनकी भेंट हुई, संयोग से उस समय मैं दिल्ली में था, यह वार्ता पतंजलि योगपीठ के फार्म हाउस पर हुई थी 🙏


विषय उठना है आरएसएस कहां नहीं?


जहां-जहां होरिजेंटल धर्म है, वहां वहां आरएसएस नहीं है 🙏शेष सभी जगह पर आरएसएस है 🌹


आरएसएस तुम्हारे दिमाग में है, आरएसएस तुम्हारे विचारधारा में है, अगर तुम वर्टिकल धर्म का पालन करते हो, अगर तुम वर्टिकल विचारधारा की पुस्तकों का समर्थन करते हो 🙏


आप किसके साथ खड़े हो किसके साथ उठते-बैठते हो, यह बिल्कुल ही महत्व नहीं रखता है 🙏 आरएसएस एक विचारधारा है 🙏 वर्टिकल विचारधारा, समाज को वर्टिकल रूप से स्थापित कर देने की विचारधारा है 🙏


मा. काशीराम जी ने इस बात को बहुत पहले समझाया था🙏


माननीय काशीराम होरिजेंटल विचारधारा के व्यक्ति हैं, जबकि बसपा प्रमुख मायावती वर्टिकल विचारधारा की व्यक्ति हैं🙏


इस हिसाब से मायावती आरएसएस की व्यक्ति है, अन्य लोग इसी प्रकार से जाने जा सकते हैं 🙏कौन किसका आदमी है😂😭


केंद्रीय कमेटी के पूर्व अध्यक्ष से मिलने के बाद ही पता लगेगा वह किस विचारधारा के व्यक्ति हैं🙏 परंतु एक बात तो साफ हो गई, अफवाह फैलाओ, आरएसएस की विचारधारा के व्यक्तियों का यह सूत्र वचन है 🙏


लीगल नोटिस कई वादी केंद्रीय कमेटी के पूर्व अध्यक्ष के संपर्क में है, और वह तुगलकाबाद रविदास मंदिर मिशन को छति पहुंच रहे हैं🙏 ऐसा प्रतीत होता है वह अपनी नाकामयाबी पर पछता रहे 🙏 जब उनके पास करने का समय था तब उन्होंने कुछ किया नहीं, अब वह क्या कर लेंगे? 😂😭


मैं इस विषय को विधिक गंभीरता से ले सकता हूं, यदि एक भी व्यक्ति मुझे गवाही के रूप में मिल गया 🙏


अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏9335122064