[25/09, 10:29 am] kamleshmittra: 🙏बीजेपी का बाजारवाद 🌹
राजनीतिक सूचना दिनांक 25 सितंबर 2014
भाजपा अपना सड़ा माल भी बेच कर चली आती है और खूब बिकता है 🙏 राजरत्न और मायावती आपस में भिड़े हुए 😂 आरक्षण कब तक?
आजकल एक विवाद तेजी से उठाया जा रहा है 🙏
विदेश में राहुल गांधी ने आरक्षण को समाप्त करने की बात की है 🙏
इस बात का खुलासा करते हुए श्री राजरतन ने कहा बीजेपी के लोगों ने उन्हें भी राहुल गाँधी के खिलाफ आंदोलन करने के लिए कहा है 🙏
उन्होंने अमेरिका में दिए गए राहुल गांधी के बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने कहा है कि जब आरक्षण की आवश्यकता खत्म हो जाएगी तब आरक्षण को समाप्त कर दिया जाना चाहिए🙏
परंतु आरक्षण का आधार उन्होंने सामाजिक लिया अर्थात जातिगत भेदभाव केवल सामाजिक आधार पर है 🙏
🌹परंतु भारतीय संविधान ऐसा नहीं कहता है 🙏 संविधान कहता है सामाजिक भेदभाव आर्थिक और राजनीति असमनता के कारण है 🙏 आर्थिक और राजनीतिक समानता ला दीजिए सामाजिक समानता अपने आप आ जाएगी 🙏😂
भारतीय संविधान कहता है सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक समानता जब तक नहीं आ जाती आरक्षण की आवश्यकता है 🙏
क्या राजनीतिक समानता आ गई?
कितनी गैर अनुसूचित जाति सीटों से अनुसूचित जाति के सदस्य एमपी एमएलए बनकर जाते हैं?
यदि ऐसा नहीं है तो अभी तक राजनीतिक समानता नहीं आयी है 🙏 सभी को एक वोट का अधिकार मिल जाना राजनीतिक समानता नहीं है 🙏
आर्थिक विषमता के खिलाफ यह ग्रुप काम कर रहा है, पूरे समाज में आर्थिक विषमता फैली है, अनुसूचित जाति का क्रीमी लेयर नहीं चाहता कि अनुसूचित जाति के गैर क्रीमी लेयर व्यक्ति कभी आर्थिक रूप से उनके बराबर आयें 🙏
जब तक आर्थिक और राजनीतिक समानता नहीं आ जाती है, तब तक सामाजिक समानता कभी नहीं आ सकती है🙏
🌹आर्थिक समानता के लिए संघर्ष करो🌹अनुसूचित जाति के राजनीतिक व्यक्ति कभी नहीं चाहते कि दूसरा अनुसूचित जाति का व्यक्ति राजनीतिक रूप से उनको टक्कर दे 🙏
अनुसूचित जाति की कितनी MPs और MLAs की सीटों पर अनुसूचित जाति का सर्वसम्मत MP और MLA है 🙏
आरक्षित सीटों पर तो अनुसूचित जाति का सर्वसम्मत एमपी एमएलए घोषित होना चाहिए🙏 तभी इसको राजनीतिक समानता कहा जा सकता है, समाजवादी शासन कहा जा सकता है 🙏 अन्यथा यह समाजवादी शासन नहीं है, इसको प्रतियोगितावादी शासन कहना ठीक है 🙏
उपरोक्त बातों के संदर्भ में एक ही बात कहूंगा " मैं ऐसा प्रोडक्ट बनाता हूं जिसका कोई खरीदार नहीं है 😂"
जिसका बाजार में कोई खरीदार ना हो वह वह आर्थिक विपन्नता के दौर से गुजरता है 🙏
कबीर के जीवन में एक ऐसा समय था कि वह कपड़ा बुनते तो थे परंतु उनका कपड़ा कोई खरीदता नहीं था 🙏 इस प्रकार कबीर का जीवन बहुत ही दुखमय था, उनकी बीवी रोज उनकी क्लास लगाती थी🙏
