Friday, 22 November 2024

16 से 22 नवंबर 2024 तक की पोस्ट

 [16/11, 3:05 pm] kamleshmittra: 🌹अति आवश्यक सूचना :- सूचना दिनांक 16 नवंबर 2024


आप सभी को जानकर खुशी होगी कि अब आपके द्वारा लिखे गए पत्र का माननीय सुप्रीम कोर्ट संज्ञान लेगा, सभी पत्रों का संज्ञान लेगा 🙏 ऐसा सिर्फ इसलिए हो सका है कि सन 2022 के दिसंबर माह में केंद्र सरकार और माननीय सर्वोच्च न्यायालय को मैंने लिखा था, परंतु सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने उसको खारिज कर दिया 🙏 6 महीने के संघर्ष के बाद जब आरटीआई के माध्यम से मुझे पता लगा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री ने हमारे पत्र को खारिज किया है जो कि उसका अधिकार क्षेत्र नहीं था, इसकी अपील मैंने माननीय राष्ट्रीय सूचना आयोग में की थी 🙏


 उपरोक्त संदर्भ में राष्ट्रीय सूचना आयोग ने दिनांक 5 नवंबर 2024 को निर्देशित किया कि चैंबर कोर्ट के मैटरस को चैंबर कोर्ट को ही करना चाहिए था परंतु माननीय राष्ट्रीय सूचना आयोग की अपनी सीमाएं, इसलिए यह माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विवेकाधिकार पर छोड़ दिया गया, माननीय सर्वोच्च न्यायालय और उसकी रजिस्ट्री विभाग की त्रुटि उजागर हो चुकी थी🙏


जस्टिस खन्ना ने इसका संज्ञान लेते हुए, नई अधिसूचना जारी कर एक पैनल का गठन कर दिया है, जो मा. सर्वोच्च न्यायालय को भेजे गए पत्रों का संज्ञान लेगा परंतु विषय उठता है कि पत्र कैसे लिखें 🙏 कौन से विषयों का माननीय सर्वोच्च न्यायालय संज्ञान लेगा 🙏


1. आपकी जिस विषय से संबंधित शिकायत है, क्या आपने उसके निकटवर्ती अधिकारी को प्रतिवेदन दिया है 🙏

2. यदि निकट अधिकारी ने प्रत्यावेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की है तो क्या आपने उसके उच्च अधिकारी को सूचित किया है, इसकी शिकायत की है 🙏

3. क्या आपने उस विभाग के प्रमुख, प्रमुख सचिव अथवा मंत्री को शिकायत की है 🙏

4. उपरोक्त तीनों प्रक्रियाओं में 45 दिन (30 + 15, 30 दिन कार्रवाई के लिए और 15 दिन पोस्ट डिलीवरी के लिए ) का अंतर रखते हुए कुल सीमा 135 दिन की यदि हो जाती है🙏 और आपकी शिकायत का समाधान नहीं होता है 🙏

5. तब आप माननीय सर्वोच्च न्यायालय को सीधे पत्र लिख सकते हैं🙏 उसमें आपको पहले अपनाई गई पूरी प्रक्रिया का दिन बार व्योरा देना होगा 🙏

6. राज्य स्तरीय कार्यालय के लिए पहले आप राज्य के हाई कोर्ट को पत्र लिखें 🙏 यदि हाई कोर्ट भी इसका संज्ञान नहीं लेता है🙏

7. तब आप अपने पत्र में उपरोक्त चारों की शिकायत करते हुए, माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध कर सकते हैं कि आपके पत्र का संज्ञान लिया जाए 🙏

8. नई व्यवस्था के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय इसका संज्ञान लेगा🙏

9. फिर भी आपको कोई दिक्कत है तो मैं आपकी सेवा में हाजिर हूं 🙏

10. माननीय सर्वोच्च न्यायालय उन विषयों का भी सीधे संज्ञान लेगा जो सीधे संविधान से ताल्लुक रखते हैं, और किसी विधि के अंतर्गत नहीं आते हैं 🙏 मेरा पत्र इसी प्रकार का पत्र था, इसलिए माननीय राष्ट्रीय सूचना आयोग और माननीय सर्वोच्च न्यायालय दोनों ने इसका संज्ञान लिया है 


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064


नोट :- 

1. उपरोक्त मामले में आप संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी मांग कर सकते हैं🙏


2. इसके साथ-साथ अपने हुए मानसिक उत्पीड़न की भरपाई की ( कंपनसेशन) भी मांग कर सकते हैं


3. आपकी जो मूल समस्या थी उसका निस्तारण तो, उपलब्ध विधि के अनुसार होगा ही होगा🙏 साथ ही आप ऐसी विधि की भी मांग कर सकते हैं जिसका भारतीय संविधान समर्थन करता हो 🙏

4. मैं न्यायपालिका के रास्ते पर कालीन बिछाने आया हूं, और इस कार्य में मैं ईमानदारी से लगा हूं, आप भी इमानदारी से मेरा सहयोग करें, यदि सूचना को अपने पढ़ लिया है 😂

[17/11, 11:07 pm] kamleshmittra: 🙏सूचना दिनांक का 17 नवंबर 2024


1. अब इस ग्रुप में शासन-प्रशासन को मेरे द्वारा लिखे जाने वाले सभी पत्रों की कॉपी डाली जाएगी, जो जन कल्याण से संबंधित है, शासन प्रशासन और अन्य निकाय की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए हैं 🙏 रविदास राज स्थापित करने से संबंधित है 🙏


