Saturday, 28 September 2024

काम क्रोध भय और वासना से मुक्ति

 रात्रि समाचार: सूचना दिनांक 28 सितंबर 2024


भय क्रोध काम-वसना विमुक्ति की प्रक्रिया : सरल सूत्र 


🌹अभी एक मित्र से अचानक चर्चा हो गई तो सोचा आपको भी बता दूं 🌹


 कहा जाता है चेहरा बोलता है -


मनुष्य के तीन विकार जो की चित्त विकार है परंतु चेहरे से पहचान लिए जाते हैं🙏


भय 

क्रोध 

काम-वसना 


1. शत्रु बहुत आसानी से आपका चेहरा देखकर पहचान लेता है कि आप भयभीत तो चुके हो, और शत्रु की आक्रामकता आपके प्रति बढ़ती जाती है🙏 मनुष्य ही क्यों पशु भी पहचान लेते हैं, खूंखार जानबर चीते के बारे में कहा जाता है कि चीते की आंखों में आंखें डाल कर देखते रहो तो वह आप पर आक्रमण नहीं करता है, और वापस चला जाता है🙏 गली का कुत्ता भी नहीं आक्रमण करता है 🙏


2. इसी प्रकार क्रोध है, बच्चे अपने माता-पिता के क्रोध को आसानी से पकड़ लेते हैं, नौकर भी अपने मालिक के क्रोध को उसके चेहरे से पहचान लेता है, पालतू जानवर तक अपने मालिक के क्रोध को आसानी से पहचान लेते हैं😂


3. कामुकता :- लुच्चा व्यक्ति अपने चेहरे से पहचान लिया जाता है, स्त्रियां लुच्चे व्यक्ति को पहचानने में कुशल होती है 🙏 चंचल स्त्रियां भी इसी प्रकार अपने चेहरे से पहचान ली जाती हैं 🙏


4. भय, क्रोध, कामवासना :- जिस प्रकार चेहरे से पहचान ली जाती है उसी प्रकार यह शरीर पर भी बुरा प्रभाव डालती है🙏


5. भयभीत व्यक्ति का पाचन तंत्र गड़बड़ रहता है, जो खाना सभी के लिए सुपाच्य है भयभीत व्यक्ति के लिए वही भोजन अपाच्य है 🙏 अगर भय की परिस्थितियों लगातार बनी रहे तो शारीरिक -कमजोरी और डिप्रेशन आदि स्थाई बीमारियां शरीर में दिखाई देने लगती हैं🙏


6. इसी प्रकार क्रोध है :- क्रोध के कारण अक्सर मुंह टेढ़ा हो जाता है, मुंह के खाल मोटी हो जाती है, आंखें तिरछी हो जाती हैं 🙏 व्यक्ति अपनी समरसता छोड़ देता है, हाई बीपी का शिकार हो जाता है🙏 मोटापा, जोड़ों के दर्द आदि गंभीर समस्याओं का शिकार होने लगता है 🙏


7. कामवासना :- अति कामुक व्यक्ति यौन रोग का शिकार हो जाता है, सामाजिक मान प्रतिष्ठा गिर जाती है, कुछ दिनों बाद जिंदगी रस हीन लगती है, शक्ति वर्धक दवाइयां के साइड इफेक्ट शरीर पर दिखने लगते हैं, बहुत से गुप्त रोगों का शिकार हो जाता है🙏


8. भयरहित व्यक्ति :- जो व्यक्ति भय रहित होता है, शत्रु उसे पर हावी नहीं हो पाते, वह सत्यवादी हो जाता है, समाज में उसकी मान प्रतिष्ठा बढ़ती है, समाज के सभी व्यक्ति उनसे संरक्षण प्राप्त करते हैं 🙏 विपरीत परिस्थितियों में भी भयरहित व्यक्ति, विपरीत परिस्थितियों से निकलने का मार्ग खोज लेता है 🙏 दीनता की ओर नहीं बढ़ता है 🙏


9. क्रोध रहित व्यक्ति :- जो व्यक्ति क्रोध रहित है उसके घर में सदैव सुख और शांति रहती है, विपरीत परिस्थितियों में भी वह प्रगति के मार्ग निकाल लेता है, उसका परिवार उसके नौकर चाकर उससे प्रेम करते हैं क्योंकि होने वाली गलती से किसी प्रकार का दंड मिलने का भय नहीं होता इसलिए मालिक और माता-पिता से कोई कुछ छुपाने की आवश्यकता नहीं महसूस नहीं करता है , इसलिए क्रोध रहित व्यक्ति कभी अंधकारमय में नहीं होता है 🙏 सगे संबंधियों और अपने कर्मचारियों से धोखा मिलने की संभावना ना के बराबर होती है 🙏 यदि किसी कारणवश ऐसा हो भी जाए, तो फिर वहां से प्रगति के मार्ग निकाल लेता है 🙏


10. कामवासना रहित व्यक्ति:- संपूर्ण समाज को पिता तुल्य देखा है, इसलिए जगत का प्रिय होता है, जगत पिता हो जाता है🙏 वह केवल दो-चार बच्चों तक ही खुद को पिता नहीं मानता है 🙏 बापू कहलाता है🙏


11. ऐतिहासिक रूप में ऐसे कई महापुरुष, संत, ऋषि और भिक्षु आपको मिल जाएंगे जो भय क्रोध और कामवासना से मुक्त थे :-


12. परंतु भय रहित, क्रोध रहित, और काम-वासना से मुक्त कैसे हुआ जाए?😂



13. ध्यान की अतुल्य गहराइयों में जाकर भय क्रोध काम से विमुक्ति का मार्ग मिलता है🙏


साधक कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :-


1. मैंने आपको सरल सूत्र बताने का वादा किया था 😂


2. हर आधे घंटे के बाद, लगभग 1 मिनट, आंख बंद करके, अपने संपूर्ण चेहरे को देखने का प्रयास करें, अपनी पूरी मुंडी को देखने का प्रयास करें🙏 जब तक आप नियमित रूप से किसी केंद्र में जाकर ध्यान नहीं कर सकते हैं तब तक करते रहे, जो भी आसानी से चेहरे पर पकड़ में आए पकड़ते रहे और 1 मिनट बाद छोड़ दे पूरी तरह छोड़ दें 🙏 यदि करना संभव हो तो आंख खोल भी बिना किसी दर्पण के अपने चेहरे को देखते रहे 🙏


3. इससे होता क्या है? आपके चेहरे पर आया भय क्रोध कामवासना का भाव तुरंत समाप्त हो जाता है🙏 जो कि प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप में आता ही रहता है, इसलिए एक बार अगर आदत बना ली जाए, तो चेहरे से भय क्रोध और वासना के भाव निकालते रहते हैं🙏


4. आपके चारों तरफ एक आभामंडल बना रहता है चेहरे की चमक बढ़ जाती है वह हजारों क्रीम से ज़्यदा लाभकारी होती है🙏 और आप देखने में दूसरों से पृथक लगते हैं 🌹🙏


संसार चलता है चलता रहेगा, यह जगत मेरे आने से पहले था, मेरे जाने के बाद भी रहेगा, प्रतिक्षण इस बात की बोधी बनी रहे, अणुव्रत (छोटे-छोटे संकल्प पूरे करते रहे) करते रहे 🙏 उपरोक्त बिंदु-2 अति सरल सूत्र है🌹🙏

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