फिर एक कपड़ा बेचने वाला व्यापारी मिल गया और कबीर का वही माल मुनाफे में बिकने लगा जो लागत पर भी नहीं बिक रहा था 🙏
" मेरे विचारों का भी कोई कदर दान नहीं है 😂"
सामाजिक चिंतक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 99335122064
[25/09, 12:09 pm] kamleshmittra: 🌹एक अति आवश्यक तकनीकी सादबहार सूचना :
व्हाट्सएप का प्रयोग करने वालो का मेमोरी बहुत जल्दी भर जाता है, अक्सर यह शिकायत लोग मुझसे करते हैं, और खुद को ग्रुप से अलग कर लेते हैं 🙏जिन लोगों की मेमोरी बहुत तेजी से भरती है वह कई ग्रुप से जुड़े हुए होते हैं 🙏
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपने व्हाट्सएप की नार्मल सेटिंग्स में ऑटोमेटिक डाउनलोड ओपन कर रखा है 🙏 इसलिए फोटो वीडियो और डॉक्यूमेंट सब लोड होता रहता है 🙏
या जब आप व्हाट्सएप को डाउनलोड करते हैं तो उसमें यह सेटिंग ऑटोमेटेकली ओपन रहती है 🙏
इस सेटिंग को आपको बंद करना होता है, सभी फोटो वीडियो डॉक्यूमेंट को आपको क्लोज करना होता है🙏
ऐसा करने से यह होता है कि कोई भी चीज ऑटोमैटिक डाउनलोड नहीं होती है जब तक आप उसे स्वयं डाउनलोड नहीं करते है, या सेव नही करते हैं 🙏
आपने जरूरत की चीजों को सेव करें 🙏 शेष को ना करें तो मेमोरी नहीं भरेगी 🙏
मैं यह जानकारी इसलिए दे रहा हूं क्योंकि वह मुझे फोन करके कहते हैं कि मुझे ग्रुप से पुनः जोड़ दीजिए, जबकि उन्होंने खुद ही अपने आप से ग्रुप से अलग किया होता है🙏
ऐसे लोगों को किसी ग्रुप का एडमिन भी नहीं जोड़ सकता है जिन्होंने खुद को ग्रुप से अलग किया होता है 🙏जब तक कि उनके पास पुनः रिक्वेस्ट ना आए 🙏
ऐसे लोगों को मैं रिक्वेस्ट लिंक भेजता हूं और उनसे कहता हूं कि आप इस लिंक पर क्लिक करो, परंतु अहंकार में लोगों को लगता है कि मुझसे रिक्वेस्ट करा रहे है 😂
भाई मेरे व्हाट्सएप की सेटिंग इसी तरह की है, यदि किसी ने खुद को ग्रुप से अलग किया है तो फिर कोई एडमिन उसको जोड़ नहीं सकता है जब तक कि वह खुद रिक्वेस्ट ना भेजें 😭
कृपया ग्रुप एडमिन के निर्देशों का पालन करें साथ-साथ व्हाट्सएप की पॉलिसी को भी समझे, तभी हम सोशल मीडिया का अपने समाज के हित में अच्छा प्रयोग कर पाएंगे🙏
क्योंकि चिर परिचित इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सरकार की गोदी में बैठे हैं🙏
कुछ लोग ग्रुप की सेटिंग 24 अवर्स कर देते हैं, ताकि उनकी मेमोरी जल्दी फुल ना हो, परंतु वास्तव में ऐसा नहीं होता है🙏 यदि ग्रुप सेटिंग ऑटोमेटेकली डाउनलोड है तो मटेरियल आपके मोबाइल की मेमोरी में स्टोर हो जाता है 24 घंटे बाद ग्रुप में मैसेज डिलीट हो जाता है, ऐसे व्यक्तियों को ग्रुप बनाना ही नहीं चाहिए, क्योंकि कोई भी व्यक्ति आपका मैसेज पढ़ने के लिए नहीं बैठा हुआ है जब उसके पास समय होगा तब पढ़ेगा🙏