2. किसी महानुभव के व्यक्तिगत केस की कॉपी इसमें नहीं डाली जाएगी 🙏 जब तक कि वह सार्वजनिक कल्याण से संबंधित ना हो, संसूचित कर डाली जाएगी🙏


3. अब तक सार्वजनिक संघर्ष का कार्य मैं अपने व्यक्तिगत धन से करता रहा हूं, लगातार यह खर्च बढ़ रहा है🙏, पत्र लेखन, और मीटिंग का यात्रा भत्ता लगातार बढ़ रहा है 🙏


4. कुछ प्रिय मित्रों का सहयोग इसमें लगातार आता रहा है इसलिए मैं इस कार्य को 2019 से करता रहा हूं🙏


5. जनवरी 2024 तक मुझे जानने वाले बहुत कम लोग थे, इसलिए मेरा उत्तरदायित्व भी कम था परंतु श्री के.सी. रवि जी के संपर्क में आ जाने के बाद, बहुत से लोग तेजी से मुझे जानने लगे हैं, इस कारण समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियां भी बढ़ गई है 🙏


6. हम अपने उन मित्रों को धन्यवाद देते हैं, अपने उन मित्रों की आर्थिक शक्ति को भी पहचानते हैं जो मेरा आर्थिक सहयोग करते रहे हैं इसलिए हम उन पर अधिक भार नहीं डाल सकते हैं 🙏


7. रविदास राज की स्थापना में जो अन्य लोग अपना सहयोग करना चाहते हैं, वह चाहे तो मेरी आर्थिक मदद कर सकते हैं🙏 जैसा कि मैं अपने पूर्व मित्रों को समय-समय पर कार्य की प्रगति रिपोर्ट देता रहा हूं वह भी मुझसे कार्य की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर सकेंगे, जो इसमें सहयोग करेंगे🙏


8. रविदास राज को केवल घंटा बजाकर स्थापित नहीं किया जा सकता, जमीन पर संघर्ष करना होगा, और चित्त में कल्याण भाव को भी संजोए रखना होगा, उस ध्यान पद्धति से जो संत शिरोमणि गुरु रविदास ने दी है, अथवा एंड होरिजेंटल विचारधारा के संत ने दी है, सभी होरिजेंटल विचारधारा के संत रविदास राज के समर्थक हैं, भले ही इसे दूसरे नाम से जाना जाता हो 🙏


9. किसी संत का बड़ा प्रिया वचन है कि किस्मत से रोटी सामने आ सकती है, परंतु मुंह चला कर खानी ही पड़ेगी, इतना श्रम करना ही पड़ेगा 😂


10. रविदास राज स्थापना का समय आ गया है, सभी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, अपनी समर्थ के अनुसार आर्थिक सहयोग करें🙏


 संघर्षकर्ता अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[18/11, 11:54 am] kamleshmittra: 🙏तुगलकाबाद रविदास मंदिर प्रांगण से संबंधित महत्वपूर्ण सूचना दिनांक 18 नवंबर 2024 


जिनके पास सरकारी कमेटी होने की पावर थी, वह पावर उनके हाथ से निकल रही है🙏


जो कल करोड़ रूपये की भूमि के मालिक बनने जा रहे थे, उनके हाथ से करोड़ों रुपए की भूमि निकल रही है🙏


वह लोग अत्यंत परेशान है, और उठा पटक करने में जुटे हुए हैं🙏


सभी 96 गुरु भाइयों से, दिल्ली के 105 मंदिर कमेटियों के प्रमुखों से एवं अन्य गुरु भक्तों और देश के अन्य रविदास मंदिरों के प्रतिनिधियों से निवेदन है, आप सक्रिय रहे, सूचनाओं को एकत्र करते रहें 🙏 संरक्षण तो माननीय सर्वोच्च न्यायालय करेगा 🙏


संत शिरोमणि गुरु रविदास सभी के हैं 🙏 सभी गुरु भक्त कमेटी के सदस्य हो सकते हैं, पदाधिकारी चुने जा सकते हैं, मंदिर के उत्तरोत्तर विकास में अपना योगदान कर सकते हैं, वहां पर कोई चौधरी बनकर नहीं बैठ सकता है 🙏


संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के डंडे में आवाज नहीं होती है 🙏


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[19/11, 10:13 pm] kamleshmittra: जब दलितों को अधिकार देने की बात हो, लॉ मिनिस्ट्री से पत्र ही गायब हो जाते हैं,


पत्रों के गायब होने के विषय को गंभीरता से लेना दलित राजनीति का विषय होना चाहिए, उन अधिकारियों के टर्मिनेशन की कार्रवाई होनी चाहिए🙏 क्योंकि पत्र साशय गायब किए जाते हैं🙏


 मैं मूल विषय पर संघर्ष करूं या अथवा जातिगत उत्पीड़न पर 🙏 किसी नए व्यक्ति अथवा राजनीतिक व्यक्ति की तरफ से कोई आर्थिक सहयोग नहीं आ रहा है 🙏cic में 25 नवंबर तारीख है 🙏


 उत्तर-पश्चिम दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती कनिका जैन के खिलाफ अनुसूचित जाति आयोग के आदेश होने के बावजूद डीसीपी रोहिणी उनके खिलाफ एफआईआर लिखने को तैयार नहीं है 🙏


राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग बिना दांत का हाथी है, पूर्व अधिकारी श्री मंगतराम वाली ने अपने पूरे जीवन काल में NCSC को काटने वाला हाथी बनाने का कोई काम नहीं किया है 🙏


 मैं मूल विषय पर संघर्ष करूं या या गैर अनुसूचित जाति के भ्रष्ट अधिकारियों को जेल भिजवाने के विषय पर काम करू 🙏


 कल रात 10:00 बजे तक मैं रोहिणी जिला के डीएसपी के पास था, वह अंत तक अड़े हुए हैं कि वह सचिव कनिका जैन के खिलाफ FIR नहीं करेंगे😭

[19/11, 10:44 pm] kamleshmittra: दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तर पश्चिम दिल्ली श्रीमती कनिका जैन के खिलाफ राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा एफआईआर दर्ज करने के आदेश डीएम अलीपुर को दिया गया, यह पत्र डीएम अलीपुर के ऑफिस से गायब हो गया, ऑफिस ने अपनी लिखित रिपोर्ट में कहा है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से उनको कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ 😂


 यह है गैर-दलितों की लाइजिंग, और दलित आपस में ही तलवार भांजने में मस्त हैं 😂 संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर तुगलकाबाद को ही क्रिकेट का मैदान बनाकर 4- छक्का लगा रहे हैं 🌹


 संत हो या सांसद थोड़ी सी शर्म करो, समाज जोड़ने का काम करो, समाज ने पहले ही स्वीकार कर लिया है आप शक्तिमान हो 🙏


 अपने पद की गरिमा का सम्मान करो, आपके बाद भी इस पद को तमाम संत और सांसद शोभित करेंगे 🙏 तुम्हारे कारण धोखे में वह लोग ना गलियां खा जाए 👏


 नए दलों को राजनीति के लिए विषय ही नहीं मिल रहा हैं 🙏 वह केजरीवाल हटाओ, अंबेडकर प्रतिमा लगाओ, मंदिर बनाओ जैसे विषय में उलझे हैं, घंटा बजाने में लगे हैं🙏 आदमी को सामर्थ बान बनने का कोई विषय उनके एजेंडे में नहीं है, शोषण मुक्त करने का कोई विषय उनके आंदोलन का अंग नहीं है 🙏🌹

[20/11, 12:32 pm] kamleshmittra: मैंने आर्थिक समानता की बात क्या कर दी, हमारे समाज के भोले भाले दलित नेता गणों ने हमारी चाय तक जला दी 😂


 मैं पुनः निवेदन करना चाहता हूं आर्थिक समानता की बात मैं नहीं कर रहा हूँ, आर्थिक समानता की बात भारत का संविधान कर रहा है, अधिवक्ता संविधान और कानून का मुख है और जज कार्यपालक अधिकारी है, अधिकांश समय जज अंधा और बहरा होता है, अधिवक्ता उसको पढ़कर सुनाता है😂


किसी अधिवक्ता की चाय ना जल जाए इसलिए आज तक समाज के अधिवक्ता ने समाज को यह नहीं सुनाया कि संविधान क्या कहता है, मैं सुना रहा हूं संविधान क्या कहता है तो हमारे समाज के ही नेता गण हमारी चाय जला देते हैं😂


 नेताजी भगोने की कीमत भिजवा दीजिए, क्योंकि आप संविधान को उतना ही जानते हैं जितना आरएसएस वालों ने पढ़कर बताया है, इसलिए यह मत कहिए कि शोषण जाति के आधार पर होता है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होता है शोषण उसका होता है, जिसके पास पैसा है वह चार लठ्ठऐत भी रख सकता है उसे दूसरे के मंदिर में जाने की जरूरत नहीं है, खुद के मंदिर में पंडितों को रख सकता है 😂


सतीश मिश्रा को ही देख लो मायावती के चरणों में पड़े हैं, इसलिए यह मत कहो कोविद को मंदिर उद्घाटन पर नहीं बुलाया गया😂

[20/11, 3:00 pm] kamleshmittra: 🌹सूचना दिनांक 20 नवंबर 2024

 

आर्थिक समानता बनाम आर्थिक आरक्षण🙏


1. कुछ लोगों को भ्रम हो सकता है कि मैं आर्थिक आधार पर आरक्षण की बात कर रहा हूं 🙏


2. जबकि मैं आरक्षण की बात ही नहीं कर रहा हूँ, मैं तो केवल आर्थिक समानता की बात कर रहा हूं 😂


3. इसलिए राजनीति करने वाले सावधान रहें, तुम आर्थिक आधार पर, जाति के आधार पर आरक्षण के लिए दंगल सजाए रहो, परंतु इससे समाज का कोई भला नहीं होगा🙏🌹


3. मैं तो आर्थिक समानता की बात कर रहा हूं, निजी क्षेत्र हो या सरकारी क्षेत्र, क्षेत्रीयता के आधार पर मूलभूत आवश्यकताओं में आर्थिक समानता आवश्यक है, चल संपत्ति अचल संपत्ति का वितरण समानता के आधार पर होगा, शेष संपत्ति सरकार के पास जमा रहेगी, अगली पीढ़ी को दी जाएगी, बची हुई चल और अचल संपत्ति, दुनिया छोड़ चुके लोगों से वापस ले ली जाएगी 😂 और पुनः वितरण होगा🙏


4. जनजातीय संपत्ति और सभ्यता संस्कृति अपना अलग स्थान रखती है इसलिए आदिवासी(बनवासी), शाहरी और ग्रामीण सभी की क्षेत्रीय आधारित मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित चल और सब अचल संपत्ति बराबर की होगी, उसको प्राप्त करने वाला मूल वेतन समान होगा 🙏


5. बौद्धिक संपदा, का उपयोग जन कल्याण के लिए होगा, जो अपनी बौद्धिक संपदा का उपयोग जन कल्याण के लिए करेगा, बदले में जन कल्याण करने के लिए अतिरिक्त सुविधाएं पाने का अधिकारी होगा😂


6. यह भारतीय संविधान के अनुसार नई अर्थव्यवस्था होगी, इससे आप रविदास राज भी कह सकते हैं क्योंकि संत शिरोमणि गुरु रविदास ने कहा है ऐसा चाहूं राज मैं......


