Wednesday, 30 October 2024

शुभ रात्रि सूचना 30 अक्टूबर 2024

 🙏शुभ संध्या सूचना दिनांक 30 अक्टूबर 2024 


हमारे ग्रुप में सभी विचारों का स्वागत है, मैंने आपसे कहा था यदि आपका कोई विचार, विचार करने योग्य होगा तो हमारे ग्रुप में भी रिफ्लेक्ट होगा🙏


1. विचार तो और भी आ रहे हैं🙏 कुछ विचार तो ऐसे आ रहे हैं कि उनको ग्रुप का एडमिन बनाया जाए 🌹🙏


2. कुछ विचार राजनीतिक प्रतिद्वंदिता वाले हैं, वह चाहते हैं इस ग्रुप में प्रसारित किया जाए 🙏 आर्थिक समानता ग्रुप खुल ग्रुप है आप अपने विचार वहाँ दे सकते हैं, यहां पर मर्यादाएं रहेगी 🙏


3. मैं इस महत्वपूर्ण पोस्ट के बारे में कुछ कहना चाहता हूं 🙏इस अनुक्रम में इस स्क्रीनशॉट को डाला है 🙏


4. रोहिणी सेक्टर 16 निवासी को मैंने फोन किया और चर्चा आरंभ की 25-30 मिनट की चर्चा के बाद उन्होंने फोन काट दिया🌹


 5. मेरा अंतिम प्रश्न था?


एक टेबल पर बैठकर आप भी चाय पी रहे हैं, उसी टेबल पर बैठकर मैं भी चाय पी रहा हूं 😂


आप कहते हैं चाय मीठी है, मैं भी कहता हूं चाय मीठी है 🙏

कृपया बताएं कौन किसकी नकल कर रहा है😂 इतना सुनते ही उन्होंने फोन काट दिया😂🌹🙏


6. जिनको अध्यात्म जगत की एबीसीडी पता ना हो, उनको धैर्य से सुनना चाहिए 🙏


वैसे उन्होंने परिचय देते हुए मुझसे कहा कि उन्होंने विपासना साधना के तीन शिविर किये है 🙏 मैंने अपना परिचय देते हुए उन्हें बताएं कि मैं विपासना का लॉन्ग मेडिटेटर हूं 🙏


7. परंतु आजकल मैं मेडिटेशन नहीं कर रहा हूं इसलिए निंदा रस में खूब डूबा हुआ हूं, अहंकार चरम पर है 😂 निंदा करना आनंददायक लगता है, फिर भी मैं सजग रहता हूं अति निंदा और अति अहंकार से बचा रहूँ 🙏


8. विपासना का ध्यान तराजू के कांटे के समान है, यदि व्यक्ति जरा भी चूकेगा, तो व्यक्ति आत्र ध्यान और रौद्र ध्यान में उतर जाएगा 🙏 ऐसे लोगों को धन की कमी नहीं होती, परंतु फिर भी दरिद्रता बनी रहती है🙏 दु:ख पीछा नहीं छोड़ता है 😭 बेज्जती होती रहती है 🙏


9. विपासना का ध्यान करने वालों से अक्सर यह चूक होती है, और वह विपासना का ध्यान ना करके आत्र ध्यान और रौद्र ध्यान करने लगते हैं जोकि भगवान बुद्ध का दर्शन नहीं है! ऐसे लोगों को ही दिखाई देता है, बौद्ध धर्म भविष्य का धर्म है🙏 जबकि भगवान बुद्ध ने कभी नहीं कहा कि धम्मा, धर्म है 🙏 भगवान बुद्ध ने कोई भी पारिवारिक सामाजिक अथवा राजनीतिक दर्शन नहीं दिया है 🙏


10. पारिवारिक, सामाजिक और राजनीतिक बातों पर केवल उतनी ही बातें कहीं जो ध्यान करने के मार्ग में बाधा थी उनसे कैसे निपटा जाए 🙏


11. बाकी चीजे बाद में माह-थेर द्वारा जोड़ी गई है 🙏 यह सब तीसरी संगीति में सम्राट अशोक के समय हुआ🙏 क्योंकि इसमें मौर्य वंश के आदि गुरु चाणक्य का दर्शन भी जोड़ दिया गया🙏 मैं इस पर अभी बहुत चर्चा नहीं करूंगा🙏


12. पुनः लेख के मूल बिंदु की तरफ लौटता हूँ - 


बुद्ध का दर्शन चित्त के विकारों को जानने की कला है, बीमारी को जान लिया तो बीमारी खत्म🙏 यदि दूध में पड़ी मक्खी दिख जाए, तो कोई मूर्ख ही मक्खी के साथ उस दूध को पिएगा, मक्खी निकाल कर पिएगा अथवा दूसरा दूध पिएगा 😂 इसी प्रकार चित्त के विकारों को जान लेने की कला विपश्यना है जोकि तराजू के कांटे के समान है, जरा सा चूके तो रौद्र ध्यान अथवा आत्र ध्यान करने लगोगे, विपासना छूट जाइएगी, अधिकांश को तो पता ही नहीं चलता कब वह विपासना से फिसल गाये 🙏


13. इसीलिए कुछ जागृत गुरुओ ने नाम दान की परंपरा शुरू की, जैसे कुम्हार की मिट्टी की घुलाई पैरों से होती थी, साथ ही एक डंडा पकड़े रहते थे ताकि गिर ना जाएं 🙏"नाम दान" इसी प्रकार का काम करता था 🙏


14. थेरवादियों से अलग महायानियों ने भी, नाम दान जैसा ही सूत्र निकाला, जिसे "अनिच्चा" कहते हैं🙏 


15. "अनिच्चा", "ॐ ", "सोहम", "राधेराधे", "हरे रामा हरे राम" " राम राम" की तरह मंत्र है 🙏 


जिससे मन सांसों पर रुका रहता है, भटकता नहीं है, परंतु यह सब बच्चे के ढकेले की तरह है 🙏 ढकेले को बच्चा जितनी जल्दी छोड़ दे, उतनी जल्दी दौड़ने लगता है🙏 जो ना छोड़ पाए यह जान लेना, वह पोलियो का शिकार हो गया 😂


16. मुझे सन 2018 की बात याद आती है, मैं लॉन्ग शिबिर समाप्त करके अपनी आध्यात्मिकता यात्रा का कोर्स पूरा कर चुका था🙏 अध्यात्म जगत में भी शिक्षा अनंत है 🙏 परंतु मैं परास्नातक हो चुका था 🙏 डॉक्टर के लिए किसी मास्टर की जरूरत नहीं होती है 🙏 स्वयं के प्रयास से कोई डॉक्टर होता है🙏


17. विपश्यना संस्थानों में एक कृतज्ञता शिविर होता है, जो गुरु सत्यनारायण गोयनका के जन्म दिन के अवसर पर होता है, कम से कम 14 दिन का होता है🙏 बाहरी वातावरण से बिल्कुल दूर, पूर्ण मौन, इस में कम से कम पांच 10 दिवसीय शिविर कर चुके साधक को ही बैठने का अवसर मिलता है🙏


18. मैं इस शिविर में बैठा था फरवरी 2019 का समय था 🙏शिविर संचालक शिक्षक ने मुझे बुलाया और अपना ज्ञान देने लगा, "शरीर में संवेदनाएं अनंत जब तक जीवन है संवेदना रहेंगे, इसलिए अनिच्चा (शाब्दिक अर्थ अनित्य है) करते रहिए" 🙏 मुझे उस शिक्षक की क्लास लगानी पड़ी, मैंने कहा "जो संवेदन प्रत्यक्ष रूप में मुझे दिखाई पड़ रही है, उसको मैं अनित्य मान लूं क्या यह एक नई संज्ञा (संस्कार : चैत्सिक दुख का मूल कारण) नहीं होगी" हमारे शिक्षक महोदय की जमीन हिल गई 🙏


19. क्योंकि भगवान बुद्ध का दर्शन है "यथा भूत दर्शन" जो जैसा है उसको वैसा देख लेना, "प्रत्यक्ष दर्शन " तब कोई भी आंखों का धोखा नही रह जाता है 🙏


20. विज्ञान विद्या से जुड़े हुए लोग जानते हैं, जब 26 फ्रेम से अधिक फ्रेम एक साथ गुजारने लगते हैं तो आँख उसमें अंतर नहीं कर पाती है. इसी प्रकार चलते हुए पंखे के ब्लेड दिखाई नहीं पड़ते हैं 🙏 जबकि तीनों ब्लेड अलग-अलग होते हैं 🙏


21. चलते हुए पंखे में तीनों ब्लेड को ना देख पाना, एक रिंग को देखना, इसी को भासमान सत्य कहा जाता है 🙏 चलते हुए पंखों में तीनों ब्लेड़ों को अलग-अलग देख लेना " यथा भूत दर्शन" कह लाता है🙏


22. पांच इंद्रियां संपूर्ण जगत का केवल भासमान सत्य देखती है, ध्यान इंद्री सक्रिय हो जाने पर, प्रत्यक्ष सत्य दिखाई देने लगता है 🙏


23. बुद्ध का संपूर्ण दर्शन, मनुष्य को भासमान सत्य से प्रत्यक्ष सत्य का दर्शन करना है 🙏 जिस रोग के कारण मनुष्य देख नहीं पता वह विकार हैं 🙏


24. यदि कोई व्यक्ति कहता है कि भविष्य का धर्म बौद्ध धर्म है, भले ही यह सत्य हो, परंतु उस व्यक्ति का अपना यह विकार, यथा भूत दर्शन करने नहीं देगा🙏 उसे बाकी संत वजनदार नहीं दिखेंगे 😂


25. ऐसा व्यक्ति फसादी व्यक्ति होगा, वर्टिकल विचारधारा का व्यक्ति होगा, बुद्ध को मानने वाला व्यक्ति नहीं होगा 🙏 भले ही वह बुद्ध की प्रतिमा को सिर पर उठाया चल रहा हो 😂


26. मूर्खता अनंत है, संत ही नहीं साधकों में भी मिल सकती है 🙏जो आत्र ध्यान और रौद्र ध्यान करते है 🙏 विपासना के शिविर में 90% साधक आत्र ध्यान और रौद्र ध्यान करने लगते हैं जोकि विपासना नहीं है, भगवान बुद्ध की ध्यान पद्धति नहीं है 🙏😂🌹


27. इसलिए जिन मूर्खों को टेबल पर बैठे अन्य लोगों की बातें नकल लगती है, उन्हें भी साथ में बैठकर चाय पी लेना चाहिए🙏


28. तब जाकर पता लगेगा, कौन से संत ऋषि पंडित पुरोहित भिक्षु वर्टिकल विचारधारा के हैं 🙏

29. और कौन से पुरोहित पंडित ऋषि मुनि पुरोहित होरिजेंटल विचारधारा के हैं🙏🌹


30. बुद्ध ने कब कहा कि मैं अंतिम पैगंबर हूं,🙏अरहनतो ने तो कहा है कि अभी बहुत से बुद्ध, पचेक बुद्ध आना बाकी है 🙏🌹 तुमको नानक, संत रविदास, कबीर, ओशो आदि समक्ष बुद्ध दिखाई नहीं देते तो यह तुम्हारी आंख का दोष है 🙏👏


क्रमशः.........


साधक : कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

सुप्रभात सूचना 30 अक्टूबर 2024

 🌹शुभ प्रभात सूचना दिनांक 30 अक्टूबर 2024🙏


यह प्रचार ग्रुप नहीं है 🙏सूचना ग्रुप है🌹


1. अभी एक संस्था के प्रधान का फोन आया🙏उन्होंने आपत्ति की कि मैंने संत निरंजन दास को बैल बुद्धि कहा है 🙏


2. वह विधि की भाषा समझने को राजी नहीं है, कोई भी संत या बाबा व्यक्ति नहीं होता, पूरी एक संस्था होती है, और संस्था का स्टाफ गलती करता है, तो संस्था प्रमुख का नाम आता है🙏


3. उन्हें इस बात पर आपत्ति नहीं है कि संत निरंजन दास और उनकी टीम ने कानून का अपमान किया है 🙏


4. वह कानून व्यवस्था जो पूरे भारत पर लागू होती है🙏


5. वह कानून व्यवस्था जिसके सूत्रधार बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर हैं 🙏 संत निरंजन दास और उनकी टीम को उसका अनुपालन करना चाहिए🙏


6. लीगल नोटिस का जवाब प्रधानमंत्री कार्यालय ने दिया, हाउसिंग मिनिस्ट्री ने भी दिया 🙏 परंतु संत निरंजन दास और उनकी टीम, लीगल टीम मामले को कोर्ट में उलझान चाहती हैं, क्योंकि दिल्ली के अंदर कोई भी इतना समर्पित और आर्थिक संपन्न संत शिरोमणि का भक्त नहीं दिखाई देता है जो कानूनी लड़ाई लड़ सके🙏 


7. पैसे वाले सामान्य केटेगरी के व्यक्ति हो या क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति, दोनों ही तो आर्थिक विपन्न अनुसूचित जाति समाज को लूट रहे हैं, उनका शोषण कर रहे हैं🙏


कोई भी संत और बाबा भारतीय न्याय प्रणाली से ऊपर नहीं है, बड़े बड़ों के दिन फिर गए 🙏


8. पंजाब के संतों की जमीन की भूख किसी से छुपी नहीं है, ऐतिहासिक तथ्य है कि मड़वाड़ीह संत शिरोमणि गुरु रविदास की जन्मस्थली है, परंतु वहां संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के पारिवारिक-दलितों ने संत निरंजन दास को अपनी जमीन बेचने से मना कर दिया इसलिए सीर गोवर्धन में यादव की जमीन को खरीद कर संत शिरोमणि रविदास जी की जन्मस्थली बता दिया गया 🙏 जो संगठन संत शिरोमणि गुरु रविदास का नहीं हुआ वह आम समाज का क्या होगा?🙏


9. संत पीपल दास की परंपरा में उत्पन्न संत निरंजन दास की कार्यशैली से मैं संतुष्ट नहीं हूं 🙏 30-31 अगस्त 2024 को मैं डेरा बल्ला गया था, लिखित पत्र दिया था आज तक उसका कोई जवाब नहीं आया🙏 अब तो डेरा बल्ला वाले फोन भी नहीं उठाते है 🙏


10. क्या वह कानून व्यवस्था और मानवता दोनों से ऊपर हो गए हैं? जिनको उन्हें संत कहना है वह कहें! मेरी कलम उनको संत के रूप में अस्वीकार करती है 🙏


11. सन 1954 में बाबू जगजीवन राम ने तुगलकाबाद रविदास मंदिर की नींव रखी तब वहां पर हरि और सोहम का कोई विवाद नहीं था🙏

12. संत शिरोमणि गुरु रविदास का प्रवचन था "राम राम"🙏 उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका राम-राम अयोध्या का राजा रामचंद्र नहीं है! कबीर दास जी का भी प्रिया वचन था "राम राम" उन्होंने भी रामचंद्र की सत्ता को अस्वीकार किया था 🙏 दोनों ही संत, संत रामानंद के शिष्य थे " श्री रामानंद विद्वान कर्मकांडी ब्राह्मण थे, परंतु अपने कुछ शिष्यों को पाकर उनका जीवन सफल हो गया, और वह इतिहास में अमर हो गाये🙏 

13. संत रामानंद के शिष्य ने उनके साहित्य ज्ञान को आध्यात्मिक ज्ञान में बदल दिया, ब्रह्म की अनुभूति किताबी ज्ञान नहीं रहा, बल्कि वह अनुभूति के स्तर पर उतर गया, आज के संत किताबी बागड़-बिल्ले बने हुए हैं 🙏


14. कौन दिल्ली में मुर्गा लड़ा रहा है?

