Wednesday, 30 October 2024

28 अक्टूबर की सूचना भारी अक्

 🙏सूचना दिनांक 28 अक्टूबर 2024


21 अक्टूबर 2024 से मैं भारी अवसाद से गुजर रहा हूं 🙏मेरी जुबान पर जो सच है, वह ना मैं उगल पा रहा हूं ना निगल पा रहा हूं🙏 


1. साधक के रूप में मेरा सील भंग हो रहा है, जब कोई साधक अपना सील भंग करता है तो उसकी हड्डियों में दर्द शुरू हो जाता है, आजकल मैं हड्डियों के रक्तमज्जा में इस दर्द को महसूस कर रहा हूं 🙏


2. इस बार प्रधानमंत्री कार्यालय ने मोबाइल पर मुझे सूचना नहीं भेजी, क्योंकि सूचना देने वाले बाबू को पता होगा कि अपील का निस्तारण लीगल नोटिस के अनुसार नहीं है, मैं अपील निस्तारण की सूचना का इंतजार करता रहा 🙏


3. 21अक्टूबर को अचानक वेबसाइट पर जाकर देखा, तब पता लगा 06 सितंबर की अपील का निस्तारण 25 सितंबर को कर दिया गया था 🙏दो FIR बनती हैं, करूं या ना करूं 🙏 मन में यही उधेड़ बुन चलती रहती है🙏 


4. अपराधी अपना बेटा हो तो कानून का साथ दिया जाए या बेटे का, मैं भारी उड़ेबुन में हूं 🙏 सभी हमारे समाज के लोग हैं 😭


5. हमारे लोग ना कानून जानते है, ना कानूनविद की मानते हैं, जब तक कि कोर्ट और जज का डंडा ना पड़ जाए😂 इसीलिए शूद्रों को बैल बुद्धि की श्रेणी में रखा गया है! 


6. वे डंडे-लाठी से लड़ाई लड़ते हैं इसीलिए ब्राह्मण कथा में उन लोगों को राक्षस कहा गया, जो आपस में ही लड़ते रहते हैं🙏 ब्राह्मण कथाओं के अनुसार दैत्य गुरु शुक्राचार्य भी इन लडाईयों को शांत ना करा सके😭 मैं ना तो संत हूँ ना ऋषि हूं 🙏


7. मैंने तुगलकाबाद रविदास मंदिर को बनाने का कोई संकल्प नहीं लिया है, मैं जब सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया में वकालत करने आया, तब मन में एक ही संकल्प लेकर आया था कि समाज पर हो रहे अत्याचारों से समाज की रक्षा करूंगा🙏


8. यह मात्र एक संयोग है कि तुगलकाबाद का रविदास मंदिर मुद्दा मेरी संज्ञान में लाया गया और कुछ लोगों ने मुझ पर विश्वास जताया कि मैं इस मुद्दे का हल कर दूंगा 🙏 वह हमारे समाज के लोग हैं, मैं उनके विश्वास के लिए संघर्ष कर रहा हूं 🙏


9. ऐसा नहीं कि दिल्ली के लोग ही हमारे समाज के लोग हैं🙏बल्कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, विदेश अथवा अन्य राज्यों के जिनके लिए कभी बाबा साहब ने संघर्ष किया था सभी हमारे समाज के लोग हैं🙏


10. शायद जुलाई-अगस्त 2023 का ही समय रहा है, जब मेरी श्री मंगतराम वाली जी के घर पर उनसे मुलाकात हुई, मेरे साथ मेरे एक साथी भी थे, ऐसा सुना जाता था कि वह राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में बड़े अधिकारी रहे थे🙏 बड़े अधिकारी से मेरी बड़ी अपेक्षाएं थीं 😂 


11. उनका रहन-सहन देखकर मैं घोर निराशा में डूब गया🙏 मैंने उनके समक्ष कई प्रस्ताव रखें, परंतु "नौकर कभी मालिक नहीं हो सकता है भले ही वह कितना भी बड़ा अधिकारी रहा हो, वह आखिरकार होता नौकरी ही है, उसके सोचने का ढंग सदैव नौकर जैसा ही रहता है, कभी बदलता नहीं है" 🙏 अब तक अपने समाज के जितने भी लोगों से मैं मिला हूं, उसमें सबसे ज्यादा श्री मंगतराम वाली जी ने मुझे निराश किया है🙏( मेरे इस कथन के कुछ अपवाद हो सकते हैं, परंतु अधिकांश पर सत्य है )


12. इस प्रकार संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर तुगलकाबाद के संदर्भ में दिल्ली के रविदासिया समाज के साथ एक मिशन के रूप में हमारा मिलना जुलना आरंभ हुआ🙏



ऊंची ऊंची फेंकने वालों की पूँछ उठा कर देखा तो मादा ही निकले हैं 😂 भाई मेरे मेरे सामने थोड़ा सोच कर फेंकना 👏


क्रमशः........


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

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