कुछ लोगों ने अपने व्यक्तिगत सेटिंग में भी डिसएपियर मैसेज को 24 घंटे कर रखा है 🙏
वह मुझे मैसेज भेजते हैं मेरे पास कई बार देखने का समय नहीं होता, तो मैं उपयुक्त समय पर उनके मैसेज को देखता हूं तब पता लगता है वह मैसेज डिसएपियर हो चुका है 😂 और ऐसी दशा में मैं उनके मैसेज का रिप्लाई नहीं कर पाता हूँ 🙏 फिर वे लोग हमसे नाराज होते हैं 🙏
आपका शुभचिंतक
इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर एवं पूर्व हेड कंप्यूटर डिपार्मेंट कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064
[25/09, 1:21 pm] kamleshmittra: 🙏नया दर्शनशास्त्र 🌹 25 सितंबर 2024
दया दान करुणा आदि मानवीय गुणो की आवश्यकता राजतंत्रिक व्यवस्था में पड़ती है 🙏
लोकतांत्रिक व्यवस्था जहां आर्थिक राजनीतिक और सामाजिक समानता हो वहाँ पर दया दान करुणा की आवश्यकता नहीं पड़ती है 🙏 केवल प्राकृतिक आपदाओं के समय सहयोग की आवश्यकता पड़ती है 🙏
कृपया अन्य सोशल मीडिया पर दिए गए निम्न चेतावनी लेख को ध्यान से देखें :-
"
भाग 1 :-
भारतीय संविधान सामाजिक समानता आर्थिक समानता और राजनीतिक समानता की बात करता है 🙏
सामाजिक समानता तब तक नहीं आ सकती है जब तक कि आर्थिक और राजनीतिक समानता नहीं आ जाती है 🙏
आप लोग मानवता पर वीडियो बना रहे हैं, मानवता के गुण हैं, दया करुणा दान मैत्री सहयोग - मनुष्य के अंदर के इन गुणो का उपयोग तभी तक हो पाएगा जब तक समाज में आर्थिक विषमता है 🙏
यदि आर्थिक विषमता समाप्त हो जाए तो दया दान करुणा की आवश्यकता नहीं होगी 🙏😂
सरकारी नीतियां आर्थिक विषमता फैलाने वाली है क्योंकि शासन सत्ता में बैठे लोग दूसरों को आर्थिक विपन्न देखकर खुश होते हैं 🙏 उनको खुद के राजा होने का एहसास होता है 😂
भारतीय संविधान में कोई राजा नहीं, परंतु राज तांत्रिक व्यवस्था के प्रशासन में कोई बदलाव न होने के कारण भारत में आज तक राजतंत्र ही लागू है 🙏
वीडियो बनाना है तो आर्थिक समानता के विषय पर वीडियो बनाये -
अन्यथा किसी दिन मेरा दिमाग घूम गया तो कोर्ट में चुनौती दे दूंगा आपके वीडियो को, और उसके कारण समाज के हुए नुकसान की भरपाई भी कराऊंगा 🙏
भाग 2 :-
आप लोगों के इस तरह के वीडियो, समाज को बात करने की एक नई शब्दावली दे रहा है, मैं आप लोगों के वीडियो की निंदा करता हूं 🙏
वीडियो प्रगतिवादी होने चाहिए 🙏
ना कि यथा स्थितिवादी 🙏
बातचीत की जो शब्दावली लोगों को नहीं पता है 🙏उस शब्दावली का भी आप प्रचार प्रसार कर रहे हैं 🙏
वास्तव में आप लोग बहुत ही निंदनीय काम कर रहे हैं! "🙏
लोकतांत्रिक समाजवाद कैसा होता है?
और राजतंत्रिक समाजवाद कैसा होता है?
