Thursday, 5 September 2024

4- 5 सितंबर की सूचना

 [04/09, 9:46 am] kamleshmittra: 🌹सार्वजनिक सूचना 4 सितंबर 2024 


कल दिन का कार्यक्रम भी बड़ा व्यस्त रहा🙏


आज पूरी तरह घर पर ही आराम करूंगा🙏


जिन्हें काम करना होता है वह काम कर ही लेते हैं!


संगठन का काम सामाजिक समस्याओं को उठना होता है🙏


शासन-प्रशासन का काम समस्याओं का समाधान करना होता है, कई बार कामचोर और भ्रष्ट शासको-प्रशंसकों के पीछे हाथ धोकर पड़ना भी पड़ता है तब जाकर कोई काम हो पता है🙏 आम जनता तो अपनी रोजी-रोटी में लगी रहती है🙏


जब कुछ फुर्सत के क्षण मिलते हैं तब आम जनता अच्छा समाज चाहती है🙏 और समाज को अच्छा बनाना संगठनों का काम है 🙏 यदि समाज के किसी संगठन के कारण समाज अच्छा दिखता है, तो आम जनता उनका आर्थिक सहयोग करती है 🙏 हमारा उद्देश्य आम जनता की आर्थिक ताकत को बढ़ाना है🙏


उसी क्रम में एक संगठन ने कल अच्छा काम किया उसका दस्तावेज मैं यहां पर दे रहा हूं🙏


आप भी विचार करें आपके सामाजिक उत्थान के कार्य में आपके संगठन की मैं क्या मदद कर सकता हूं🙏 समाज सेवा में तत्पर 


सामाजिक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064


 नोट :- अकेले चलना कठिन है, परंतु भगवान बुद्ध ने कहा है "जब तक अपने जैसा साथी ना मिले तो अकेले ही चलते रहे, मूढ़ो की संगत अच्छी नही "


मैं तो चल पड़ा, रास्ते में बहुत साथी मिलेंगे और बिछड़ जाएंगे, देखते हैं कौन कहां तक साथ देता है😂

[04/09, 5:20 pm] kamleshmittra: 🌹सुचना 4 सितंबर 2024


जालंधर होशियारपुर और लुधियाना की यात्रा करने के पश्चात, 2 तारीख की शाम को दिल्ली वापस लौट आया हूं 🙏


इस यात्रा का महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि मुझे वह 40 शबद मिल गए हैं 🙏 जिसके लिए मैंने गुरुद्वारा शीशगंज, गुरुद्वारा बंगला साहिब, गुरुद्वारा रकाबगंज का दर्शन किया था, परंतु कोई भी गुरुद्वारा मुझे यह 40 शबद देने को तैयार नहीं था 🙏


ज्ञात स्रोतों के अनुसार, संत शिरोमणि गुरु रविदास की वाणी के विशुद्ध शबद यदि सुरक्षित हो सकते हैं तो वह गुरु ग्रंथ साहिब ही है 🙏


अन्य कहीं से लिए गए शबद प्रक्षित हो सकते हैं, 


इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी रहा जिससे हम रविदास राज कहते हैं वह कौन से ग्रन्थ लिया गया है 🙏


अन्य विशेषज्ञ जो जानकारी रखते हैं, मेरा सहयोग कर सकते हैं 🙏🌹


खोजी अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[04/09, 6:56 pm] kamleshmittra: 🌹सूचना -02, 4 सितंबर 2024 


संत श्री निरंजन दास जी से 31 अगस्त 2024 को सुबह के सत्र में भेंट हुई 🙏 क्योंकि 30 अगस्त को वह अपनी आंख दिखाने चले गए थे इसलिए शाम के सत्र में नहीं बैठे, डेरे पर रुकने का मुझे अक्सर मिला 🙏 मुझे ज्यादा असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा 🙏 इस आधार पर मैं कह सकता हूं, बहुत ही सुंदर डेरा है, और वहां का स्टाफ धन्यवाद का पात्र है🙏


मुझे बताया गया श्री धर्मपाल जी बनारस गये हैं, उनके सहयोगी श्री हरदेव जी भी उनके साथ गए हैं 🙏


जैसा कि मुझे पता था कि संत श्री निरंजन दास जी हिंदी भाषा नहीं समझते हैं, और मैं पंजाबी भाषा नहीं समझता हूं, तो सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि बीच में ट्रांसलेटर कौन बनेगा🙏


मैंने जब श्री अशोक जी से निवेदन किया तब उन्होंने इसके लिए श्री देवेंद्र दास जी को सूचित कर दिया, इस प्रकार श्री देवेंद्र दास जी ने द्विभाषिये का काम किया🙏


