Tuesday, 24 September 2024

20 से 25 सितंबर 2024 की पोस्ट

 [19/09, 1:19 am] kamleshmittra: 🌹सामाजिक जागरूकता अभियान👏 सूचना दिनांक 19 सितंबर 2024 


सन 2018 से अब तक मैंने 9 ग्रुप क्रिएट किए थे, दो ग्रुप हैक हो गए🙏 इस प्रकार अभी भी सात ग्रुप हैं जिनका मैं सीधे संपादन करता हूं एडमिन हूं 🙏 तीन अन्य ग्रुप में लोगों ने मुझे एडमिन बनाया है, उन ग्रुप में मैं संयुक्त एडमिन हूं 🙏


वर्तमान समय में पांच ग्रुप ऐसे हैं, जिन पर मैं अधिक फोकस करना चाहूंगा🙏


1. विधिक सूचना ग्रुप : तुगलकाबाद रविदास मंदिर 

2. आर्थिक समता के समर्थक ग्रुप 

3. SC/ST दिल्ली का अधिवक्ता संघ 

4. SC/ST के मा. MPs और MLAs 

5. SC/ST का व्यापारी संघ 


नीचे के तीन ग्रुप ऊपर के दो ग्रुप के समर्थन में बनाए गए हैं, ऊपर के दो ग्रुप को बल प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं 🙏


नीचे के तीन ग्रुप सशक्त होते जाएंगे, तो ऊपर के दो ग्रुप अपने आप सशक्त हो जाएंगे, कुल मिलाकर हमारा समाज मजबूत हो जाएगा🙏


ग्रुप एडमिन अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 🙏9335122064


 अन्य सहायक ग्रुप 

1. दिल्ली के 105 रविदास मंदिर (दिल्ली में अपने समाज को संगठित और मजबूत बनाने का हमारा प्रयास है )

2. करुणाकर बुद्ध विहार ( बुद्धिस्ट दर्शन संस्थाएं और विचार एक प्रयास )

3. धर्म चक्र कल्याण मित्र मियापुर (पारिवारिक ग्रुप है)

4. चमार महासभा ( संत श्री रविदास जी का दर्शन शास्त्र )

5. बहुजन दंगल ( राजनीतिक ग्रुप )


 जिन ग्रुप को हैक कर लिया गया : 

1. प्रबुद्ध चमार

2. प्रबुद्ध भारत

[19/09, 10:30 am] kamleshmittra: 🌹जातिगत सामानता की बात छोड़ो आर्थिक समानता की बात शुरू करो🙏


जाति की जरूरत शादी करते समय और पड़ोसी बनाते समय पड़ती है🙏


पंरतु आर्थिक असमानता का दंश हमेशा झेलना पड़ता है, आर्थिक समानता का संघर्ष आरंभ करो🙏आर्थिक समता के लिए आंदोलन करो 👏


आर्थिक समानता के विचारक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[20/09, 9:05 am] kamleshmittra: शुक्ला जी,


मैं पुनः निवेदन करूंगा, आरएसएस का काल्पनिक साहित्य पढ़ना बंद करो 🙏


भगवान बुद्ध का कार्य चित्त विकार को दूर करना था🙏


दुख है, दुख का कारण है, दुख का निवारण है, निवारण की प्रतिपदा है 🙏


भगवान बुद्ध के कार्य में उपरोक्त चार आर्य सत्य है 🙏


राज्य व्यवस्था उनका विषय नहीं है 🙏 इसलिए किसी मूर्ख राजा के कार्यों को, बुद्ध दर्शन से नहीं जोड़ा जा सकता है 🙏


जो व्यक्ति खुद अपना चित्त विकार दूर नहीं करता, जो राजा अपने समाज के चित्त विकारों को दूर के लिए कार्य नहीं करता है, पड़ोसी राज्यों के चित्त विकारों को दूर करने के लिए कार्य नहीं करता है 🙏 उसके राज्य में उथल-पुथल होती है 🙏 सम्राट अशोक ने जब बौद्ध धर्म को धारण किया तब उसने पड़ोसी राज्यों में भी बौद्ध धर्म फैलाया इसलिए वह विशाल साम्राज्य आर्यावर्त का सम्राट कहलाया 🙏