अ. संत हीरा महाराज के निर्देशन में उनकी टीम, केंद्रीय कमेटी दिल्ली 🙏


तथा संत निरंजन दास की टीम अखिल भारतीय रविदासिया संगठन 🙏


दिल्ली में मुर्गा लड़ा रहे हैं 🙏


15. संत शिरोमणि गुरु रविदास के दिल्ली के आम भक्तों को विचार करना होगा कि हम ऐसे संतों का सम्मान क्यों करें? 


जो ना संत शिरोमणि गुरु रविदास का हुआ🙏

जिसको ना समाज से प्रेम है, 

जो ना 96 गुरु भक्तों का हुआ और ना ही दिल्ली के 105 मंदिरों के प्रतिनिधियों को सरकारी समिति की टीम में ले रहा है, जिसकी जमीन पाने की भूख शांत नहीं हुई, जो तुगलकाबाद गुरु रविदास मंदिर प्रांगण का मालिक हो जाना चाहता है, उसके वादों पर कितना विश्वास किया जाए🙏


16. सभी को न्याय प्रणाली का अनुपालन करना ही होगा🙏 अपनी आर्थिक ताकत का उपयोग करके यदि कोई समाज को गुमराह करने की कोशिश करेगा, मामले को कोर्ट में उलझने की कोशिश करेगा, तो कमलेश मित्रा की कलम उसको सम्मान देने का कोई वादा नहीं करती है 🙏 मैं और ज्यादा इंतजार नहीं करूंगा 🙏


अच्छा है कि मैं पुलिस या सेना में नहीं हूं अन्यथा समाजद्रोहियों का एनकाउंटर कर देता 🙏🌹


प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

28 अक्टूबर की सूचना भारी अक्

 🙏सूचना दिनांक 28 अक्टूबर 2024


21 अक्टूबर 2024 से मैं भारी अवसाद से गुजर रहा हूं 🙏मेरी जुबान पर जो सच है, वह ना मैं उगल पा रहा हूं ना निगल पा रहा हूं🙏 


1. साधक के रूप में मेरा सील भंग हो रहा है, जब कोई साधक अपना सील भंग करता है तो उसकी हड्डियों में दर्द शुरू हो जाता है, आजकल मैं हड्डियों के रक्तमज्जा में इस दर्द को महसूस कर रहा हूं 🙏


2. इस बार प्रधानमंत्री कार्यालय ने मोबाइल पर मुझे सूचना नहीं भेजी, क्योंकि सूचना देने वाले बाबू को पता होगा कि अपील का निस्तारण लीगल नोटिस के अनुसार नहीं है, मैं अपील निस्तारण की सूचना का इंतजार करता रहा 🙏


3. 21अक्टूबर को अचानक वेबसाइट पर जाकर देखा, तब पता लगा 06 सितंबर की अपील का निस्तारण 25 सितंबर को कर दिया गया था 🙏दो FIR बनती हैं, करूं या ना करूं 🙏 मन में यही उधेड़ बुन चलती रहती है🙏 


4. अपराधी अपना बेटा हो तो कानून का साथ दिया जाए या बेटे का, मैं भारी उड़ेबुन में हूं 🙏 सभी हमारे समाज के लोग हैं 😭


5. हमारे लोग ना कानून जानते है, ना कानूनविद की मानते हैं, जब तक कि कोर्ट और जज का डंडा ना पड़ जाए😂 इसीलिए शूद्रों को बैल बुद्धि की श्रेणी में रखा गया है! 


6. वे डंडे-लाठी से लड़ाई लड़ते हैं इसीलिए ब्राह्मण कथा में उन लोगों को राक्षस कहा गया, जो आपस में ही लड़ते रहते हैं🙏 ब्राह्मण कथाओं के अनुसार दैत्य गुरु शुक्राचार्य भी इन लडाईयों को शांत ना करा सके😭 मैं ना तो संत हूँ ना ऋषि हूं 🙏


7. मैंने तुगलकाबाद रविदास मंदिर को बनाने का कोई संकल्प नहीं लिया है, मैं जब सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया में वकालत करने आया, तब मन में एक ही संकल्प लेकर आया था कि समाज पर हो रहे अत्याचारों से समाज की रक्षा करूंगा🙏


8. यह मात्र एक संयोग है कि तुगलकाबाद का रविदास मंदिर मुद्दा मेरी संज्ञान में लाया गया और कुछ लोगों ने मुझ पर विश्वास जताया कि मैं इस मुद्दे का हल कर दूंगा 🙏 वह हमारे समाज के लोग हैं, मैं उनके विश्वास के लिए संघर्ष कर रहा हूं 🙏


9. ऐसा नहीं कि दिल्ली के लोग ही हमारे समाज के लोग हैं🙏बल्कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, विदेश अथवा अन्य राज्यों के जिनके लिए कभी बाबा साहब ने संघर्ष किया था सभी हमारे समाज के लोग हैं🙏


10. शायद जुलाई-अगस्त 2023 का ही समय रहा है, जब मेरी श्री मंगतराम वाली जी के घर पर उनसे मुलाकात हुई, मेरे साथ मेरे एक साथी भी थे, ऐसा सुना जाता था कि वह राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में बड़े अधिकारी रहे थे🙏 बड़े अधिकारी से मेरी बड़ी अपेक्षाएं थीं 😂 


11. उनका रहन-सहन देखकर मैं घोर निराशा में डूब गया🙏 मैंने उनके समक्ष कई प्रस्ताव रखें, परंतु "नौकर कभी मालिक नहीं हो सकता है भले ही वह कितना भी बड़ा अधिकारी रहा हो, वह आखिरकार होता नौकरी ही है, उसके सोचने का ढंग सदैव नौकर जैसा ही रहता है, कभी बदलता नहीं है" 🙏 अब तक अपने समाज के जितने भी लोगों से मैं मिला हूं, उसमें सबसे ज्यादा श्री मंगतराम वाली जी ने मुझे निराश किया है🙏( मेरे इस कथन के कुछ अपवाद हो सकते हैं, परंतु अधिकांश पर सत्य है )


12. इस प्रकार संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर तुगलकाबाद के संदर्भ में दिल्ली के रविदासिया समाज के साथ एक मिशन के रूप में हमारा मिलना जुलना आरंभ हुआ🙏



ऊंची ऊंची फेंकने वालों की पूँछ उठा कर देखा तो मादा ही निकले हैं 😂 भाई मेरे मेरे सामने थोड़ा सोच कर फेंकना 👏


क्रमशः........


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

धर्म सूचना और उनका जवाब

 धर्म सूचना दिनांक 26 अक्टूबर 2024 


Arun Kumar भाई मेरे, जो देखा नहीं उसे मानना नहीं 😂, सूक्ष्मदर्शी लाओ पत्तियों की कोशिकाएं अपनी आंखों से देखो, तब ही मानना 🙏 मंगल ग्रह नाम का कोई ग्रह है, दूरदर्शी लाओ और अपनी आंखों से देखो तभी मानना, कौन जाने अगला झूठ बोल रहा हो, उसने देखा और हमने मान लिया, मेरे लिए तो वह अंधविश्वास ही है 😂


 इसी प्रकार, ईश्वर खुद आत्मा परमात्मा, आदि जन्म और अनंत जन्म सब दूर की बातें हैं, छठी इंद्री सक्रीय करो जब तक अपनी आंख से ना देख लो मानना नहीं भाई 🙏


 बच्चा क्या जाने मेरा जन्म लिंग से हुआ है, उम्र से बड़ा हो गया तो छक्का भी क्या जाने की उसका जन्म लिंग से हुआ है 🙏 जन्म की प्रक्रिया तो वही जानता है, जिसका जनांग सक्रिय हो गया है 🙏


 पुनर्जन्म और जन्म वही जान सकेंगे, जिनकी छठी कर्म इंद्रीय, और छठी ज्ञान इंद्री सक्रिय है 🙏


 ध्यान धरो और छठी ज्ञान इंद्री को सक्रिय कर लो 🙏 पुनर्जन्म की बातें जानो 😂

 योग करो छठी कर्म इंद्री को सक्रिय कर लो, जन्म लेने के आनंद की बातें जानो 😂


 भक्ति करो चाहे घंटा बजाओ, सब धोखे की बातें हैं, बुत पूजो चाहे बुक पूजो, धोखा है सब धोखा है 🌹


 इसी बात को कबीर ने कहा है- पोथी पढ़ि पढि जग मुआ (मूर्ख बना हुआ है ), पंडित भया ना कोय 🙏

ढाई अक्षर प्रेम का पढ़े ( किसी स्त्री को प्रेम कर लो, इस जन्म की प्रक्रिया तो जान ही जाओगे 😂) वह पंडित हो जाता है 🙏


प्रभु से प्रेम लगा ले भाई,(यह प्रभु कैसा है भाई) पांच आंख से देखा ना जाए( नाक कान आंख स्पर्श जीभ), छठी आंख (ध्यान इंद्री) कुछ राज बताएं 🙏


अंधों में तो काने राजा, काना काहे सबको आंख दिलाए 😂


अंधा तो ढोल बजाए, 

नाच दिखाएं,

पोथी को पढ़-पढ़ सुनाएं 🙏

तभी तो वह राजा कहलाए 😂


 खुद को कहता गुरु है भाई,

 ध्यान न जाने,

 धर्म न जाने,

राज व्यवस्था जाने ना,

 ऐसा अंधा गुरु तुम्हारा,

 पार उतारन जाने ना 🙏


 इन गुरु-अन ने नाश किया है🌹

 पोथी पढ़ पढ़ नाच रहे हैं 🙏

 ताल ना जाने, साज ना जाने 😂

 चित्त व्यवस्था जाने ना🙏

 कहे को सब गुरु बनत है 🙏

 धर्म अधर्म को जाने ना🙏🌹


कहे मित्रा समझाये के, 

बिन देखे को मानो ना,

जो माने सो अंधविश्वासी😂

अंधे दूजे की कोई माने ना 🙏🌹


 आध्यात्मिक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

सरकारी संतों से पूछा जाना चाहिए

 सरकारी संत से पूछा जाना चाहिए.....


ऐसा चाहूं राज मैं मिले सबन को अन्न 🙏

छोट बड़े सब सम बसे, रविदास रहे प्रसन्न 😂


उपरोक्त श्लोक में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने कहां है छोटे और बड़े सब समान रूप से रहे 🙏😂


क्या सरकारी संत अपने चपरासी के वेतन के बराबर वेतन लेना पसंद करेंगे😂


मैंने तो पूछ लिया🙏

दिल्ली के और चमार कब पूछेंगे?


 वैसे तो साले बहनोई में, संत होने की होड़ मची है 😂


संत का चोला तो मात्र धोखा है, गिद्ध दृष्टि तो चमारों के वोट बैंक पर है🙏


5 साल से सरकारी संत क्या कर रहे थे? दिल्ली की जनता को जवाब तो देना होगा😂


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

22 अक्टूबर की सूचना उद्यान

 🇮🇳उधेड़बुन - सूचना दिनांक 22 अक्टूबर 2024


क्या दिल्ली के चमारों को शर्म आती है? 🙏


निश्चय ही उनको खुद को चमार कहते शर्म आती होगी?🙏


इसलिए वह खुद को जाटव कहते हैं🙏


शायद बहुत ज्यादा आती होगी इसलिए वह खुद को रविदासिया कहने लगे हैं 😂


जबकि रविदास ने कहा था " मैं चमार हूँ "🙏


जब एक जाति संयुक्त होकर एक मंदिर के नीचे नहीं आ सकती तो मंदिर क्या पायेगी ?


