Monday, 14 October 2024

7 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक की सूचना

 [08/10, 10:27 am] kamleshmittra: 🌹🙏परिष्कृत लेख 🙏


🙏सूचना दिनांक 7 अक्टूबर 2024 


इतिहास के झरोखे से एक बात याद आती है, बाबा साहब के पुत्र की मृत्यु हो गई थी, डेड बॉडी पड़ी थी, परंतु मुंबई से सिप पकड़ने का समय हो रहा था, ऐसा बताया जाता है, निष्ठुर बाबा साहब ने अपने पुत्र की लाश वैसे ही छोड़ दी, और समुद्र का जहाज पकड़ने के लिए चल पड़े🙏


यदि उन्होंने ऐसा ना किया होता तो क्या होता?🙏कांग्रेसी मनुवादी अपने षड्यंत्र में सफल हो गया होते, और बाबा साहब को पूना पैक्ट भी नहीं करना पड़ता😂


2 अक्टूबर 2024 को संत श्री हितकारी महाराज जी ने संत गढ़ आने का निमंत्रण दिया था, मैं वहां पहुंच भी था, संत श्री हितकारी महाराज जी का हृदय परिवर्तन उनकी बातों से झलक भी रहा था किन्तु उनके महासचिव श्री मंगतराम वाली जी, उनकी उपेक्षा करते हुए वहां से निकल गये 🙏


श्री वीर सिंह हितकारी जी ने बातया था कि उसी दिन वह सचखंड डेरा बाला जा रहे हैं, इसलिए फीडबैक सूचना को मैंने तीन दिन टाल दिया था 🙏


25 सितंबर 2024 के आसपास जब उन्होंने मुझे संत गढ़ आने का निमंत्रण दिया था, तब उन्होंने बताया था कि सचखंड डेरा वाला से भी लोग आ रहे हैं🙏 सचखंड डेरा बल्ला की तरफ से अंबाला के संत आए थे, उनसे मेरा परिचय भी कराया गया था🙏 परंतु कोई अंतिम उत्तर प्राप्त नहीं हुआ🙏


उन्होंने बताया 10 तारीख के बाद भूमि अधिग्रहण किया जाएगा 🙏हम 10 तारीख को मासिक पूजा के समय संत शिरोमणि गुरु रविदास के प्रांगण में लिखित सूचना देखना चाहेंगे🙏 क्योंकि मेरे द्वारा सारी सूचनाओं लिखित रूप से इस ग्रुप में दे दी जाती है 🙏


तथाकथित सरकारी कमेटी की विधिक स्थिति क्या है इसको मैंने इस ग्रुप में बता दिया है🙏 DDA को दी गई आरटीआई में DDA इस बात की पुष्टि नहीं कर सका है कि जिससे वह पैसा मांग रही है वह सरकारी कमेटी है🙏


दूसरी बात सरकारी कमेटी के विस्तार संबंधी कोई अंतिम उत्तर संत श्री निरंजन दास जी की तरफ से प्राप्त नहीं हुआ है🙏

😭

ऐसी दशा में लीगल नोटिस का अनुवर्ती पत्र 15 अक्टूबर 2024 तक भारत सरकार को भेज दिया जाएगा, यदि 10 तारीख को प्रांगण में दी गई सूचना से मैं संतुष्ट नहीं हुआ तो🙏😂


हमने आपको काम करने के लिए पूरा समय दिया है, यदि आप काम करना नहीं चाहेंगे, तो रविदास समाज का बड़ा नुकसान होगा, और समाज को नुकसान पहुंचाने वाले किसी व्यक्ति को मैं नहीं छोड़ता हूं🙏( लीगल नोटिस 09 जुलाई 2024 को जारी किया गया था, उसमें 60 दिन का समय दिया गया था 09 अक्टूबर 2024 को 90 दिन हो जाएंगे)


29 सितंबर 2024 की बैठक की उपेक्षा करने वालों की, और मेरे काम में बाधा डालने वालों की, श्री के सी रवि जी के मंदिर निर्माण मिशन को क्षति पहुंचाने वालों की मैंने अच्छे से बजाई है 🙏 फिर भी मैंने उनका कोई व्यक्तिगत चरित्र चित्रण नहीं किया, क्योंकि वह निंदा रस में आ जाता 🙏😂 यदि वह पुनः समाज के लिए काम करना चाहेंगे तो उनका स्वागत है 🙏