बुद्ध ने राजतंत्रिक समाजवाद का दर्शन दिया है क्योंकि वह एक राजा के पुत्र थे🙏
उस समय राजतंत्रिक व्यवस्था थी, आज कुछ देश को छोड़कर लगभग सभी देशों में लोकतांत्रिक राज व्यवस्था है इसलिए लोकतांत्रिक राज व्यवस्था का समाजशास्त्र स्थापित करना होगा, लोकतांत्रिक समाजवाद की प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करनी होगी, लोकतांत्रिक समाजवाद की अर्थव्यवस्था स्थापित करनी होगी 🌹
सामाजिक चिंतक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064
[25/09, 3:18 pm] kamleshmittra: 🌹चमारवाला जोहाड़ 🙏
सूचना दिनांक का 25 सितंबर 2024
एक ऐसा तालाब जहां पर चमार पानी का उपयोग कर सकते थे🙏 ऐसे तालाबों की सुरक्षा के लिए कुछ व्यक्ति रखे जाते थे जो तालाब की सुरक्षा करते थे, उनके इस कार्य के लिए समाज उन्हें संत कहा करता था 🙏
अंग्रेजों द्वारा स्थापित भूमि आवंटन में एक ऐसा स्थान चिन्हित किया गया जिस तालाब का उपयोग चमारों के पानी पीने के लिए होता था🙏 यह बात अंग्रेजों की राज व्यवस्था के रेवेन्यू रिकॉर्ड 1948 से पता लगती है 🙏( उपलब्ध डाटा के अनुसार )
अंग्रेजों ने जब जमीदारी व्यवस्था लागू की, तो भूमि आवंटन यथावत किया अर्थात जो भूमि जिसके पास थी, जो व्यक्ति जिस स्थान का उपयोग कर रहा था उसी के नाम से चिन्हित कर दी गई इस आधार पर 1948 का रेवेन्यू रिकार्ड बताता है कि चमारवाला जोहाड़ चमारों का था 🙏
अंग्रेजों को केवल राजस्व से मतलब था, जो उनको मनमाना राजस्व नही दे पाता था, उसका नाम रेवनयु रिकॉर्ड में परिवर्तित कर दिया जाता था🙏 परंतु फिर भी कुछ अनिवार्य सेवाएं थी जिसे सुखाधिकार अधिनियम के अंतर्गत रखा गया है उसमें परिवर्तन नहीं हो सकता था🙏
बाबा साहब द्वारा चलाए गए महार तालाब जल सत्तयाग्रह को सभी लोग भली भांति जानते हैं, उसी के बाद यह आवश्यक हो गया कि अंग्रेज सरकार शूद्रो की जातियों के नाम से रिवेन्यू रिकॉर्ड्स में जल स्रोतों को चिन्हित कर दें 🙏 और अंग्रेज सरकार ने ऐसा किया भी था 🙏
जब मैं गांव का भ्रमण करता हूं, तो यह पता हूं सैकड़ो तालाब सवर्णो ने अतिक्रमण कर लिए हैं, जिनका उपयोग कभी दलित कर रहे थे, नई चकबंदी में रेवन्यु रिकॉर्ड्स में ऐसे तालाबों को समाप्त कर दिया गया 🙏जबकि चकबंदी टीम में लेखपाल और चकबंदी अधिकारी अनुपातिक आधार पर अनुसूचित जाति के होते थे🙏
तालाब उपयोग न होने के कारण सवर्णो से कुछ पैसा लेकर वह तालाब उनको दे दिया जाता और रेवेन्यू रिकॉर्ड में तालाब समाप्त कर दिया जाता 🙏
मैं जब एक अधिवक्ता से बात कर रहा था तो उन्होंने आपत्ति उठाई भारतीय जनता पार्टी के सरकार ने चमार शब्द को प्रतिबंधित कर दिया है हमको चमार शब्द प्रयोग नही करना चाहिए" जबकि वह खुद को जाटव लिखते हैं 😂 अर्थात चमार नाम से कोई भी जमीन, वस्तु आदि सरकारी रिकार्ड में चिंन्हित हो तो उसका रिकॉर्ड स्वतः समाप्त हो जाएगा (चमार वाला जोहड़ स्वतः समाप्त )😭
चमार वाला जोहड़ का बोर्ड, हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट DDA ने हटा दिया किसी कमेटी में प्रश्न नहीं किया, महासचिव श्री M R वाली को मैंने सूचित किया परंतु फिर भी किसी कार्रवाई की कोई सूचना मेरे पास नहीं है 🙏