105 मंदिर में 

कुछ BSP के मंदिर, 

कुछ BJP के मंदिर, 

कुछ AAP के मंदिर 

और अबतो ASP ने भी दावा कर दिया 🙏 

रविदास का मंदिर कहां है🙏


इसी प्रकार गुरु भक्त 96 गुरु भाइयों को बांट दिया है 😭

कुछ एएसपी के 

कुछ बीएसपी के 🙏 

कांग्रेस के लाइन में,

बीजेपी के बलशाली 😂 

आम आदमी के आगे पीछे😂


कुछ हरि के मंदिर है, 

कुछ सोहम के मंदिर हैं 😂

 

कुछ पंजाब के मंदिर 

कुछ दिल्ली के मंदिर😂


कुछ UP के मंदिर हैं 

कुछ बिहार के मंदिर है 😂


रविदास का मंदिर कहां है भाई😭


कुछ राजनीति का मैदान बनाए हैं🙏


और कल सूचना प्राप्त हुई कुछ लोग क्रिकेट का मैदान बनाये हैं 😂 


मंदिर निर्माण के लिए कोई संघर्ष नहीं कर रहा है, 🙏


मैं भी मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष नहीं कर रहा हूं 🙏


मैं समाज निर्माण के लिए संघर्ष कर रहा हूं🙏


उनको दिल्ली चुनाव के लिए रविदास के नाम पर वोट एकत्र करना है🙏 


कुछ लोगों को करोड़ों रुपए की जमीन हथियाना है😂


कुछ पुराने बिल्डर कुछ नए बिल्डर, रविदासिया भक्त बने हुए हैं, जागो दिल्ली जागो 🙏🌹


परंतु ध्यान रहे ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती, 

संत शिरोमणि गुरु रविदास की लाठी में आवाज नहीं होती है 🙏 

पहले भी नहीं हुई थी, आगे भी नहीं होगी🙏


मान गया, सम्मान गया, 

जुबान से जाने की बारी है, 

कंठ गया तो कोई ना पूछेगा 😂

मत कर रे अभिमान ये बंदे,

तू खेल बनाएगा खेल खिलाएगा,

खेल हो के रह जाएगा 😭


ऊपर का वीडियो कुछ कहानी कहता है,


 जागो दिल्ली जागो🙏

 यह तुम्हारे सम्मान की बात है 🙏


अपना सम्मान दूसरों के हाथ में क्यों गिरवी रख दिया 🙏😂

उनके लिए तो एक क्रिकेट का मैदान है🙏


प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश मित्र @ 9335122064

जुगल किशोर चावला

 श्री जुगल किशोर चावला जी,🙏

CPI, 81 के के बिरला लेन, नई दिल्ली 🌹


आर्थिक समानता के संदर्भ में अभी तक आपकी पार्टी का उत्तर नहीं आया है 🙏आपके राष्ट्रीय महासचिव के साथ हुई भेंट वार्ता का कोई सार्थक उत्तर नहीं निकला है 🙏 उन्होंने वार्ता के विषय पर हां अथवा ना करने का भी साहस नहीं किया है, अंधेरे में मैं किसी का समर्थन नहीं करता हूँ, अपनी ऊर्जा नष्ट नहीं करता हूँ 🙏 एक्शन तो तभी होगा जब डायरेक्शन साफ होगा 😂


1. समाज का शोषण CPI करे या बीजेपी, या Congress या BSP - उनका कृत्य मानवता के हत्यारे का ही है 🙏


2. क्या आप वेतन आयोग की वेतन विसंगति का विरोध करते है? उस संदर्भ में आपकी राष्ट्रीय नीति क्या है?🙏


3. आप किस तरह का समाज बनाना चाहते हैं?


4. होरिजेंटल विचारधारा का समाज अथवा वर्टिकल विचारधारा का समाज?🙏 


5. मैं वर्टिकल विचारधारा के समाज का समर्थन नहीं करता हूँ 🙏


6. वेतन आयोग की विसंगतियां वर्टिकल विचारधारा का समाज बनती है 🙏 निजी क्षेत्र हो या सरकारी क्षेत्र आर्थिक असमानता को दूर करना ही होगा, संवैधानिक मूल्यों को स्थापित करना ही होगा🙏


7. इसलिए जब तक लोगों के दिमाग में चित्त विकार है, दूसरे मानव को मानव नहीं समझते, मैं चित्त विकार को दूर करने का संदेश देता रहूंगा🙏


8. इसको डायरेक्शन समझना आपकी समझदारी है, मेरे द्वारा बताई गई विधि कोई रॉकेट साइंस नहीं है🙏 और ना ही मेरे द्वारा अविष्कृत है, जिसने भी जाना है इसी रास्ते से जाना है 🙏


9. जिस व्यक्ति के चित्त विकार दूर हो जाते हैं, उसके 90% शारीरिक रोग अपने आप समाप्त हो जाते हैं, शुगर, हाइपरटेंशन, बीपी, मोटापा, माइग्रेन, डिप्रेशन, एवं अर्थराइटिस 🙏


10. चित्त विकारों की अति प्रत्यक्ष रूप में अति काम क्रोध ईर्ष्या लोभ मोह मामत्व आदि के रूप में दिखती है 🙏 और गुप्त रूप में शारीरिक बीमारी के रूप में दिखती है, जैसे शुगर बीपी हाइपरटेंशन आदि 


11. बीमार व्यक्तियों के साथ काम करने से शरीर संक्रामित हो जाता हैं🙏


12. मानसिक-संक्राम रोग अत्यंत तीव्र होते हैं, उनसे बचना मुश्किल होता है🙏


13. इसलिए मैं आपकी किसी मीटिंग में नहीं आ सकता हूं, जब तक आपके राष्ट्रीय अध्यक्ष और महासचिव भारतीय संविधान का अनुपालन करते हुए देश में आर्थिक समानता की नीति का समर्थन नहीं करते हैं 🙏


सामाजिक चिंतक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

गुरु अर्जन देव का संतुलन

 🌹रविदास राज का दुखड़ा : रात्रि सूचना 16 अक्टूबर 2024🙏 


1. श्री गुरु ग्रंथ साहिब में गुरु अर्जन देव जी का संकलन बहुत ही प्यारा है🙏


2. श्री गुरु ग्रंथ साहब को पढ़ाते हुए पता लगता है कि कौन सी नानक जी ने कहीं है, कौन सी बात किसी अन्य गुरु ने कही है🙏


3. नानक परंपरा के केवल 6 गुरुओं की बात ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब में है, चार अन्य गुरु की बात नहीं है🙏


4. किसी विषय पर इन 6 गुरुओं का क्या विचार है, वह किसी बात पर 6 से काम भी हो सकते हैं🙏 उनकी अनुभूति का सारांश सार रूप में पाउड़ी नाम से प्रचलित है 🙏


5. श्री गुरु गोविंद साहब ने पुनः संकलित करते हुए, उपरोक्त 6 गुरुओं की बात के समर्थन में भक्तों और भटो की वाणी का संकलन किया है 🙏


6. भक्तों (वह गुरु ही मानते हैं परंतु एक विभाजन रेखा सिर्फ बात कहने मात्र के लिए है ) और भटो की वह बातें जो गुरु ग्रंथ साहब के उपरोक्त 6 गुरु की अनुभूति से अलग है, का कोई और उलेख नहीं है🙏


7. सत्य की अनुभूति सभी की एक जैसी होती है, वह चाहे कोई गुरु करें, कोई भक्त करें अथवा कोई भट्ट करें 🙏


8. परंतु जिनकी कोई अनुभूति नहीं होती, जो ग्रंथ का केवल पाठ करते हैं उनको ग्रंथि कहा जाता है, वास्तव में ग्रंथि भी पाठ नहीं करते बल्कि रागी पाठ करता है🙏


9. राग से उठने वाली तरंगें निकट बैठे व्यक्ति के शरीर और मन को प्रभावित करती हैं, ऐसा केवल उस राग के कारण होता है, यह आवश्यक नहीं कि व्यक्ति को पंजाबी का ज्ञान हो 🙏 तभी वह उनके मन पर असर करेंगे❤️


10. राग की माया बड़ी अद्भुत है, राग के साथ उठने वाली चित्त की तरंगे जो रागी के शरीर से निकलती है, पूरे वातावरण को ऊर्जा और शांति से भर देती हैं 🙏


11. यदि कोई रागी किसी कारण से विचलित चित्त में हो तो निकट बैठे भक्तों पर वह उतना अच्छा असर नहीं डाल पाता है 🙏


12. मैं धीरे-धीरे पंजाबी सीख रहा हूं, परंतु मैं तरंगों को समझने में कुशल हूँ क्योंकि मैं साधक हूं , मुझे गुरुद्वारे में बैठकर सुनना अच्छा लगता है🙏


13. जब संत शिरोमणि गुरु रविदास के प्रांगण में श्री बनारसी दास जी वचन कर रहे थे, अति ऊर्जावान था 🙏 भले ही पाठ का वाचन वह मोबाइल से देखकर कर रहे थे🙏


14. ग्रंथ पाठी और रागी में यही अंतर होता है, रागी को ग्रंथ नहीं खोलना पड़ता है, उसका पूरा ध्यान राग पर होता है 🙏


15. यदि उदाहरण के रूप में मैं बात को कहूं तब मुझे अपने बचपन की कुछ चीज याद आती है 🙏


16. मेरे दादा जी बारहमासी गाने में कुशल थे, उनको सुनाने के लिए लोग दूर-दूर से आते थे या उनको बुलाया जाता था 🙏


17. जब तक परिवार में पुरानी परंपराएं थी, साल में एक दो बार सामूहिक रूप से आल्हा गाया जाता था 🙏 उसमें दादाजी की बारहमासी भी गई जाती थी🙏


18. आल्हा इस प्रकार का होता था, वह जब बिरहा रस में गाया जाता था तो सबको रुला देता था,


19. यदि सिनेमा जगत की बात करूं तो आज भी बहुत से गाने ऐसे हैं जो आपको रुला देते हैं, क्योंकि उसमें राग पर विशेष ध्यान दिया जाता है🙏


20. जब हमारे पिताजी का शासन काल आया 🙏 वह अपने घर परिवार के पहले सरकारी नौकरी करने वाले व्यक्ति थे🙏 और इस पारिवारिक परंपरा पर प्रतिबंध सा हो गया🙏 दादा जी गुजर गए तो बारहमासी गाने का परंपरा भी चली गई, दादा जी की मंडली के एक भाई को, सांप ने डस लिया तो मंडली भी अधूरी हो गई थी दादाजी अकेले पड़ गए थे 🙏 यूं कह सकता हूं पूरे खानदान और मोहल्ले (गांव)की खुशियां ही चली गई 🙏 और यह सांस्कृतिक परंपरा हमारे गांव से समाप्त हो गई 🙏😭


21. अब 5 साल में एक बार प्रधानी के चुनाव के समय एकत्र होते हैं 🙏 उसमें भी जो सरकारी नौकर है नहीं पहुंचते, किसी को छुट्टी नहीं मिलती तो किसी की चुनाव में ड्यूटी होती है🙏👏


22. यदि मैं कभी कुछ गाने लगता, तो मेरे बाप का जूता तैयार मिलता "और उनकी भाषा में कहा जाता, साला नाच कहिए बनेगा" इतने में मेरे पजामे में पेशाब छूट जाती थी 🙏 उनकी मार से बचने का ही एक रास्ता था, मैं बेटा तो नहीं बागी जरूर बन गया🙏 ध्यान रहे बागी अपराधी नहीं होता, अनुशासनहीनता पाप नहीं है, यदि अन्याय का विरोध किया जा रहा है🙏🌹


23. बाल संरक्षण अधिनियम 2005 में आया यदि उसे समय आ गया होता तो मैं अपने बाप को जेल में डाल देता 😭 अमेरिका जैसे देशों में बाप को जेल में डालने की व्यवस्था है, परंतु भारत में अभी तक इसका अनुपालन ईमानदारी से नहीं होता है 🙏


24. फिलहाल मैं बात कर रहा था सांस्कृति के विकास की, 11 घंटे की ड्यूटी के बाद मेरे ऊपर जूता चलाना एक आम बात थी, आज ड्यूटी 12 घंटे की है, 


25. ना तो कोई मजदूर संगठन बात उठा रहा है और ना ही कोई धार्मिक संगठन, सरकार युद्ध के हथियार खरीदने में व्यस्त है, विश्व की सरकारों के पास पैसा है, और वह संपूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था को चौपट किए हैं 🙏 ध्यान रहे आने वाले समय के लिए वृद्ध आश्रम बना लीजिए, क्योंकि मेरे जैसा कोई भी व्यक्ति आपकी सेवा नहीं करेगा🙏😂 गृह त्यागी होना पसंद करेगा🙏 हमारे एक मित्र और सचिवालय में सेवारत एक भाई, वृद्ध आश्रम बनाने की तैयारी में है 😂 क्योंकि प्रतियोगिता वादी मानसिकता के कारण वह अच्छा समाज नहीं बना सकते है🙏😂


26. भारत में तमाम राष्ट्रीय संगठन है, भारत में तमाम अंतरराष्ट्रीय संगठन है, और सभी संगठन लोगों की जेब में पड़े हैं 🙏 हथियार खरीदने की होड़ में अमेरिका, रूस इसराइल फ्रांस भारत अग्रणीय भूमिका निभा रहे हैं 🙏 और धार्मिक संगठन घंटा बजा रहे हैं 😂


27. मेरा निवेदन है आप कर क्या रहे हो, ना तुम्हें धर्म का पता, ना तुम्हें धातु का पता, ना तुम्हें ध्यान का पता, ना तुम्हें भक्ति का पता, ना तुम्हें अर्थव्यवस्था का ज्ञान 🙏 


28. कैसे तुमने अमृतवाणी की रचना कर ली? संसार का विष जाता ही नहीं है 😂 संसार को तो छोड़ो, तुम्हारे संतों का विष नहीं जा रहा है, ना वह 105 मंदिर जोड़ने को तैयार है, ना 96 गुरु भाइयों को सम्मिलित करने को तैयार है, DDA की करोड़ों रुपए की जमीन के मालिक बन जाना चाहते हैं 🙏 तो समाज में सुख शांति कैसे आएगी 🙏😭 अमृतवाणी पर प्रश्न चिन्ह तो लग ही जाता है, कि यह मनुष्य के विकारों को दूर करने में सक्षम नहीं है 🙏❤️👏


29. कैसे रविदास राज की व्यवस्था लागू करोगे, "जब आप खुद को रविदासिया कहते हो तो मुझे आप पर हंसी आती है "



30. अमृतवाणी विषय के लेख पर दो व्यक्तियों के कमेंट आ चुके हैं, परंतु उनका नहीं आया जो खुद को अखिल भारतीय रविदासिया संगठन का सदस्य कहते हैं अथवा पदाधिकारी कहते हैं 🙏


 आखिर कब तक भागोगे😂


 शोध साधक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

Wednesday, 16 October 2024

15 16 अक्टूबर की सूचना

 [15/10, 9:51 am] kamleshmittra: 🙏अति महत्वपूर्ण विधिक सूचना दिनांक 15 अक्टूबर 2024:-


माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के एक मामले में निरर्धाण के दौरान पाया है कि अनुसूचित जाति में एक क्रीमी लेयर है, जो गैर क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति को अधिकार देना नहीं चाहते है!