मंदिर समाज को चाहिए, और मुझे अच्छा समाज चाहिए, मंदिर इसलिए बनाया जाता है कि घर की स्त्रियां घर से बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पर टहल विचरण कर सकें, बिना भोजन बनाये भोजन खा सके 🙏 बुद्धकालीन ऐसी परंपरा थी, पूर्णमासी और अर्ध मासी को सार्वजनिक भोजन बनता था 🙏 मठो में सार्वजनिक ध्यान, ज्ञान और सहभोज का कार्यक्रम होता था🙏


इसलिए अच्छा समाज बनाने के लिए मैं संघर्ष करूंगा, अच्छी शासन व्यवस्था बनाने के लिए मैं संघर्ष करूंगा, रविदास राज स्थापित करने के लिए मैं संघर्ष करूंगा, अब वह समय आ गया है, अनंत जन्मो से हमारे सहयोगी रहे सभी व्यक्ति निकाल कर सामने आ जायें 🙏


एक बार फिर से धर्म चक्र चलाया जाना है🙏 मानव-मानव एक समान, मानव जीवन की आवश्यकता एक समान है, विश्व की अर्थव्यवस्था को बदलना है, विश्व की राजव्यवस्था को बदलना है, विश्व की समाज व्यवस्था को समरूप करना है, अन्यथा विश्व परमाणु युद्ध की चपेट में आ जाएगा और एक बार फिर महाभारत हुआ तो मानवता और तकनीकी विकास की बहुत हानि होगी🙏



भूल चूक लेन देनी🙏 सब अपने लोग हैं और चित्त विकारों से ग्रस्त हैं, आओ मिलकर उनके चित्त विकारों को दूर करें🌹🙏


जो संत शिरोमणि गुरु रविदास का नहीं हुआ वह मेरा क्या होगा, जो मेरा नहीं हुआ, वह मानवता का क्या होगा, आओ मानवता के लिए काम करें🌹🙏


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[09/10, 11:24 am] kamleshmittra: आज का सुविचार


मान्यवर कांशीराम जी

जन्म 15 मार्च 1934

पुण्यतिथि 9 अक्टूबर 2006


    मान्यवर कांशी राम एक ऐसा महापुरुष जिसने बाबासाहेब के चंद शब्दों को सुनकर अपना कारवां शुरू किया था। बाबासाहेब के वह शब्द कि मैं यह कारवां आंधी और तूफान से निकालकर लाया हूं।तुम किसी भी कीमत पर इसे पीछे नहीं जाने देना ।बाबासाहेब के कारवां को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी नौकरी छोड़ी। शादी नहीं करने की शपथ ली। आजीवन अपने घर नहीं जाऊंगा और बाबा साहेब के मिशन में लग गए । जिसे पूरा करने की चाहत हो तो उसे अरमान कहते हैं। जो कभी ना बदला और बदले उसे ईमान कहते हैं। जिंदगी भूखी प्यासी भले ही बिताई हो। जो ना बिका, जो ना झुका ,ना रुका , उसे मान्यवर कांशीराम कहते हैं।


काशीराम जी कहते हैं जब आप अपनी मंजिल की तरफ कदम बढ़ाएंगे तो आपके रास्ते में तीन बड़ी रुकावट आएंगी। वह है मनी, माफिया और मीडिया। अगर इन रुकावट को अपने पार कर लिया तो आपको जीतने से कोई नहीं रोक सकता।


 तमन्ना अगर सच्ची हो रास्ते हजार होते हैं। तमन्ना अगर झूठी हो तो बहाने भी हजार होते हैं।

      मान्यवर कांशीराम जी 80 के दशक से मनुवादी युद्ध का मुकाबला कर रहे थे। काशी राम जी , रामास्वामी पेरियार और फुले और नारायण गुरु और डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर का मेला लगवाते और स्वामी अछूतानंद, ललई सिंह यादव, रामस्वरूप वर्मा जैसे महान समाज सुधारको और दादू दयाल, रैदास वह दूसरे संतो के कथनों और वचनों को जनता के सामने प्रकट किया करते।

