🇮🇳उधेड़बुन - सूचना दिनांक 22 अक्टूबर 2024
क्या दिल्ली के चमारों को शर्म आती है? 🙏
निश्चय ही उनको खुद को चमार कहते शर्म आती होगी?🙏
इसलिए वह खुद को जाटव कहते हैं🙏
शायद बहुत ज्यादा आती होगी इसलिए वह खुद को रविदासिया कहने लगे हैं 😂
जबकि रविदास ने कहा था " मैं चमार हूँ "🙏
जब एक जाति संयुक्त होकर एक मंदिर के नीचे नहीं आ सकती तो मंदिर क्या पायेगी ?
105 मंदिर में
कुछ BSP के मंदिर,
कुछ BJP के मंदिर,
कुछ AAP के मंदिर
और अबतो ASP ने भी दावा कर दिया 🙏
रविदास का मंदिर कहां है🙏
इसी प्रकार गुरु भक्त 96 गुरु भाइयों को बांट दिया है 😭
कुछ एएसपी के
कुछ बीएसपी के 🙏
कांग्रेस के लाइन में,
बीजेपी के बलशाली 😂
आम आदमी के आगे पीछे😂
कुछ हरि के मंदिर है,
कुछ सोहम के मंदिर हैं 😂
कुछ पंजाब के मंदिर
कुछ दिल्ली के मंदिर😂
कुछ UP के मंदिर हैं
कुछ बिहार के मंदिर है 😂
रविदास का मंदिर कहां है भाई😭
कुछ राजनीति का मैदान बनाए हैं🙏
और कल सूचना प्राप्त हुई कुछ लोग क्रिकेट का मैदान बनाये हैं 😂
मंदिर निर्माण के लिए कोई संघर्ष नहीं कर रहा है, 🙏
मैं भी मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष नहीं कर रहा हूं 🙏
मैं समाज निर्माण के लिए संघर्ष कर रहा हूं🙏
उनको दिल्ली चुनाव के लिए रविदास के नाम पर वोट एकत्र करना है🙏
कुछ लोगों को करोड़ों रुपए की जमीन हथियाना है😂
कुछ पुराने बिल्डर कुछ नए बिल्डर, रविदासिया भक्त बने हुए हैं, जागो दिल्ली जागो 🙏🌹
परंतु ध्यान रहे ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती,
संत शिरोमणि गुरु रविदास की लाठी में आवाज नहीं होती है 🙏
पहले भी नहीं हुई थी, आगे भी नहीं होगी🙏
मान गया, सम्मान गया,
जुबान से जाने की बारी है,
कंठ गया तो कोई ना पूछेगा 😂
मत कर रे अभिमान ये बंदे,
तू खेल बनाएगा खेल खिलाएगा,
खेल हो के रह जाएगा 😭
ऊपर का वीडियो कुछ कहानी कहता है,
जागो दिल्ली जागो🙏
यह तुम्हारे सम्मान की बात है 🙏
अपना सम्मान दूसरों के हाथ में क्यों गिरवी रख दिया 🙏😂
उनके लिए तो एक क्रिकेट का मैदान है🙏
प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश मित्र @ 9335122064
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