चित्त विकार दूर करना एक भौतिक प्रक्रिया है इसके लिए साधन और समाधि में बैठना होता है🙏 कोई दूसरा नहीं कर सकता है 🌹


मात्र भजन गाकर, भक्ति करके चित्र विकार को दूर नहीं किया जा सकता है🙏


जिस प्रकार दूसरे के नहाने से अपना शरीर पवित्र नहीं होता है स्वयं पवित्र होने के लिए स्वयं नहाना पड़ता है 🙏


इसी प्रकार दूसरे के साधना करने से, अथवा भक्ति भाव कर लेने से, खुद का चित्त विकार विमुक्त नहीं होता है 🙏


आप बुद्ध से नफरत करते हो, क्योंकि अभी तक आपने आरएसएस का ही साहित्य पढ़ा है, आरएसएस बुद्ध को नष्ट करेंगी, बुद्ध दर्शन में कमियां दिखाएंगे तभी अपने पाखंडवाद को फैला सकेगी 🙏 रामाराज ( दुष्टराज ) ला सकेगी 🙏


पत्थर पूजा शंकर या गणेश की हो, अथवा बुद्ध, रविदास और कबीर की हो, चित्त के विकार दूर नहीं होते है 🙏


मौका मिलते ही लोभ सिर चढ़कर बोलता है, अपनी भी मान प्रतिष्ठा खोता है और दूसरों की भी मान प्रतिष्ठा को धूमिल करता है🙏 इसको चित्त का विकार कहते हैं🙏


केवल ऊंची ऊंची बातें फेंकने से कोई संत नहीं हो जाता है 🙏 परिस्थितिया उत्पन्न होने पर वह किस प्रकार आचरण करता है, इस पर उसका संत होना अथवा ना होना निर्भर करता है🙏


बहुत पुरानी कहावत है "मन में राम बगल में छुरी" इस आदत को छुड़ाने के लिए बुद्ध का समस्त दर्शन है🙏 राजव्यवस्था स्थापित करने के लिए दर्शन नहीं है 🙏 त्रिविधि सील विशुद्धि की जाती है, जो त्रिविधि सील विशुद्ध नहीं करता मुसीबत में पड़ता ही है 🙏 कोई राजा का राज्य हो अथवा सामान्य व्यक्ति, दुख आता ही आता है🙏


जो महा मूर्ख कहते हैं बुद्ध की शांति के कारण भारत पर आक्रमण हो रहे थे, वे महामूर्ख बताएं जब राजपूत काल था, दूसरों की बहन बेटियां उठाना एक परंपरा थी, जिसे शौर्य काल कहा जाता है🙏


ऐसी राजव्यवस्था में मुस्लिम कैसे प्रवेश कर गाये?🙏


 इन बकवास विषयों पर मैं ज्यादा चर्चा करना नहीं चाहता हूँ 🙏


अपने चित्त विकारों को देखो और उन्हें दूर करने का उपाय करो 🙏


हर व्यक्ति सभी विषय से जुड़ा होता है, परंतु कार्य वह किसी एक विषय के लिए ही करता है🙏 जिस विषय पर उसने कार्य किया हो केवल उसके लिए उसकी चर्चा की जानी चाहिए, उसमें कुछ छूटा हो तो बात की जा सकती है, 👏चार आर्य सत्य पर बुद्ध दर्शन संपूर्ण है 🙏 अन्य सभी तर्क मूर्खता पूर्ण हैं, निंदा रस का सेवन करना बंद करो🙏


आपका शुभचिंतक कमलेश कुमार मित्रा 🙏9335122064

[20/09, 10:11 am] kamleshmittra: *एससी नेता और उनकी ब्राम्हण पत्निया*

👉 रामनाथ कोविंद - पत्नी ब्राह्मण

👉 रामविलास पासवान - पत्नी ब्राह्मण

👉 प्रकाश अंबेडकरजी - पत्नी ब्राह्मण

👉 सांसद उदित राज- पत्नी ब्राह्मण

👉 रामदास अठावले - पत्नी ब्राह्मण


*ब्राह्मण राजनेता और उनके दामाद* 😗

👉 अशोक सिघंल, बेटी सीमा सिघंल - मुख्तार अब्बास नकवी.