          मान्यवर कांशी राम जी कहते हैं कि अगर तुम बहुजन समाज के लिए संघर्ष ना कर सको तो विचलित मत होना ।बस एक नेक काम करना की बहूजनों के जीवन संघर्ष को पढ़ लेना। अगर उसे पढ़ कर तुम्हारे शरीर के रोंगटे खड़े हो जाएं तो समझ लेना कि तुम बहुजन समाज के लिए संघर्ष कर सकते हो। वरना वह किताबें वहीं फेंक देना ।आपका वही संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए लंबे अरसे तक रास्ता आसान हो जाएगा।

         हम बहुजन होने के बावजूद इस देश में अनाथ और उपेक्षित है ।वह इसलिए कि हम अपनी ताकत को नहीं समझ पा रहे हैं। जो सरकार पिछड़े वर्ग के वोट लेती रही है परंतु उनका पिछड़ापन दूर नहीं कर पाई और उनको सत्ता में भी नहीं बैठाया। वह सरकारें हमारा क्या भला करेंगे जिस समाज को मुफ्त खाने की आदत पड़ गई हो। वह समाज कभी क्रांति नहीं कर सकती। वह कभी शासक नहीं बन सकती। और जो शासक नहीं होते उनकी मां और बहन बेटियां सुरक्षित नहीं होती। और वह न्याय भी प्राप्त नहीं कर सकते हे । गुलामों अगर तुम्हारी बहन मां और बेटियों की इज्जत सुरक्षित नहीं है तो अपनी सरकार बनाओ। जिस की सरकार होती है वह शासक होते हैं ।और शासकों की मां बहन और बेटियों की तरफ कोई आंख उठा कर नहीं देख सकता। राजनीति चले या ना चले ।सरकार बने या ना बने सामाजिक परिवर्तन की गति किसी भी कीमत पर नहीं रुकनी चाहिए। 

        मान्यवर काशीराम जी को शत शत नमन।


मोती राम MA

पूर्व अधिकारी

SHAHDARA

[10/10, 8:24 pm] kamleshmittra: 🙏🌹फीडबैक सूचना 10 अक्टूबर 2024


आज की फीडबैक रिपोर्ट मैंने ऊपर दे दी है😂 कुछ बातें इशारों में भी समझो ❤️


समझने वाले समझ गए, 

जो ना समझे वो अनाड़ी है 😂

  

आधिकारिक सूचना कल जारी करूंगा, क्योंकि अभी गुरुद्वारा श्री बंगला साहब से लौट रहा हूँ, रास्ते में अभी 1 घंटे और लगेगा 🙏


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[11/10, 12:42 am] kamleshmittra: विगत 11 माह से भीड़ जुटने की जिम्मेदारी श्री के.सी. रवि जी की है🙏


बाकी लोगों को तो पका पकाया खान की आदत है😂 कुर्सी पर चढ़ जाने की आदत है😂


जस्टिस अरुण मिश्रा की सोच को दाग देनी पड़ेगी, उनको पता था ऐसा भी दिन आ सकता है🙏


 इसीलिए उन्होंने पूर्व कमेटी के सदस्यों को अनिवार्य रूप से जोड़ने के लिए कहा था 😍


संवेदनाएं तो उसी की जुड़ी होगी, जो 1986 से संघर्ष कर रहा है, कोर्ट में हारना और जीतना तो कागजी खेल है 😭 बाकी लोग तो मौज लेने आते हैं🙏🌹


 इसीलिए मैं चाहता हूं कि दिल्ली की 105 कमेटियां इसमें अनिवार्य रूप से भाग लें, 96 गुरु भाईयों के त्याग को कंसीडर किया जाना चाहिए 🙏🌹