आने वाली उपरोक्त समस्या को ध्यान में रखते हुए मैंने एक लिखित प्रपत्र तैयार कर रखा था, सुबह उस प्रपत्र को श्री देवेंद्र दास जी को दिखाया 🙏 श्री देवेंद्र दास जी हमारे प्रस्ताव से सहमत थे 🙏 संत श्री निरंजन दास जी से भेंट के दौरान उन्होंने पत्र का सारा मसौदा संत जी को समझाया, उसके बाद श्री देवेंद्र दास जी ने मुझे सूचित किया🙏 कि संत श्री निरंजन दास जी ने हमारे प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है🙏


इसके साथ ही मैं आगे की यात्रा के लिए वहां से प्रस्थान कर गया🙏


उपरोक्त सूचित भेंट वार्ता के बाद एक बात दृष्टिगोचर होती है कि PA श्री धर्मपाल जी ने जो मुझे सूचित किया था कि संत श्री निरंजन दास जी ने इस्तीफा दे दिया है इसलिए मुझे संत श्री वीर सिंह हितकारी जी से बात करनी चाहिए, श्री मंगतराम वाली जी से बात करनी चाहिए🙏 मैंने उनको सूचित किया था श्री मंगतराम वाली जी मेरा फोन नहीं उठाते और ना ही कोई संतोषजनक जवाब देते हैं, और हितकारी महाराज जी भी किसी निर्णय को लेने में सक्षम नहीं है, क्योंकि वह पूरी तरह से श्री मंगतराम बाली पर निर्भर है 🙏


मैंने श्री धर्मपाल जी से निवेदन किया था यदि संत श्री निरंजन दास जी ने इस्तीफा दे दिया है तो इस बात की लिखित सूचना आप मुझे भिजवा दे परंतु वह सूचना आज तक मुझे नहीं दी गई, इस आधार पर मेरे दिमाग में संदेह चला रहा कि सत्य कुछ और है 🙏


इस सत्य को जानने के लिए मुझे डेरा सचखंड बल्ला जाने की आवश्यकता महसूस हुई 🙏


यदि संत श्री निरंजन दास जी ने कमेटी से इस्तीफा दे दिया होता तो वह मुझे सूचित करते और मेरे प्रस्ताव का प्रपत्र ना लेते 🙏 परंतु उन्होंने ऐसा नहीं किया मेरे प्रस्ताव को लिया है 🙏


इस आधार पर कहा जा सकता है संत श्री निरंजन दास जी ने, ना तो सरकारी झटपट कमेटी से इस्तीफा दिया है और ना ही तथाकथित सरकारी कमेटी से इस्तीफा दिया है 🙏


इसलिए लीगल नोटिस पर प्रतिवादी का नाम बदलने का औचित्य पैदा नहीं होता है 🙏


मुझे यह कहते हुए अफसोस हो रहा है कि पतंजलि योगपीठ में बाबा रामदेव की प्रतिष्ठा धूमिल करने में, डॉ जयदीप आर्य जिस तरह की कूटनीति कर रहे हैं, इस प्रकार सचखंड डेरा बलला में भी षड़यंत्र चल रहा है 🙏क्योंकि सचखंड डेरा बलला में डेरा बलला के अगले उत्तराधिकारी को लेकर मतभेद चल रहा है 🙏


परंतु मुझे डेरा की आंतरिक बातों से क्या लेना देना, मैं लीगल नोटिस में दिए गए प्रस्ताव पर अडिग हूं, 10 सितंबर लीगल नोटिस की डेडलाइन होगी 🙏


यदि मुझे कोई सार्थक सूचना प्राप्त नहीं होती तो डेडलाइन के बाद उन लोगों के खिलाफ मैं थाने में FIR भी दूंगा, जिन्होंने एक अधिवक्ता को मौखिक रूप से गलत सूचना दी कि संत श्री निरंजन दास जी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, यह अधिवक्ता को गलत सूचना देने का मामला है, यह जन आक्रोश को भड़काने का मामला है🙏


प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏9335122064


नोट :- मुझे बहुत अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारे समाज के लोग विधि की गंभीरता नहीं जानते है, इसलिए विवाद कोर्ट में पड़े रहते हैं, अनावश्यक विवाद लंबे खींचते हैं और समाज विखंडित होता है


 🙏 जब अपना समाज विखंडित रहता है तो बाकी समाज हमारे ऊपर हावी हो जाता हैं, 3% की आबादी रखने वालों की विचारधारा पूरे देश पर लागू है🙏