👉 मुरली मनोहर जोशी, बेटी रेणू जोशी - शाहनावाज हुसैन

👉 लालकृष्ण आडवाणी की बेटी रोशन आडवाणी की दूसरी शादी - सलीम

👉 लालकृष्ण आडवाणी, भतीजी प्रतिभा आडवाणी - अल्ताफ हुसैन

👉 सुबहरण स्वामी, बेटी सुहासिनी - नदीम हैदर.

👉 बालसाहब ठाकरे की पोती - सहजाद

👉 प्रवीण तोगडिया की लडकी - असफाक मीर

👉 मोहन भागवत की भतीजी उर्मिला मातोडकर - मोहसीन अख्तर.

👉 शीला दीक्षित, बेटी लतीका दीक्षित - सैय्यद मौहम्मद इमरान 

👉 अशोक मणी, बेटी अखिला मणी - शफीन जहाँ.



*Some others*.....


👉 मोनिका बेदी - अबू सलेम.

👉 संगीता बिजलानी - मोहम्मद अजहरूदीन.


*मुस्लिम राजनेता और ऊनकी ब्राह्मण पत्निया*

👉 उमर अब्दुला की पत्नी - पायल नाथ ब्राह्मण

👉 शाहरुख़ खान की पत्नी - गौरी छिब्बर ब्राह्मण

👉 आमिर खान की पहली पत्नी - रीमा दत्त ब्रह्माण और दूसरी पत्नी - किरण राव ब्राह्मण


👉 सैफ अली खान के पिता नवाब पटौदी मसूंर अली खान - पत्नी शर्मीला टैगोर,ब्राह्मण

👉 फरहान अखतर (बॉलीवुड हीरो) - पत्नी अधूना भवानी, ब्राह्मण

👉 फरहान आजमी - पत्नी आयशा टाकिया (फिल्मी हीरोइन) ब्राह्मण

👉 शकील लदाक - पत्नी अमृता अरोडा़, ब्राह्मण(फिल्मी हीरोइन)

👉 सलमान खान के भाई अरबाज खान - पत्नी मलाईका अरोडा़, ब्राह्मण .

👉 सलमान खान के छोटे भाई सुहेल खान - पत्नी सीमा सचदेवा,ब्राह्मण

👉 आमिर खान के भांजे इमरान खान - पत्नी अवितंका, ब्राह्मण 

👉 सजंय खान के बेटे जायद खान (बॉलीवुड हीरो) - पत्नी मलिक पाऱेख, ब्राह्मण

👉 फिरोज खान के बेटे फरदीन खान - पत्नी नताशा पांड्या, ब्राह्मण.

👉 इरफान खान (बॉलीवुड हीरो ) - पत्नी सुतपा, ब्राह्मण .

👉 नसीरुद्दीन शाह (फिल्मी हीरो ) - पत्नी रतना पाठक,.

ब्राह्मण ।

*अब सवाल ये है की, इन धर्म के ठेकेदारो को......... गरीब एससी-"अछूत लगता" है, अमीर एससी-"दामाद" !!!*


*गरीब मुस्लिम तो "गद्दार और देशद्रोही" लगता है,.... अमीर मुस्लिम-"दामाद" !!!*


बड़ी मेहनत से लिस्ट तैयार hui है सबको शेयर kariye !!!


*ये पूरी जनता को बेवकूफ समझते हैं...ये धर्म के नाम पर केवल हमें आपस में लड़वाते हैं,*

[20/09, 10:43 am] kamleshmittra: 🌹उपरोक्त सच और परदे के पीछे की बात 👌


सूचना दिनांक 20 सितंबर 2024


उपरोक्त आंकड़ों को देखकर यह प्रतीत होता है, अंतरजातीय विवाह करने से जीवन में प्रगति आती है🙏😂


