Monday, 27 January 2025

14 जनवरी से 28 जनवरी 2025 तक की पोस्ट

 [11/01, 9:29 am] kamleshmittra-SCI: प्रिय नैन सिंह जी,


आपके द्वारा भेजे गए दो वीडियो पर मेरी प्रतिक्रिया निम्न प्रकार है🙏 


1. बुद्ध के वचनों में काफी कुछ मनुवाद मिश्रित दर्शन है🙏 क्योंकि ढाई हजार वर्ष से तिपिटक ब्राह्मणों के हाथ में रहा है 🙏अपनी श्रेष्ठ के प्रदर्शन करने के कारण ब्राह्मण कभी भी मनुवाद से मुक्त नहीं हो सकता है 🙏बुद्ध दर्शन पलायनवाद का दर्शन नहीं है, 🙏 


2. जिस प्रकार आर्य समाज में सनातनियों (महर्षि दयानंद सरस्वती के हत्यारे ने) ने अपना पाखंड घुसेड दिया है उसी प्रकार बुद्ध दर्शन में भी मनुवादियों ने पलायनवाद घुसेड दिया है 🙏


3. बुद्ध का दर्शन है आओ और देखो 🙏😂 जो खरा उतरे उसे स्वीकार करो अन्यथा त्याग दो 🙏 बुद्ध दर्शन में विवाद के लिए भी कोई गुंजाइश नहीं है🙏


4. जैसे कोई कहता है- चाय मीठी होती है, बुद्ध दर्शन कहता आओ चाय पियो, जिसने चाय पी ली वह दर्शन में नहीं उलझेगा 🙏 जैसा है वैसा स्वीकार करेगा और मुस्कुरा कर आगे चल देगा 😂 भले ही कोई लाख कहता रहे चाय नमकीन होती है 🙏 

5. परंतु जैन दर्शन वाले इसमें उलझ जाएंगे🙏क्योंकि जैन दर्शन दुय्तवाद को लेकर चलता है🙏 और मानवीय खुराफातों के ज्यादा निकट का दर्शन है😂 क्योंकि चाय मीठी और नमकीन दोनों हो सकती है 🙏


 साधक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[22/01, 10:00 am] kamleshmittra: मैं एक कार्य योजना में रुचि रखता हूँ, जिसका सैद्धांतिक ढाँचा पहले से ही स्थापित हो। 


डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने हमें वोट की राजनीतिक शक्ति तो प्रदान की, लेकिन वे व्यक्तिगत रूप से इस शक्ति का उपयोग हमारे समुदाय को लाभ पहुँचाने के लिए नहीं कर सके। 


यह कार्यकारी कार्य आदरणीय काशीराम द्वारा किया गया था। इसलिए, मैं आर्थिक समानता प्राप्त करने के लिए कार्यकारी कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूँ। मैं केवल साहित्य पर आधारित बयानबाजी में रुचि नहीं रखता। इसके लिए आर्थिक समानता के क्रियान्वयन के लिए एक नई योजना का आविष्कार करना आवश्यक हो सकता है। यदि आप इस कार्य योजना में रुचि रखते हैं, तो मैं आपको इस मिशन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूँ।"


 हिंदी ट्रांसलेशन

[27/01, 11:21 am] kamleshmittra-SCI: ( प्रश्नोत्तरी सूचना दिनांक 27 जनवरी 2025)


प्रिय नैन सिंह जी, 


आज सुबह-सुबह आप फिर मुझे अशुभ कार्य करा रहे हैं, कथित अंबेडकर वादियों और पाखंडियों को गाली दिलवा रहे हैं 🙏


मूर्ख अंबेडकरवादी भांति भांति के वीडियो बनाते रहते हैं, और दुष्प्रचार करते हैं 🙏 इस कार्य में पाखंडी ब्राह्मण भी उनके साथ देते हैं 🙏 ताकि मूर्खतापूर्ण विषयों पर चर्चा होती रहे और मानव कल्याण पर कोई चर्चा ना हो 🙏


जब अपने प्रश्न छेड़ दिया है तो सच्चाई भी सुनने लेवें :-


1. ज्योतिष विज्ञान (ज्ञान, अर्थात सांकेतिक रूप में सरस्वती )की संपूर्ण खोज, और उस पर अनुसंधान कार्य कुंभ क्षेत्र में ही होता रहा है इसीलिए उसको त्रिवेणी (गंगा यमुना और सरस्वती) कहते हैं यह एक माह का कार्यक्रम होता है, इतने विशाल गंगा क्षेत्र के आसपास रहना आसान होता है 🙏 बहुत सोच समझ कर इस स्थान का चुनाव किया गया था🙏


2. राज्य व्यवस्था करता था, पहले सम्राट समुद्रगुप्त इस कार्य को करते थे, इसलिए संगम क्षेत्र के किनारे समुद्रगुप्त का किला बना हुआ है, उसके बाद इस कार्य को बादशाह अकबर ने किया इसलिए सम्राट समुद्रगुप्त के किले के ठीक सामने अकबर का किला बना हुआ है🙏 दो नदियों के साथ-साथ ज्ञान की गंगा सरस्वती में स्नान करने के पश्चात ही कोई व्यक्ति मुक्त होता है🙏 एक माह तक कल्प वास करता है🙏 परंतु कंजूसों की जेब से बिना किसी भय के कुछ नहीं निकलता इसलिए उनको भय दिखाना ही पड़ता है 🙏 वे तो शैर-सपाटा करने आते हैं उनको त्रिवेणी स्नान से क्या लेना देना? ऐसे मूर्खों को ही भय दिखाया जाता है🙏 डुबकी लगाओ दान करो और भाग जाओ 😂


