Friday, 26 July 2024

आपका गुस्सा उचित नहीं है ( 01 July 2024)

 ऋषि पाल जी,


आपका गुस्सा उचित नहीं है, मैंने संतो को कुछ नहीं कहा है, संतो को कभी कोई कुछ कह भी नहीं सकता है. 🙏


 मैं तो तथाकथित संतों की बात कर रहा हूं, समाज में बड़ी भ्रम की स्थिति है कौन तथाकथित संत है कौन विशुद्ध संत है 🙏

अधिवक्ता होने के कारण मेरी तो यह ड्यूटी है, कि मैं माननीय न्यायालय को यह बताऊं कि कौन चोर है और कौन शाह है, कृपया मुझे अपना काम करने दें गुस्सा ना करें 👏


संत समाज से घुन को छनकर बाहर निकाल देना आवश्यक है, संतों की प्रतिष्ठा के लिए यह बहुत आवश्यक है 🙏


 दोबारा हमारे आर्टिकल पर इस तरह की पोस्ट ना करें, क्योंकि अभी मैं तथाकथित संत की बात कर रहा हूं🙏 ना तो किसी का नाम लिया है ना ही किसी के गुण बताएं हैं 🙏 फिर भी किसी को लगता है कि उसके बारे में कहा गया तो वह मेरे ऊपर मुकदमा चल सकता है 🙏


 मैं तो एक प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रहा हूं, अगले 6 महीने में यह प्रतियोगिता हो जाएगी 🙏


सभी संत (विशुद्ध संत और तथाकथित संत) परीक्षा की तैयारी करें🙏 संपूर्ण समाज की एकता के लिए संत प्रमुख का चुनाव होना हमारे समाज की आवश्यकता है 🙏 इसमें जो बाधा डालेगा मैं उसे अराजक तत्व मानूंगा 🙏


 संतों ने सदैव कहां है कुसंगति नहीं करनी चाहिए, आपको भी कुसंगति से बचना चाहिए🙏🌹


आपका पुराना मित्र


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏

No comments:

Post a Comment