[22/08, 11:09 pm] kamleshmittra: रात्रि समाचार: रात्रि के 11:45 बज चुके हैं🙏
अभी तक लीगल नोटिस का कोई जवाब नहीं आया है आज 40 व दिन है 🙏
संत श्री निरंजन दास जी को अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिए, क्योंकि लीगल नोटिस में वह हमारे प्रथम प्रतिवादी हैं 🙏
विगत 10 दिनों से हम जिस तथाकथित कार्यकारिणी को भंग कर, नई कार्यकारिणी के गठन की बात कर रहे हैं🙏
विधि के अनुसार वह कोई कार्यकारणी नहीं है क्योंकि किसी भी सरकारी आदेश में इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि तथाकथित सरकारी कमेटी ही सरकारी कमेटी है 🙏
क्योंकि आरटीआई से मांगी गई सूचना का जवाब अभी तक नहीं आ सका है, जबकि उसकी प्रथम अपील की गई थी, अपीलीय अधिकारी अभी तक किसी सूचना से अवगत नहीं करा सके हैं 🙏
संत श्री निरंजन दास जी को अब तक जवाब भेज देना चाहिए था कि क्या वह चेयरमेन हैं 🙏और एक जिम्मेदार संत की भूमिका निभाना चाहिए 🙏
धार्मिक संस्था के शीर्ष पर बैठकर ऐसे अधार्मिक कार्य नहीं करनी चाहिए 🙏
वाराणसी के संत से प्राप्त सूचना के अनुसार, जोकि 30 सालों से संन्यास में थे, जब तुगलकाबाद रविदास मंदिर आए तब बहुत दुखी हुए 🙏 पुराने संतों से उनका मिलना जुलना हुआ, परंतु उस समय का प्रबंधन मंदिर की उचित देखभाल नहीं कर रहा था 🙏
संत शिरोमणि गुरु रविदास प्रभु का प्रकोप किसी मंदिर पर भी पड़ सकता है, और किसी भी संत/ प्रबंधक की प्रतिष्ठा को जमीदोष कर सकता है🙏 संत शिरोमणि गुरु रविदास की प्रतिष्ठा से खिलवाड़ करने की कोशिश ना करें 🙏
तुगलकाबाद रविदास मंदिर के साथ जिस तरह का खिलवाड़ हुआ, उसी का परिणाम है कि मंदिर के प्रबंधक अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं 🙏
संत श्री निरंजन दास जी को ऐसी कोई चूक नहीं करनी चाहिए🙏
प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏9335122064
[23/08, 11:18 pm] kamleshmittra: रात्रि समाचार :
रात्रि का दूसरा प्रहार शुरू हो गया है, इस समय 10:15 बजे हैं 🙏 आज 23 अगस्त 2024 🙏
लीगल नोटिस के मुख्य प्रतिवादी संत श्री निरंजन दास जी की तरफ से किसी प्रकार की विधिक सूचना से अवगत नहीं कराया गया है,
ना हीं उनके किसी अधीनस्थ द्वारा लिखित रूप में कोई सूचना दी गया है 🙏
लीगल नोटिस में दी गई समय सीमा के अतिरिक्त 11 दिन व्यतीत हो चुके हैं🙏 अभी तक कुल 41 दिन हो चुके हैं 🙏
प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏9335122064
नोट :-
हमारे समाज के दो वरिष्ठ सम्मानित सदस्य और एमसीडी दिल्ली के काउंसलर रहे श्री कृष्ण मुरारी जाटव जी और श्री के सी रवि जी ने मुझे पहले ही सावधान किया था कि सरकारी झटपट कमेटी और तथाकथित सरकारी कमेटी वह दृष्टिकोण नहीं रखती है, जिस रूप में मैं व्यवस्थित करना चाहता हूं🙏
इसलिए श्री के.सी. रवि जी जिनको भी 10 तारीख की पूजा का आमंत्रण देने जाते हैं, उनमें किसी भी गुरु भाई को यह आश्वासन नहीं देते कि उनको सरकारी समिति में सम्मिलित किया जाएगा 🙏
जहां तक श्री कृष्ण मुरारी जाटव जी का सवाल है 🙏 वह बहुत सूझबूझ वाले व्यक्ति हैं 🌹
परंतु मेरा प्रश्न यह है, आप सभी तो दिल्ली निवासी हैं, दिल्ली से पूरे देश के दलित समाज की अपेक्षाएं हैं 🙏दलित समाज के लिए, विगत 70 सालों में आपकी सूझबूझ से कुछ नहीं हो सका है 🙏
यदि इलाहाबाद में मुझे व अन्य दलित शिक्षकों और समाज को न्याय मिल गया होता, तो ना ही मुझे बाबा रामदेव के आंदोलन में कूदने की आवश्यकता पड़ती, और ना ही इंजीनियरिंग लाइन छोड़कर माननीय सुप्रीम कोर्ट आने की मुझे आवश्यकता पड़ती 🙏