मैं प्रश्न पूछूं यह किसी ने अधिकृत नहीं किया, मैं स्वयं से पूछूं तो वादी हो जाऊंगा फिर उस विषय पर अधिवक्ता के रूप में बहस नहीं कर सकता हूँ, जिसमें मैं स्वयंवादी हूं मुझे भी दूसरा अधिवक्ता करना होगा😂
खोजते रह जाओगे, चमारवाला जोहड़ कहां गया🙏🌹😂
मेरी हर विषय पर बारीकी से नजर है, भू-माफिया सावधान रहें, मेरे पीछे कोई रोने वाला नहीं, तुम्हारे पीछे रोने वाला कोई मैं छोडूंगा नहीं 😂 मैं कलम का सिपाही हूं 🙏
प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064
नोट :-
आज संत श्री निरंजन दास जी की तरफ से सकारात्मक संदेश प्राप्त हुआ है 🙏
यदि वास्तव में कोई संत है तो वह व्यक्ति न होकर संस्था हुआ करता है 🙏 लोग उसके नाम से काम करते हैं🙏
परन्तु मैं कुछ करना नहीं चाहता हूँ 🙏 मुझे एकांत में सोने दो, सुबह दूध लेने ना जाना पड़े, इसलिए मैंने उस जीवन शैली को छोड़ दिया😂
परंतु न जाने फिर भी लोग मेरे पीछे क्यों पड़े हैं, मुझे जबरदस्ती काम करा रहे हैं 🙏
मेरा अगला निशाना तुगलकाबाद रविदास मंदिर की संपूर्ण जमीन को पाना है जिसका संकल्प हमने 4 फरवरी 2024 को सार्वजनिक रूप से आर्य समाज मंदिर करोल बाग में लिया था🙏🌹
अगर नई कार्यकारिणी इस कार्य को करती है तो अच्छी बात है 🙏 वरना नई कार्यकारिणी को मैं अपनी नींद का दुश्मन समझूंगा 😂 जो कोई नहीं करेगा वह मैं करूंगा 🌹🙏
[27/09, 12:28 pm] kamleshmittra: 105 Ravidas मंदिर 🙏 सामान्य सूचना 27 सितंबर 2024
ग्रुप में कई रिक्वेस्ट पेंडिंग पड़ी है 🙏 परंतु अभी तक मैंने किसी का अप्रूवल नहीं किया है 🙏
दिल्ली के 105 रविदास मंदिर ग्रुप ओपन ग्रुप है🙏 सभी लोग अपनी बात कह सकेंगे इसलिए इस ग्रुप में एक बात का विशेष ध्यान दिया जा रहा है, कि सदस्य किसी रविदासिया मंदिर का मुख्य पदाधिकारी होना चाहिए, अथवा मुख्य पूर्व पदाधिकारी होना चाहिए🙏
मैं जिन मंदिरों का भ्रमण कर रहा हूं, और वहां से मुझे जो फोन न. प्राप्त होता है, उन्हीँ माननीय सदस्यों को मैं इस ग्रुप में जोड़ रहा हूं🙏
यदि कोई शीघ्रता से इस ग्रुप में जुड़ना चाहता है, तो कृपया मुझे अपना परिचय भेज दे कि वह किस रविदास मंदिर में पदाधिकारी हैं, अथवा पूर्व पदाधिकारी रहे हैं मैं उन्हें ग्रुप में जोड़ दूंगा🙏
96 गुरु भाईयो से अक्सर बातचीत होती रहती है, उनके 2 महीने के जेल के दर्द को मैं भली भांति समझता हूं 🙏
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उनके केस को वापस लेने के बाद भी समाज ने उनको समुचित सम्मान नहीं दिया है🙏 मैं इस विषय को लेकर बहुत चिंतित हूं 🙏
दिल्ली के 105 मंदिरों को मैं संगठनात्मक रूप से तैयार कर देना चाहता हूं🙏 ताकि किसी भी समस्या का समाधान सामाजिक स्तर पर किया जा सके, और आवश्यकता पड़ने पर सरकार पर भारी दबाव भी बनाया जा सके🙏
मेरी इच्छा थी कि सेंट्रल कमेटी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाये, इसलिए जून में मैंने उनको प्रस्ताव दिया था परन्तु उनकी कार्यशाली से मैं असंतुष्ट हूं 🙏 संभवतः 29 सितंबर 2024 को उनके साथ आखिरी मीटिंग होगी 🙏