[11/10, 9:03 am] kamleshmittra: 🌹पके हुए वे लोग नहीं हैं 


जो धर्म की बातें करते हैं, 

पोथी की सारी बातें जूठन-सूठन लगती है 🙏🌹

बचे-खुचे में स्वाद कहां, खाने की क्या मजबूरी है🙏

मिल जाता है उनको भी जो खड़े हुए हैं ठूठ बने, 

तुम ठहर तो जाओ ध्यान यही है, 

बकबक, बकबक करते रहते हो, 

इसमें धर्म की बात नहीं🙏🌹


धर्म तो अर्थव्यवस्था है, 

पा लो, दे दो, दान करो, 

दूजे का सम्मान करो, 

सब धर्म की मीठी बातें हैं,


चंट तुम सब बने हुए, 

शासन से कुछ हो डरे हुए, 

तुम काहे के संत भला, 

तुम पूजत हो कौड़ी को,

तुम बिकते हो, वे खरीदार बड़े, 


संतों की टोली में तो कोई बड़ा नहीं है होता, 

तुम प्रवक्ता, वह अध्यक्ष, कैसा माया जाल बुना🙏

जन्म बधाई देते हो मृत्यु का तुमको होश नहीं 🌹

तुम काहे के संत भला, पाछे देखो आगे ना 😂


भूल चला जो बीती बातें, संत उसी को कहते हैं, 

जन्म तो तुमको याद अभी है, वह गुजरी पूंजी है 

मृत्यु खड़ी है सामने तेरे, कितने कंधे पाओगे🌹

संतों की पूंजी है शूली, भाला, करछी, शोले का श्रंगार 🙏 

जब तक तुम हो डरते भाई, संत नहीं कहलाओगे🌹


मीरा मर गई विष को पीकर,

कबीरा की मिली लाश नहीं,

महर्षि तो 8 बरस का जीवन जी कर चले गये 🙏

तुम धरती के बोझ बने हो,

वक्त हो, प्रवक्ता हो 😂

धर्म से कोसों दूर खड़े हो🙏

कुर्सी पर तुम चढ़े हुए हो 😂


 अधूरी दास्तान, मित्रा की जुबानी जगत की कहानी🙏🌹😂

[11/10, 11:02 am] kamleshmittra: 🙏मैं पढ़ने में बहुत फिसड्डी था😭


मेरी पीठ और मेरे बाप के जूते का कब मिलन हो जाए, सब अनिश्चित था,

फिर भी हर सप्ताह में चार-पांच बार मिलन हो ही जाता था 🙏


दिन हो या रात, भगवान ने बनाया था उन्होंने नहीं, 

जूते की मोहर पीठ पर छूटने से पहले अगली लग जाती थी😍


उनके लिए तो खेल का मैदान था, 11 घंटे की ड्यूटी करने के बाद, उनके हाथ पैर की एक्सरसाइज हो जाती थी😭


चमारों के घर में बॉक्सिंग की किट कहां होती है, बच्चे ही कूटे जाते हैं🙏🌹


फुटबॉल की तरह उछाल जाते हैं,

कभी माँ कूटे कभी भाई, 

बहन मिली थी डायन जैसी,

जीवन मेरा नर्क बना था🙏


जैसे तैसे जीवन के 13 सावन गुजरे, मैं मिडिल पास हो गया, बाप के जूते से बहुत दूर हो गया🙏


जल्लादों की कमी नहीं थी, 

हर कूचे पर मिलते थे🌹

डायन और राक्षस तो अब भी मिलते रहते थे🙏🌹


हाई स्कूल खानदान का शूल, 

सब लटके थे सूली पर 🙏

अपने को तो चढ़ी हुई थी,

जूते की खुशबू पड़ी हुई थी,

जल्लादों की टोली में🙏

अपना कोई बाप नहीं था 🙏

क्या यह शासन का पाप नहीं था🙏


संत पड़े थे आंचल में, 

हमने सबको जाना है 

घर घर की यही कहानी है, 

वकील की जुवानी है,


चमार चोला भंगी 36 जातियों में बटे हुए हैं, 

अब बाटेंगे रविदासिया कह के - 

पहले से चिथड़े कम थे क्या? 

और फाड़ कर बाटोगे 🙏🙏


कुर्सी पर तुम चढ़े हुए हो, 

लोभ में तुम पढ़े हुए हो,

तुम काहे के संतो हो भाई,

सहनशीलता शोभा ना,


सधा हुआ कोई गुरु बनाओ,

नचनी की हर भीड़ अलग है,

संतों का वह टोला ना 🙏


तुम तो ऐसे मौन पड़े हो,

राजव्यवस्था जानो ना,

काहे को तुम संत बनत हो 🙏

धातु ना जानो, धर्म ना जानो 🙏

राजव्यवस्था जानो ना, 🙏

परिवार व्यवस्था जानो ना 🙏

12 घंटे जुते हुए वे, 🙏

तुम लड़ते हो कुर्सी को 🙏


रविदास राज पर काम न करते,

जूठी पोथी पढ़ते हो🙏🌹

काहे के तुम संत बड़े हो,

कुर्सी पर तुम चढ़ते हो 😂


अधूरी दास्तान - मित्रा की जुबानी

[11/10, 1:59 pm] kamleshmittra: कबीर और रविदास ने पाखंड का विरोध किया 🙏🌹


 कोई पाखंडी रविदास राज का समर्थक कैसे हो सकता है?