परंतु फिर भी हमारे समाज के मूर्ख लोग अपनी मूर्खता नहीं छोड़ते है 🙏

[05/09, 9:43 am] kamleshmittra: सूचना 5 सितंबर 2024


🌹पंजाब हरियाणा के संतों सहित देश के सभी संतो से मिलने की विशेष योजना🙏


संत शिरोमणि गुरु श्री रविदास जी की विचारधारा से जुड़े पंजाब में कई स्वतंत्र डेरे बताए गए हैं🙏


उनकी विचारधारा में मत-अंतर है क्योंकि उनकी उत्पत्ति का मूल स्रोत अलग-अलग है 🙏 


समाज को जोड़ने में वह एक जैसे दिखते हैं परंतु प्रतेक डेरा समाज को अपने में समाहित कर लेना चाहता है, और दूसरे डेरे से खुद को बड़ा दिखाने का प्रयास करता है 🙏


इस विचारधारा के कारण समाज जुड़ नहीं पता है क्योंकि समाज बुनियादी रूप से कई जातियों में विभक्त है, अनादि काल से चली आई विभिन्न विचारधाराओं में विभक्त है 🙏


 हमारे संत प्रमुख रूप से समाज को जोड़ने में लगे हैं, समाज के व्यक्तियों को जोड़ने में लगे हैं 🙏 


जबकि हमारा उद्देश्य होरिजेंटल विचारधारा के डेरो, मठो, विहारो और चैरिटेबल ट्रस्ट को जोड़ने का है 👏


इस अभियान के अंतर्गत हम शीघ्र ही भारत भ्रमण पर निकलेंगे 🙏🌹 इस अभियान के अंतर्गत संत, भिक्षु, पंडित और पुरोहित, मौलवी और पादरी आदि से भी संपर्क किया जाएगा🙏


हमारा उद्देश्य होरिजेंटल विचारधारा को "मानव मानव एक समान" के लिए जो संगठन काम कर रहे हैं उनको एक साथ एक मंच पर लाना है🙏


सामाजिक साधक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏9335122064


नोट :- हम अपील करते हैं समाज के उन गणमान्य व्यक्तियों से जिनका उद्देश्य पवित्र है, अर्जित धन पवित्र है, आर्थिक रूप से संपन्न हैं "मानव मानव एक समान" की विचारधारा से सहमत है शासन व्यवस्था को होरिजेंटल बनाना चाहते हैं, हमारे इस अभियान में अपना सक्रिय सहयोग दें, पथ के साथी बन सकते हैं, पथ के सारथी बन सकते हैं🙏


 क्योंकि जब तक शासन की अर्थव्यवस्था को "मानव मानव एक समान" की विचारधारा से नहीं जोड़ दिया जाता तब तक आर्थिक विपन्नता बनी रहेगी🙏🌹


आर्थिक असंतुलन युद्ध को जन्म देता है, समाज में भी युद्ध कराता है और दो देशों के बीच भी युद्ध कराता है 🌹


युद्ध सदैव संपन्न इच्छा शक्ति और आर्थिक संपन्नता के बीच होता है, आर्थिक शक्ति से विपन्न लोग भी इच्छा शक्ति से संपन्न हो सकते हैं🙏

[05/09, 12:45 pm] kamleshmittra: 🌹 पाप की पूंजी से किया गया दान @ पाप मुक्त नहीं करता है 🙏


सूचना दिनांक 5 सितंबर 2024 


बात उन दिनों की है, जब मैं एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहा था, और एक वरिष्ठ AOR के अधीन प्रशिक्षण ले रहा था🙏


मुझे उस लॉ फॉर्म को छोड़ना पड़ा जिसका मैं मैनेजर था क्योंकि ट्रेनिंग के दौरान वरिष्ठ AOR के निर्देशानुसार माननीय सुप्रीम कोर्ट में रहना पड़ता था, केसेस में वरिष्ठ AOR की ओर अपनी रिप्रेजेंटेशन देनी होती थी 🙏 परंतु इस कार्य का मुझे कोई पारिश्रमिक नहीं मिलता था 🌹


हम अनुसूचित जाति के लोगों को कोई अन्य जाति का व्यक्ति AOR की ट्रेनिंग दे दे, यह ही बहुत बड़ी बात है 🙏 "मित्रा" सरनेम के कारण मुझे यह सहज उपलब्ध हो गयी 😭 अगर मेरा सरनेम जाटव, चमार या वाल्मीकि होता तो मुझे पता भी नहीं लगता कि मुझ में अयोग्यता क्या है 😂 परंतु झूठ की बुनियाद पर मजबूत किले तैयार नहीं होते🙏


