🌹पत्थर जैसा बोझ 🌹
सूचना दिनांक 8 सितंबर 2024
कई दिनों से एक विचार रह-रहकर मेरे मन में आ रहा है सोचता हूं आज उसका खुलासा कर ही दूं🙏
1. मैं वैज्ञानिक बुद्धि का व्यक्ति रहा, धर्म और आस्था से सदैव दूर रहा, पतंजलि योगपीठ में रहकर भी धर्म और आस्था उत्पन्न नहीं हुई, विपासना में जाकर भी अंधविश्वास उत्पन्न नहीं हुआ, बल्कि धर्म के क्षेत्र में धर्म और अधर्म में अंतर करना आ गया🙏
2. इस अंतर करने के कारण कई बार मुझे लगता है उम्र के इस तीसरे पड़ाव में मेरे ऊपर समाज की जिम्मेदारी ज्यादा है 🙏 मैंने जो जाना जैसा जाना उस सत्य को कह देना चाहिए🙏
3. बांकी उसकी मर्जी, मेरा काम तो रोग को पकड़ कर रोगी को दवा दे देना है 🙏 जब तक कि वह ऑपरेशन थिएटर में नहीं है, मैं बाई फोर्स उसका कोई इलाज नहीं कर सकता हूं 🙏
4. इसी क्रम में कुछ बातें याद आती हैं 🙏10 फरवरी 2022, जब मैं तुगलकाबाद के रविदास मंदिर में सुबह-सुबह पहुंच गया क्योंकि तब तक मेरे पास सूचना आ चुकी थी कि सुबह पूजा होती है, काफी देर तक अंदर बैठा रहा परंतु पूजा के लिए कोई नहीं आया तो मैं वापस लौट गया 🙏 क्योंकि उन दिनों मैं तुगलकाबाद एक्सटेंशन में रहता था🙏
5. लगभग 12:00 बजे के आसपास मैं सुप्रीम कोर्ट के लिए निकल रहा था कि रास्ते में श्रीमान एम. आर. वाली जी से भेंट हो गई और इस प्रकार हम प्रांगण में पूजा के लिए वापस लौट आये 🙏
6. पूजा समाप्ति के बाद बचे हुए लोग, श्री रिशिपाल जी श्री एमआर वाली जी और संत श्री वीर सिंह हितकारी जी और कुछ अन्य सदस्य थे 🙏
7. मैंने श्री ऋषि पाल जी से एक ही प्रश्न पूछा आपकी पुरानी कमेटी अभी है, अथवा आपने उसको डिजोल्व कर दिया है 🙏 उन्होंने बताया कमेटी अभी है🙏
8. मैंने सुझाव रखा, जब सरकार अपने द्वारा बनाई गई कमेटी को अधिकार नहीं दे रही है, तो आप पुरानी कमेटी के अध्यक्ष की हैसियत से माननीय सर्वोच्च न्यायालय से प्रबंधन की पुनः गुजारिश क्यों नहीं करते हो, क्योंकि संपूर्ण प्रांगण पर आपका अधिकार है 🙏 आपको प्रबंधन में हुई चूक के कारण हटाया गया है, आपके अस्तित्व को तो माननीय सुप्रीम कोर्ट भी स्वीकार करता है🙏
9. मेरी यह बातें सुनकर श्री वीर सिंह हितकारी जी की आंखें झलक आयी 🙏 मुझे उसका कोई अचित समझ में नहीं आया, मैंने अपने क्लोज फ्रेंडों से इसकी चर्चा की, वह इस बात से सहमत हुए कि संत श्री वीर सिंह हितकारी जी अभी माया मोह से मुक्त नहीं है 🙏
10. दूसरा श्री ऋषि पाल जी का इतिहास है, उन्होंने बहुत से संत रखें और हटाए, आजकल वह सभी संत, श्री ऋषि पाल जी की स्थिति को देखकर मन ही मन मुस्कुराते हैं प्रसन्न होते हैं🙏
11. सन 2019 में भी ऐसा हुआ, जब तुगलकाबाद रविदास मंदिर के लिए मैंने लोगों से सहयोग आवाहन किया तो लोग पैसा देने को तो राजी थे परंतु श्री ऋषि पाल जी की बेदखली चाहते थे🙏 जो की न्याय के अनुसार नहीं हो सकती है, इस बात को मा. सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वीकार किया है कि पुरानी कमेटी के सदस्य नई कमेटी में रहेंगे🙏 नई कमेटी को बनाते हुए चूक यह हो गई है कि सदस्य ना लेकर व्यक्ति को ले लिया गया 🙏
12. जब मैं श्री वीर सिंह हितकारी जी का विश्लेषण करता हूं, और उन संतों की बातो को, प्रबंधकों की बातो का विश्लेषण करता हूं तब उनके कथन याद आ जाते हैं 🙏 श्री वीर सिंह हितकारी जी से हमारे भी बहुत मधुर सम्बन्ध रहे हैं 🙏
13. 🌹उन संतों और प्रबंधकों का कहना है कि श्री वीर सिंह हितकारी जी गाते बजाते थे उनको कोई जानने वाला नहीं था हम तो उनको यहां गाने बजाने के लिए लाए थे परंतु वे यहां के मालिक बन बैठे हैं 🙏 कुछ लोगों ने यहां तक टिप्पणी की कि वह संत रविदास के भक्त नहीं है, चमार जाति से भी नहीं है 🙏