[13/10, 8:33 am] kamleshmittra: 🌹अति महत्वपूर्ण सूचना दिनांक 13 अक्टूबर 2024 


लीगल नोटिस में जिनके कंधे पर 96 गुरु भाइयों का प्रतिनिधित्व करने का दायित्व है उनका नाम श्री राम सिंह शुक्ला है 🙏


दि. 10 अक्टूबर 2024 की पूजा में वह उपस्थित थे परंतु उन्होंने अपने व्याख्यान में 96 गुरु भाइयों के हक में कुछ भी नहीं कहा है, यह 96 गुरु भाइयों के साथ विश्वास घात है, 96 गुरु भाइयों के हक़ की बात रखने का उन्हें यह दूसरा मौका मिला था🙏 


दि. 10 अगस्त 2024 को भी वार्ता के लिए वे आए थे, तब उन्होंने प्रतिनिधि चेयरमेन सरकारी कमेटी संत श्री वीर सिंह हितकारी जी से अपने हक में बात की थी कि उन्हें कमेटी में ले लिया जाये, 96 गुरु भाइयों के हाक में कोई बात नहीं की थी 🙏


उन्होंने अपने साथ-साथ 96 गुरु भाइयों के हक की कीमत पर मुझे (अधिवक्ता को ) भी बेचने का प्रयास किया, जिसकी सूचना श्री वीर सिंह हितकारी जी से मुझे प्राप्त हुई यह अत्यंत ही शर्म का विषय है🙏 श्री वीर सिंह हितकारी जी को मैं तत्काल मना कर दिया था कि श्री शुक्ल जी द्वारा दिया गया प्रस्ताव मेरी सहमति से नहीं है 🙏


दि. 10 अक्टूबर को उनके व्याख्यान में केंद्रीय कमेटी के अध्यक्ष श्री अक्षय भारद्वाज का संरक्षण था जो कि उनके रिश्तेदार हैं 🙏 वे लच्छेदार बढ़िया-बढ़िया बातें करते हैं, परंतु अंदर जहर भरा हुआ है, इसीलिए व्याख्यान के समापन पर मैंने श्री हितकारी महाराज जी से कहा था कि कथनी और करनी पर भी चर्चा होनी चाहिए🙏


जिस तरह से शुक्ला जी ने अपने रिश्तेदार अक्षय भारद्वाज जी का संरक्षण किया इसी तरह उन्हें 96 गुरु भाईयों का भी संरक्षण करना चाहिए था🙏


 105 मंदिरों के प्रतिनिधि श्री बुलाकी जी अभी तक किसी भी मीटिंग में नहीं आए हैं, उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है🙏


105 मंदिरों के प्रतिनिधित्व के लिए हम दूसरे नाम पर विचार कर रहे हैं🙏


अधिवक्ता की मर्यादा में रहते हुए, प्राप्त मंदिरों के आवेदन पत्र और 96 गुरु भाइयों के आवेदन पत्र के माध्यम से उनके अधिकारों का संरक्षण किया जाएगा 🙏


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064


नोट :-

तुगलकाबाद गुरु रविदास मंदिर प्रांगण में किसी व्यक्ति को अपनी बात रखने के लिए मौका दिया जाता है और किसी को नहीं दिया जाता है🙏


अब प्रोग्राम संचालक को बताना होगा कि वह किस अधिकार से उस व्यक्ति को बात रखने के लिए बुला रहा है 🙏


संत शिरोमणि गुरु रविदास के प्रांगण में ऐसा नहीं चलेगा " मीठा-मीठा गपा गप, कड़वा कड़वा थू थू "😂