तुगलकाबाद रविदास मंदिर के केस में यह बात स्पष्ट रूप से नजर आ रही है🙏 पंजाब के एक संत : संत निरंजन दास और उनकी कमेटी के क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति के लोग, 


सरकारी एलाइड कमेटी 96 गुरु भाईयों सहित 105 मंदिरों के प्रतिनिधियों को मंदिर की आम सभा का सदस्य बनना नहीं चाहती क्योंकि उसमें से अधिकांश अत्यंत ही दैनीय आर्थिक स्थिति से आते हैं🙏 जोकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय में अपने अधिकारों का केस भी नहीं लड़ सकते है इसलिए एक विद्यालय के पूर्व प्रिंसिपल/टीचर को उनका प्रतिनिधि बनाया गया था, ताकि कोर्ट खर्चे को वह बियर कर सके 🙏


परंतु वह क्रीमी लेयर मानसिकता के व्यक्ति हैं और उन्होंने सरकारी कमेटी में मात्र खुद को रखने की बातचीत की थी, जोकि 96 गुरु भाइयों के साथ गद्दारी थी 🙏


आपको जानकर और भी अफसोस होगा, उक्त मामले के रिव्यु पिटीशन को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है - अब अनुसूचित जाति क्रीमी लेयर शब्द एक मान्यता प्राप्त शब्द है, समाज में क्रीमी लेयर शब्द एक्जिस्ट करता है, अनुसूचित जाति का उप विभाजन भी होगा 🙏


अधिकांश विभागों में सरकारी पदों को समाप्त किया जा रहा है, इसलिए क्रीमी लेयर वर्ग स्वत: समाप्त हो जाएगा, आजादी की मलाई खाने वाले क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति के बुजुर्ग कुल घाती और सत्यानाशी है🙏 अनुसूचित जाति पुनः हजारों साल की गुलामी के लिए तैयार खड़ी है परंतु क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति के अंधे लोगों को कुछ दिखाई नहीं देता है🙏 बाबा साहब का सपना, और चार बच्चों की कुर्बानी एक बार पुनः चकनाचूर होने जा रही है अनुसूचित जाति पुनः गुलाम होने जा रही है जैसा वह हजारों साल से गुलामी करता रहा है 🙏


 ऐसा केवल कुल घाती, अंबेडकर विचारधारा के हत्यारे क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति के लोगो के कारण होगा🙏


अनुसूचित जाति अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[15/10, 8:51 pm] kamleshmittra: 🙏 आध्यात्मिक सूचना दिनांक 15 अक्टूबर 2024


1. दिनांक 30 अगस्त 2024 को मैं सचखंड डेरा बालला गया था, मुझे संत श्री निरंजन दास जी से भेंट करनी थी, परंतु उसी दिन डॉक्टर को उन्होंने अपनी आंख दिखाई थी डॉक्टर ने उनको रेस्ट करने को कहा था इसलिए 30 अगस्त को भेंट नहीं हो सकी 🙏 उनके डेरा पर मुझे रुकने के लिए निशुल्क कमरा दिया गया🙏


2. समय का सदुपयोग करने के लिए, संत श्री निरंजन दास जी के डेरा से मैंने अमृतवाणी पुस्तक (ग्रंथ) खरीदा उसका भुगतान किया 🙏


3. एक ग्रंथ के लेखक श्री जोगिंदर जी हैं इसमें संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 40 शब्द और उनकी व्याख्या है जालंधर से प्रकाशित होता है, जिसका अध्ययन करने के पश्चात तुरंत ही मैंने पुस्तक विक्रेता को कह दिया था कि बुक में तमाम त्रुटियां हैं 🙏 पुस्तक की दुकान डेरा के अंदर ही थी🙏


4. दूसरा ग्रंथ, वह भी अमृतवाणी के नाम से है श्री गुरु रविदास जन्म स्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट वाराणसी द्वारा प्रकाशित होता है, और जालंधर में ही मुद्रित होता है🙏 इस पर लेखक का नाम नहीं है परंतु संत शिरोमणि गुरु रविदास के नाम से 136 शब्द लिखे गए हैं शेष आरतियां हैं 🙏 इस प्रकार इंडेक्स में 151 चैप्टर है 🙏


5. तुकालकाबाद रविदास मंदिर प्रांगण में श्री बनारसी दास जी द्वारा 10 अक्टूबर को पाठ किया जा रहा था, मैं पाठ को विशेष जिज्ञासा के साथ सुन रहा था🙏


6. 40 शब्दों के बाद भी जब उन्होंने पाठ को जारी रखा, तो मेरी उत्सुकता बढ़ गई कि वह कहां से पढ़ रहे हैं, और अपने बैग में पड़ी पुस्तक अमृतवाणी को मैं निकला परंतु मैं उसमें खोज नहीं सका 🙏


7. उनके बगल में बैठे हुए संत हितकारी महाराज जी ने उन्हें आगे पाठ करने से रोक दिया, इस प्रकार मेरी उत्सुकता और बढ़ गई🙏 और मैं बिना लंगर लिए गुरुद्वारा बंगला साहब की ओर प्रस्थान कर गया 🙏


8. वहां के लाइब्रेरियन से मैंने पूछा, अमृतवाणी के 40 शब्द मुझे गुरु ग्रंथ साहब में मिल रहे हैं, परंतु अमृतवाणी के अन्य शब्द कहां से आ रहे हैं, कृपया बताने का कष्ट करें 🙏


9. गुरुद्वारा बंगला साहिब के लाइब्रेरियन ने शब्दों को सॉफ्टवेयर में डाला परंतु वह नहीं खोज सके कि संत शिरोमणि गुरु रविदास के नाम से कहे जाने वाले अमृतवाणी के अन्य शब्द किस ग्रंथ से आते हैं 😭


10. मेरी उत्सुकता बरकरार है, जिसके पास भी श्री गुरु रविदास जन्म स्थल पब्लिक के चैरिटेबल ट्रस्ट वाराणसी द्वारा प्रकाशित अमृतवाणी के 40 शब्दों के अतिरिक्त अन्य शब्दों की जानकारी हो कि वह किस ग्रंथ से लिए गए हैं कृपया मुझे बताने का कष्ट करें 🙏


11. क्योंकि यह ग्रंथ नहीं बताता कि बाकी शब्द किस ग्रंथ से आ रहे हैं या किस संत शिरोमणि के मुखारविंद से आ रहे हैं🙏 किस आधार पर उस पर विश्वास किया जाए🙏


आध्यात्मिक खोजकर्ता अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :-

1. कुरान को मानने वाले कहते हैं कि मोहम्मद साहब अंतिम पैगंबर थे 😂 परंतु मोहम्मद साहब ने कभी नहीं कहा कि मैं अंतिम पैगंबर हूं😭


2. परंतु मैं ऐसा नहीं मानता कि संत शिरोमणि गुरु रविदास के बाद भारत भूमि पर कोई अन्य संत नहीं हुआ है, जो भी हुआ है वह स्पष्ट रूप से सामने आना चाहिए🙏


 पुनः स्पष्ट कर दूं :-


मेरा स्पष्ट मत है की संपूर्ण धरती पर दो ही प्रकार के धर्म है, दो ही प्रकार के संत महात्मा पंडित पुरोहित पादरी आदि है - एक वर्टिकल विचारधारा के दूसरे होरिजेंटल विचारधारा के 🙏


 जो सम्मान करने योग्य है, वह संत शिरोमणि गुरु रविदास से पहले हुए हो, अथवा संत शिरोमणि गुरु रविदास के बाद हुए हो, समाज के चित्त विकारों को दूर करते हैं, समाज को संगठित करते हैं, समाज के सभी व्यक्तियों को सम्मान दिलाने का काम करते हैं🙏 हम सभी के पूजनीय है 🙏 भारत भूमि पर संतों के आने की श्रृंखला कभी समाप्त नहीं होगी, शायद गीता में भी ऐसा कहा गया है 😂

[16/10, 10:36 am] kamleshmittra: 🌹विधि विवाद सूचना दिनांक 16 अक्टूबर 2024


बीमार समाज का इलाज करने के बाद ही समाज को जोड़ा जा सकता है🙏


यह निर्धारित करो व्यक्ति से नफरत करते हो या विचार से : जातिवाद का जहर व्यक्ति से नफरत करना सीखाता है, सामान्य लड़ाई झगड़ा विचार के कारण होते हैं🙏

 छूत की बीमारी में व्यक्ति से दूर रहा जाता है,चित्त की बीमारी में विरोधी के विचारों से दूर रहा जाता है🙏


 परंतु दूर रहने से पहले, इस बात पर भी विचार कर लेना की चित्त की बीमारी उसके अंदर है अथवा आपके अंदर😂


 चित्त का डॉक्टर अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[16/10, 7:46 pm] kamleshmittra: 🌹रविदास राज का दुखड़ा : रात्रि सूचना 16 अक्टूबर 2024🙏 


1. श्री गुरु ग्रंथ साहिब में गुरु अर्जन देव जी का संकलन बहुत ही प्यारा है🙏


2. श्री गुरु ग्रंथ साहब को पढ़ाते हुए पता लगता है कि कौन सी नानक जी ने कहीं है, कौन सी बात किसी अन्य गुरु ने कही है🙏


3. नानक परंपरा के केवल 6 गुरुओं की बात ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब में है, चार अन्य गुरु की बात नहीं है🙏


4. किसी विषय पर इन 6 गुरुओं का क्या विचार है, वह किसी बात पर 6 से काम भी हो सकते हैं🙏 उनकी अनुभूति का सारांश सार रूप में पाउड़ी नाम से प्रचलित है 🙏


5. श्री गुरु गोविंद साहब ने पुनः संकलित करते हुए, उपरोक्त 6 गुरुओं की बात के समर्थन में भक्तों और भटो की वाणी का संकलन किया है 🙏


6. भक्तों (वह गुरु ही मानते हैं परंतु एक विभाजन रेखा सिर्फ बात कहने मात्र के लिए है ) और भटो की वह बातें जो गुरु ग्रंथ साहब के उपरोक्त 6 गुरु की अनुभूति से अलग है, का कोई और उलेख नहीं है🙏


7. सत्य की अनुभूति सभी की एक जैसी होती है, वह चाहे कोई गुरु करें, कोई भक्त करें अथवा कोई भट्ट करें 🙏


8. परंतु जिनकी कोई अनुभूति नहीं होती, जो ग्रंथ का केवल पाठ करते हैं उनको ग्रंथि कहा जाता है, वास्तव में ग्रंथि भी पाठ नहीं करते बल्कि रागी पाठ करता है🙏


9. राग से उठने वाली तरंगें निकट बैठे व्यक्ति के शरीर और मन को प्रभावित करती हैं, ऐसा केवल उस राग के कारण होता है, यह आवश्यक नहीं कि व्यक्ति को पंजाबी का ज्ञान हो 🙏 तभी वह उनके मन पर असर करेंगे❤️


10. राग की माया बड़ी अद्भुत है, राग के साथ उठने वाली चित्त की तरंगे जो रागी के शरीर से निकलती है, पूरे वातावरण को ऊर्जा और शांति से भर देती हैं 🙏


11. यदि कोई रागी किसी कारण से विचलित चित्त में हो तो निकट बैठे भक्तों पर वह उतना अच्छा असर नहीं डाल पाता है 🙏


12. मैं धीरे-धीरे पंजाबी सीख रहा हूं, परंतु मैं तरंगों को समझने में कुशल हूँ क्योंकि मैं साधक हूं , मुझे गुरुद्वारे में बैठकर सुनना अच्छा लगता है🙏


13. जब संत शिरोमणि गुरु रविदास के प्रांगण में श्री बनारसी दास जी वचन कर रहे थे, अति ऊर्जावान था 🙏 भले ही पाठ का वाचन वह मोबाइल से देखकर कर रहे थे🙏


14. ग्रंथ पाठी और रागी में यही अंतर होता है, रागी को ग्रंथ नहीं खोलना पड़ता है, उसका पूरा ध्यान राग पर होता है 🙏


15. यदि उदाहरण के रूप में मैं बात को कहूं तब मुझे अपने बचपन की कुछ चीज याद आती है 🙏


16. मेरे दादा जी बारहमासी गाने में कुशल थे, उनको सुनाने के लिए लोग दूर-दूर से आते थे या उनको बुलाया जाता था 🙏


17. जब तक परिवार में पुरानी परंपराएं थी, साल में एक दो बार सामूहिक रूप से आल्हा गाया जाता था 🙏 उसमें दादाजी की बारहमासी भी गई जाती थी🙏


18. आल्हा इस प्रकार का होता था, वह जब बिरहा रस में गाया जाता था तो सबको रुला देता था,


19. यदि सिनेमा जगत की बात करूं तो आज भी बहुत से गाने ऐसे हैं जो आपको रुला देते हैं, क्योंकि उसमें राग पर विशेष ध्यान दिया जाता है🙏


20. जब हमारे पिताजी का शासन काल आया 🙏 वह अपने घर परिवार के पहले सरकारी नौकरी करने वाले व्यक्ति थे🙏 और इस पारिवारिक परंपरा पर प्रतिबंध सा हो गया🙏 दादा जी गुजर गए तो बारहमासी गाने का परंपरा भी चली गई, दादा जी की मंडली के एक भाई को, सांप ने डस लिया तो मंडली भी अधूरी हो गई थी दादाजी अकेले पड़ गए थे 🙏 यूं कह सकता हूं पूरे खानदान और मोहल्ले (गांव)की खुशियां ही चली गई 🙏 और यह सांस्कृतिक परंपरा हमारे गांव से समाप्त हो गई 🙏😭


21. अब 5 साल में एक बार प्रधानी के चुनाव के समय एकत्र होते हैं 🙏 उसमें भी जो सरकारी नौकर है नहीं पहुंचते, किसी को छुट्टी नहीं मिलती तो किसी की चुनाव में ड्यूटी होती है🙏👏


