Thursday, 20 March 2025

 श्रीमान आर डी प्रसाद जी 

(+91 9006088901)


आरक्षण गांधी का विचार था वह पूना पैक्ट के माध्यम से बाबा साहब पर थोपा गया था😂 जो आज भी आरक्षण की वकालत करते हैं वह सब गांधीवादी हैं अंबेडकरवादी नहीं हैं, अंबेडकरवादी तो आर्थिक समानता की बात करेंगे, सामाजिक समानता की बात करेंगे राजनीतिक समानता की बात करेंगे🙏


1. आपकी चिंता उचित है, परंतु उसमें मेरे विचारों की गहराई की कमी है, यदि आपने हमारी पोस्ट को ध्यान से पढ़ा हो तो इस में आर्थिक समानता को निजी और सरकारी क्षेत्र में समान रूप से लागू करने का निवेदन किया गया है 🙏


2. ऐसा नहीं है कि दलित और पिछड़ा समाज कहीं काम नहीं कर रहा है, भले ही वह सफाई का काम कर रहा हूं परंतु काम तो कर ही रहा है 🙏


3. वर्तमान बेरोजगारी श्रम के समान वितरण न होने के कारण है. विशेषज्ञता और आवश्यकता दो अलग-अलग विषय हैं, विशेषज्ञ अपनी इच्छा अनुसार अधिक समय तक काम करता है परंतु आवश्यकता उसको अधिक समय तक काम करने पर मजबूर करती है, इसके कारण उसकी पारिवारिक जिम्मेदारियां का संतुलन बिगड़ जाता है, पैसा कमाना प्रमुख हो जाता है और परिवार टूट जाता है🙏 मजबूरी में किए गए श्रम का सामान वितरण होना चाहिए🙏 अर्थात सामान्य योग्यता के कार्यों में श्रम का सामान वितरण होना चाहिए🙏


4. मैं अपनी पोस्ट के अंतर्गत संपूर्ण श्रमकार्य योग्य जनता के श्रमकार्य मूल्य के मूल-वेतन को सामान करने की वकालत कर रहा हूँ 🙏 शेष के लिए भरण-पोषण और अनुदान की वकालत करता हूं 🙏


5. आरक्षण वह जहर है, जिसे कांग्रेस पार्टी के प्रमुख महात्मा गांधी ने बाबा साहब के माध्यम से संपूर्ण शुद्र समाज पर थोप दिया था, आरक्षण गांधी का विचार है, वह पूना पैक्ट के माध्यम से निकलकर सामने आया था 🙏 जबकि बाबा साहब ने संविधान में सामाजिक और आर्थिक समानता की बात की है जिसे अभी तक लागू नहीं किया गया है🙏 आरक्षण का विचार बाबा साहब का विचार नहीं था इसलिए बाबा साहब ने आरक्षण के विचार को केवल 10 वर्ष के लिए ही सीमित किया था ताकि 10 वर्ष के अंदर कांग्रेस सरकार समाज में आर्थिक समानता ला दे परंतु कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया और आरक्षण को अपने वोट बैंक के रूप में प्रयोग करती रही है 🙏 इसलिए हम आर्थिक समानता की वकालत करते हैं🙏


6. मैं ऐसा मानता हूं कि समाज में पहले आर्थिक समानता आ जाएगी तो सामाजिक समानता स्वतः आ जाएगी. क्योंकि यह पाया जाता है कि उच्च आर्थिक स्थिति वाले लोगों के बीच जातिगत दूरियां बहुत कम पाई जाती है, जाति प्रथा एक मानसिक बीमारी है, आर्थिक असमानता ने इसको और जटिल बना दिया है🙏


7. राजनीतिक समानता, एक वोट का अधिकार बाबा साहब पहले ही सबको समान रूप से दे गए हैं 🙏 अब उससे आगे बढ़कर आर्थिक समानता पर कार्य करना है, 


8. मनु वादियों के षड़यंत्र को समझे और उनके भड़कावे में ना आए और आर्थिक समानता के लिए जमीन पर संघर्ष आरंभ करें, अनुपातिक भागीदारी के लिए संघर्ष करें🙏 अनुपातिक भागीदारी और आरक्षण में बहुत अंतर है.


9. आरक्षण ओबीसी को दिया जा रहा है, जबकि अनुसूचित जाति को सामाजिक अनुपातिक भागीदारी दी जा रही है परंतु यह सभी विभागों में समान रूप से लागू नहीं है, जैसे उच्च प्रशासन और न्यायपालिका, उच्च शिक्षा, सेना आदि अनुसूचित जाति की अनुपातिक भागीदारी नहीं है🙏


10. जनाब काम बहुत करना है हमारे साथ लग रहे 🙏


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

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