Wednesday, 24 July 2024

मैं वह दुनिया छोड़ आया, जब मैं इंजीनियरिंग कॉलेज का टीचर होता था ( July 14, 2024)

 इंजीनियर साहब, 


 मैं वह दुनिया छोड़ आया, जब मैं इंजीनियरिंग कॉलेज का टीचर होता था🙏


मैं यह नहीं कहता कि आप तारीख बदल दो 🙏


 जंग अभी बाकी है, समाज के लिए अभी बहुत काम करना है ---


मिस्टर वीरेंद्र जी ने जब कनॉट प्लेस में बैठक बुलाई थी, तो उसका समस्त भार और निर्णय संत श्री के सी रवि जी पर डाल दिया था, तब भी मैंने विरोध किया था कि एक ही घोड़े को आप हर जगह इस्तेमाल न करें, उससे सभी आंदोलन कमजोर हो जाते हैं🙏


 7 जुलाई की बैठक के संदर्भ में संत श्री के. सी. रवि जी को बुलाया जाना चाहिए था🙏 प्रमुख आंदोलन के प्रमुखों को आप ग्रुप मैसेज डालकर नहीं बुला सकते हैं, व्यक्तिगत संपर्क भी करना पड़ता है🙏


 मैं बहुत ही कटू आलोचना करता हूं कि हर शादी में एक ही व्यक्ति दूल्हा नहीं हो सकता, मात्र इसलिए कि वह खर्च कर रहा है 🙏


समाज के धनपतियों को यह बात सोचनी पड़ेगी कि वह खुद को बनाना चाहते हैं या समाज को 🙏 समाज बनेगा तो उनकी मान प्रतिष्ठा खुद पर खुद बढ़ती जाएगी, समाज दरिद्र रहेगा, तो वह किसी भी पार्टी (राजनीतिक अथवा व्यापारिक)  में जाकर चरण वंदना करें, सम्मान कभी नहीं पाएंगे🙏


यह ठीक है कि प्रमुख आंदोलन के प्रमुखों को मंच दिया जाए परन्तु निर्णायक वही हो जो आंदोलन को संचालित कर रहा है, अन्य मंचासीन सलाहकारों को यह कदापि नहीं  सोचना चाहिए कि उनकी बात नहीं मानी गई, बल्कि उनको बहुमत के प्रति सदैव नतमस्तक होना चाहिए 🙏


 दर्शल बात यह है कि अधिकतम लोगों नेतृत्व करने से जी चुराते हैं और दूसरे के कंधे पर बंदूक रखकर चलाना चाहते हैं, और उसका क्रेडिट खुद लेना चाहते हैं इसलिए हमारे आंदोलन सफल नहीं होते🙏


जिन-जिन आंदोलन में नेतृत्वकर्ता ने अपने कंधे पर बंदूक रखकर चलाई है उन आंदोलनों में हम सफल हुए हैं🙏


 मेरी ट्रेनिंग तो ऐसे संगठनों में हुई है जिनको सफल संगठन कहा जाता है, वहां पर सुख और वैभव तो था, परंतु अपने समाज की दुर्दशा पर मेरा मन सदैव दुखी रहता था 🙏


 मैं समाज को अधिकतम देने का प्रयास करूंगा यदि समाज लेने को तैयार हो, अन्यथा समाज को लेने के लिए तैयार करता रहूंगा🙏 मेरे पास समय कम बचा है, काम अभी बहुत बाकी है , समाज को ही आगे बढ़कर आना होगा🙏


 साधक कमलेश कुमार मित्रा 👏

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