संसार का कोई भी काम किसी के होने अथवा ना होने से नहीं रुकता है अगर ब्रह्मांड की शक्तियों ने ऐसा ठान लिया है 🙏
मेरा संकल्प स्पष्ट है क्योंकि मेरे संकल्पना का इतिहास भी स्पष्ट है 🙏
गृह त्यागी अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064
[27/09, 1:45 pm] kamleshmittra: सिंह साहब जी,
मैं अपने सीमित संसाधनों में अपने खर्चे से दिल्ली के मंदिरों के पदाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश कर रहा हूं,
सेंट्रल कमेटी से मैंने इसीलिए अनुरोध किया था क्योंकि उसका अपना कोई मंदिर नहीं है और वह खुद को सेंट्रल कमेटी कहती है, एक पंजीकृत पुरानी संस्था है🙏 चुंकि उसका अपना कोई मंदिर नहीं है इसीलिए वह सभी मंदिरों को अपना मंदिर समझेगी और सभी मंदिरों के दुख दर्द में शामिल हो सकेगी, उनके लिए कल्याणकारी योजना बनायेगी, दिल्ली के संपूर्ण रविदास समाज को संगठित करेगी, किसी भी मंदिर का प्रतिनिधि केंद्रीय समिति का पदाधिकारी हो सकेगा परंतु मैं ऐसा होता नहीं देख रहा हूँ, सेंट्रल कमेटी भी कुछ लोगों की बपौती होती जा रही है🙏
मेरे बार-बार चेतावनी देने के बाद भी सेंट्रल कमेटी के अध्यक्ष ने अपनी कार्यशैली नहीं बदली ना तो वे खुद कुछ काम कर रहे हैं और ना दूसरों को काम करने दे रहे हैं 🙏 संत शिरोमणि गुरु रविदास की प्रतिष्ठा को कोई ठेस पहुंचाएगा तो संत शिरोमणि तो शिकायत करने नहीं आएंगे😂
समाज को ही उसका हिसाब करना होगा🙏 यदि कोई समाज की जिम्मेदारी अपने कंधे पर लेता है तो उसे उस जिम्मेदारी का निर्वहन करना ही होगा अन्यथा पद छोड़ो 🙏
दान की गई संपत्ति का दान कर्ता मालिक नहीं होता है, वह संपत्ति समाज की हो जाती है और सरकार उसकी रक्षा करती है 🙏 सरकार के अधिनियम में इस प्रकार का उपबंध है 🙏
समाज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना एक अपराधिकृत है 🙏
आपका सुझाव अच्छा है, परंतु 105 मंदिरों तक मैं पहुंचने का प्रयास कर रहा हूं 🙏 हर मंदिर से दो-तीन पदाधिकारी होंगे, कुछ पूर्व पदाधिकारी भी होंगे, कुछ पूर्व दानदाता भी होंगे 🙏 सभी इस ग्रुप का सदस्य हो सकेंगे 🙏
मैं तो मुसाफिर हूं एक दिन छोड़ कर चला जाऊंगा वैसे भी मैं एक स्थान पर दो-तीन साल से ज्यादा नहीं रुकता हूँ 🙏
मुसाफिर अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064
[27/09, 8:03 pm] kamleshmittra: 🌹अति आवश्यक सूचना दिनांक का 27 सितंबर 2024 🙏
संत शिरोमणि गुरु रविदास समाज दिल्ली के लिए दो महत्वपूर्ण बैठ दिनांक 2 अक्टूबर 2024 और दिनांक 29 सितंबर 2024 को होने जा रही है🙏
उपरोक्त दोनों ही बैठकों में मेरी कोई भूमिका नहीं है, दिल्ली के रविदास समाज के लोग इसको खुद कर रहे हैं, क्योंकि वह रविदास समाज के लिए कुछ कर रहे हैं, मुझे यह देखकर प्रसन्नता होती है🙏😍
