मान्यवर,
UCC - यूनिफॉर्म सिविल कोड - समान नागरिक संहिता
एक व्यापक कानून है जिसको जीवन के सभी क्षेत्रों पर लागू होना है, इस कानून के अनुसार जाति, लिंग, भाषा, धर्म, पद, गरीबी और अमीरी आदि के आधार पर मनुष्य- मनुष्य के बीच भेद नहीं किया जा सकता है!
गरीबी अमीरी को खत्म किया जाना है अर्थात कानून इस प्रकार बनाए जाने हैं जो विभेदनकारी नीतियों को खत्म करते हैं 🙏
परंतु विगत सरकार ( कांग्रेस) ने ऐसा नहीं किया ( UCC की भावना के अनुसार कानून नहीं बनाए) है, और वर्तमान भाजपा सरकार भी ऐसा नहीं कर रही है🙏 बल्कि UCC के नाम पर मुसलमानों को मात्र उत्पीड़न करने का काम कर रही है 🙏
संविधान की उद्देशिका में लिखा है सामाजिक समानता आर्थिक समानता और राजनीतिक समानता(न्याय) परंतु कोई भी सरकार ऐसा नहीं कर रही 🙏 वेतन आयोग के माध्यम से जबरदस्त वेतन विसंगति है, जो पूरे समाज में गरीबी और अमीरी को बढ़ाता है, गरीबी एक अभिशाप है जो समस्त समस्याओं की जड़ है - जो अन्य क्षेत्र में भी समानता का विरोधी हो जाता है अर्थात समान नागरिक संहिता नहीं रहती है l
इस बार तो चुनाव में लोकतंत्र की हत्या कर दी गई, चुनाव के समय ही राजनीतिक पार्टियों के अकाउंट सीज किए गए, पार्टी प्रमुखों को जेल में डाला गया, जिस कारण चुनाव में समान नागरिक (जिसको वोट देने का अधिकार है) संहिता का पालन नहीं हुआ 🙏
यह एक बहुत व्यापक विषय है-
मात्र एक शादी और चार शादी का विषय नहीं है 🙏
अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏
मो. 9335122064
UCC प्रावधान भारत के संविधान के भाग-4 "राज्य के नीति निर्देशक तत्व" में किया गया है l और शासन से अपेक्षा की गई है कि वह अपनी सभी नीतियों में UCC का पालन करेगी 🌹
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