22. यदि मैं कभी कुछ गाने लगता, तो मेरे बाप का जूता तैयार मिलता "और उनकी भाषा में कहा जाता, साला नाच कहिए बनेगा" इतने में मेरे पजामे में पेशाब छूट जाती थी 🙏 उनकी मार से बचने का ही एक रास्ता था, मैं बेटा तो नहीं बागी जरूर बन गया🙏 ध्यान रहे बागी अपराधी नहीं होता, अनुशासनहीनता पाप नहीं है, यदि अन्याय का विरोध किया जा रहा है🙏🌹


23. बाल संरक्षण अधिनियम 2005 में आया यदि उसे समय आ गया होता तो मैं अपने बाप को जेल में डाल देता 😭 अमेरिका जैसे देशों में बाप को जेल में डालने की व्यवस्था है, परंतु भारत में अभी तक इसका अनुपालन ईमानदारी से नहीं होता है 🙏


24. फिलहाल मैं बात कर रहा था सांस्कृति के विकास की, 11 घंटे की ड्यूटी के बाद मेरे ऊपर जूता चलाना एक आम बात थी, आज ड्यूटी 12 घंटे की है, 


25. ना तो कोई मजदूर संगठन बात उठा रहा है और ना ही कोई धार्मिक संगठन, सरकार युद्ध के हथियार खरीदने में व्यस्त है, विश्व की सरकारों के पास पैसा है, और वह संपूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था को चौपट किए हैं 🙏 ध्यान रहे आने वाले समय के लिए वृद्ध आश्रम बना लीजिए, क्योंकि मेरे जैसा कोई भी व्यक्ति आपकी सेवा नहीं करेगा🙏😂 गृह त्यागी होना पसंद करेगा🙏 हमारे एक मित्र और सचिवालय में सेवारत एक भाई, वृद्ध आश्रम बनाने की तैयारी में है 😂 क्योंकि प्रतियोगिता वादी मानसिकता के कारण वह अच्छा समाज नहीं बना सकते है🙏😂


26. भारत में तमाम राष्ट्रीय संगठन है, भारत में तमाम अंतरराष्ट्रीय संगठन है, और सभी संगठन लोगों की जेब में पड़े हैं 🙏 हथियार खरीदने की होड़ में अमेरिका, रूस इसराइल फ्रांस भारत अग्रणीय भूमिका निभा रहे हैं 🙏 और धार्मिक संगठन घंटा बजा रहे हैं 😂


27. मेरा निवेदन है आप कर क्या रहे हो, ना तुम्हें धर्म का पता, ना तुम्हें धातु का पता, ना तुम्हें ध्यान का पता, ना तुम्हें भक्ति का पता, ना तुम्हें अर्थव्यवस्था का ज्ञान 🙏 


28. कैसे तुमने अमृतवाणी की रचना कर ली? संसार का विष जाता ही नहीं है 😂 संसार को तो छोड़ो, तुम्हारे संतों का विष नहीं जा रहा है, ना वह 105 मंदिर जोड़ने को तैयार है, ना 96 गुरु भाइयों को सम्मिलित करने को तैयार है, DDA की करोड़ों रुपए की जमीन के मालिक बन जाना चाहते हैं 🙏 तो समाज में सुख शांति कैसे आएगी 🙏😭 अमृतवाणी पर प्रश्न चिन्ह तो लग ही जाता है, कि यह मनुष्य के विकारों को दूर करने में सक्षम नहीं है 🙏❤️👏


29. कैसे रविदास राज की व्यवस्था लागू करोगे, "जब आप खुद को रविदासिया कहते हो तो मुझे आप पर हंसी आती है "



30. अमृतवाणी विषय के लेख पर दो व्यक्तियों के कमेंट आ चुके हैं, परंतु उनका नहीं आया जो खुद को अखिल भारतीय रविदासिया संगठन का सदस्य कहते हैं अथवा पदाधिकारी कहते हैं 🙏


 आखिर कब तक भागोगे😂


 शोध साधक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

Monday, 14 October 2024

7 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक की सूचना

 [08/10, 10:27 am] kamleshmittra: 🌹🙏परिष्कृत लेख 🙏


🙏सूचना दिनांक 7 अक्टूबर 2024 


इतिहास के झरोखे से एक बात याद आती है, बाबा साहब के पुत्र की मृत्यु हो गई थी, डेड बॉडी पड़ी थी, परंतु मुंबई से सिप पकड़ने का समय हो रहा था, ऐसा बताया जाता है, निष्ठुर बाबा साहब ने अपने पुत्र की लाश वैसे ही छोड़ दी, और समुद्र का जहाज पकड़ने के लिए चल पड़े🙏


यदि उन्होंने ऐसा ना किया होता तो क्या होता?🙏कांग्रेसी मनुवादी अपने षड्यंत्र में सफल हो गया होते, और बाबा साहब को पूना पैक्ट भी नहीं करना पड़ता😂


2 अक्टूबर 2024 को संत श्री हितकारी महाराज जी ने संत गढ़ आने का निमंत्रण दिया था, मैं वहां पहुंच भी था, संत श्री हितकारी महाराज जी का हृदय परिवर्तन उनकी बातों से झलक भी रहा था किन्तु उनके महासचिव श्री मंगतराम वाली जी, उनकी उपेक्षा करते हुए वहां से निकल गये 🙏


श्री वीर सिंह हितकारी जी ने बातया था कि उसी दिन वह सचखंड डेरा बाला जा रहे हैं, इसलिए फीडबैक सूचना को मैंने तीन दिन टाल दिया था 🙏


25 सितंबर 2024 के आसपास जब उन्होंने मुझे संत गढ़ आने का निमंत्रण दिया था, तब उन्होंने बताया था कि सचखंड डेरा वाला से भी लोग आ रहे हैं🙏 सचखंड डेरा बल्ला की तरफ से अंबाला के संत आए थे, उनसे मेरा परिचय भी कराया गया था🙏 परंतु कोई अंतिम उत्तर प्राप्त नहीं हुआ🙏


उन्होंने बताया 10 तारीख के बाद भूमि अधिग्रहण किया जाएगा 🙏हम 10 तारीख को मासिक पूजा के समय संत शिरोमणि गुरु रविदास के प्रांगण में लिखित सूचना देखना चाहेंगे🙏 क्योंकि मेरे द्वारा सारी सूचनाओं लिखित रूप से इस ग्रुप में दे दी जाती है 🙏


तथाकथित सरकारी कमेटी की विधिक स्थिति क्या है इसको मैंने इस ग्रुप में बता दिया है🙏 DDA को दी गई आरटीआई में DDA इस बात की पुष्टि नहीं कर सका है कि जिससे वह पैसा मांग रही है वह सरकारी कमेटी है🙏


दूसरी बात सरकारी कमेटी के विस्तार संबंधी कोई अंतिम उत्तर संत श्री निरंजन दास जी की तरफ से प्राप्त नहीं हुआ है🙏

😭

ऐसी दशा में लीगल नोटिस का अनुवर्ती पत्र 15 अक्टूबर 2024 तक भारत सरकार को भेज दिया जाएगा, यदि 10 तारीख को प्रांगण में दी गई सूचना से मैं संतुष्ट नहीं हुआ तो🙏😂


हमने आपको काम करने के लिए पूरा समय दिया है, यदि आप काम करना नहीं चाहेंगे, तो रविदास समाज का बड़ा नुकसान होगा, और समाज को नुकसान पहुंचाने वाले किसी व्यक्ति को मैं नहीं छोड़ता हूं🙏( लीगल नोटिस 09 जुलाई 2024 को जारी किया गया था, उसमें 60 दिन का समय दिया गया था 09 अक्टूबर 2024 को 90 दिन हो जाएंगे)


29 सितंबर 2024 की बैठक की उपेक्षा करने वालों की, और मेरे काम में बाधा डालने वालों की, श्री के सी रवि जी के मंदिर निर्माण मिशन को क्षति पहुंचाने वालों की मैंने अच्छे से बजाई है 🙏 फिर भी मैंने उनका कोई व्यक्तिगत चरित्र चित्रण नहीं किया, क्योंकि वह निंदा रस में आ जाता 🙏😂 यदि वह पुनः समाज के लिए काम करना चाहेंगे तो उनका स्वागत है 🙏


मंदिर समाज को चाहिए, और मुझे अच्छा समाज चाहिए, मंदिर इसलिए बनाया जाता है कि घर की स्त्रियां घर से बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पर टहल विचरण कर सकें, बिना भोजन बनाये भोजन खा सके 🙏 बुद्धकालीन ऐसी परंपरा थी, पूर्णमासी और अर्ध मासी को सार्वजनिक भोजन बनता था 🙏 मठो में सार्वजनिक ध्यान, ज्ञान और सहभोज का कार्यक्रम होता था🙏


इसलिए अच्छा समाज बनाने के लिए मैं संघर्ष करूंगा, अच्छी शासन व्यवस्था बनाने के लिए मैं संघर्ष करूंगा, रविदास राज स्थापित करने के लिए मैं संघर्ष करूंगा, अब वह समय आ गया है, अनंत जन्मो से हमारे सहयोगी रहे सभी व्यक्ति निकाल कर सामने आ जायें 🙏


एक बार फिर से धर्म चक्र चलाया जाना है🙏 मानव-मानव एक समान, मानव जीवन की आवश्यकता एक समान है, विश्व की अर्थव्यवस्था को बदलना है, विश्व की राजव्यवस्था को बदलना है, विश्व की समाज व्यवस्था को समरूप करना है, अन्यथा विश्व परमाणु युद्ध की चपेट में आ जाएगा और एक बार फिर महाभारत हुआ तो मानवता और तकनीकी विकास की बहुत हानि होगी🙏



भूल चूक लेन देनी🙏 सब अपने लोग हैं और चित्त विकारों से ग्रस्त हैं, आओ मिलकर उनके चित्त विकारों को दूर करें🌹🙏


जो संत शिरोमणि गुरु रविदास का नहीं हुआ वह मेरा क्या होगा, जो मेरा नहीं हुआ, वह मानवता का क्या होगा, आओ मानवता के लिए काम करें🌹🙏


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[09/10, 11:24 am] kamleshmittra: आज का सुविचार


मान्यवर कांशीराम जी

जन्म 15 मार्च 1934

पुण्यतिथि 9 अक्टूबर 2006


    मान्यवर कांशी राम एक ऐसा महापुरुष जिसने बाबासाहेब के चंद शब्दों को सुनकर अपना कारवां शुरू किया था। बाबासाहेब के वह शब्द कि मैं यह कारवां आंधी और तूफान से निकालकर लाया हूं।तुम किसी भी कीमत पर इसे पीछे नहीं जाने देना ।बाबासाहेब के कारवां को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी नौकरी छोड़ी। शादी नहीं करने की शपथ ली। आजीवन अपने घर नहीं जाऊंगा और बाबा साहेब के मिशन में लग गए । जिसे पूरा करने की चाहत हो तो उसे अरमान कहते हैं। जो कभी ना बदला और बदले उसे ईमान कहते हैं। जिंदगी भूखी प्यासी भले ही बिताई हो। जो ना बिका, जो ना झुका ,ना रुका , उसे मान्यवर कांशीराम कहते हैं।


काशीराम जी कहते हैं जब आप अपनी मंजिल की तरफ कदम बढ़ाएंगे तो आपके रास्ते में तीन बड़ी रुकावट आएंगी। वह है मनी, माफिया और मीडिया। अगर इन रुकावट को अपने पार कर लिया तो आपको जीतने से कोई नहीं रोक सकता।


 तमन्ना अगर सच्ची हो रास्ते हजार होते हैं। तमन्ना अगर झूठी हो तो बहाने भी हजार होते हैं।

      मान्यवर कांशीराम जी 80 के दशक से मनुवादी युद्ध का मुकाबला कर रहे थे। काशी राम जी , रामास्वामी पेरियार और फुले और नारायण गुरु और डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर का मेला लगवाते और स्वामी अछूतानंद, ललई सिंह यादव, रामस्वरूप वर्मा जैसे महान समाज सुधारको और दादू दयाल, रैदास वह दूसरे संतो के कथनों और वचनों को जनता के सामने प्रकट किया करते।

          मान्यवर कांशी राम जी कहते हैं कि अगर तुम बहुजन समाज के लिए संघर्ष ना कर सको तो विचलित मत होना ।बस एक नेक काम करना की बहूजनों के जीवन संघर्ष को पढ़ लेना। अगर उसे पढ़ कर तुम्हारे शरीर के रोंगटे खड़े हो जाएं तो समझ लेना कि तुम बहुजन समाज के लिए संघर्ष कर सकते हो। वरना वह किताबें वहीं फेंक देना ।आपका वही संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए लंबे अरसे तक रास्ता आसान हो जाएगा।

         हम बहुजन होने के बावजूद इस देश में अनाथ और उपेक्षित है ।वह इसलिए कि हम अपनी ताकत को नहीं समझ पा रहे हैं। जो सरकार पिछड़े वर्ग के वोट लेती रही है परंतु उनका पिछड़ापन दूर नहीं कर पाई और उनको सत्ता में भी नहीं बैठाया। वह सरकारें हमारा क्या भला करेंगे जिस समाज को मुफ्त खाने की आदत पड़ गई हो। वह समाज कभी क्रांति नहीं कर सकती। वह कभी शासक नहीं बन सकती। और जो शासक नहीं होते उनकी मां और बहन बेटियां सुरक्षित नहीं होती। और वह न्याय भी प्राप्त नहीं कर सकते हे । गुलामों अगर तुम्हारी बहन मां और बेटियों की इज्जत सुरक्षित नहीं है तो अपनी सरकार बनाओ। जिस की सरकार होती है वह शासक होते हैं ।और शासकों की मां बहन और बेटियों की तरफ कोई आंख उठा कर नहीं देख सकता। राजनीति चले या ना चले ।सरकार बने या ना बने सामाजिक परिवर्तन की गति किसी भी कीमत पर नहीं रुकनी चाहिए। 

