Wednesday, 30 October 2024

22 अक्टूबर की सूचना उद्यान

 🇮🇳उधेड़बुन - सूचना दिनांक 22 अक्टूबर 2024


क्या दिल्ली के चमारों को शर्म आती है? 🙏


निश्चय ही उनको खुद को चमार कहते शर्म आती होगी?🙏


इसलिए वह खुद को जाटव कहते हैं🙏


शायद बहुत ज्यादा आती होगी इसलिए वह खुद को रविदासिया कहने लगे हैं 😂


जबकि रविदास ने कहा था " मैं चमार हूँ "🙏


जब एक जाति संयुक्त होकर एक मंदिर के नीचे नहीं आ सकती तो मंदिर क्या पायेगी ?


105 मंदिर में 

कुछ BSP के मंदिर, 

कुछ BJP के मंदिर, 

कुछ AAP के मंदिर 

और अबतो ASP ने भी दावा कर दिया 🙏 

रविदास का मंदिर कहां है🙏


इसी प्रकार गुरु भक्त 96 गुरु भाइयों को बांट दिया है 😭

कुछ एएसपी के 

कुछ बीएसपी के 🙏 

कांग्रेस के लाइन में,

बीजेपी के बलशाली 😂 

आम आदमी के आगे पीछे😂


कुछ हरि के मंदिर है, 

कुछ सोहम के मंदिर हैं 😂

 

कुछ पंजाब के मंदिर 

कुछ दिल्ली के मंदिर😂


कुछ UP के मंदिर हैं 

कुछ बिहार के मंदिर है 😂


रविदास का मंदिर कहां है भाई😭


कुछ राजनीति का मैदान बनाए हैं🙏


और कल सूचना प्राप्त हुई कुछ लोग क्रिकेट का मैदान बनाये हैं 😂 


मंदिर निर्माण के लिए कोई संघर्ष नहीं कर रहा है, 🙏


मैं भी मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष नहीं कर रहा हूं 🙏


मैं समाज निर्माण के लिए संघर्ष कर रहा हूं🙏


उनको दिल्ली चुनाव के लिए रविदास के नाम पर वोट एकत्र करना है🙏 


कुछ लोगों को करोड़ों रुपए की जमीन हथियाना है😂


कुछ पुराने बिल्डर कुछ नए बिल्डर, रविदासिया भक्त बने हुए हैं, जागो दिल्ली जागो 🙏🌹


परंतु ध्यान रहे ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती, 

संत शिरोमणि गुरु रविदास की लाठी में आवाज नहीं होती है 🙏 

पहले भी नहीं हुई थी, आगे भी नहीं होगी🙏


मान गया, सम्मान गया, 

जुबान से जाने की बारी है, 

कंठ गया तो कोई ना पूछेगा 😂

मत कर रे अभिमान ये बंदे,

तू खेल बनाएगा खेल खिलाएगा,

खेल हो के रह जाएगा 😭


ऊपर का वीडियो कुछ कहानी कहता है,


 जागो दिल्ली जागो🙏

 यह तुम्हारे सम्मान की बात है 🙏


अपना सम्मान दूसरों के हाथ में क्यों गिरवी रख दिया 🙏😂

उनके लिए तो एक क्रिकेट का मैदान है🙏


प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश मित्र @ 9335122064

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