आंदोलन के सफलता के सूत्रों पर ध्यान देना होगा🙏
9 अगस्त को जंतर मंतर पर प्रोग्राम रखने का कारण समझ में नहीं आता है, जबकि आप लोगों को भली-भांति पता है, 10 अगस्त को तुगलकाबाद रविदास मंदिर तोड़े जाने की पांचवी वर्षी है 🙏
मैं बार-बार कहता हूं, सभी आंदोलन के प्रतिनिधियों को एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए, अर्थात उनकी मीटिंग में जाना चाहिए, ताकि सही मुहूर्त निकाला जा सके🙏
एक ही घोड़े पर अधिक जोर ना डाला जाए, तीसरे घोड़े के कांसेप्ट को ध्यान में रखा जाए 🙏🌹
अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏
मैं पुनः निवेदन करूंगा -
यह संसद के अंदर का मामला है, 9 अगस्त से पहले 131 अनुसूचित जाति के सांसदों से संपर्क करना चाहिए🙏
और उनके आश्वासन को 9 अगस्त की मीटिंग में पढ़ा जाना चाहिए 🙏
सामाजिक आंदोलन राजनीतिक आंदोलन की तरह नहीं चलाया जा सकते है -
सामाजिक आंदोलन पर राजनीति नहीं करनी चाहिए बल्कि राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए🙏
कुछ लोग तो धार्मिक आंदोलन में भी राजनीतिक घुसा रहे हैं और वह लोग हमारे रडार पर हैं, इसीलिए मैं बार-बार कहता हूं संत प्रमुख का चुनाव होना आवश्यक है- ताकि पता लग सके कौन संत है और कौन दुसंत है, जब संत प्रमुख होगा तो ऐसे दुसंतों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकेगी 🙏
धर्म में राजनीति नहीं घुसा सकेंगे 🙏 राजनीतिक चित्त-चेतना से धर्म का प्रचार नहीं कर सकेंगे🙏
ऐसे लोग ही मेरे द्वारा प्रस्तावित संत प्रमुख चुनाव का बढ़-चढ़ कर विरोध कर रहे हैं 🙏
अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏
मो. 9335122064
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