Tuesday, 24 September 2024

राजनीतिक समानता

 🙏बीजेपी का बाजारवाद 🌹

 राजनीतिक सूचना दिनांक 25 सितंबर 2014 


भाजपा अपना सड़ा माल भी बेच कर चली आती है और खूब बिकता है 🙏 राजरत्न और मायावती आपस में भिड़े हुए 😂 आरक्षण कब तक?


आजकल एक विवाद तेजी से उठाया जा रहा है 🙏


विदेश में राहुल गांधी ने आरक्षण को समाप्त करने की बात की है 🙏


इस बात का खुलासा करते हुए श्री राजरतन ने कहा बीजेपी के लोगों ने उन्हें भी राहुल गाँधी के खिलाफ आंदोलन करने के लिए कहा है 🙏


उन्होंने अमेरिका में दिए गए राहुल गांधी के बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने कहा है कि जब आरक्षण की आवश्यकता खत्म हो जाएगी तब आरक्षण को समाप्त कर दिया जाना चाहिए🙏


परंतु आरक्षण का आधार उन्होंने सामाजिक लिया अर्थात जातिगत भेदभाव केवल सामाजिक आधार पर है 🙏


🌹परंतु भारतीय संविधान ऐसा नहीं कहता है 🙏 संविधान कहता है सामाजिक भेदभाव आर्थिक और राजनीति असमनता के कारण है 🙏 आर्थिक और राजनीतिक समानता ला दीजिए सामाजिक समानता अपने आप आ जाएगी 🙏😂


भारतीय संविधान कहता है सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक समानता जब तक नहीं आ जाती आरक्षण की आवश्यकता है 🙏


क्या राजनीतिक समानता आ गई?


कितनी गैर अनुसूचित जाति सीटों से अनुसूचित जाति के सदस्य एमपी एमएलए बनकर जाते हैं?


यदि ऐसा नहीं है तो अभी तक राजनीतिक समानता नहीं आयी है 🙏 सभी को एक वोट का अधिकार मिल जाना राजनीतिक समानता नहीं है 🙏


आर्थिक विषमता के खिलाफ यह ग्रुप काम कर रहा है, पूरे समाज में आर्थिक विषमता फैली है, अनुसूचित जाति का क्रीमी लेयर नहीं चाहता कि अनुसूचित जाति के गैर क्रीमी लेयर व्यक्ति कभी आर्थिक रूप से उनके बराबर आयें 🙏


जब तक आर्थिक और राजनीतिक समानता नहीं आ जाती है, तब तक सामाजिक समानता कभी नहीं आ सकती है🙏


🌹आर्थिक समानता के लिए संघर्ष करो🌹अनुसूचित जाति के राजनीतिक व्यक्ति कभी नहीं चाहते कि दूसरा अनुसूचित जाति का व्यक्ति राजनीतिक रूप से उनको टक्कर दे 🙏


 अनुसूचित जाति की कितनी MPs और MLAs की सीटों पर अनुसूचित जाति का सर्वसम्मत MP और MLA है 🙏


आरक्षित सीटों पर तो अनुसूचित जाति का सर्वसम्मत एमपी एमएलए घोषित होना चाहिए🙏 तभी इसको राजनीतिक समानता कहा जा सकता है, समाजवादी शासन कहा जा सकता है 🙏 अन्यथा यह समाजवादी शासन नहीं है, इसको प्रतियोगितावादी शासन कहना ठीक है 🙏


उपरोक्त बातों के संदर्भ में एक ही बात कहूंगा " मैं ऐसा प्रोडक्ट बनाता हूं जिसका कोई खरीदार नहीं है 😂"


जिसका बाजार में कोई खरीदार ना हो वह वह आर्थिक विपन्नता के दौर से गुजरता है 🙏


कबीर के जीवन में एक ऐसा समय था कि वह कपड़ा बुनते तो थे परंतु उनका कपड़ा कोई खरीदता नहीं था 🙏 इस प्रकार कबीर का जीवन बहुत ही दुखमय था, उनकी बीवी रोज उनकी क्लास लगाती थी🙏


फिर एक कपड़ा बेचने वाला व्यापारी मिल गया और कबीर का वही माल मुनाफे में बिकने लगा जो लागत पर भी नहीं बिक रहा था 🙏


" मेरे विचारों का भी कोई कदर दान नहीं है 😂"


सामाजिक चिंतक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 99335122064

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