14. उपरोक्त टिप्पणियां अति गंभीर है और मेरे दिल पर बहुत बड़ा बोझ था 🙏
15. मेरा प्रश्न है जो लोग श्री वीर सिंह हितकारी जी को लेकर आये, क्या उनकी यही इच्छा है कि वह उसी अवस्था में बने रहे जीवन में कोई प्रतिष्ठा अर्जित ना करें 🙏 आपमें वह योग्यता नहीं थी जो श्री वीर सिंह हितकारी जी में है इसलिए तो आप श्री वीर सिंह हितकारी जी को लेकर आए थे उस योग्यता का आज भी सम्मान किया जाना चाहिए 🙏 आपको उनसे जलन क्यों होती है 👏
16. मैंने उस आंदोलन को भी अपनी आंखों से निकट से देखा है, मैं कई बार जंतर मंतर गया हूं, कुछ भी मेरी आंखों से छुपा नहीं है, जो मेरी आंखों से छुपा हुआ है, वह आपके पत्रों के रूप में मेरे पास आ जाता है 🙏 सभी जानकारी तो आप लोग ही मुझे दे रहे हैं 🙏 मेरा यहां पर कोई बैरी नहीं है 🙏बल्कि अधिवक्ता होने के कारण मेरी भी जिम्मेदारी है कि हमारे समाज के सभी लोगों को न्याय मिले 🙏
17. श्री वीर सिंह हितकारी जी ने 31 मार्च 2024 स्थान गुरु रविदास धर्म स्थान, अमृत कौर पुरी, करोल बाग, संत निवास स्थान पर मेरा प्रस्ताव को सुना उसमें वह संगठन नियमावली की प्रति देने को राजी थे परंतु तब तक श्री एम आर वाली नहीं आए थे इसलिए वार्ता उनके इंतजार में स्थगित कर दिया गया 🙏
18. कार्यक्रम के बाद, दूसरे कार्यक्रम में जाना पड़ा, जोकि अंबेडकर भवन में जाटव जी को श्रद्धा सुमन अर्पित का कार्यक्रम था 🙏 उसमें श्री वीर सिंह हितकारी जी की गाड़ी में उनके साथ में गया था 🙏
19. इस कार्यक्रम के बाद पुनः बैठक हुई जिसमें श्री एम आर वाली जी उपस्थित रहे, वाली जी नियमावली देने को राजी नहीं थे 🙏 इस प्रकार वार्ता दूसरी दिशा में चली गई 🙏
20. विषय उठना है :- सचिव अध्यक्ष को चल रहा है या अध्यक्ष सचिव को चल रहा है 😂 जब अमृत कौर पुरी में नियमावली देने के बात पूरी हो गई, तो अंबेडकर भवन में उसका अनुपालन क्यों नहीं कराया गया 🙏
21. दूसरा विषय :- 10 अगस्त 2024 को लीगल नोटिस का एक माह हो चुका था, परंतु अभी तक अध्यक्ष श्री वीर सिंह हितकारी इस मामले पर अंतिम निर्णय नहीं ले सके है 🙏 इस प्रकार वह समाज के साथ छल कर रहे हैं 🙏
22. मूल विषय निम्नवत हैं :- 96 गुरु भाइयों, 105 रविदास मंदिरों के प्रतिनिधि को एवं अन्य इच्छुक गुरु भक्तों को आमसभा में सम्मिलित करते हुए कार्यकारिणी का चुनाव कराना है 🙏
23. शायद उनको लगता है उनका अध्यक्ष पद कहीं छिन ना जाये 🙏 क्या विगत 5 सालों में वह इतनी भी प्रतिष्ठा अर्जित नहीं कर सके हैं 🙏
24. एक संत का यह माया मोह शोभा नहीं देता है, विगत 5 सालों में कुछ नहीं हो सका यह इस बात का प्रमाण है कि हमारा अध्यक्ष अयोग्य है🙏 उसमें निर्णय लेने की क्षमता नहीं है 🙏
प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏9335122064
नोट :-
1. मुझे इस बात को स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं है कि श्री वीर सिंह हितकारी जी उच्च कोटि के गायक हैं, उनके जैसा दूसरा गायक अभी तक मैंने नहीं सुना है 🙏 परन्तु एक अध्यक्ष के रूप में मैं उनको अयोग्य पाता हूं 🙏
2. जब सचखंड डेरा बलला को फोन करो तो वे अध्यक्ष श्री वीर सिंह हितकारी पर डाल देते हैं परंतु वह निर्णय लेने में सक्षम नहीं है
3. मेरी मजबूरी है अंतिम निर्णय मुझे ही लेना पड़ेगा, सरकार के पास मामला अपील में है 🙏
4. अगर सरकार कोई मध्य मार्ग नहीं निकाल पाती है तो कमेटी को डिजोल्व करने का अनुरोध किया जाएगा🙏
5. और अंतिम रूप से माननीय सर्वोच्च न्यायालय उसे पर निर्णय लेगा 🙏🌹
6. मैं भारतीय न्याय व्यवस्था की गति के अनुसार कार्यरत हूं🌹😂
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