हमारी बात को गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया, तो अगली पूजा में हम पुलिस प्रोटेक्शन की मांग कर सकते हैं🙏 क्योंकि संत शिरोमणि गुरु रविदास किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है, संत शिरोमणि गुरु रविदास का वह प्रांगण माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अनुसार सभी गुरु भक्तों का है 🙏

[14/10, 7:00 am] kamleshmittra: 🙏सूचना दिनांक 14 अक्टूबर 2024


लोकल कमिश्नर रिपोर्ट, जोकि हाई कोर्ट दिल्ली में प्रस्तुत की गई, उसमें बताया गया है कि 1954 में बाबू जगजीवन राम जी तुगलकाबाद रविदास दास मंदिर का विधिवत उद्घाटन किया था 🙏


 11 अगस्त 2024 को बाबू राजेंद्र भवन मैं आयोजित समारोह में बाबू जगजीवन राम जी की सुपुत्र श्रीमती मीरा कुमार जी ने अपना व्याख्यान दिया 🙏 इस बैनर पर ना तो हरि का सिंबल है और ना ही सोहम का है 🙏


ऐसी दसा में सरकारी नामित कमेटी के सदस्य हरि अथवा सोहम को इस प्रांगण में विवाद का विषय कैसे बना सकते हैं 🙏



 विश्लेषक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[15/10, 6:56 am] kamleshmittra: 🌹संपर्क सूत्र व्यवधान की सूचना दिनांक का 15 अक्टूबर 2024 🙏


विगत 3 दिन से हमारा मोबाइल रिचार्ज नहीं था क्योंकि मैं आउट ऑफ स्टेशन था 🙏 और मेरा मोबाइल अधिकांश समय बंद रहा है 😭


इस दौरान फोन करने में जिनको असुविधा हुई है हम उसके लिए खेद पर कट करते हैं 🙏🌹


 मोबाइल धारक कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[15/10, 8:12 am] kamleshmittra: 🌹सामान्य विधिक सूचना दिनांक 15 अक्टूबर 2024🙏


पिछले तीन दिनों में जो चीज मैंने प्राप्त की है, उसके आधार पर एक ही विचार आता है🙏


"आखिर कब तक छुपाओगे" अक्सर दीवारों पर लिखा मिल जाता है 😂 गुप्त रोग हो या चित्त रोग (विकार) 😭 दोनों ही गुप्त होते हैं😂


जो बात डॉक्टर के साथ लागू होती है वही बात अधिवक्ता के साथ भी लागू होती है 🙏


लोग मुझे मिस इनफार्मेशन दे रहे हैं और यह अपेक्षा करते हैं कि मैं उनके अधिकारों का संरक्षण भी करूंगा, दोनों चीज एक साथ नहीं हो सकती है, पून: स्मरण दिला दूं कि मैं माननीय सर्वोच्च न्यायालय का अधिवक्ता हूं, न्याय के संबंध में जितना माननीय सर्वोच्च न्यायालय प्रतिबद्ध होता है उतना ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय का अधिवक्ता भी न्याय के प्रति प्रतिबद्ध होता है, वादी और प्रतिवादी दोनों के अधिकारों की रक्षा करनी पड़ती है 🙏🌹 यह एक सामान्य नियम है🙏


विद्वान अधिवक्ता की बात जज दोहरा देता है तो वह जजमेंट हो जाती है🙏


बात दो प्रकार की होती हैं :- मौखिक बात और लिखित बात अधिवक्ता को दोनों ही बातें को याद रखना पड़ता हैं, कोर्ट में किसी मौखिक बात को शपथ पत्र के साथ लिखित रूप में दे देने पर वह साक्ष्य के रूप में उपयोग होती है, वह बात झूठ पाये जाने पर शपथ-कर्ता दंड का अधिकारी होता है🙏


फोन पर अक्सर लोग मुझसे बात करते हैं, मेरी बात को रिकॉर्ड करते हैं, मेरे मोबाइल की सेटिंग इस प्रकार की है, यदि कोई मेरी बात रिकॉर्ड करेगा तो उसकी बात रिकॉर्ड होना शुरू हो जाएगी🙏


बातों को रिकॉर्ड करना कुछ लोगों की सामान्य सोच होती है, वह एक बार सुनकर समझ नहीं पाते इसलिए बार-बार सुनते हैं 🙏