        मान्यवर काशीराम जी को शत शत नमन।


मोती राम MA

पूर्व अधिकारी

SHAHDARA

[10/10, 8:24 pm] kamleshmittra: 🙏🌹फीडबैक सूचना 10 अक्टूबर 2024


आज की फीडबैक रिपोर्ट मैंने ऊपर दे दी है😂 कुछ बातें इशारों में भी समझो ❤️


समझने वाले समझ गए, 

जो ना समझे वो अनाड़ी है 😂

  

आधिकारिक सूचना कल जारी करूंगा, क्योंकि अभी गुरुद्वारा श्री बंगला साहब से लौट रहा हूँ, रास्ते में अभी 1 घंटे और लगेगा 🙏


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[11/10, 12:42 am] kamleshmittra: विगत 11 माह से भीड़ जुटने की जिम्मेदारी श्री के.सी. रवि जी की है🙏


बाकी लोगों को तो पका पकाया खान की आदत है😂 कुर्सी पर चढ़ जाने की आदत है😂


जस्टिस अरुण मिश्रा की सोच को दाग देनी पड़ेगी, उनको पता था ऐसा भी दिन आ सकता है🙏


 इसीलिए उन्होंने पूर्व कमेटी के सदस्यों को अनिवार्य रूप से जोड़ने के लिए कहा था 😍


संवेदनाएं तो उसी की जुड़ी होगी, जो 1986 से संघर्ष कर रहा है, कोर्ट में हारना और जीतना तो कागजी खेल है 😭 बाकी लोग तो मौज लेने आते हैं🙏🌹


 इसीलिए मैं चाहता हूं कि दिल्ली की 105 कमेटियां इसमें अनिवार्य रूप से भाग लें, 96 गुरु भाईयों के त्याग को कंसीडर किया जाना चाहिए 🙏🌹

[11/10, 9:03 am] kamleshmittra: 🌹पके हुए वे लोग नहीं हैं 


जो धर्म की बातें करते हैं, 

पोथी की सारी बातें जूठन-सूठन लगती है 🙏🌹

बचे-खुचे में स्वाद कहां, खाने की क्या मजबूरी है🙏

मिल जाता है उनको भी जो खड़े हुए हैं ठूठ बने, 

तुम ठहर तो जाओ ध्यान यही है, 

बकबक, बकबक करते रहते हो, 

इसमें धर्म की बात नहीं🙏🌹


धर्म तो अर्थव्यवस्था है, 

पा लो, दे दो, दान करो, 

दूजे का सम्मान करो, 

सब धर्म की मीठी बातें हैं,


चंट तुम सब बने हुए, 

शासन से कुछ हो डरे हुए, 

तुम काहे के संत भला, 

तुम पूजत हो कौड़ी को,

तुम बिकते हो, वे खरीदार बड़े, 


संतों की टोली में तो कोई बड़ा नहीं है होता, 

तुम प्रवक्ता, वह अध्यक्ष, कैसा माया जाल बुना🙏

जन्म बधाई देते हो मृत्यु का तुमको होश नहीं 🌹

तुम काहे के संत भला, पाछे देखो आगे ना 😂


भूल चला जो बीती बातें, संत उसी को कहते हैं, 

जन्म तो तुमको याद अभी है, वह गुजरी पूंजी है 

मृत्यु खड़ी है सामने तेरे, कितने कंधे पाओगे🌹

संतों की पूंजी है शूली, भाला, करछी, शोले का श्रंगार 🙏 

जब तक तुम हो डरते भाई, संत नहीं कहलाओगे🌹


मीरा मर गई विष को पीकर,

कबीरा की मिली लाश नहीं,

महर्षि तो 8 बरस का जीवन जी कर चले गये 🙏

तुम धरती के बोझ बने हो,

वक्त हो, प्रवक्ता हो 😂

धर्म से कोसों दूर खड़े हो🙏

कुर्सी पर तुम चढ़े हुए हो 😂


 अधूरी दास्तान, मित्रा की जुबानी जगत की कहानी🙏🌹😂

[11/10, 11:02 am] kamleshmittra: 🙏मैं पढ़ने में बहुत फिसड्डी था😭


मेरी पीठ और मेरे बाप के जूते का कब मिलन हो जाए, सब अनिश्चित था,

फिर भी हर सप्ताह में चार-पांच बार मिलन हो ही जाता था 🙏


दिन हो या रात, भगवान ने बनाया था उन्होंने नहीं, 

जूते की मोहर पीठ पर छूटने से पहले अगली लग जाती थी😍


उनके लिए तो खेल का मैदान था, 11 घंटे की ड्यूटी करने के बाद, उनके हाथ पैर की एक्सरसाइज हो जाती थी😭


चमारों के घर में बॉक्सिंग की किट कहां होती है, बच्चे ही कूटे जाते हैं🙏🌹


फुटबॉल की तरह उछाल जाते हैं,

कभी माँ कूटे कभी भाई, 

बहन मिली थी डायन जैसी,

जीवन मेरा नर्क बना था🙏


जैसे तैसे जीवन के 13 सावन गुजरे, मैं मिडिल पास हो गया, बाप के जूते से बहुत दूर हो गया🙏


जल्लादों की कमी नहीं थी, 

हर कूचे पर मिलते थे🌹

डायन और राक्षस तो अब भी मिलते रहते थे🙏🌹


हाई स्कूल खानदान का शूल, 

सब लटके थे सूली पर 🙏

अपने को तो चढ़ी हुई थी,

जूते की खुशबू पड़ी हुई थी,

जल्लादों की टोली में🙏

अपना कोई बाप नहीं था 🙏

क्या यह शासन का पाप नहीं था🙏


संत पड़े थे आंचल में, 

हमने सबको जाना है 

घर घर की यही कहानी है, 

वकील की जुवानी है,


चमार चोला भंगी 36 जातियों में बटे हुए हैं, 

अब बाटेंगे रविदासिया कह के - 

पहले से चिथड़े कम थे क्या? 

और फाड़ कर बाटोगे 🙏🙏


कुर्सी पर तुम चढ़े हुए हो, 

लोभ में तुम पढ़े हुए हो,

तुम काहे के संतो हो भाई,

सहनशीलता शोभा ना,


सधा हुआ कोई गुरु बनाओ,

नचनी की हर भीड़ अलग है,

संतों का वह टोला ना 🙏


तुम तो ऐसे मौन पड़े हो,

राजव्यवस्था जानो ना,

काहे को तुम संत बनत हो 🙏

धातु ना जानो, धर्म ना जानो 🙏

राजव्यवस्था जानो ना, 🙏

परिवार व्यवस्था जानो ना 🙏

12 घंटे जुते हुए वे, 🙏

तुम लड़ते हो कुर्सी को 🙏


रविदास राज पर काम न करते,

जूठी पोथी पढ़ते हो🙏🌹

काहे के तुम संत बड़े हो,

कुर्सी पर तुम चढ़ते हो 😂


अधूरी दास्तान - मित्रा की जुबानी

[11/10, 1:59 pm] kamleshmittra: कबीर और रविदास ने पाखंड का विरोध किया 🙏🌹


 कोई पाखंडी रविदास राज का समर्थक कैसे हो सकता है?

[13/10, 8:33 am] kamleshmittra: 🌹अति महत्वपूर्ण सूचना दिनांक 13 अक्टूबर 2024 


लीगल नोटिस में जिनके कंधे पर 96 गुरु भाइयों का प्रतिनिधित्व करने का दायित्व है उनका नाम श्री राम सिंह शुक्ला है 🙏


दि. 10 अक्टूबर 2024 की पूजा में वह उपस्थित थे परंतु उन्होंने अपने व्याख्यान में 96 गुरु भाइयों के हक में कुछ भी नहीं कहा है, यह 96 गुरु भाइयों के साथ विश्वास घात है, 96 गुरु भाइयों के हक़ की बात रखने का उन्हें यह दूसरा मौका मिला था🙏 


दि. 10 अगस्त 2024 को भी वार्ता के लिए वे आए थे, तब उन्होंने प्रतिनिधि चेयरमेन सरकारी कमेटी संत श्री वीर सिंह हितकारी जी से अपने हक में बात की थी कि उन्हें कमेटी में ले लिया जाये, 96 गुरु भाइयों के हाक में कोई बात नहीं की थी 🙏


उन्होंने अपने साथ-साथ 96 गुरु भाइयों के हक की कीमत पर मुझे (अधिवक्ता को ) भी बेचने का प्रयास किया, जिसकी सूचना श्री वीर सिंह हितकारी जी से मुझे प्राप्त हुई यह अत्यंत ही शर्म का विषय है🙏 श्री वीर सिंह हितकारी जी को मैं तत्काल मना कर दिया था कि श्री शुक्ल जी द्वारा दिया गया प्रस्ताव मेरी सहमति से नहीं है 🙏


दि. 10 अक्टूबर को उनके व्याख्यान में केंद्रीय कमेटी के अध्यक्ष श्री अक्षय भारद्वाज का संरक्षण था जो कि उनके रिश्तेदार हैं 🙏 वे लच्छेदार बढ़िया-बढ़िया बातें करते हैं, परंतु अंदर जहर भरा हुआ है, इसीलिए व्याख्यान के समापन पर मैंने श्री हितकारी महाराज जी से कहा था कि कथनी और करनी पर भी चर्चा होनी चाहिए🙏


जिस तरह से शुक्ला जी ने अपने रिश्तेदार अक्षय भारद्वाज जी का संरक्षण किया इसी तरह उन्हें 96 गुरु भाईयों का भी संरक्षण करना चाहिए था🙏


 105 मंदिरों के प्रतिनिधि श्री बुलाकी जी अभी तक किसी भी मीटिंग में नहीं आए हैं, उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है🙏


105 मंदिरों के प्रतिनिधित्व के लिए हम दूसरे नाम पर विचार कर रहे हैं🙏


अधिवक्ता की मर्यादा में रहते हुए, प्राप्त मंदिरों के आवेदन पत्र और 96 गुरु भाइयों के आवेदन पत्र के माध्यम से उनके अधिकारों का संरक्षण किया जाएगा 🙏


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064


नोट :-

तुगलकाबाद गुरु रविदास मंदिर प्रांगण में किसी व्यक्ति को अपनी बात रखने के लिए मौका दिया जाता है और किसी को नहीं दिया जाता है🙏


अब प्रोग्राम संचालक को बताना होगा कि वह किस अधिकार से उस व्यक्ति को बात रखने के लिए बुला रहा है 🙏


संत शिरोमणि गुरु रविदास के प्रांगण में ऐसा नहीं चलेगा " मीठा-मीठा गपा गप, कड़वा कड़वा थू थू "😂


हमारी बात को गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया, तो अगली पूजा में हम पुलिस प्रोटेक्शन की मांग कर सकते हैं🙏 क्योंकि संत शिरोमणि गुरु रविदास किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है, संत शिरोमणि गुरु रविदास का वह प्रांगण माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अनुसार सभी गुरु भक्तों का है 🙏

[14/10, 7:00 am] kamleshmittra: 🙏सूचना दिनांक 14 अक्टूबर 2024


लोकल कमिश्नर रिपोर्ट, जोकि हाई कोर्ट दिल्ली में प्रस्तुत की गई, उसमें बताया गया है कि 1954 में बाबू जगजीवन राम जी तुगलकाबाद रविदास दास मंदिर का विधिवत उद्घाटन किया था 🙏


 11 अगस्त 2024 को बाबू राजेंद्र भवन मैं आयोजित समारोह में बाबू जगजीवन राम जी की सुपुत्र श्रीमती मीरा कुमार जी ने अपना व्याख्यान दिया 🙏 इस बैनर पर ना तो हरि का सिंबल है और ना ही सोहम का है 🙏


ऐसी दसा में सरकारी नामित कमेटी के सदस्य हरि अथवा सोहम को इस प्रांगण में विवाद का विषय कैसे बना सकते हैं 🙏



 विश्लेषक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[15/10, 6:56 am] kamleshmittra: 🌹संपर्क सूत्र व्यवधान की सूचना दिनांक का 15 अक्टूबर 2024 🙏


विगत 3 दिन से हमारा मोबाइल रिचार्ज नहीं था क्योंकि मैं आउट ऑफ स्टेशन था 🙏 और मेरा मोबाइल अधिकांश समय बंद रहा है 😭


इस दौरान फोन करने में जिनको असुविधा हुई है हम उसके लिए खेद पर कट करते हैं 🙏🌹


 मोबाइल धारक कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[15/10, 8:12 am] kamleshmittra: 🌹सामान्य विधिक सूचना दिनांक 15 अक्टूबर 2024🙏


पिछले तीन दिनों में जो चीज मैंने प्राप्त की है, उसके आधार पर एक ही विचार आता है🙏


"आखिर कब तक छुपाओगे" अक्सर दीवारों पर लिखा मिल जाता है 😂 गुप्त रोग हो या चित्त रोग (विकार) 😭 दोनों ही गुप्त होते हैं😂


जो बात डॉक्टर के साथ लागू होती है वही बात अधिवक्ता के साथ भी लागू होती है 🙏


लोग मुझे मिस इनफार्मेशन दे रहे हैं और यह अपेक्षा करते हैं कि मैं उनके अधिकारों का संरक्षण भी करूंगा, दोनों चीज एक साथ नहीं हो सकती है, पून: स्मरण दिला दूं कि मैं माननीय सर्वोच्च न्यायालय का अधिवक्ता हूं, न्याय के संबंध में जितना माननीय सर्वोच्च न्यायालय प्रतिबद्ध होता है उतना ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय का अधिवक्ता भी न्याय के प्रति प्रतिबद्ध होता है, वादी और प्रतिवादी दोनों के अधिकारों की रक्षा करनी पड़ती है 🙏🌹 यह एक सामान्य नियम है🙏


विद्वान अधिवक्ता की बात जज दोहरा देता है तो वह जजमेंट हो जाती है🙏


बात दो प्रकार की होती हैं :- मौखिक बात और लिखित बात अधिवक्ता को दोनों ही बातें को याद रखना पड़ता हैं, कोर्ट में किसी मौखिक बात को शपथ पत्र के साथ लिखित रूप में दे देने पर वह साक्ष्य के रूप में उपयोग होती है, वह बात झूठ पाये जाने पर शपथ-कर्ता दंड का अधिकारी होता है🙏


फोन पर अक्सर लोग मुझसे बात करते हैं, मेरी बात को रिकॉर्ड करते हैं, मेरे मोबाइल की सेटिंग इस प्रकार की है, यदि कोई मेरी बात रिकॉर्ड करेगा तो उसकी बात रिकॉर्ड होना शुरू हो जाएगी🙏


बातों को रिकॉर्ड करना कुछ लोगों की सामान्य सोच होती है, वह एक बार सुनकर समझ नहीं पाते इसलिए बार-बार सुनते हैं 🙏


परंतु कुछ लोग बातों को शातिर अंदाज में रिकॉर्ड करते हैं 🙏


मेरे पास जो बातें रिकॉर्ड हो जाती हैं, यदि वह समाज के लिए कल्याणकारी हैं तो मैं उन्हें अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रसारित कर देता हूं🙏


ताकि लोग अपने में सुधार कर सके, अपना फीडबैक प्राप्त कर सकें 🙏


यदि किसी ने कोई मिस इनफॉरमेशन दी है, तो वह शुद्ध होकर हमारे पास आ जाए 🙏


परंतु कुछ लोग इस बात का बुरा मानते हैं कि उनकी बात को यूट्यूब पर डाल दिया गया, वह मुझसे कई बार उसको यूट्यूब से हटाने का अनुरोध करते हैं🙏


मेरा उनसे निवेदन है :- वाचाल मत बनो, समाज की कुछ बातों को भूलने की आदत भी डालो, यदि आप निंदा रस में अधिक आनंद लेंगे, तो तकलीफ आपको ही होगी, क्योंकि निंदा रस संक्रामक है 🙏


और किसी के संदर्भ में यदि आपने सत्य कहा है, तो फिर आपको डरना नहीं चाहिए, उस व्यक्ति को भी बुरा नहीं मानना चाहिए जिसके बारे में अथवा जिस बात के बारे में कहा गया है🙏


 क्योंकि कबीर ने कहा है:-


निंदक नियरे राखिए आंगन कुटी छावाय.........