7. आज जिन नेता का फोन आ गया, पिछली बार भी उनका फोन आया था उन्होंने मुझे पिछली बार बहुत डराया था, उत्तर प्रदेश भाग जाने के लिए धमकाया था, मैं तो फोन देखते ही डर गया, फिर किसको होश रहा कि चाय चढ़ी है🙏


8. सब धुआ धुआ हो गया 😂तब याद आया इस बार उधर से धुआं नहीं हुआ तो इधर से धुआं हो गया 😂


9. एक लंबे समय तक मनुवादी दर्शन का विरोध चलता रहा, मनुवादी दर्शन का विरोध अंबेडकरवादी राजनीति नही है 🙏

10. अंबेडकरवादी राजनीति तो कल्याण की राजनीति है, 22 प्रतिज्ञाओं का दर्शन मुझे समझ में नहीं आता है, मुझे संदेह है यह किसी और के द्वारा लिखी गई है, अथवा किसी और समय लिखी गई बातो को कट पेस्ट कर दिया गया है 🙏


12. क्योंकि भारतीय संविधान लिखने वाला दूर दृष्टा, इतनी मूर्खतापूर्ण बातें एक साथ नहीं लिख सकता है 🙏


13. जैसे अंबेडकर ने कहा था कि "हिंदू जाति में पैदा होना ना होना मेरे बस की बात नहीं थी परंतु मैं हिंदू रह कर नहीं मारूंगा बौद्ध होकर मारूंगा" इसलिए डॉक्टर अंबेडकर ने बौद्ध धर्म ग्रहण किया था, बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी 😂


14. आजकल आरएसएस का दर्शन चल रहा है, वह भारतीय संविधान नहीं है 😂


15. अब तक मैंने जितने चमार(दलित) अधिकारियों से बात की है, जितने दलित राजनेताओं से बात की है यह जानकर बहुत अफसोस होता है, कोई भी भारतीय संविधान प्रदत्त अवधारणा आर्थिक समानता के पक्षधर नहीं है, जबकि वह खुद को अंबेडकरवादी कहने से नहीं चूकते हैं 🙏 मीठा मीठा गप-गप कड़वा कड़वा थू थू 😂


16. आरएसएस की व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से निकलने वाली भारतीय संविधान की व्याख्या, भारतीय संविधान की व्याख्या नहीं है 🙏😂


17. इसलिए कोई भी दलित अधिकारी, कोई दलित राजनेता, जैसा उसका माइंडसेट है, मेरे पर थोपने का प्रयास न करें 🙏🌹


18. मैंने इंजीनियरिंग छोड़कर LLB इसीलिए की क्योंकि इलाहाबाद के एडिशनल कमिश्नर श्री रामचंद्र (चमार ) संविधान पर बहस करते हुए मेरी बात का जवाब नहीं दे सके🙏तब उन्होंने एक ही बात की और मुझसे पूछा क्या मैंने एलएलबी की है, मैंने कहा मैंने नहीं की, उन्होंने कहा मैंने एलएलबी की है, इसलिए वह मेरी बात नहीं मानेंगे🙏

19. उस संघर्ष की भी एक लंबी कहानी है, डॉक्टर एस के पांडे को बचा लिया रामचंद्र ने, अन्यथा डॉक्टर एस के पांडे- एडिशनल कमिश्नर कब का जेल चला गया होता, संघर्ष अभी जारी है 🙏 गैर दलित अधिकारियों को बचाने में लगे चमारों से ही मुझे सबसे ज्यादा जूझना पड़ता है, इसी को क्रीमी लेयर कहते हैं वर्गवाद कहते हैं 🙏 

20. मेरे आर्थिक समानता के संघर्ष पर नेता जी को तकलीफ नहीं होनी चाहिए थी, परंतु नेताजी (जाटव) को तकलीफ है, क्योंकि अपने समाज के भूखे लोगों को देखकर उनका खुशी मिलती है😂 चार पैसे जोड़ लिए हैं इसीलिए वह नेता है, वह अपने गुण के आधार पर नेता नहीं है


21. उस मूर्ख एडिशनल कमिश्नर रामचंद्र ने मुझे सुप्रीम तक पहुंच कोर्ट तक पहुंचा दिया, आज तक मैं अपनी उस बहस पर कायम हूं बात सन 2004 की है 🙏


अफसोस की बात है क्रीमी लेयर को भारतीय संविधान समझ में नहीं आता है 🙏


आरक्षण से मिली हुई नौकरी की समय सीमा 10 वर्ष होनी चाहिए, तब दलित अधिकारी ईमानदारी से काम करेंगे, जनहित का काम करेंगे😂


