Friday, 26 July 2024

इस लेख के प्रेरणा स्रोत मित्र श्री रामसिंह आदवंशी जी हैं ( लेख/सूचना दिनांक 3 जुलाई 2024 )

 [10:50 am, 3/7/2024] kamleshmittra: 🙏कृतज्ञता 🌹


( लेख/सूचना दिनांक 3 जुलाई 2024 )


इस लेख के प्रेरणा स्रोत मित्र श्री रामसिंह आदवंशी जी हैं l 

अध्यक्ष विश्व आदधर्म मंडल (under registered society) उनके संगठन द्वारा ओजसी सामग्री सोशल मीडिया पर उपलब्ध कराई जाती है l


1. सन 2019 में मैं अपनी माननीय सर्वोच्च न्यायालय की परीक्षा की तैयारी कर रहा था और एक लॉ फर्म का मैनेजर था परंतु परीक्षा निकट आ जाने के कारण मैं फर्म का काम नहीं कर पा रहा था और मुझे फर्म छोड़नी पड़ी l 


2. मैं रविदास मंदिर भोगल में अपने एक मित्र श्री राकेश जी की सलाह पर रहने लगा, मेरे रहने की अनुमति सचिव श्री नवनीत कुमार जी और प्रधान जी से ले ली गई थी परंतु कुछ सदस्यों के अनावश्यक विवाद के कारण परीक्षा तैयारी में व्यवधान आता रहा l


3. उस समय मेरी आय के सभी स्रोत बंद थे मेरे पास अन्य कोई विकल्प नहीं था, इन विपरीत परिस्थितियों में भोगल निवासी श्री रामचंद्र जी और श्री प्रमोद जी हमारे सारथी बने परंतु किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था, महामारी कोरोना के कारण परीक्षा टल गयी और फिर कोई मित्र काम ना आया 😭 


4. मेरा फोन बंद हो चुके था, माननीय सर्वोच्च न्यायालय की परीक्षा में हमारे टीचर से संपर्क नहीं हो पा रहा था😭 और वह बहुत नाराज हो गए और उन्होंने फिर हमारी मदद नहीं की क्योंकि वह मुझे फोन लगाते रहे और मेरा फोन नहीं उठा 😭 


5. परीक्षा लगातार दो बार टली, मेरी शरीर की ऊर्जा समाप्त हो चुकी थी आंखों ने काम करना बंद कर दिया था क्योंकि दिल्ली सरकार का सहयोग केवल जिंदा रख सकता था स्वस्थ रखने वाला भोजन नहीं था 😭 अब परीक्षा के लिए मेरे पास केवल लैपटॉप पर उपलब्ध सामग्री थी, परंतु अगस्त 2021 में वह लैपटॉप भी चोरी हो गया 😭 दिसंबर 2021 में हुई परीक्षा में मैं असहज था क्योंकि परीक्षा का सिलेबस भी बदल दिया गया था 🙏


6. इसी दौरान सितंबर 2019 में तुगलकाबाद रविदास मंदिर का केस हमारे संपर्क में आया और मैं उसकी निगरानी करने लगा परंतु आर्थिक रूप से टूट चुके श्री ऋषि पाल जी हमारी सलाह पर काम करने में सक्षम नहीं थे अन्य सक्षम लोग श्री ऋषि पाल जी के नाम पर कोई आर्थिक सहयोग देने को तैयार नहीं थी क्योंकि उनके श्री ऋषि पाल जी से पुराने विवाद थे 🙏


7. इन विपरीत परिस्थितियों में तुगलकाबाद रविदास मंदिर के लिए मेरे पास काम करने के बहुत सीमित स्रोत थे दूसरी तरफ मुझे अपनी परीक्षा की तैयारी भी करनी थी 🙏


8. सूचना अधिकार अधिनियम के अधीन काम करते हुए मैं सरकार की हर गतिविधि पर नजर रख रहा था और उसको प्रश्नगत कर रहा था🙏 इस बीच हमारे सारथी बदलते रहे🙏 जनवरी 2024 में हमारे सारथी ने हाथ खड़े कर दिये 🙏 इस प्रकार हमारे अगले सारथी संत श्री के सी रवि जी बने 🙏


9. मानव सेवा संगठन के कार्य करने के अपने उद्देश्य और तरीके हैं और एक अधिवक्ता के कार्य करने के अपने तरीके हैं🙏


10. इस दौरान समाज के कई प्रबुद्ध लोगों से मुलाकात हुई उनके सहयोग और असहयोग स्मरणीय हैं l


11. सभी 96 गुरु भाइयों के सम्मान और अधिकार के लिए चिंतित श्री रामसिंह आदवंशी जी ने मुझे वह लिस्ट उपलब्ध कराई जो सभी 96 गुरु भाइयों की सूचना देती थी🙏 