परंतु कुछ लोग बातों को शातिर अंदाज में रिकॉर्ड करते हैं 🙏


मेरे पास जो बातें रिकॉर्ड हो जाती हैं, यदि वह समाज के लिए कल्याणकारी हैं तो मैं उन्हें अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रसारित कर देता हूं🙏


ताकि लोग अपने में सुधार कर सके, अपना फीडबैक प्राप्त कर सकें 🙏


यदि किसी ने कोई मिस इनफॉरमेशन दी है, तो वह शुद्ध होकर हमारे पास आ जाए 🙏


परंतु कुछ लोग इस बात का बुरा मानते हैं कि उनकी बात को यूट्यूब पर डाल दिया गया, वह मुझसे कई बार उसको यूट्यूब से हटाने का अनुरोध करते हैं🙏


मेरा उनसे निवेदन है :- वाचाल मत बनो, समाज की कुछ बातों को भूलने की आदत भी डालो, यदि आप निंदा रस में अधिक आनंद लेंगे, तो तकलीफ आपको ही होगी, क्योंकि निंदा रस संक्रामक है 🙏


और किसी के संदर्भ में यदि आपने सत्य कहा है, तो फिर आपको डरना नहीं चाहिए, उस व्यक्ति को भी बुरा नहीं मानना चाहिए जिसके बारे में अथवा जिस बात के बारे में कहा गया है🙏


 क्योंकि कबीर ने कहा है:-


निंदक नियरे राखिए आंगन कुटी छावाय.........


आध्यात्मिक विचारक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[15/10, 9:51 am] kamleshmittra: 🙏अति महत्वपूर्ण विधिक सूचना दिनांक 15 अक्टूबर 2024:-


माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के एक मामले में निरर्धाण के दौरान पाया है कि अनुसूचित जाति में एक क्रीमी लेयर है, जो गैर क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति को अधिकार देना नहीं चाहते है!


तुगलकाबाद रविदास मंदिर के केस में यह बात स्पष्ट रूप से नजर आ रही है🙏 पंजाब के एक संत : संत निरंजन दास और उनकी कमेटी के क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति के लोग, 


सरकारी एलाइड कमेटी 96 गुरु भाईयों सहित 105 मंदिरों के प्रतिनिधियों को मंदिर की आम सभा का सदस्य बनना नहीं चाहती क्योंकि उसमें से अधिकांश अत्यंत ही दैनीय आर्थिक स्थिति से आते हैं🙏 जोकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय में अपने अधिकारों का केस भी नहीं लड़ सकते है इसलिए एक विद्यालय के पूर्व प्रिंसिपल/टीचर को उनका प्रतिनिधि बनाया गया था, ताकि कोर्ट खर्चे को वह बियर कर सके 🙏


परंतु वह क्रीमी लेयर मानसिकता के व्यक्ति हैं और उन्होंने सरकारी कमेटी में मात्र खुद को रखने की बातचीत की थी, जोकि 96 गुरु भाइयों के साथ गद्दारी थी 🙏


आपको जानकर और भी अफसोस होगा, उक्त मामले के रिव्यु पिटीशन को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है - अब अनुसूचित जाति क्रीमी लेयर शब्द एक मान्यता प्राप्त शब्द है, समाज में क्रीमी लेयर शब्द एक्जिस्ट करता है, अनुसूचित जाति का उप विभाजन भी होगा 🙏


अधिकांश विभागों में सरकारी पदों को समाप्त किया जा रहा है, इसलिए क्रीमी लेयर वर्ग स्वत: समाप्त हो जाएगा, आजादी की मलाई खाने वाले क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति के बुजुर्ग कुल घाती और सत्यानाशी है🙏 अनुसूचित जाति पुनः हजारों साल की गुलामी के लिए तैयार खड़ी है परंतु क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति के अंधे लोगों को कुछ दिखाई नहीं देता है🙏 बाबा साहब का सपना, और चार बच्चों की कुर्बानी एक बार पुनः चकनाचूर होने जा रही है अनुसूचित जाति पुनः गुलाम होने जा रही है जैसा वह हजारों साल से गुलामी करता रहा है 🙏


 ऐसा केवल कुल घाती, अंबेडकर विचारधारा के हत्यारे क्रीमी लेयर अनुसूचित जाति के लोगो के कारण होगा🙏


अनुसूचित जाति अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

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