 एक अन्य प्रबुद्ध जी का फोन आ गया सारा पोस्ट भुला दिए🌹 बाकी फिर कभी🙏


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[21/11, 6:32 pm] kamleshmittra: 🌹अति आवश्यक सूचना 21 नवंबर 2024


दलित राजनीतिग्यो को राजनीति के लिए विषय नहीं मिल रहे वह एक मांगे तो सौ दूँl 


कई घंटे से यह पत्र सोशल मीडिया पर पड़ा है परंतु किसी भी राजनीति विशेषज्ञ का फोन नहीं आया है क्योंकि दलित राजनेता केवल घंटा बजना जानते हैं 😂


इस पत्र की डायरी 21 नवंबर को हो रही है, जबकि इस पत्र पर डिप्टी पुलिस कमिश्नर का आदेश 18 नवंबर को ही अंकित है,आदेश हस्तलिखित है 🙏😂


FIR तो दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (उत्तर-पश्चिम जिला) सचिव श्रीमती कनिका जैन के खिलाफ होनी थी, परंतु उनका बचाव करते-करते डिप्टी पुलिस कमिश्नर श्री अमित गोयल ने अपनी कलम फसा बैठे हैं 😂


इसके बाद वर्ग बाद शुरू हो जाएगा इसे हम जातिवाद नहीं कह सकते है, यह वर्गवाद क्रीमी लेयर वाद (नौकरशाहीवाद) है 🙏


डिप्टी पुलिस कमिश्नर रोहिणी का जनसंपर्क अधिकारी (PRO) जो अनुसूचित जाति अथवा पिछड़ी जाति का सदस्य है, अपने वरिष्ठ पदाधिकारी डिप्टी पुलिस कमिश्नर रोहिणी को बचाने के लिए जुट गया है 🙏


1. 18 नवंबर 2024 को हमने डिप्टी पुलिस कमिश्नर से लगभग शाम 7:30 बजे मुलाकात की थी, जबकि सुबह 11:00 से मुझे इसी विषय पर PRO द्वारा लटकाये रखा गया था 🙏 पहले सहायक पुलिस कमिश्नर बेगमपुर की रिपोर्ट खुजवाने का काम चलता रहा, उस रिपोर्ट को दिखाने को भी राजी नहीं हुए, मुझे बताया कि आयोग को भेज दी है 🙏 मैंने प्रतिवाद किया कि जब सहायक पुलिस कमिश्नर बेगमपुर का अधिकार क्षेत्र ही नहीं बनता तो वह इस विषय पर रिपोर्ट कैसे बना सकते हैं😂 मैंने कहा मुझे डिप्टी पुलिस कमिश्नर से मिलना है, 7:30 बजे हमारी उनसे मुलाकात करायी गयी 🙏

2. डिप्टी पुलिस कमिश्नर को मैंने वह बताया जो पत्र में लिखा है परंतु वह FIR करने को राजी नहीं हुए मैंने उनको पत्र सौंपते हुए कहा जो कुछ भी आपको कहना है इस पत्र पर कह दीजिए 

2. उन्होंने फारसी में इस हिंदी पत्र पर लिख दिया, उसको उनका जनसंपर्क अधिकारी भी, आज नही पढ़ पाया, ना समझा पाया🙏 इसके साथ ही हम दोनो DCP ऑफिस से बाहर निकाल आये 🙏

3. जनसंपर्क अधिकारी ने मुझसे कहा ऑफिस में बैठो मैं अभी आता हूं 🙏

4. उसके बाद 10:00 बजे तक जनसंपर्क अधिकारी अपने ऑफिस में नहीं लौटा, और मैं उसका इंतजार करता रहा,

5. रात 10:00 बजे जब उससे मुलाकात हुई तब वह कहता है कि सारे लोग चले गए हैं फोटो स्टेट नहीं हो सकता है, अन्यथा इसी की फोटो स्टेट मैं आपको दे देता😂

6. मैंने उससे कहा मुझे कॉफी दिखा दीजिए तो वह बोला हम नहीं दिखा सकते कल आपको फोटो कॉपी करके दे देंगे🙏 रात लगभग 12 बजे तीन गुना पैसा खर्च करके हम अपना रूम पर लौटे 😭

7. आज 2 दिन बाद मैं डिप्टी पुलिस कमिश्नर के ऑफिस पहुंचा हूं, तो मुझे उसकी कॉपी दी गई, PRO के सहायक से मैंने कहा इस पर आप अपने ऑफिस की स्टंप लगा दे, परंतु वह स्टंप लगाने को राजी नहीं हुआ और PRO साहब के आने का इंतजार करने के लिए बोला, PRO साहब लगभग 12:00 बजे दोपहर को आये 🙏

8. इसी दौरान मैंने मोबाइल से पत्र की फोटो कॉपी ले ली थी 🙏 PRO साहब भी पत्र पर ऑफिस की स्टांप लगाने को राजी नहीं हुए🙏 मैंने उनसे कहा कि हस्ताक्षर पठनीय नहीं है इसलिए आपको ऑफिस की स्टांप लगानी होगी, -> तब वह कहने लगे इस तरह से पत्र देना गलत है इसलिए वह स्टंप नहीं लगाएगे जब तक डिप्टी कमिश्नर साहब उनसे नहीं कहते है 😂 मैंने उनसे कहा आप भी मानते हैं यह तरीका गलत है वह बोले हां 🙏

