Saturday, 26 July 2025

बुद्ध धर्म का सत्यानाश

 [27/07, 7:29 am] kamleshmittra: मूर्खनंदन किसको सुझाव दे रहे हो पहले यह तो पता कर लो🙏


भगवान क्या होता है पहले यह तो पता कर लो, तथागत क्या होता है यह तो पता कर लो 🙏


 आरएसएस की तरह अपनी शब्द शैली थोपने का प्रयास मत करो🙏 अल्प बुद्धि बुद्धिस्ट 👹


 संसद के अंदर अंबेडकर को भगवान कहने अथवा ना कहने की बात गरमाई 🙏


 क्या आपने तथागत कहने की जिद की थी 🙏 मुझे तो आपका कोई पोस्ट नहीं दिखाई दिया, यदि आपने कोई लिखा हो उस समय तो उसका स्क्रीनशॉट भेजने का कष्ट करें 🙏

[27/07, 7:29 am] kamleshmittra: श्रीमान जी,

(मोब. 9022998969)


**पाली भाषा में तथागत का अर्थ:**


पाली में "तथागत" (Tathāgata) शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है: **तथा** (सत्य, यथार्थ) और **आगत** (आया हुआ) या **गत** (गया हुआ)। इसका अर्थ है "वह जो सत्य के मार्ग से आया" या "वह जो सत्य को प्राप्त कर गया"। बौद्ध धर्म में "तथागत" भगवान बुद्ध के लिए प्रयुक्त एक उपाधि है, जो उनके पूर्ण ज्ञान (बोधि) और सत्य की प्राप्ति को दर्शाता है। यह शब्द बुद्ध की उस अवस्था को इंगित करता है, जिसमें वे सत्य को पूर्ण रूप से जान चुके हैं और संसार के बंधनों से मुक्त हो चुके हैं।


**संस्कृत या हिंदी में भगवान का अर्थ:**


संस्कृत में "भगवान" (Bhagavān) शब्द "भग" धातु से उत्पन्न होता है, जिसका अर्थ है "ऐश्वर्य, समृद्धि, या दिव्य गुण"। "भगवान" का शाब्दिक अर्थ है "वह जो सभी ऐश्वर्य, गुणों और शक्तियों से युक्त हो"। संस्कृत और हिंदी परंपरा में यह शब्द सामान्यतः ईश्वर, परमात्मा या किसी पूजनीय दिव्य व्यक्तित्व (जैसे विष्णु, शिव, या बुद्ध) के लिए प्रयोग होता है। 


विशेष रूप से, "भगवान" उन व्यक्तियों या देवताओं के लिए प्रयुक्त होता है, जो छह गुणों—**ऐश्वर्य, धर्म, यश, श्री, ज्ञान, और वैराग्य**—से परिपूर्ण हों। हिंदू दर्शन में यह शब्द परम सत्ता या पूर्ण पुरुषोत्तम के लिए भी प्रयोग होता है, जैसे भगवद्गीता में श्रीकृष्ण के लिए।


**सारांश:**

- **तथागत**: सत्य को प्राप्त करने वाला, बुद्ध की उपाधि।

- **भगवान**: सभी दिव्य गुणों और ऐश्वर्य से युक्त, ईश्वर या पूजनीय व्यक्तित्व।


🙏 


 यदि ब्राह्मणों की तरह आप भी पृथकतावादी हैं, तो आरएसएस की तरह अपनी शब्द शैली को मनवाने के लिए संघर्ष करो🙏 सबसे जय श्री राम कहलाओ, भले ही वह किसी भी संस्कृति और विचारधारा को मानने वाला हो👹


दुष्टता का परित्याग करो यही सम्यक वचन है, दूसरे की भावनाओं की कदर न करना, हिंसा है, हिंसा की प्रतिक्रिया होती है इसीलिए भगवान बुद्ध ने अहिंसा का सम्यक दर्शन दिया है 🙏


संविधान का आर्टिकल 25 उठाकर देख लेना, आप जैसे मूर्खतावादी और प्रथकतावादी लोगों के कारण बाबा साहब द्वारा स्थापित किया गया नव बौद्धयान (हिन्दू), जिसमें बौद्ध, जैन और सिख सम्मिलित है स्थापित नहीं हो सका है 🙏 अंततः हिंदू शब्द पर पाखंडियों ने कब्जा कर लिया🙏 और जब बार-बार मेरे द्वारा इस पर प्रश्न उठाया गया, तब जनसंघ वाले खुद को सनातनी कहने लगे हैं 🙏 क्योंकि हिंदू शब्द मुगल बादशाह अकबर की डिक्शनरी से आता है🙏 और वे सभी मुगल शासन के विरोधी लोग हैं🙏


 उम्मीद करता हूं आज के लिए इतना काफी है 🙏


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

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