Wednesday, 30 October 2024

जुगल किशोर चावला

 श्री जुगल किशोर चावला जी,🙏

CPI, 81 के के बिरला लेन, नई दिल्ली 🌹


आर्थिक समानता के संदर्भ में अभी तक आपकी पार्टी का उत्तर नहीं आया है 🙏आपके राष्ट्रीय महासचिव के साथ हुई भेंट वार्ता का कोई सार्थक उत्तर नहीं निकला है 🙏 उन्होंने वार्ता के विषय पर हां अथवा ना करने का भी साहस नहीं किया है, अंधेरे में मैं किसी का समर्थन नहीं करता हूँ, अपनी ऊर्जा नष्ट नहीं करता हूँ 🙏 एक्शन तो तभी होगा जब डायरेक्शन साफ होगा 😂


1. समाज का शोषण CPI करे या बीजेपी, या Congress या BSP - उनका कृत्य मानवता के हत्यारे का ही है 🙏


2. क्या आप वेतन आयोग की वेतन विसंगति का विरोध करते है? उस संदर्भ में आपकी राष्ट्रीय नीति क्या है?🙏


3. आप किस तरह का समाज बनाना चाहते हैं?


4. होरिजेंटल विचारधारा का समाज अथवा वर्टिकल विचारधारा का समाज?🙏 


5. मैं वर्टिकल विचारधारा के समाज का समर्थन नहीं करता हूँ 🙏


6. वेतन आयोग की विसंगतियां वर्टिकल विचारधारा का समाज बनती है 🙏 निजी क्षेत्र हो या सरकारी क्षेत्र आर्थिक असमानता को दूर करना ही होगा, संवैधानिक मूल्यों को स्थापित करना ही होगा🙏


7. इसलिए जब तक लोगों के दिमाग में चित्त विकार है, दूसरे मानव को मानव नहीं समझते, मैं चित्त विकार को दूर करने का संदेश देता रहूंगा🙏


8. इसको डायरेक्शन समझना आपकी समझदारी है, मेरे द्वारा बताई गई विधि कोई रॉकेट साइंस नहीं है🙏 और ना ही मेरे द्वारा अविष्कृत है, जिसने भी जाना है इसी रास्ते से जाना है 🙏


9. जिस व्यक्ति के चित्त विकार दूर हो जाते हैं, उसके 90% शारीरिक रोग अपने आप समाप्त हो जाते हैं, शुगर, हाइपरटेंशन, बीपी, मोटापा, माइग्रेन, डिप्रेशन, एवं अर्थराइटिस 🙏


10. चित्त विकारों की अति प्रत्यक्ष रूप में अति काम क्रोध ईर्ष्या लोभ मोह मामत्व आदि के रूप में दिखती है 🙏 और गुप्त रूप में शारीरिक बीमारी के रूप में दिखती है, जैसे शुगर बीपी हाइपरटेंशन आदि 


11. बीमार व्यक्तियों के साथ काम करने से शरीर संक्रामित हो जाता हैं🙏


12. मानसिक-संक्राम रोग अत्यंत तीव्र होते हैं, उनसे बचना मुश्किल होता है🙏


13. इसलिए मैं आपकी किसी मीटिंग में नहीं आ सकता हूं, जब तक आपके राष्ट्रीय अध्यक्ष और महासचिव भारतीय संविधान का अनुपालन करते हुए देश में आर्थिक समानता की नीति का समर्थन नहीं करते हैं 🙏


सामाजिक चिंतक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

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