9. तब मैंने उनसे कहा अब दूसरे विषय पर आ जाइए इस आदेश में जो लिखा है पढ़ कर सुना दीजिए, परंतु वह आदेश को भी नहीं पढ़ सके 😂

10. तब मैंने उनसे कहा इस पत्र की डायरी कर दीजिए, क्योंकि इस पत्र को मैंने 18 तारीख को दिया था🙏 वह चाहते तो अपने ऑफिस में इसकी डायरी कर सकते थे, जैसे DCP साहब से मिलने वाले लोगों की डायरी करते थे, वहीं पर इस पत्र को चढ़ा सकते थे😂


11. परंतु अधिक होशियारी दिखाते हुए, उन्होंने अपने सहायक के माध्यम से रिसिप्ट विभाग में मेरे पत्र की डायरी कराई इसलिए पत्र पर डायरी की तारीख 21 हो गई है 😂 और मुझसे कहा कि जब डिप्टी साहब आएंगे तब उनसे पूछ लेंगे, तब स्टंप लगाएंगे और मुझे जाने के लिए कह दिया, कि शाम को पूछ कर वह फोन कर देंगे🙏


मैं चला आया, परंतु अभी तक PRO साहब का फोन नहीं आया 😂


आम आदमी तो इतनी बहस भी नहीं कर सकता है, यहां पर दलित राजनीति करने की आवश्यकता है, मेरे दो दिन के ख़राब हुए समय और खर्च की भरपाई कौन करेगा यह एक राजनीतिक विषय है


क्योंकि न्यायपालिका उपलब्ध विधि के अनुसार ही न्याय करता है, जिन विषय पर कोई विधि उपलब्ध नहीं है, न्यायपालिका उस विषय पर न्याय नहीं कर सकता है इसलिए यह राजनीति का विषय है 😂


जब राजनीति कनिका जैन के खिलाफ FIR का दबाव बढ़ायेगी (जोकि जिला जज के समान शक्ति रखती हैं, सचिव जिला जज रैंक का होता है ), तो डिप्टी पुलिस कमिश्नर अमित गोयल के खिलाफ भी FIR लिखी जाएगी क्योंकि वह माननीय अनुसूचित जाति आयोग के कार्य में बाधा डालना और विलंब करने के दोषी हैं😂 दलित राजनीति को अपना संरक्षण करने वाली संस्थाओं के साथ खड़ा होना चाहिए🙏🌹


इस दलित अथवा ओबीसी PRO का क्या किया जाए?


जब ऊपर वालों पर टूटेगी तो इस पर भी टूटेगी, दलित राजनीति यहीं पर मौन हो जाएगी 🙏 इस प्रकार सवण(ऊंची जाति) राजनीति के हौसले बुलंद होंगे और दलित पिस्ता रहेगा 😂 


सीमा पर आदेश देने वाले ऊंची जाति के लोग होते हैं और गोली खाने वाला अनुसूचित जाति का अथवा ओबीसी होता है, धोखे से कोई ऊंची जाति का मर जाए, तो पदक विजेता हो जाता है 🙏


अपने समाज की रक्षा के लिए, PRO साहब तैयार नहीं है 🙏 वह वर्गवाद के अंतर्गत अमित गोयल को बचाने पर लगे हैं 😂


वकील केवल उपलब्ध विधि में ही न्याय दिलवा सकता है, बाकी सब जज साहब की कृपा पर है🙏


राजनीति सभी जन उपाय करने में सक्षम है, क्योंकि बाबा साहब ने दलितों को इतनी शक्ति दे रखी है वह जब चाहे हर सरकार को गिरा सकते हैं🙏


परंतु दिल्ली के दो माननीय श्री दुष्यंत गौतम और श्री राजेंद्र गौतम घंटा बजाकर दिल्ली की जनता को दो टुकड़ों में बांटे हुए है,


एक रविदास के नाम पर घंटा बजा रहा है दूसरा अंबेडकर के नाम पर घंटा बजा रहा है 😂


मेरे पास वोट एक है, मैं किसी घंटे को वोट दूं, दोनों ही समाज के विष हैं 🙏


कटु आलोचक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :-

मेरी कलम से जीतना होगा मैं करूंगा, परंतु मुझे किसी माननीय से कोई उम्मीद नहीं है, जबकि यह राजनीति का विषय हो चुका है 🙏कि माननीय अनुसूचित जाति आयोग के आदेश के बाद भी एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई?


सब मोदी के चेले हैं कमलेश मित्रा को कपड़ों से पहचान रहे हैं, वह अनुसूचित जाति आयोग में बैठा हुआ डिप्टी डायरेक्टर पहाड़िया हो अथवा डिप्टी पुलिस कमिश्नर अमित गोयल हो, या सचिन कनिका जैन😂


अधिवक्ता कोड के अनुसार किसी भी सरकारी कार्यालय में किसी भी अधिकारी के समक्ष अधिवक्ता अपनी यूनिफॉर्म पहनकर नही जायेगा जब तक कि वह न्यायिक अधिकारी ना हो इसलिए मुझे यह बताने की आवश्यकता नहीं मैं अधिवक्ता हूं 😂