12. जब यह लिस्ट मानव सेवा संगठन की संज्ञान में आयी तब उन्होंने इस लिस्ट की जांच करने का बीड़ा उठाया 🙏 मानव सेवा संगठन के आर्थिक सहयोग से अप्रैल 2024 में मैंने सभी 96 गुरु भाइयों को पत्र लिखें और उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने का सिलसिला जारी है 🙏 अंतिम राज्य हरियाणा पर कार्य चल रहा है 🙏


13. दूसरी तरफ दिल्ली की सभी सोसाइटियों के लिए संघर्षशील श्री ब्रह्म प्रकाश बुलाकी जी और और श्री गुरुदयाल लाली जी सहित उनके संगठनों की चिताओं और सरकार के साथ किए गए पत्राचार से भी मैं भली भांति परिचित हूं l 


14. संतो के सम्मान के लिए चिंतित  श्री जोगिंदर नवल जी और उनके संगठन की चिताओं से भी मैं भली-भांति परिचित हूं, इस दौरान बहुत से संत और दुसन्त सीधे मेरे संपर्क में है 🙏


15. भारत में आदिवासियों की दुर्दशा के लिए चिंतित श्री साधु सिंह जी और यूके निवासी उनके मित्र  तथा उनके संगठन की चिताओं से भी मैं भली भांति परिचित हूं 🙏


16. तुगलकाबाद रविदास मंदिर से बहुत लंबे समय से जुड़े रहे संत  श्री बीके सिंह जी की चिताओं से भी मैं भली भांति परचित हूँ 🙏


17. मेरा अंतिम लक्ष्य है एक सम्मानित समाज स्थापित करना, संक्षेप में कहूं तो रविदास राज को स्थापित करना, प्रबुद्ध लोग की भाषा में बात करूं तो भारत के संविधान को धरती पर उतारना 🙏🌹(पूजा दिखावा है विचार धारण करना कृतज्ञता हैl)


🌹अब कुछ बौद्धिक तत्वों से अवगत करा दूँ, :-


18. अयोध्या के कर सेवकों से बड़ा कोई आंदोलन नहीं किया जा सकता है परंतु उनको भी सफलता नहीं मिली उनकी जिद का निराकरण माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किया गया🙏 भारत में सर्वोच्च न्यायालय प्रमुख है, संसद की प्रमुखता भारत के सर्वोच्च न्यायालय के बाद आती है 🙏 


19. कोई भी संगठन या व्यक्ति बिना सर्वोच्च न्यायालय गए हुए भारत की संसद में अपनी बात उठाता है तो उसका कोई मतलब नहीं होता है 🙏 आदिवासियों को इस न्यायिक  तत्व को समझना ही होगा 🙏


20. चोर दरवाजे से सरकार से जो लोग काम करा लेते हैं मैं उनकी बात नहीं कर रहा हूं परंतु ध्यान रहे वह काम चोरी के होते हैं जनहित के नहीं होते है 🙏


21. बाबा साहब द्वारा भारतीय संविधान में भारत के लिए बनाई गई समस्त संस्थाएं महत्वपूर्ण है और कोई भी संस्था कोई गलत काम नहीं करती है 🙏 गलत काम उन व्यक्तियों द्वारा किया जाता है जो पदासीन है अयोग्य है अथवा दूषित जातिगत मानसिकता के हैं इसलिए संस्थाओं के खिलाफ आंदोलन करना बंद करें🙏


22. जब भी आंदोलन करना हो तो उस पदासीन व्यक्ति को खोज कर जो उस कार्य को करने के लिए अधिकृत किया गया है के खिलाफ किया जाना चाहिए🙏


23. ना की संपूर्ण संस्था के खिलाफ, ना कि राष्ट्र प्रमुख के खिलाफ, ना कि राजनीतिक द्वेष भावना से 🙏


24. सामाजिक संगठनों को राजनीतिक संगठनों के  राजनीतिक अभिशाप से बचना चाहिए🙏


 नोट :- लीगल नोटिस पर काम चल रहा है, कृपया संबंधित सामग्री उपलब्ध कराने का कष्ट करें, अब और अधिक विलंब नहीं किया जा सकता है 🙏 6 जुलाई 2024 को लीगल नोटिस निर्गत कर दिया जाएगा🙏


🌹 उपरोक्त सभी प्रमुखों और संगठनों का कृतज्ञ अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 

मो. 9335122064👏

[12:12 pm, 3/7/2024] kamleshmittra: बुजुर्गों की बहुत पुरानी कहावत है "नाक बंद करो तो मुंह खुलता है"


131 सांसदों की नाक बंद करो तो मुंह खुलेगा 🙏


 यह 131 सांसद sc बाहुल्य क्षेत्र से आते हैं, उनके घरों की नाकेबंदी कर दो🙏 मुंह अपने आप खुलने लगेगा🙏

No comments:

Post a Comment