आध्यात्मिक विचारक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[15/10, 9:51 am] kamleshmittra: 🙏अति महत्वपूर्ण विधिक सूचना दिनांक 15 अक्टूबर 2024:-


माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के एक मामले में निरर्धाण के दौरान पाया है कि अनुसूचित जाति में एक क्रीमी लेयर है, जो गैर क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति को अधिकार देना नहीं चाहते है!


तुगलकाबाद रविदास मंदिर के केस में यह बात स्पष्ट रूप से नजर आ रही है🙏 पंजाब के एक संत : संत निरंजन दास और उनकी कमेटी के क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति के लोग, 


सरकारी एलाइड कमेटी 96 गुरु भाईयों सहित 105 मंदिरों के प्रतिनिधियों को मंदिर की आम सभा का सदस्य बनना नहीं चाहती क्योंकि उसमें से अधिकांश अत्यंत ही दैनीय आर्थिक स्थिति से आते हैं🙏 जोकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय में अपने अधिकारों का केस भी नहीं लड़ सकते है इसलिए एक विद्यालय के पूर्व प्रिंसिपल/टीचर को उनका प्रतिनिधि बनाया गया था, ताकि कोर्ट खर्चे को वह बियर कर सके 🙏


परंतु वह क्रीमी लेयर मानसिकता के व्यक्ति हैं और उन्होंने सरकारी कमेटी में मात्र खुद को रखने की बातचीत की थी, जोकि 96 गुरु भाइयों के साथ गद्दारी थी 🙏


आपको जानकर और भी अफसोस होगा, उक्त मामले के रिव्यु पिटीशन को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है - अब अनुसूचित जाति क्रीमी लेयर शब्द एक मान्यता प्राप्त शब्द है, समाज में क्रीमी लेयर शब्द एक्जिस्ट करता है, अनुसूचित जाति का उप विभाजन भी होगा 🙏


अधिकांश विभागों में सरकारी पदों को समाप्त किया जा रहा है, इसलिए क्रीमी लेयर वर्ग स्वत: समाप्त हो जाएगा, आजादी की मलाई खाने वाले क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति के बुजुर्ग कुल घाती और सत्यानाशी है🙏 अनुसूचित जाति पुनः हजारों साल की गुलामी के लिए तैयार खड़ी है परंतु क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति के अंधे लोगों को कुछ दिखाई नहीं देता है🙏 बाबा साहब का सपना, और चार बच्चों की कुर्बानी एक बार पुनः चकनाचूर होने जा रही है अनुसूचित जाति पुनः गुलाम होने जा रही है जैसा वह हजारों साल से गुलामी करता रहा है 🙏


 ऐसा केवल कुल घाती, अंबेडकर विचारधारा के हत्यारे क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति के लोगो के कारण होगा🙏


अनुसूचित जाति अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

Tuesday, 1 October 2024

37 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण

 अरविंद कटारिया जी,


अपने 37 बिंदुओं में किसी भी बिंदु को गलत नहीं कहा है 🌹


आपने यह जानना चाहा है कि मेरी पीड़ा क्या है?


आपकी उत्सुकता के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद🙏


1. पंजाब में बैठे तोता लोग, जो हरी और सोहम के नाम पर दिल्ली में झगड़ा करा रहे हैं🙏 कोई हरि हरि गा रहा है, कोई सोहम सोहम गा रहा है, रविदास रविदास कोई नहीं गा रहा है, रविदास जी स्वयं हरि हरि कहा करते थे या सोहम सोहम?


2. मैंने तो सुना है वह राम-राम कहा करते थे, और कहा करते थे हमारा राम अयोध्या का राजा रामचंद्र नहीं है🙏


3. ब्राह्मण धर्म की मानसिकता के लोग चाहते हैं कि रविदास समाज बटा रहे 🙏


4. अवसरवादी लोग हर जगह आकर काम में अड़ंगा डालते हैं, मिशन को कमजोर करते हैं, कहते हैं गाड़ी मैं चलाऊंगा, फिर चाबी लेकर भाग जाते हैं😂


5. मुझे इस बात से तकलीफ है, अगर अक्षय जी ने रवि जी का साथ पकड़ा था, तो रवि जी के साथ काम करना चाहिए था 🙏 तुगलकाबाद रविदास मंदिर मिशन को धोखा देने का काम जो वह कर रहे हैं वह गलत कर रहे हैं रविदास समाज को धोखा दे रहे हैं 🙏


6. रवि जी को विश्वास था कि अक्षय जी दिल्ली के रविदास मंदिरों को एक साथ खड़ा करके तुगलकाबाद रविदास मंदिर आंदोलन में अपना योगदान करेंगे🙏 

7. परंतु वह तो उल्टा उनसे मदद मांगने लगे कि अपने प्रभाव का प्रयोग करते हुए दिल्ली के मंदिरों को केंद्रीय कमेटी से जोड़ दो, सोहम से जोड़ दो 😂


8. 24 मार्च 2024 को जो वादा इन्होंने किया था, उस पर ईमानदारी से कभी काम नहीं किया🙏 रवि जी को धोखा दिया, रविदास जी को भी धोखा दिया, मेरी तकलीफ इस बात की है 🙏


9. अक्षय जी के चक्कर में रवि जी ने मुझे भी धोखा दे दिया, धोखा देने वाले को धोखा मिला😂


10. परंतु मेरी तकलीफ यह है कि मिशन रविदास मंदिर तुगलकाबाद को धोखा मिला है, मेरी चिंता का विषय यह है 🙏


11. अभी बलवान जी का फोन आया था, अक्षय महाराज जी के बिजनेस पार्टनर हैं, अक्षय जी की घरेलू जिम्मेदारियां बता रहे थे🙏


12. अक्षय जी की घरेलू जिम्मेदारियां मैं भी जानता हूं, मुझे तो लगता है उन्हें पहले अपनी घरेलू जिम्मेदारियां निभाना चाहिए इसके बाद समाज का काम देखना चाहिए🙏 तत्काल उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, और किसी योग्य व्यक्ति को, जो फुल टाइम रविदास मंदिर के लिए, रविदास मिशन के लिए काम कर सके, अध्यक्ष बनाना चाहिए🙏


13. मैं ढाड़ा साहब से इसीलिए रेगुलेशन देखना चाह रहा था, ताकि अक्षय जी को कहीं अन्य उचित सम्मान दिया जा सके🙏


14. किसी एक व्यक्ति की व्यस्तता के लिए समाज के कार्य को रोका नहीं जा सकता है, वह पिछले 3 महीने से मेरे साथ लगातार टाल-मटोल कर रहे है 🙏


15. मोती बाग का मंदिर तोड़ा गया, उनको फोन किया गया उनको वीडियो भेजे गए परंतु फिर भी वह नहीं गए, अपनी गाड़ी में उन्होंने मुझे चौकीदार बनाकर बैठा ले रखा🙏 और ऐसा एक बार नहीं दो बार किया, फिर भी वह मोती बाग मंदिर नहीं गए, मेरी तकलीफ यह है 🙏


यदि वास्तव में आप मेरा तकलीफ जानना चाहते हैं तो मैंने सारी बात कह दी है, 


अगर इसमें आपकी कोई राजनीतिक महत्वकांक्षा है, आशक्ति है, तब आप हमारे जवाब से संतुष्ट नहीं होंगे 🙏


मिशन तुगलकाबाद रविदास मंदिर के चिंतक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :- 

मेरा समर्पण रविदास मंदिर के लिए है, रविदास समाज को अच्छा बनाने के लिए है, मैं किसी व्यक्ति का गुलाम नहीं हूँ, मुझे मंदबुद्धि का समझने की भूल न करें, मैं तुम्हारी चौकीदारी कर सकता हूं, यदि तुम समाज को अच्छा बनाने की चौकीदारी करते हो तो 🙏

बिल्ली के गले में घंटी

 🌹सूचना दिनांक 1 अक्टूबर 2024


बिल्ली के गले में घंटी कौन बंधेगा?🙏


1. हमारे रविदास समाज के असंगठित संगठन में लगभग सभी प्रमुख लोगों की सूचनायें, विगत 5 वर्षों में हमारे पास आ गयी है, परंतु उसके आधार पर मैं कोई निर्णय नहीं लेता हूँ क्योंकि बाबा रामदेव ने मुझसे कहा था कि केवल एक या दो लोगों की सूचना पर संगठन के किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई अवधारणा मत बनाना, क्योंकि मैं उनके टॉप प्रबंधन में था मेरे कंधों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां थी 🙏


2. अपने रविदास समाज के असंगठित संगठन में भी मैं पूरी तरह से इस सावधानी को रख रहा हूं कि केवल सूचनाओं के आधार पर किसी के खिलाफ कोई अवधारणा नहीं बनता हूँ, कोई टीका टिप्पणी नहीं करता हूँ 🙏 यदि कोई व्यक्ति मेरे साथ एक दो बार छल-कपट भी कर ले तो भी मैं उसको कुछ नहीं कहता हूँ 🙏


3. उपरोक्त बातों के साथ, जब कोई व्यक्ति समाज को मेरी नजरों में धोखा देने लगता है, और मेरे समझाने के बाद भी नहीं मानता तो खुलासा करना ही पड़ता है 🙏क्योंकि बिल्ली के गले में घंटी किसी को तो बांधनी है 😂


4. फिर भी मैं उस व्यक्ति से कोई बैर नहीं रखता जिसके गले में मैंने घंटी बंधी है, क्योंकि यह सब चित्त के विकार हैं🙏 और चित्त विकार अस्थाई होते हैं, हत्यारा अंगुलिमल भिक्षु हो सकता है, डकैत ऋषि वाल्मीकि हो सकता है🙏


5. कोई खुद को कितना भी बड़ा संत क्यों ना कहे परंतु वह बिल्ली के गले में घंटी नहीं बांध सकता तो उसमें भय का विकार समाप्त नहीं हुआ है, ऐसा समझना चाहिए, जिसमें भय का विकार समाप्त नहीं होता है वह पूर्ण संत नहीं होता है🙏


6. इसके साथ ही जिस व्यक्ति में भय का विकार समाप्त नहीं होता है, वह कभी निष्पक्ष रूप से बात नहीं करता है, उसमें अपनी गलती को सहज स्वीकार करने की क्षमता नहीं होती है जब तक कि उसको भय ना दिखाया जाये 🙏 ऐसा व्यक्तियों को खुद को कभी संत नहीं कहना चाहिए, भले ही अन्य लोगों उन्हें संत कहते हो🙏


7. संत होने का पहला गुण है जो भय मुक्त है, ममत्व तो संत में भी होता है परंतु बृहद्द रूप में होता है, वह स्वयं को जगत-पिता की तरह देखता है और निष्पक्ष रहता है🙏 ऐसे व्यक्तियों को ही संगठन प्रमुख के पद पर होना चाहिए, चुनाव में अथवा सर्वसम्मति से ऐसे ही व्यक्ति को चुना जाना चाहिए, जो कम से कम भय मुक्त हो, चोर प्रकृति का ना हो, छल कपट करने वाला ना हो🙏 समय की चोरी (समाज का समय खराब करना) करने वाला ना हो 🙏


8. किसी भी चिर परिचित संत के जीवनी को उठाकर आप देख ले, सभी में यह गुण आपको मिल जाएंगे- नानक, कबीर, रविदास, दादू, सहजो, फरीद, मीरा, गुरु तेग बहादुर और गुरु गोविंद सिंह आदि 


9. गुरु ग्रंथ साहिब में ऐसे ही गुरु के वाणी को एकत्र किया गया है, जो भय मुक्त थे, कथित संत तो उस समय और भी थे🙏 जिनको गुरु ग्रंथ साहिब में नहीं संजोया गया वह मिट गये 🙏


10. पूरा दलित समाज बिखरा हुआ है, मैं असंगठित समाज के संगठन के लिए काम कर रहा हूँ🙏 खतपतवार छाटते हुए चोट भी लग जाती है, मैं उसके लिए तैयार हूं, पर अच्छी फसल उगाने के लिए मैदान तो साफ करना ही पड़ेगा, कौन जाने खरपतवार में ही कोई हीरा मिल जाए, जिसे समय ने मिट्टी के ढेर से ढक दिया हो 🙏