परंतु मेरा अनुभव अलग है,


मेरे अपने मामा के सुपुत्र ने एक गुप्ता लड़की से शादी की उनके तीन बच्चे हुए🙏


मामा रेलवे दिल्ली में क्लास वन अधिकारी थे उन्होंने दिल्ली में मकान नहीं बनाया, क्योंकि रिटायरमेंट के बाद वह अपने गांव में बसना चाहते थे. गांव में पुस्तैनी संपत्ति थी, अंग्रेजों के जमाने से ही शौर्य स्थापित था, भारत विभाजन के समय गांव के सभी मुसलमानों को संरक्षण दिया था🙏 इसलिए गांव के सभी मुस्लिम आज भी एहसानमंद होते हैं🙏


परंतु रिटायरमेंट के बाद मामा गांव ना जा सके, इकलौता पुत्र था और उसकी बीवी गांव जाने को तैयार नहीं थी, अधिकारियों के बच्चे बड़े खर्चे वाले होते हैं, कुछ इस समय में सारी जमा पूंजी खत्म हो गई🙏


गांव का मकान बेचकर दिल्ली में मकान बनाना पड़ा, ममेरे भाई भी समय से पहले गुजर गए, मामा भी गुजर गए, सभी बच्चे अपने नाम में गुप्ता लगाते हैं, और अपने खानदानी रिश्तेदारों से कोई संबंध नहीं रखते है, अपनी मां के परिवार से ही संबंध रखते हैं 🙏 हमारे नाना आठ भाई हुआ करते थे 🙏🌹


इस प्रकार दलितों की संपत्ति, सवर्ण के पास ट्रांसफर हो गई ❤️


अंतरजातीय विवाह में हमें सामाजिक प्रतिष्ठा का भी ध्यान रखना होगा, अगर सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होती है, सामाजिक प्रगति में बाधा पड़ती है तो ऐसे विवाह को रोकना होगा ऐसे अंतर-जातीय विवाह करने वालों को उचित दंड देना होगा, उनको आरक्षण के लाभ से, अथवा अनुसूचित जाति को मिलने वाले किसी भी लाभ से पृथक करना होगा🙏


एक अन्य भतीजे ने भी श्रीवास्तव लड़की से शादी की, वह दो-चार दिन रही, क्योंकि शहर से लेकर गांव तक ऊंची मान प्रतिष्ठा थी, परंतु गांव तो गांव ही होता है🙏 उसका शहर में रहने का ख्वाब था, परंतु भतीजे का कामकाज गांव से चलता था उसका गांव में रहना जरूरी था इसलिए रिश्ता टूट गया🙏


हमें सदैव ध्यान रखना चाहिए सवर्ण बिरादरी की लड़कियां अधिक चतुर होती हैं, और हमारे समाज में विषकन्या के रूप में आती हैं, हमारे समाज में विष घोलकर चली जाती हैं🙏 इसलिए विगत 70 सालों में हमारी प्रगति नहीं हो सकी है, आगे अधिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से काम करना होगा🙏


पुनः कहता हूं आर्थिक समानता पर जोर दो, जातिवाद कुछ नहीं है, यह केवल आर्थिक विषमता को दर्शाता है, जिस जाति के लोग आर्थिक रूप से समान होते हैं, अथवा आर्थिक रूप से मजबूत होते हैं, उन में अंतर-जातीय वैवाहिक संबंध बन ही जाते हैं🙏


छोटी कही जाने वाली जातियों को गुलाम बनाने के लिए उनका आर्थिक शोषण करने के लिए जातिवाद फैलाया जाता है🙏


सामाजिक एवं राजनीतिक चिंतक कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[20/09, 3:56 pm] kamleshmittra: 🌹खोज अभी जारी है, सूचना दिनांक 20 सितंबर 2024 


मैं संगीत का टीचर तो नहीं हूँ 🙏


अभी विद्यार्थी जरूर हूँ -


सात स्वरों पर आधारित संगीत


उच्च मध्यम और निम्न स्वर को धारण करते हुए 21 भागों में विभक्त हो जाता है 🙏


 रागो को बनाते हुए, कभी कोई स्वर पूर्ण वर्जित कर दिया जाता है 🙏कभी कोई स्वर अल्प वर्जित कर दिया जाता है 🙏