2015 में जस्टिस DY चंद्रचूड़ जी इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हुआ करते थे, तब उनको मैंने तीन जज की कंप्लेंट दी थी, जो जातिवाद से ग्रस्त थे, आरक्षण का नाम सुनते ही अगली तारीख दे देते थे, और अगली तारीख कभी आती नहीं थी, जब तक फिर से लिस्टिंग एप्लीकेशन ना दी जाए, और लिस्टिंग एप्लीकेशन में फिर वैसा ही होता, अगली तारीख दे दी जाती🙏
जब मेरा केस पड़ता तो जज छुट्टी ले लेता, क्योंकि भरे कोर्ट में मैंने जज को झाड़ दिया था 🙏परंतु जस्टिस DY चंद्रचूड़ इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्याय प्रशासनिक व्यवस्था में कोई सुधार नहीं कर सके 🙏
इलाहाबाद हाई कोर्ट की न्याय व्यवस्था आज भी जर्जर है, रजिस्ट्री में पैसा खर्च करो और अपना केस लगवा लो, लोअर कोर्ट की तरह हाई कोर्ट में भी, रीडर पैसा लेकर तारीख लगता है 🙏 अन्यथा दलितों के केस नहीं सुने जाते हैं 🙏
माननीय सुप्रीम कोर्ट में भी स्थिति अच्छी नहीं है, मेरा संघर्ष इस दिशा में है, परंतु समाज के लोग जिस तरह से आपस में टांग खींचाई कर रहे हैं, मुझे तो लगता है कि मुझे सामाजिक रूप से संन्यास ले लेना चाहिए, मैं किस समाज के लिए संघर्ष करूं, और क्यों उस समाज के लिए संघर्ष करूं, जो छोटे-छोटे प्रलोभन में बिक जाता है🙏
संत वही है जो चट्टान की तरह खड़ा रहे, न्याय का साथ दे, मानवता की रक्षा करें 🙏 संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने ऐसा मानक स्थापित किया है, उस मार्ग पर चलने वाले संत विचलित कैसे हो जाते हैं मैं यह समझ नहीं पा रहा हूं 👏
पंजाब का ऐसा कोई प्रमुख संत नहीं है, जिसके डेरे से मुझे आमंत्रण ना आया हो, मैं किसी भी डेरे में जाकर अपना आगे का जीवन निर्वाह कर सकता हूं 🙏
सहारनपुर में एक बुध विहार हमारे मित्र ने हमारे लिए बनवाया था 🙏 वह इस बात के लिए आग्रह करते थे कि मैं वकालत छोड़ दूं 🙏 परंतु मैं देख पा रहा हूं, बाबा साहब के बाद वकालत की फील्ड में हमारे समाज की रक्षा करने वाला कोई अधिवक्ता नहीं है 🙏 इसलिए मैं इस प्रोफेशन में हूँ 🙏 मैं घरेलू झगड़ा में नहीं उलझता, इसलिए मैंने गृहस्थ जीवन का परित्याग आज से 20 साल पहले कर दिया था 🙏 मेरे पर थोड़ी सी दया करो, मेरे पास करने के लिए बहुत काम हैं, मुझे तुगलकाबाद रविदास मंदिर में उलझा कर मत रखो, क्योंकि मंदिर संघर्ष हमारे लिए, एक घरेलू समस्या है👏 परंतु जिनको अपने ही भाई में लड़ने की आदत हो वह मेरी बात थोड़ी देर से समझेंगे 🙏
संत रविदास इंटरनेशनल मिशन द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष जिन विषयों को उठाया गया है🙏 वह भारतीय न्याय व्यवस्था में दलितों के संरक्षण से संबंधित है 🙏
मुझे ऐसे विषयों पर काम करने दो, रविदास राज लाने दो🙏 मेरा साथ दो 👏
सरकारी झटपट कमेटी के अपने रिश्तेदारों को समझाना आपका काम है, सरकारी झटपट कमेटी में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो रोटी के लिए मोहताज हो, विगत 5 साल में भी वह कुछ नहीं कर सके हैं, अपने समाज के युवाओं को करने का मौका दो, संत शिरोमणि गुरु रविदास जी और संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के मंदिर पर किसी की बपौती नहीं है 🙏 केवल अपने पुत्रों के लिए महल बनाना छोड़ो🙏 कुछ काम समाज के लिए भी करो🙏 तभी समाज आपके अमर रहने के नारे लगाएगा, बाबा साहब ने अपने चार बच्चे समाज के लिए कुर्बान किये, चाहते तो वह भी अपने परिवार के लिए महल बना सकते थे🙏
निरंतर जारी......
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