सार्वजनिक सूचना दिनांक 4 जुलाई 2024
1. दिल्ली के 88 मंदिर और दिल्ली में आए हुए पंजाबी समुदाय के 16 मंदिर अर्थात कुल 104 मंदिरों के प्रतिनिधियों को तुगलकाबाद रविदास मंदिर की सरकारी कमेटी में सम्मिलित करने का अनुरोध प्राप्त हुआ है
2. इसी प्रकार 96 गुरु भाइयों को सरकारी समिति में सम्मिलित करने का अनुरोध प्राप्त हुआ है
3. 09 अगस्त 2019 तारीख की रात तुगलकाबाद रविदास मंदिर में पूजा पाठ कर रही संगत के संतों और महिला-पुरुष को सरकारी समिति का सदस्य बनाने का अनुरोध प्राप्त हुआ हैl
4. संत कुलवंत राम जी द्वारा हाई कोर्ट दिल्ली में समिति विस्तार के लिए एक अनुरोध किया गया था उसके पश्चात हाउसिंग मिनिस्ट्री को समिति के विस्तार का पत्र लिखा गया था उन 31/41 सदस्यों को सरकारी समिति में जोड़ने का अनुरोध प्राप्त हुआ हैl
5. इसके अतिरिक्त कुछ स्वतंत्र सदस्यों ने और समिति ने सरकारी समिति में जोड़े जाने का लिखित अनुरोध पत्र दिया है 🙏
6. मध्य प्रदेश की एक समिति ने सरकारी समिति का सदस्य होने के लिए अनुरोध पत्र दिया है🙏
7. विगत दो माह से तुगलकाबाद रविदास मंदिर प्रांगण में अपने बैनर का प्रदर्शन करने वाली समितियों का अनुरोध स्वीकार किया गया है l
8. तुगलकाबाद रविदास मंदिर को तोड़े जाने का विरोध करने वाली समितियां, जिन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय को पत्र लिखा और उसकी ऑफिस कॉपी मुझे भेजी थी, उसी आधार पर जस्टिस अरुण मिश्रा ने तुगलकाबाद रविदास मंदिर का मंदिर टूट जाने के बाद भ्रमण किया था उन समिति को भी सरकारी समिति का सदस्य बनाने का प्रस्ताव रखा जाता है🙏
9. 21 अगस्त 2019 के विशाल आंदोलन के दौरान, आंदोलन करने वाले गुरु भाइयों के रहने खाने पीने की व्यवस्था करने वाले मंदिर और समितयों को सरकारी समिति का सदस्य बनाए जाने का अनुरोध प्राप्त हुआ है🙏
10. किसी विदेशी समिति से कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है 🙏
11. ऐसे गुरु भाई जो 21 अगस्त के आंदोलन में सम्मिलित थे, भ्रमण के दौरान उन्होंने बताया कि उम्र के लिहाज से पुलिस ने उनको छोड़ दिया था, अथवा दंगा फसाद के स्थान पर उपस्थित नहीं थे, उनमें से कुछ को सरकारी समिति का सदस्य बनाने का मौखिक अनुरोध प्राप्त हुआ है l
नोट :- कृपया ध्यान रहे,
1. दिल्ली के प्रतिष्ठित मंदिर के प्रधान से आज चर्चा हुई, और उन्होंने मेरी उपरोक्त बातों को सुनकर कहा कि इतनी बड़ी समिति नहीं बनाई जा सकती है l
2. मैंने उनकी बात का जवाब देते हुए, भोगल के रविदास मंदिर का उल्लेख किया और उन्हें बताएं कि वहां की समिति में पौने दो सौ लोग हैं 🙏
3. भोगल का रविदास मंदिर 1922 में स्थापित हुआ था और दिल्ली के पुराने मंदिरों में से एक है, यह भोगल निवासियों का पुश्तैनी मंदिर है 🙏 भले ही वे आपस में लड़ते झगड़ते रहते हैं परंतु मंदिर की प्रतिष्ठा के लिए सदैव एक जुट रहते हैं🙏 और उनकी वर्किंग कमेटी 10-11 लोगों की है 🙏 जिसका वे सभी लोग मिलकर चुनाव करते हैं, नियमित रूप से उनके पदाधिकारी के चुनाव होते हैं🙏 तो तुगलकाबाद रविदास मंदिर की सरकारी कमेटी में ऐसा क्यों नहीं हो सकता है 🙏
4. वे मेरी बात से संतुष्ट हुए, और उन्होंने अपनी सहमति देते हुए कहा 96 गुरु भाइयों के सम्मान के लिए आवश्यक है कि उनको सरकारी समिति का सदस्य बनाया जाए सम्मानित किया जाए 🙏
5. मेरा अनुरोध है, सभी गुरु भक्तों को सरकारी समिति का सदस्य बनाया जाए जो सरकारी समिति का सदस्य होना चाहते हैं, केवल सभी को मतदान का अधिकार ही तो देना है🙏
6. वर्किंग कमेटी तो केवल 10-11 लोगों की होगी, दिल्ली के सभी मंदिरों के प्रतिनिधि इस चुनाव प्रक्रिया में पदों के लिए चुनाव लड़ सकेंगे🙏
7. क्योंकि 21 अगस्त 2019 के आंदोलन ने इस मंदिर को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति दिल दी है, इसलिए अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए 🙏
8. तुगलकाबाद रविदास मंदिर की पूर्व कमेटी ने तो हाथ खड़े कर दिए थे जब 10 अगस्त 2019 को यह मंदिर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया 🙏
9. अपनी जान की बाजी लगाकर इस मंदिर को पुनः प्राप्त किया है, आस्था के आधार पर सरकार और माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने इस मंदिर को गुरु भक्तों को वापस किया 🙏 इसलिए जो भी गुरु भक्त है मंदिर समिति का सदस्य हो सकता है🙏 और मंदिर की वर्किंग कमेटी के चुनाव में भाग ले सकता है, मतदान कर सकता है🙏
🌹मैंने लगभग सभी प्रश्नों के समाधान कर दिए हैं किसी के कोई अन्य प्रश्न हो तो पूछ ले क्योंकि कल लीगल नोटिस बनाने जा रहा है और परसों संबंधित को डिस्पैच कर दिया जाएगा🙏
आप सभी का शुभचिंतक
अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा
मो. 9335122064👏
नोट :- उपरोक्त पूरे संघर्ष में RTI एक्टिविस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका है, पिछले 4 साल से वह मुस्तादी से लगे हुए हैं परंतु वह नहीं चाहते उनका नाम उजागर किया जाए, यदि शासन प्रशासन को जब भी जरूरत पड़ेगी उनका सहयोग स्मरणीय रहेगा🙏 क्योंकि उन्होंने अपनी समस्त पत्रावली हमको उपलब्ध करा दी है👏
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