संतों की वाणी परमात्मा में लीन होकर अंतर चित्त से उत्पन्न होती है, रागो की मोहताज नहीं होती🙏 शरीर में सैकड़ो केमिकल रिएक्शन होते हैं, शरीर से सुगंध उठाती है 🙏 इसीलिए कहा जाता है भगवान बुद्ध जिस रास्ते से गुजरते थे वे मौसम फूल खिल जाते थे 🙏 वास्तव में यह सील की सुगंध है 🙏 सील वान व्यक्ति की सुगंध है 🙏


कोई शिष्य बाध्य यंत्रों पर उसको उत्पन्न नहीं कर सकता है 🙏

 परंतु फिर भी उतारा जाता है 🙏


वास्तविक रस से कोसों दूर होता है, कृत्रिम वाद्य यंत्रों से उत्पन्न किया गया रस 🙏 सामान्यत: किसी संत का यह रस बार-बार उत्पन्न नहीं होता, भक्ति/संत आगे के महल में बढ़ जाता है, प्रवेश कर जाता है 🙏 जैसे जवानी बार-बार नहीं आती है, इस प्रकार भक्त की वह अवस्था बार-बार नहीं आती है, जो जवानी को बार-बार लाने का प्रयास करता है, ठरकी कहलाता है 😂 और विभिन्न बीमारियों का शिकार हो जाता है🙏


परंतु जब लोगों को भक्तमय बनाया जाता है,, तो कृत्रिम यंत्रों के माध्यम से उनके चित्त को उद्दीपित किया जाता है🙏


उद्दीपन की प्रक्रिया में वाद्य यंत्रों का प्रयोग होता है, सामान्यतः कोई साधक अपनी उम्र के 28 वें पड़ाव के बाद इस अवस्था को धारण कर पाता है 🙏


परंतु प्रोफेशनल धार्मिक संस्थान बच्चों को इस रस में डुबोने के लिए कृत्रिम विधि का प्रयोग करते हैं🙏इसलिए अधपके बच्चों के राग से रस उत्पन्न नहीं होता है 🙏


इसीलिए बुद्ध का बताया गया मार्ग, सील समाधि प्रज्ञा सरल और सहज है, शरीर में इन सभी रसों को उत्पन्न करने के लिये 🙏 इन रसों को उत्पन्न करने के पश्चात चित्त सभी विकारों से विमुक्त हो जाता है 🙏


भय, क्रोध, ईर्ष्या, निंदा, मोह लोभ कामवासना, मममत्व आदि जो हमारे सांसारिक दुख का कारण बनता है, उनकी तीव्रता कम हो जाती है 🙏


संसार में दुख को खूंटी पर लटकाने के बहुत से तरीके हैं, किसी भी मार्ग से चले जाओ, अच्छी खूंटी, सस्ती खूंटी आदि मिल ही जाएंगी, कुछ लोग अपने घर को सुंदर बनाने के लिए कबाड का प्रयोग करते हैं🙏 कपड़े लटके भी रहते हैं और किसी को दिखाई भी नहीं पड़ते हैं 🙏


कुछ लोगों के घरों में जाइए तो चारो तरफ कीलें ही किलें ठुकी मिलती है, आप अपना दुख:(कपडे) किसी भी कील पर लटका सकते हो 🙏


इसी प्रकार हमारे मंदिरों की हालत है🙏


सैकड़ो भगवान मिल जाएंगे, सैकड़ो गुरु की प्रतिभाएं मिल जाएंगी, सैंकड़ो कृत्रिम देवी देवता मिल जाएंगे🙏 किसी देवता पर अपना दुख: लटका दो🙏


बुद्ध के नाम पर दुख लटका दो, कबीर के नाम पर दुख लटका दो, रविदास के नाम पर दुख लटका दो, शंकर जी के नाम पर दुख लटका दो, हनुमान जी के नाम पर दुःख लटका दो, निरंकार के नाम पर दु:ख लटका दो, नानक के नाम पर दु:ख लटका दो, अल्लाह मियां के नाम पर दु:ख लटका दो आदि 🙏


 मनुष्य बहुत कमजोर है उसे अपना दुख कहीं ना कहीं तो लटकाना ही पड़ता है 🙏


दुखों को लटकाने की विधियां है,


भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ, ध्यान-साधना, ज्ञय-हवन, नवाज़, पर्थना आदि 