11. सभी से तन, मन, धन के सहयोग का आवहन करता हूं 🙏 कौन जाने कल मैं रहूं, ना रहूं, जब तक हूं मेरा सद-उपयोग कर लो🙏


12. महर्षि दयानंद सरस्वती ने सन 1875 में जब आर्य समाज की स्थापना की, उसके 8 साल बाद उनकी हत्या कर दी गई🙏 महर्षि दयानंद सरस्वती ने पुराणो का खंडन करते हुए, ब्राह्मण ग्रंथो का खंडन किया, केवल वेद वचनों को स्वीकार किया, पाखंडी-ब्राह्मणों से पंगा लिया🙏 और समाज को सुव्यवस्थित संस्कृति देने के लिए सत्यार्थ प्रकाश की रचना की जो जाति प्रथा से मुक्त थी 🙏( ऋग्वेद का दशम मंडल की पुरुष सूक्त राजनीति से संबंधित है, उसका समाज व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है )


13. महर्षि दयानंद सरस्वती की हत्या के बाद महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा बनाए गए मठो पर महर्षि दयानंद सरस्वती के विरोधियों ने खुद को सनातनी कहते हुए कब्जा कर लिया, और महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा बनाए गए आर्य समाज के सिद्धांतों को अपने हिसाब से बदल दिया🙏


14. इसका सबसे खतरनाक रूप 19वीं शताब्दी के आरंभ में दिखाई देने लगा, जब 1893 में विश्व धर्म सम्मेलन में विवेकानंद ने सभी भारतीयों को हिंदू कह दिया, हिंदू ऊपरी लेप था और अंदर से ब्राह्मण धर्म था जिसको सनातनी कहते थे, बाद में सनातनी शब्द भी छोड़ दिया गया, हिंदू महासभा के गठन के साथ, खुद को हिंदू कहने लगे🙏


15. बाबू मांगूराम इसी छल फरेब में आ गाये और उन्होंने आदधर्म की स्थापना कर दी, यदि बाबू मंगूराम ना होते, या उनके द्वारा स्थापित आदधर्म ना होता तो बाबा साहब बौद्ध नहीं सिक्ख होते 🙏


16. क्योंकि बाबा साहब द्वारा लिखा गया ग्रन्थ "बुद्ध और उनका धर्म" से पता लगता है बाबा साहब को आध्यात्मिक ताकत का पता ही नहीं था, अन्यथा वह 22 प्रतिज्ञाए नहीं लिखते 🙏 पंचसील और अष्टसील अपने आप में प्रायप्त हैं, बुद्ध धर्म में निंदा के लिए कोई स्थान नहीं है 🙏 22 प्रतिज्ञाएं निंदा सिखाती हैं 😂 इसलिए मैं बाबा साहब को बुद्धिस्ट नहीं कह सकता हूँ👏 अंबेडकर का बौद्ध धर्म कहूंगा🙏 भगवान बुद्ध का बुद्ध धर्म नहीं कहूंगा🙏 जिसको उन्होंने धारण किया🙏बाबा साहब के धर्म पुस्तक है "भारतीय संविधान" उसमें बौद्ध-धर्म और रविदास-राज दोनों के गुण समाहित हैं 🙏

17. मंदबुद्धि के जस्टिस डीडी बसु ने भारतीय संविधान की समीक्षा करते हुए केवल विदेशी संविधान के तत्वों को तो देखा, और उसको अपनी पुस्तक में संकलित कर दिया, परंतु वह इस बात को देखने में सक्षम नहीं रहा कि तमाम संविधानों में से बाबा साहब ने केवल उन्हीं तत्वों को क्यों लिया? उसने अपनी पुस्तक में इस बात की समीक्षा नहीं की, क्योंकि उसको भारतीय संविधान को कट पेस्ट दिखाना था🙏


18. जबकि बाबा साहब ने भारतीय संविधान को लिखते हुए रविदास राज की अवधारणा और बुद्ध धर्म की अवधारणा के आधार पर भारतीय संविधान को लिखा है, बाबा साहब ने भारतीय संविधान में किन-किन धर्म को प्रमुखता दी यह आर्टिकल 25 के परन्तुक से पता चलता है👏


19. कुटील बुद्धि के ब्राह्मण सदैव वर्टिकल धर्म ही स्थापित करते रहते हैं, उनको होरिजेंटल धर्म पचता ही नहीं है इसलिए उनको जहां भी घुसने का मौका मिलता है, उस धर्म का सत्यानाश कर देते हैं 🙏 आजकल भारतीय संविधान का सत्यानाश करने पर तुले हैं, वह चाहे विधि आयोग में बैठकर करें या भारतीय न्यायपालिका में, उनका अंतिम उद्देश्य है वर्टिकल धर्म स्थापित करना, जबकि भारतीय संविधान इसकी इजाजत नहीं देता है 🙏


20. जैन धर्म एक खुला हुआ धर्म था, जैन धर्म के सिद्धांतों को अपनाते हुए कोई भी व्यक्ति जैन धर्म का हो सकता था 🙏


21. परंतु आज ऐसा नहीं है, क्योंकि वहाँ भी कुटिल बुद्धि के ब्राह्मण भरे हुए हैं जैनी की धन संपत्ति बंट ना जाए, इसलिए वह आपस में ही वैवाहिक संबंध करते हैं, क्योंकि ऋग्वेद के दशम मंडल का यम-यमी प्रकरण उनको ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करता है और यह बात ब्राह्मण ही उनको समझाता है🙏


22. यही हाल पारशियों का भी है, उनकी धन संपत्ति बंट ना जाए वह भी अपने घर परिवार में ही वैवहारिक संबंध करता है, इसका दुष्परिणाम यह होता है कि आनुवांशिक रोग उनके यहां चरम पर पाए जाते हैं 🙏 मानवता उन में नाम मात्र की होती है, उस अमानविता का शिकार बाबा साहब को भी होना पड़ा था🙏


23. नालंदा तक्षशिला यूनिवर्सिटी को जला देने के बाद, भारतीय संस्कृति जैसी तो कोई चीज है नहीं, कोई नहीं कह सकता यह हमारी संस्कृति है, इसलिए जो पैगंबर आते रहे अपनी-अपनी संस्कृति बनाते रहे, थोपते रहे🙏


24. ब्राह्मण सदैव कुटिल बुद्धि का रहा है और हर परिस्थिति में हर राज्य व्यवस्था के निकट रहा और आज भी है, अपने मन माफी काम कराता रहा, जहां नहीं करा सका युद्ध करा दिये, गुरु तेग बहादुर को भी मरवा दिया, और और खुद की उंगली भी नहीं काटने दी 😂 खुद को सरवाइव कर ले गया, उसने समाज के भले के लिए कभी काम नहीं किया, सदैव वर्टिकल धर्म के लिए काम किया है 🙏


25. ब्राह्मण वत्सयान का कामसूत्र उसकी श्रेष्ठ को दर्शाता है, युवराज और राजपूत का अंतर, इस ग्रंथ की ही देन है🙏 


26. भारत सरकार UCC पर जोर दे रही है, रविदासिया समाज की इसमें क्या तैयारी है? रविदासिया समाज में इस विषय पर भारत सरकार को कितने पत्र लिखें, क्या संगठन को अपने समाज को उन पत्रों के बारे में नहीं बताना चाहिए?


27. मेरी जानकारी में नहीं है, रविदासिया संगठन ने भारत सरकार को कोई पत्र लिखा हो, वह तो केवल हरि और सोहम में लटके हैं 🌹🙏


28. इन सभी विषयों पर किसी को तो घंटी बांधनी है, मैं तो अपना फर्ज निभाउंगा, चार दिन बाद जाना है, चार दिन पहले चला गया तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि धरती को बनाने वाला मैं नहीं हूं 😂🙏🌹


सामाजिक चिंतक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :-


1. गुरु कहते समय उनका नाम भी लिया जाना चाहिए, ताकि समाज में भ्रम की स्थिति ना रहे कि किस गुरु की बात चल रही है, सबके अपने-अपने गुरु हैं, सबका अपना अपना डफली और अपना-अपना राग है 😂🙏


2. किस गुरु का अपमान हुआ, जो तुम्हारा गुरु है यह जरूरी नहीं कि वह सब का गुरु हो, जो तुम्हारा बाप है यह जरूरी नहीं वह सबका बाप हो, तुम्हारे गुरु के साथ दूसरे का दूसरा संबंध हो सकता है🙏


3. आप चौधरी क्यों बन रहे हो, और अगर चौधरी बना रहे हो तो गुरु के नाम का स्पष्ट उल्लेख करो ताकि भ्रम की स्थिति ना रहे, जिसे तुम गुरु कह रहे हो क्या वह गुरु होने योग्य है 🙏


4. चोरों का भी गुरु होता है😂 ठागो का भी गुरु होता है 🙏 इसलिए गुरु का नाम स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि किसका अपमान हो रहा है, और सटीक आधार भी होने चाहिए, यह आवश्यक नहीं तुम्हारा गुरु भी हमारा गुरु हो 🙏 अपने गुरु को मेरे ऊपर थोपने की कोशिश मत करें🙏


5. यदि कोई गुरु किराए के गुंडे पलता है, तो यह स्पष्ट है उसका गुरु आध्यात्मिक गुरु नहीं है😂डॉन जरूर हो सकता है🙏


6. मुझे धमकाने के लिए को जो लोग फोन कर रहे हैं, (आज भी एक प्रमुख व्यक्ति ने फोन कर दिया) वह लोग केवल अपनी बात कह कर फोन काट देते हैं, मेरी बात सुनते ही नहीं हैं 😂 भाई मेरे टेप रिकॉर्डर मत बनो, आदमी बनो,🙏 कुछ अपनी कहो कुछ मेरी सुनो 🙏

2 अक्टूबर की बैठक से संबंधित सूचना

 🙏 सामान्य सूचना दिनांक 30 सितंबर 2024🇮🇳



29 सितंबर 2024 की टेलिफोनिक बैठक के बाद हमारी बारीक नजर 2 अक्टूबर 2024 की सभा पर है 🙏


हम संत शिरोमणि गुरु रविदास के भक्तों से सच्चा होने की उम्मीद करते हैं, इसके साथ ही पदाधिकारी से यह उम्मीद करते हैं कि वह समाज को जोड़ने का काम करेंगे🙏


1. संत शिरोमणि गुरु रविदास ने "राम-राम" कहा और हिंदू-मुस्लिम राजा-रंक सभी के लिए रविदास-राज की अवधारणा दी है 🙏


2. काम को बांट कर करो भाई, धरती का सुख भोगने आए हो, मनुष्य हो और मनुष्य की तरह काम करो, ना बैल बनो ना बैल बुद्धि वाले बनो 🙏 ना ही गधा बानो 😂


3. मैं श्री रवि जी के साथ लगभग 6 महीने (जनवरी से जून) था, परंतु उनकी "धीरे चलो नीति" के कारण मैं दुखी हो गया और मैंने अपनी चाल बढ़ा दी, फिर तो उनमें और हमारे बीच में अंतर आना लाजमी था🙏


4. सेंट्रल कमेटी मार्च माह में मेरे संपर्क में आई, सितंबर तक इनको भी 6 माह हो गया है🙏 अगस्त माह में कोर्ट ऑफ कंटेंप्ट का केस डाला जाना था 🙏


5. अप्रैल से मैं लगातार मंदिरों को जोड़ने का अनुरोध कर रहा हूं, परंतु कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा रहा केवल मेरे नकेल डाली जा रही थी, "टालों नीति" चल रही थी ! 

6. अगस्त माह में कोर्ट आफ कंटेंप्ट का केस नही डाला गया, उसमें भी टालो नीति ही चलाई जा रही थी, वकालत नामे पर सिग्नेचर करने में सबसे आगे, खर्चा करने के नाम पर धोखा देना🙏


7. सरकारी कमेटी के पदाधिकारी/सदस्य से नाजायज सौदा बाजी करना, रिश्तेदारी निभाना, हरि-सोहम के मुद्दे को 10 अगस्त की बैठक में अनावश्यक तूल देना, पदाधिकारी होते हुए निष्पक्ष ना रहना, मुझे आरएसएस का बता कर दुष्प्रचारित करना, केंद्रीय कमेटी के, वर्तमान और पूर्व पदाधिकारी का गंभीर अपराध रहा है 👏


8. अधिवक्ता जब क्लाइंट के बात सुनता है तो वह पिटीशन बन जाती है, और जब अधिवक्ता की बात कोर्ट सुनता तो वह जजमेंट बन जाता है🙏 वह भूल जाते हैं कि वह अधिवक्ता से बात कर रहे हैं 🙏 अधिवक्ता के बारे में बात कर रहे हैं 🙏


9. संत शिरोमणि गुरु रविदास के मुद्दे को आपने मजाक का विषय बना दिया 🙏 राजनीति में वोट इकट्ठा करने का विषय बना दिया🙏 फिर भी आप समझते समाज आपका सम्मान करेगा, संत शिरोमणि गुरु रविदास का प्रकोप आप पर नहीं पड़ेगा🌹🙏 यदि तुम मुझे मरवा भी दो तो भी आपके पाप नहीं छुपेंगे 😭


10. कल से आज तक मुझे लंबी-लंबी धमकियां मिल चुकी है, सबकी धमकी देने की भाषा अलग है, मेरी कलम में अभी स्याही है🙏


11. मैं गुडगांव पुलिस के पीछे हाथ धोकर पड़ा हूं, मैं दिल्ली की लीगल सर्विस अथॉरिटी के पीछे हाथ धोकर पड़ा हूं 🙏एवं अन्य 


12. और आप लोग मेरे पीछे हाथ धोकर पड़े हो 😂 भाई आपके चरण कहां है👏 मुझे बता देना, आओ मिलकर दुश्मनों से लड़े, अपने दुश्मन की पहचान कर लें 🙏


12. मैं आपका दुश्मन नहीं, आपके मानसिक विकारों लोभ, ईर्ष्या, मोह, छल, मद आदि विकारों का दुश्मन हूं, और आगे भी रहूंगा🌹😂


आपका शुभचिंतक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


🌹🙏