"मित्रा" सरनेम मेरा तब से है जब मैं इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र हुआ करता था, क्योंकि इंजीनियरिंग कॉलेज में टीचर अक्सर सरनेम पूछा करते थे, मेरा कोई सरनेम नहीं था इसलिए मुझे सरनेम लगाना पड़ा🙏"मित्रा" सरनेम जोड़कर मैं सबका मित्र हो गया ❤️परंतु अंदर से जो जानते गये वह दुविधा में पड़ गए, मित्र भी रहे और शत्रुता भी निभाते रहे😂 परंतु सब ऐसे नहीं थे 🙏


🌹सिद्धांतों के अपवाद होते हैं, परंतु अपवाद कभी सिद्धांत नहीं होते हैं 🙏


AOR की ट्रेनिंग के दौरान मुझे भोगल, दिल्ली के रविदास मंदिर में रहने का अवसर प्राप्त हुआ🙏 सदैव आर्थिक विपन्नता बनी रहती थी, क्योंकि कोरोना के कारण ट्रेनिंग का पीरियड लंबा हो गया, जमा पूंजी समाप्त हो गई, और कमाई का कोई जरिया नहीं था🙏


कुछ उदार प्रकृति के मित्रगण आर्थिक सहयोग कर दिया करते थे, सिलसिला इसी प्रकार चल रहा था कि मुझे विशेष सहयोग प्राप्त होने लगा, मेरी जरूरत थी इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया🙏


विशुद्ध दान के परिणाम भी शुद्ध आते हैं, दान में पाप की कमाई मिश्रित हो जाए तो परिणाम उत्तम नहीं आते हैं 🙏


वह रविदास भक्त दिखाई देते थे, अक्सर मिलने आ जाया करते थे, एक दिन वह अपने प्लाट पर ले गए, और उन्होंने धर्म की अर्थनीति का खुलासा करते हुए कहा कि वह वहां पर शंकर पार्वती की बड़ी प्रतिमा लगायेंगे 🙏 ताकि अगल-बगल के गांव का दान उनके पास आ सके🙏 उनकी यह बात सुनकर मैंने उत्तर दिया, उसी दिन हमारी आपकी मित्रता समाप्त हो जाएगी क्योंकि आप खुद को रविदास भक्त दिखाते हैं 😭 बात आई और गई हो गई 🙏


वह सेवानिवृत हो गए, उसी समय उनके जीवन में कमाए गए धन की एक बड़ी पूंजी डूब गयी 🙏 क्योंकि उनके परिवार के सदस्य ही अक्सर मुझसे कह दिया करते थे कि लोग उनके पिताजी को भ्रष्ट कहते हैं परंतु मुझे बाहर कोई नहीं मिला जो उनको भ्रष्ट कहता हो🙏 वह उदार प्रकृति दिखते थे समाज पर बड़ा धन खर्च करते थे🙏


धर्म पर चर्चा करते हुए उन्होंने अपना दर्शन दिया, "पाप की पूंजी में से कुछ धन का दान करते रहना चाहिए ताकि पाप खुद को ना लगे" उनके इस दर्शन को अंतर चित्त की गहराइयों में जाकर मैंने देखा और गंभीर साधना करके उठा उसके पश्चात मैंने उनके प्रश्न का उत्तर दिया कि


"अनजाने में भी कोई गृहता पाप की पूंजी का सेवन करता है तो दाता और गृहता दोनों को दंड भुगतना पड़ता है" मेरी यह बात सुनकर वह बहुत रुष्ट हो गए 🙏


परीक्षा के ठीक पहले मेरा लैपटॉप और मोबाईल चोरी हो गया, मेरी पूरी परीक्षा गड़बड़ा गई 🙏 उनके रिटायरमेंट के साथ उनकी भारी पूंजी डूब गई 🙏


विषाक्त भोजन बनाने वाला खाए अथवा कोई अतिथि खाएं विष तो अपना असर दिखायेगा ही 🙏


धार्मिक संस्थान यदि अस्पताल खुलाता है इसका मतलब वह लोगों को धर्म से जीने की कला नहीं सिखाता है 🙏 शरीर के सिस्टम को नहीं बताता है, चित्त के सिस्टम को नहीं बताता है 😂


क्योंकि शारीरिक प्रक्रिया के अनुसार कोई व्यक्ति कार्य नहीं करता तो वह शारीरिक रूप से बीमार होता ही है😭 और जो चित्त को विकार विमुक्त नहीं रखता है 🙏 सामाजिक रूप से अपनी प्रतिष्ठा को धूमिल करता ही करता है 👏 इसके साथ ही डिप्रेशन का शिकार हो जाता है, हाई टेंशन का शिकार हो जाता है🙏


पाप क़ी पूंजी विष हैं कमाने वाले को ही नहीं पूरे संसार को दुखमय बनाती है 🙏


इसीलिए रविदास राज की बात कही जाती है ऐसा चाहूँ राज मैं....


सामाजिक साधक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

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