मान्यवर,
आपकी सभी बातें कानून के दायरे में स्वीकार की जाएगी l
जब तक माननीय सर्वोच्च न्यायालय का आदेश प्रभावी होता है उसी के अनुसार कार्य करना होता है🙏
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को उसकी अपर बेंच बदल सकती है, अर्थात किसी फैसले को दो जज ने सुनाया हो तो तीन जज की बेंच उसको बदल सकती है, वह एक जटिल प्रक्रिया है 🙏
उसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को बताना पड़ता है, अपर बेंच बनाने की क्यों आवश्यकता है 🙏
केवल संविधान का उल्लंघन होने पर ही अपर बेंच बनाई जा सकती है 🙏
किसी व्यक्ति या संस्था के मंतव्य को लेकर नहीं 🙏
कार्यकारिणी और बोर्ड के संबंध को समझना होगा, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को विवेक अधिकार दिया है, अर्थात जिन विषयों के संदर्भ में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ नहीं कहा है, परंतु वैसा किया जाना आवश्यक है तो सरकार अपने विवेक अधिकार का प्रयोग कर सकती है🙏
सरकार के विवेक अधिकार को, मात्र इस आधार पर चुनौती दी जा सकती है, यदि उसने मा.सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किया हो ( पूर्ण अथवा आंशिक ) अथवा उसके द्वारा किया गया कृत संविधान सम्मत ना हो 🙏
मेरी उपरोक्त संदर्भ में केंद्रीय कमेटी से पहले ही बात हो चुकी है, कि अगस्त महीने की वह तैयारी करें 🙏
क्योंकि न्यायपालिका में हमारे समाज के लोग नहीं बैठे हैं, वह मामले को लटका देंगे 🙏 इसलिए समाज की भलाई के लिए हमें इसे आपस में निपटा लेना चाहिए 🙏
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के जज ने विधि की वही पुस्तक पढ़ी है जो मैंने पढ़ी है, अंतर मात्र इतना है उसे अपने आदेश का अनुपालन कराने की शक्ति है,
जबकि मेरे पास विधि की व्याख्या करने की शक्ति है इसीलिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय का जज हम अधिवक्ताओं को आदेश लिखते समय विद्वान अधिवक्ता लिखता है 🙏
वह आदेश में लिखता है किस विद्वान अधिवक्ता ने क्या कहा🙏 और वह जिस बात से सहमत होता है, उसी को आदेश में बदल देता है 🙏
मैं समाज के हित के प्रति उतना ही चिंतित हूं जितना आप हैं, बल्कि मेरी जिम्मेदारी आपसे ज्यादा है, इसलिए मुझे फूंक फूंक कर कदम रखना पड़ेगा🙏
मैं सबको तो खुश नहीं कर सकता हूँ,
अपने चार बच्चों को खोने के बाद भी बाबा साहब पूरे समाज को खुश नहीं कर पाए,
माननीय काशीराम ने अपनी पूरी जवानी झुलसा दी, फिर भी उनके उत्तराधिकारी उनके उद्देश्य को कायम नहीं रख पाए 🙏
मुझ से जितना हो सकेगा मैं अच्छे से अच्छा करने का प्रयास करूंगा🙏
स्वार्थी लोगों को मुझे तकलीफ ज़रूर होगी, परंतु जब उनकी डोली उठने का समय आएगा, तब वह मेरा ही गुणगान करेंगे 👏🌹
विचारक : अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏
मो. 9335122064
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