कुछ भी करो भाई पर विशुद्ध रूप में करो हम आपके साथ हैं 🙏


तुम राम कहो या रहीम चित्त ही दूषित होगा, जब दूषित ना हो उसी को मुक्ति कहते हैं🙏 निर्वाण कहते हैं, कैवल्य कहते हैं, कयामत कहते हैं, एक दिन जरूर आएगी 🙏 मर्जी आपकी दु:ख के साथ मिलोगे या विमुक्ति के साथ 😂


साधक कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :- अभी बहुत कुछ बाकी है 😍

[21/09, 12:44 pm] kamleshmittra: अ-विधिक सूचना दिनांक 21 सितंबर 2024 


🙏आज एक और शोध अभियान पर निकलना था


परंतु एक सज्जन का फोन आ गया, उनकी एक ही शिकायत थी, मैं केवल हिंदुओं के खिलाफ लिखता हूँ, मुस्लिम के खिलाफ क्यों नही लिखता हूँ 😂


मैंने उन सज्जन को एक ही उत्तर दिया दूसरे के घर में गंदगी पड़ी हो मुझसे क्या🙏 मुझे तो अपने घर की गंदगी साफ करनी है 😂


एक अन्य वेदना का एक कमेंट और आ गया 🙏


जिस पर एक विचार लेख प्रस्तुत करना आवश्यक हो गया🙏


पश्चाताप करना और माफी मांगना दो अलग-अलग चीज हैं 🙏


माफी मांगने वाला सदैव समझता है कि मैं अपने दोष से मुक्त हो गया, वह अधिक शातिराना तरह से अपनी कुत्सित मानसिकता की सिद्धि प्राप्त करने प्रयास करता है 🙏


जबकि पश्चाताप करने वाला उस तरह की अथवा किसी अन्य तरह के मानसिक विकार की उन्नति का काम नहीं करता है 😂


माफी मांगने वाला सदैव, माफी मंगवाने की जुगाड़ ढूंढता रहता है 🙏 जबकि पश्चाताप करने वाले की मानसिकता इस प्रकार की हो जाती है कि उसने मुझे इस विकार में गिरने से बचाया, उसका कोटि-कोटि धन्यवाद है🙏 मैं भी सबको इस विकार से गिरने से बचाऊंगा 😂


जब कोई आपसे माफी मांगे, तो सावधान हो जाना🙏 


जब कोई व्यक्ति नैतिकता को छोड़ कर आपसे आगे संबंध बढ़ाएं, तो सदैव ध्यान रखना, वह आपको धोखा जरूर देगा, अपनी सुरक्षा अपने हाथ🙏


मनोवैज्ञानिक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[24/09, 10:41 pm] kamleshmittra: आरएसएस एवं 1925 में गठित हिंदू महासभा की शब्दावली का स्पष्ट प्रभाव सिख धर्म की पुस्तकों में भी दिखाई दे रहा है 🙏


 गुरु तेग बहादुर ने हिंदू की रक्षा के लिए कोई काम नहीं किया, क्योंकि तब तक कोई हिंदू धर्म था ही नहीं, ब्राह्मण क्षत्रीय वैश्य शूद्र थे, दलित और अछूत थे, शैशव और वैष्णो पंथ था 🙏


परंतु हिंदू नाम का कोई धर्म नहीं था,


महर्षि दयानंद सरस्वती ने जोर देकर कहा था हम आर्य हैं हिंदू नहीं है 🙏


उस समय तक हिंदू का मतलब हुआ करता था, धर्म विरोधी व्यक्ति, काफिर और अमानवी व्यक्ति 🙏


इस अमानवीय कहे जाने का ही महर्षि दयानंद सरस्वती ने विरोध किया था🙏


 हिंदू शब्द भारतीय संविधान के अनुसार 1950 से ही मान्यता प्राप्त है 🙏


गुरु तेग बहादुर ने उसे समय ब्राह्मणों की रक्षा की थी, जिन्हे तत्कालीन शासक मुस्लिम बनाना चाहता था🙏


 ब्राह्मण का मतलब हिंदू नहीं होता😂


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

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