3. तन,मन,धन की विशुद्धी का स्थान है त्रिवेणी का संगम 🙏


4. अच्छा है, बुद्ध आज नहीं है, अगर वह होते तो अच्छे से दौड़ते ना जाने क्या-क्या उनके मुख से कहला देते हो 🙏 इसीलिए उन्होंने कलम सूत्र दिया था, पंचसील दिया था, आर्य अष्टांगिक मार्ग दिया था 🙏 किसी ऐसे मूर्ख की बात पर विश्वास ना करें जो पंचसील का पालन न करता हो, भले ही वह चीवरधारी बौद्ध भिक्षु ही क्यों ना हो 🙏( इस एपिसोड को बनाने वाला अथवा उसमें कार्य करने वाला पात्र क्या पंचशील का पालन करता है, जो लोगों के अहंकार की पुष्टि करता है और जिससे वह धन कमा सकता है वह तो केवल वह दिखाने का प्रयास करेगा😂)


5. आर्य अष्टांगिक मार्ग, समस्त शास्त्रों और ग्रंथो की प्रयोगशाला है 🙏 ध्यान करो तिपिटक में जोड़ी गई सारी मूर्खताएं भी समझ में आने लगेंगी🙏 विषयान्तर की चर्चा करके, किसी सभा के उद्देश्य को धूमिल करना घोर पाप है 🙏 पाखंडी कथित अंबेडकरवादी यही कर रहे हैं 🙏


 साधक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[27/01, 3:40 pm] kamleshmittra: प्रश्नोत्तरी-2 दिनांक 27 जनवरी 2025 


 @urmilesh ji ( पत्रकार को जवाब)


श्रीमान जी आप भी अपना संविधान बना ले 😂


क्या फर्क पड़ता है, एक उपन्यास और सही 🙏 भारत के संविधान की यही तो विशेषता है कि सबको अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है सबको अपने चिंतन का विस्तार करने की छूट है 😂😂😂 अटल जी ने भी तो संविधान में 200 संशोधन सुझाए थे वह संशोधन कहां गए😭😂😂😂👹अटल जी ही चले गए 😂😂🇮🇳


 कुछ भी थोपने की कोशिश करोगे तो कुटाई हो जाएगी, 400 की इच्छा रखने वाले 240 में सिमट गए, अब भी चाल नहीं सुधारी तो 40 में सिमट जाएंगे 😂


संविधान के रिप्लेसमेंट का फैसला तो ब्रिटेन की संसद अथवा यूनाइटेड नेशन में होगा😂क्योंकि भारत का संविधान 1950 भारत के मूल अधिनियम 1935 से लिंक होता है😂😂😂😂 जो यूनाइटेड नेशन 1946 के चार्टर से सम्बद्ध होते हुए इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट 1947 की घोषणा करता है 😂🙏


आज भी आपके राष्ट्रपति को राष्ट्रपति भवन के मुख्य भवन में विश्राम करने का अधिकार नहीं है, इसीलिए राष्ट्रपति होते ही पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है😂😂😂 100 साल के लीज पर मिली हुई आज़ादी ऐसे ही होती है 🙏 अगर अमेरिका ने कनाडा और पनामा पर आक्रमण किया तो पूरे विश्व का नक्शा कुछ और होगा, यूनाइटेड नेशन समाप्त होगा🙏


धारा 370 हटाने का परिणाम आप पूरे विश्व पर देख रहे हैं🙏अमेरिका गुंडई के रास्ते पर चल पड़ा, रूस यूक्रेन में लगातार गुंडई कर रहा है, इजरायल की गुंडई आज भी जारी है 🙏



 भारत की सभी सीमाएं असुरक्षित हैं,,


भारत के संविधान के साथ छेड़छाड़ करोगी तो पूरा विश्व की न्याय व्यवस्था खतरे में आ जाएगी, क्योंकि अगर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की मानसिकता में बदलाव होगा तो उसका असर पूरे विश्व पर दिखाई देगा😂😂😂 लंगोट पहनने वाले अपने लंगोट को संभाले, देश संभालना उनके बस की बात नहीं है 😂😂 इतने बड़े बुद्धिजीवी होते तो देश इतनी बार गुलाम ना होता 😂😂😂


अगर बीजेपी ने अपनी चाल नहीं बदली तो भारत के टुकड़े होने से कोई नहीं रोक सकता है, अखंड भारत की बात तो छोड़ दो जो पहले से उपलब्ध है वह खंड-खंड हो जाएगा 😢


( मोहन भागवत ने उसको एहसास तो दिल दिया, कि वह नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री नहीं है🙏 जनता ने उसके खुदा होने का घमंड तोड़ दिया, जबकि केंचुआ ने जी तोड़ मेहनत की, वोटो में अंतिम सीमा तक उलट फेर किया, जितना वह गृह युद्ध को रोक कर कर सकता था 😭 केंचुआ ने अपनी आदतें नहीं सुधारी तो देश में किसी भी समय गृह युद्ध हो सकता है🙏 अब लंगोट धारी की बारी है, भगवा को बहुत बदनाम कर लिए यह व्यापारी, लोभी लालची अत्याचारी)


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

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