[22/11, 7:11 am] kamleshmittra: 🌹आध्यात्मिक चर्चा सूचना दिनांक 22 नवंबर 2024


सुबह के 5:30 बजने वाले हैं, आज के विशुद्ध ध्यान में मन स्थिर नहीं हो सका है 🙏


भटकता ही रहा है 


ध्यान कई प्रकार का होता है, मैं विशुद्ध ध्यान की बात कर रहा हूं🙏


1. विशुद्ध ध्यान में ना तो किसी नाम का सहारा लिया जाता है और ना ही किसी चित्र का, विशुद्ध सांसों के आगा-गमन पर नथुनों के पास मन को टिकाया रखना पड़ता है, और लंबे समय तक सांसों के आने-जाने की प्रक्रिया को देखते रहना पड़ता है, इसी को पिछली चर्चा में मैंने कहा था कि कम से कम उम्र के अनुपात में अर्थात 30 साल उम्र है तो कम से कम 30 मिनट, 40 साल उम्र है तो कम से कम 40 मिनट का ध्यान करना लाभदायक होता है ( प्रतिदिन सुबह-शाम)🙏


2. जो लोग विशुद्ध सांस के सहारे ध्यान नहीं लगा सकते, वह नाम का सहारा लेते हैं, चित्र का सहारा लेते हैं, चित्र स्मृति का सहारा लेते हैं🙏


3. नाम कोई भी हो सकता है और किसी के गुरु के द्वारा लिया जा सकता है या स्वयं से भी कर सकते हैं, परंतु सभी धोखे हैं 🙏 जिनका इतना करने पर भी नहीं टिकता, वह माला का सहारा भी ले लेते हैं 🙏अब वे एक साथ तीन जगह पर मन टिकाने की कोशिश करते हैं🙏 मन को तीन स्थानों तक ही सीमित रखते हैं -> सांसों के साथ, शब्द के साथ, और माला की गुरिया के साथ🙏


4. जिनका इतने पर भी ध्यान नहीं टिकता, वह रूप ध्यान करते हैं, किसी आराध्य के रूप को आंख बंद करके याद करते हैं परंतु यह सब भी धोखे है 😂


5. आचार्य बालकृष्ण ने आयुर्वेद में जड़ी बूटियां का अध्ययन कराते समय एक बात कही थी, जब भी हम जड़ी बूटियां को टैबलेट या कैप्सूल के फॉर्म में बनाते हैं, उस बूटी की 40% शक्ति समाप्त हो जाती है😂 परंतु फिर भी उनका दिव्या फार्मेसी ट्रस्ट दवाइयां का निर्माण करता है 🙏 क्योंकि लोगों को रेडीमेड चाहिए😂


6. विशुद्ध सांसों पर मन को टिकाना अत्यंत कठिन काम है, पिछली बार चर्चा में मैंने कहा था, जो विपश्यना के साधक हैं वह भी इस चूक को करते हैं 🙏 उनका मन विशुद्ध सांसों पर टिका नहीं रहता, वह आर्त ध्यान अथवा रौद्र ध्यान करने लगते हैं🙏


7. इसके परिणाम स्वरुप विकार बढ़ जाते हैं, कई बार तो विकार इतने बढ़ जाते हैं, कि उनके लिए अपने शत्रु पर हावी रहना अत्यंत सहज हो जाता है अथवा मानसिक विक्षिप्त हो जाते हैं 🙏 अथवा जीवन में इतनी निरस्ता आ जाती है कि वह गृहस्त जीवन का परित्याग कर देते हैं 😂 यह दोनों ही अतियां बुरी है 🙏


8. इसीलिए संत कबीर संत रविदास, दादू, नानक आदि ने साहज ध्यान की परंपरा को अपनाया है, ताकि घर गृहस्ती से विमुक्ति ना हों, और शत्रुओं पर आक्रमण पशुता के स्तर तक ना बढ़ जाए 🙏


9. क्योंकि ध्यान का असर चित्त पर होता है, जिससे भय संस्कार निकल जाता है, और मनुष्य बंदर के समान व्यवहार करता है, अथवा शेर के समान🙏अन्य विकारों पर भी असर करता है, उसके परिणाम अलग-अलग होते हैं🙏


10. ध्यान का लाभ सबसे अधिक एकाग्रता में मिलता है, व्यक्ति विक्षिप्तता पूर्ण व्यवहार नहीं करता हैं, एक समय में एक ही काम पर मन एकाग्र रहता है इसलिए अधिकारी, कर्मचारी, नेता विद्यार्थी आदि उस एक विषय को अधिक गहराई से समझ पाता है🙏


11. जितने भी वैज्ञानिक और शोधक होते हैं, उनके मन की एकाग्रता उच्च कोटि की होती है, यह एकाग्रता उनको पारिवारिक संस्कारों से प्राप्त हो जाती है, अथवा किसी गुरु के सानिध्य से, इसलिए उच्च जातियों की स्मृति अच्छी होती है, उनका मन किसी विषय पर आसानी से एकाग्र हो जाता है, क्योंकि वह प्रत्यक्ष या परोक्ष धन पद्धति से जुड़े हुए होते हैं🙏 

12. यह दूसरा विषय है कि उच्च जातियां समाज की अन्य जातियों का शोषण करने के लिए अपनी योग्यता का अधिक प्रयोग करती है क्योंकि वह विशुद्ध ध्यान नहीं करते हैं 🙏


13. वैज्ञानिक शोध में अग्रणी देशो का राज धर्म बौद्ध है, बौद्ध धर्म विशुद्ध ध्यान पर जोर देता है, जैसे चीन ताइवान जापान आदि 🙏 अन्य ध्यान की पद्धतियां व्यापारिक संस्कृति को बढ़ावा देती है 🙏


