🌹शुभ प्रभात सूचना दिनांक 30 अक्टूबर 2024🙏
यह प्रचार ग्रुप नहीं है 🙏सूचना ग्रुप है🌹
1. अभी एक संस्था के प्रधान का फोन आया🙏उन्होंने आपत्ति की कि मैंने संत निरंजन दास को बैल बुद्धि कहा है 🙏
2. वह विधि की भाषा समझने को राजी नहीं है, कोई भी संत या बाबा व्यक्ति नहीं होता, पूरी एक संस्था होती है, और संस्था का स्टाफ गलती करता है, तो संस्था प्रमुख का नाम आता है🙏
3. उन्हें इस बात पर आपत्ति नहीं है कि संत निरंजन दास और उनकी टीम ने कानून का अपमान किया है 🙏
4. वह कानून व्यवस्था जो पूरे भारत पर लागू होती है🙏
5. वह कानून व्यवस्था जिसके सूत्रधार बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर हैं 🙏 संत निरंजन दास और उनकी टीम को उसका अनुपालन करना चाहिए🙏
6. लीगल नोटिस का जवाब प्रधानमंत्री कार्यालय ने दिया, हाउसिंग मिनिस्ट्री ने भी दिया 🙏 परंतु संत निरंजन दास और उनकी टीम, लीगल टीम मामले को कोर्ट में उलझान चाहती हैं, क्योंकि दिल्ली के अंदर कोई भी इतना समर्पित और आर्थिक संपन्न संत शिरोमणि का भक्त नहीं दिखाई देता है जो कानूनी लड़ाई लड़ सके🙏
7. पैसे वाले सामान्य केटेगरी के व्यक्ति हो या क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति, दोनों ही तो आर्थिक विपन्न अनुसूचित जाति समाज को लूट रहे हैं, उनका शोषण कर रहे हैं🙏
कोई भी संत और बाबा भारतीय न्याय प्रणाली से ऊपर नहीं है, बड़े बड़ों के दिन फिर गए 🙏
8. पंजाब के संतों की जमीन की भूख किसी से छुपी नहीं है, ऐतिहासिक तथ्य है कि मड़वाड़ीह संत शिरोमणि गुरु रविदास की जन्मस्थली है, परंतु वहां संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के पारिवारिक-दलितों ने संत निरंजन दास को अपनी जमीन बेचने से मना कर दिया इसलिए सीर गोवर्धन में यादव की जमीन को खरीद कर संत शिरोमणि रविदास जी की जन्मस्थली बता दिया गया 🙏 जो संगठन संत शिरोमणि गुरु रविदास का नहीं हुआ वह आम समाज का क्या होगा?🙏
9. संत पीपल दास की परंपरा में उत्पन्न संत निरंजन दास की कार्यशैली से मैं संतुष्ट नहीं हूं 🙏 30-31 अगस्त 2024 को मैं डेरा बल्ला गया था, लिखित पत्र दिया था आज तक उसका कोई जवाब नहीं आया🙏 अब तो डेरा बल्ला वाले फोन भी नहीं उठाते है 🙏
10. क्या वह कानून व्यवस्था और मानवता दोनों से ऊपर हो गए हैं? जिनको उन्हें संत कहना है वह कहें! मेरी कलम उनको संत के रूप में अस्वीकार करती है 🙏
11. सन 1954 में बाबू जगजीवन राम ने तुगलकाबाद रविदास मंदिर की नींव रखी तब वहां पर हरि और सोहम का कोई विवाद नहीं था🙏
12. संत शिरोमणि गुरु रविदास का प्रवचन था "राम राम"🙏 उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका राम-राम अयोध्या का राजा रामचंद्र नहीं है! कबीर दास जी का भी प्रिया वचन था "राम राम" उन्होंने भी रामचंद्र की सत्ता को अस्वीकार किया था 🙏 दोनों ही संत, संत रामानंद के शिष्य थे " श्री रामानंद विद्वान कर्मकांडी ब्राह्मण थे, परंतु अपने कुछ शिष्यों को पाकर उनका जीवन सफल हो गया, और वह इतिहास में अमर हो गाये🙏
13. संत रामानंद के शिष्य ने उनके साहित्य ज्ञान को आध्यात्मिक ज्ञान में बदल दिया, ब्रह्म की अनुभूति किताबी ज्ञान नहीं रहा, बल्कि वह अनुभूति के स्तर पर उतर गया, आज के संत किताबी बागड़-बिल्ले बने हुए हैं 🙏
14. कौन दिल्ली में मुर्गा लड़ा रहा है?
अ. संत हीरा महाराज के निर्देशन में उनकी टीम, केंद्रीय कमेटी दिल्ली 🙏
तथा संत निरंजन दास की टीम अखिल भारतीय रविदासिया संगठन 🙏
दिल्ली में मुर्गा लड़ा रहे हैं 🙏
15. संत शिरोमणि गुरु रविदास के दिल्ली के आम भक्तों को विचार करना होगा कि हम ऐसे संतों का सम्मान क्यों करें?
जो ना संत शिरोमणि गुरु रविदास का हुआ🙏
जिसको ना समाज से प्रेम है,
जो ना 96 गुरु भक्तों का हुआ और ना ही दिल्ली के 105 मंदिरों के प्रतिनिधियों को सरकारी समिति की टीम में ले रहा है, जिसकी जमीन पाने की भूख शांत नहीं हुई, जो तुगलकाबाद गुरु रविदास मंदिर प्रांगण का मालिक हो जाना चाहता है, उसके वादों पर कितना विश्वास किया जाए🙏
16. सभी को न्याय प्रणाली का अनुपालन करना ही होगा🙏 अपनी आर्थिक ताकत का उपयोग करके यदि कोई समाज को गुमराह करने की कोशिश करेगा, मामले को कोर्ट में उलझने की कोशिश करेगा, तो कमलेश मित्रा की कलम उसको सम्मान देने का कोई वादा नहीं करती है 🙏 मैं और ज्यादा इंतजार नहीं करूंगा 🙏
अच्छा है कि मैं पुलिस या सेना में नहीं हूं अन्यथा समाजद्रोहियों का एनकाउंटर कर देता 🙏🌹
प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064
No comments:
Post a Comment