एक कमेटी के मुखर प्रधान ने मेरे ऊपर आरोप लगाया कि मैं सबको उंगली करता रहता हूं, वह मुझे अधिवक्ता ना कहकर अधिक वक्त कहते हैं 😂 मैं उनके आरोप से सहमत हूँ क्योंकि मैं अकेले कुछ नहीं कर सकता हूँ इसलिए उंगली करता हूं, अधिक इसलिए बोलता हूं क्योंकि तुम बहरे हो, इशारों की बात समझने में सक्षम नहीं हो 😂
किसी इंजन में प्लग केवल उंगली करता है 🙏 फिर सारा काम तो इंजन करता है 😂 गाड़ी चल पड़ती है 🙏 जो करने में सक्षम और आलसी व्यक्ति है उसे जगाने के लिए भोपू बजाना ही पड़ता है😂
डॉ. शांति स्वरूप बौद्ध के गुजर जाने के बाद दिल्ली का बौद्ध समाज शून्यता के दौर से गुजर रहा है 🙏 जितनी जल्दी मैं यहां से मुक्त हो जाऊं मुझे वहां भी काम करना है 🙏
सदैव ध्यान रहे किसी भी धर्म के प्रमुख पद पर अगर राजनीतिक लोग हैं तो वहां धर्म नहीं अधर्म का प्रचार हो रहा है, राजनीतिक रोटी सेकी जा रही है 🙏
बौद्ध समाज से भी हमारे लिए प्रस्ताव आ रहे हैं और पहले भी आते रहे क्योंकि वहां भी हमारे समाज के लोग हैं उनको धर्म और राजनीति का अंतर बताना है 🙏 अर्थनीति धर्म नीति नहीं होती है, धन कमाना है तो धर्म के नाम पर ना करें 🙏 क्योंकि वह देता बहुत है, और बड़ी तेजी से छीन लेता है, सैकड़ो संत इस गफलत में डूब गए 🙏😂
भगवान बुद्ध का बौद्ध समाज
और अंबेडकरवादी बौद्ध समाज
दोनों में जमीन-आसमान का अंतर है 🙏
इस अंतर का लाभ उठाकर मनुवादी वहां भी अपना विष घोल रहे हैं 🙏
प्रबुद्ध अनुसूचित जाति के लोग प्यासे लोग हैं, उनको ज्ञान की प्यास है, उनको धर्म की प्यास है, उनको धन की भूख है, उनको मान और प्रतिष्ठा की भूख है 🙏
मान-प्रतिष्ठा और धन के लिए वह किसी भी राजनीतिक पार्टी में घुस जाते हैं 🙏 ज्ञान और धर्म के लिए वह किसी भी धार्मिक संगठन में चले जाते हैं🙏
मैं हर जगह अपने समाज के लोग देखता हूं और यह देखकर परेशान होता हूं 🙏
हमारे समाज के कुछ लोग अम्बेडकर विरोधी हैं, हमारे समाज के ही लोग बाबू जगजीवन राम विरोधी है, हमारे समाज के ही लोग बाबू मंगूराम विरोधी हैं, हमारे समाज के ही लोग बौद्ध धर्म विरोधी हैं, हमारे समाज के ही लोग संत रविदास विरोधी हैं, हमारे समाज के लोग भी कबीर विरोधी हैं, हमारे समाज के ही लोग आर्य समाज विरोधी है 🙏 हमारे समाज के लोग ही सिक़ख धर्म विरोधी हैं 🙏आदि क्योंकि उनको होरिजेंटल धर्म और वर्टिकल धर्म नहीं पता है 🙏
होरिजेंटल धर्म के सभी संत ऋषि मुनि भिक्षु हमारे पूज्य है जबकि वर्टिकल धर्म के लोग सत्ता संपन्न हो जाने पर एक विकार के रूप में हमारे होरिजेंटल धर्म से ही उत्पन्न हो जाते हैं🙏🌹
विज्ञान का थोड़ा ज्ञान क्या पाया कि अंधविश्वास बहुत बढ़ गया इससे तो अज्ञान ही अच्छा था 🙏
घट-घट वासी फ़क़ीर (अधिवक्ता) कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064
[27/09, 11:44 pm] kamleshmittra-SCI: प्रिय ग्रुप एडमिन जी
आपका पहला वाक्य तो सत्य है
( दुनिया गफलत में है)
परंतु दूसरा वाक्य अर्ध सत्य है
तीसरा वाक्य पूर्ण असत्य और अहंकार से भरा हुआ है 🙏
दूसरे वाक्य के संदर्भ में कह दूं - ज्यादा धार्मिक नहीं होना चाहिए परंतु धार्मिक होना चाहिए🙏