14. रूप ध्यान, मंत्र ध्यान, यज्ञ, पूजा भजन आदि 🙏-> चाहे ईसाई धर्म के यीशु को ले ले देवी रूप ध्यान है, इस्लाम के मोहम्मद साहब को लेने, वह स्मृति ध्यान है 🙏


15. परंतु विशुद्ध ध्यान, सांस से शरीर तक जाता है, चित्त और शरीर को स्वस्थ करता है मनुष्य को मनुष्य बनता है🌹


16. जब कोई मनुष्य मनुष्य हो जाता है, तो उसमें भय संस्कार निकल जाते है, वह कबीर हो जाता है और बेबाक बोलता है, रविदास हो जाता है सीधे चुनौती देता है दादू, सहजो जो तमाम नाम जुड़े हुए हैं, जो मानवता के संदेश के प्रचारक रहे, जिनकी अपनी बोधी थी, बुद्धि तो पंडित के पास भी होती है 🙏


कांकर पाथर जोड़ी के मस्जिद लई बनाए.......

दुनिया इतनी बाबरी पत्थर पूजन जाए........


सीधे चुनौती देना इस बात को दर्शाता है कि भय का संस्कार नहीं है....... उसको कोई भयभीत नहीं कर सकता है......


ऐसा व्यक्ति मनुष्य के लिए कल्याणकारी राज्य की स्थापना का मार्गदर्शन दे सकता है, ऐसा चाहूं राज मैं.....


नानक की परंपरा थोड़ी सी अलग है रूप ध्यान जैसी ही है...

 एक तू ही निरंकार......


17. बांकी ग्रंथो की मोटी-मोटी किताबें बकवास हैं, उनके लिए जिन्होंने जान लिया है 🌹


जिसने चाय पीकर देख ली उसको कोई चाय का ज्ञान क्या देगा कि चाय मीठी होती है😂


जिसने चाय नहीं पी, उसको चाय का ज्ञान देते रहिए कि चाय मीठी होती है उसमें इलायची का स्वाद होता है, उसको पी-कर ताजगी आती है आदि बाते.....


जिसकी बोधि जागृति हो गई उसके लिए अमृतवाणी हो, श्री गुरु ग्रंथ साहिब हो, आदि प्रगाश ग्रंथ हो, तिपिटक हो, उपनिषद हों या वेद हों आदि आध्यात्मिक ग्रंथ सब कबाड़ स्टोर की पुस्तके हैं 🌹


18. चलते चलते बनारसी दास जी का उल्लेख करना चाहूंगा......


अभी जल्दी ही उनसे मुलाकात हुई थी, उन्होंने संत शिरोमणि गुरु रविदास की ध्यान पद्धति के बारे में मुझसे चर्चा की थी, 


सो-हम 🙏


एक मंत्र ध्यान है, बैसाखी(ढकेला ) है, आरंभ में अच्छी है, 


इसीलिए संत शिरोमणि ने गुरु रविदास ने, अपनी ध्यान पद्धति में बैसाखी को बदलते रहे हैं ताकि किसी को बैसाखी से मोह ना हो जाए 🙏 इसलिए कहीं पर उन्होंने हरि हरि कहा है, कहीं सो-हम सो-हम कहा है, कही राम-राम कहा है, और कही मुकंद मुकंद कह दिया है 😂


ताकि उनके भक्त लोग बैसाखी से चिपके नहीं, किसी भी नाम का सहारा लेकर सांसों पर टिका रहा जा सकता है🙏


परंतु अंतिम लक्ष्य विशुद्ध सांस पर टिकना है 🙏 जो भी विशुद्ध सांस पर मन टिका लेगा बोधि को प्राप्त हो जाएगा😂


19. परंतु मूर्ख रविदासिया संतो ने, 


हरि-हरि नाम से गुट बना लिया है.....

सो-हम नाम से गुट बना लिया है.....

राम-राम नाम से गुट बना लिया है.....

जल्दी ही कोई सिर फिरा मुकंद-मुकंद नाम से भी गुट बना लेगा 😂


20. कबीर-पंथी सहजयोग के सहारे काम करते हैं, फिर भी उन्हें 1 घंटे ध्यान में बैठना बड़ा कष्ट कारक लगता है......


वह बाणी विलास में ज्यादा आनंद लेते हैं.... 

कबीर ने जब जाना तब मूर्खो को गरियाया.....

परंतु कबीर भक्त निंदा रस में बहुत आनंद लेते हैं.....

निंदा रस का आनंद लेते-लेते जेल चले जाते हैं 


श्री रामपाल जी, के भक्त उनको कबीर का पुनर्जन्म कहते हैं😂


संत रामपाल जी अच्छे पंडित है, कबीर वाणी पर उनकी गहरी पकड़ है, परंतु बोधि से उन्होंने एक भी नए छंद की उत्पत्ति नहीं की है 🙏


21. इसी प्रकार इलाहाबाद में कबीर के भक्त श्री धर्मेंद्र जी है, उनके सामने आप कुर्सी पर नहीं बैठ सकते😂 क्योंकि वह ज्ञानवान है 🙏मूर्खता की पराकाष्ठा है, मानवता का संदेश देने वाले, गुरु के भक्तों ने, अमानवीता का संसार रच दिया 😂


कोई संत निकालकर नहीं आता जो मेरा हाथ बटाए, क्योंकि 1 घंटे विशुद्ध सांस के साथ बैठना बड़ा कठिन है 😂


आज तो मेरा मन ही नहीं टीका........


और निंदा रस का लेख लिख डाला.......


साधक कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

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