तीसरे भाग के संदर्भ में कह दूं, धार्मिक व्यक्ति मानसिक गुलाम नहीं होते है 🙏 अंधविश्वासी लोग मानसिक गुलाम होते हैं 🙏
विज्ञान वादी लोग ज्यादा अंधविश्वासी है 😂 इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन न्यूट्रॉन को कभी नहीं देखा, फिर भी विश्वास करते हैं🙏
पहले वैज्ञानिक करते थे कि न्यूक्लियस में केवल तीन तत्व है इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन न्यूट्रॉन, वैज्ञानिक बुद्धि के लोग तब भी विश्वास करते थे🙏
बाद में कुछ अन्य कणों की खोज हुई खोज हुई, जिन्हे अल्फा डेल्टा और गामा और फोटान कहा गया, वैज्ञानिक मानसिकता के लोगों ने उसे भी मान लिया, खुद करके किसी ने नहीं देखा😂
वैज्ञानिक मानसिकता के लोग तो ज्यादा अंधविश्वासी है 🙏
आध्यात्मिक लोग कहते हैं, ध्यान करो अष्टांगिक मार्ग का पालन करो, आपको अष्टकलाप की अनुभूति अपने शरीर में होगी अर्थात इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन न्यूट्रॉन अल्फा बीटा गामा डेल्टा आप अपने शरीर में स्वयं महसूस कर पाओगे🙏 यहां तक की इलेक्ट्रॉनिक मैग्नेटिव वेब के प्रभाव को भी महसूस कर पाओगे😂
परंतु वैज्ञानिक मानसिकता के लोग ध्यान नहीं करते, क्योंकि वह ध्यान को धर्म से जोड़ देते हैं 🙏
जबकि ध्यान एक विशुद्ध वैज्ञानिक पद्धति है, आत्मविशुद्धि की पद्धति है, भौतिक तत्वों के अनुभूति की पद्धति है🙏 ध्यान उपरोक्त तत्वों के आभाष के साथ-साथ, चित्तधरा पर उत्पन्न विकारों को भी नष्ट कर देता है, अथवा उनकी तीव्रता को न्यूनतम कर देता है 🙏
जब यह विकार उग्र रूप में होते हैं तो मनुष्य अमानवीकृत करता है 🙏 और जब यह विकार संतुलित अवस्था में होते हैं, तब मनुष्य मानवी व्यवहार करता है 🙏 जब किसी मनुष्य में यह विकार पूर्णता समाप्त हो जाते हैं तो वह व्यक्ति देव तुल्य व्यवहार करता है 😂
आपने अपने ग्रुप का नाम रखा है सविधान ही धर्म है 🙏
मुझे तो लगता है ना तो आपको संविधान की समझ है और ना ही धर्म की अन्यथा आपके ग्रुप में मेरी जिस पोस्ट को लाइक किया गया है, उस ग्रुप के एडमिन के रूप में, आप इस प्रकार की टिप्पणी नहीं करते 🙏
अगर आप हमारे संपर्क में बने रहे, तो मैं आपको अवश्य बताऊंगा धर्म क्या है? और संविधान क्या है 🙏
संविधान का संबंध राजनीति से है, जबकि धर्म का संबंध मनुष्य की मानवीय प्रकृति से है 🙏
आप वैज्ञानिक बुद्धि के व्यक्ति हैं, आपके अहंकार को उपरोक्त बातें स्वीकार करने में बड़ी तकलीफ होगी🙏🌹
वैज्ञानिक बुद्धि के सभी व्यक्तियों को पहले जैन धर्म का अध्ययन करना चाहिए, उसके द्वायातवाद के सिद्धांत को भली भांति समझना चाहिए, तभी बुद्ध धर्म का अष्टांगिक मार्ग समझ में आएगा 🙏 जैन धर्म के द्वैतवाद को समझे बिना अष्टांगिक मार्ग को समझने वाला व्यक्ति अहंकारी हो जाता है 🙏 खुद को वैज्ञानिक मानसिकता का कहता है परंतु वह पूरी तरह से अंधविश्वास से भरा हुआ व्यक्ति होता है 🙏
इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर एवं धर्म विश्लेषक तथा अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064
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