[10/08, 10:07 pm] kamleshmittra: 😂 मेरे हाथ में मोती है 🙏 मुट्ठी बंद करो, तो मोती छिटक 😭जाते हैं 🙏
मैं क्या करूं🙏🌹 एक को मनाऊं तो दूसरा रूठ जाता है😭
अगर मेरी लिखा पढ़ी से गेट नहीं खुला, वह तो सत्ता में थे 🙏 तो क्या गेट वो ही बंद कराए हुए थे 🙏
जब इतने दिन से गेट बंद था तो आज गेट खुल वाने क़ी क्या जरूरत पड़ गई😂
कोई गणमान्य भी नहीं आया था 🙏
आज मेरा दिमाग थका हुआ है, फीडबैक रिपोर्ट कल लिखूंगा🙏🌹
[11/08, 9:18 am] kamleshmittra: 🌹🙏फीडबैक सूचना दिनांक 11 अगस्त 2024
कल सबसे हंसी खुशी का दिन था, कल के कार्यक्रम की भव्यता देखते ही बनती थी 🙏 कार्यक्रम के प्रबंधक धन्यवाद के पात्र हैं ❤️🙏
खुशियों को गिनकर बताना मुश्किल है फिर भी कुछ प्रयास करता हूं
1. तुगलकाबाद रविदास मंदिर के पुजारी रहे, संत बीके सिंह जी भी कल प्रांगण में उपस्थित थे 🙏
2. 9/10 अगस्त 2019 को लाठियां खाने और डिटेन होने के बाद यह उनका पहला आगमन था, मेरी जानकारी के अनुसार🌹
3. वह कभी भी 10 तारीख की पूजा में उपस्थित नहीं हुए, उनका शुरू से ही मानना रहा है, 10 अगस्त को हमारा मंदिर तोड़ा गया था, हमारे युवाओं को जेल में डाला गया था, यह हमारे समाज के लिए शोक दिवस है, इस दिन को शोक दिवस के रूप में मनाना चाहिए 🙏
4. उनका भारी विरोध है कि हमारे गुरु जी की प्रतिमा अभी भी माल खाने में पड़ी है, तो प्रांगण में हम पूजा किसकी करते हैं🙏( जिस मूर्ति में प्राण है वह माल खाने में है )
5. मैं उनको मनाते मनाते थक गया, और कल जब उनका प्रांगण में प्रवेश हुआ मैं अनुपस्थित था 🙏 1:30 बजे अपनी टीम के साथ मैंने प्रांगण में प्रवेश किया तो सबसे पहले व्यवस्था का जायजा लिया 🙏 जैसा कि जनवरी 2024 से मेरा रूटीन है 🙏 अगर मैं देखूंगा नहीं तो लिखूंगा क्या?
6. श्री बीके सिंह जी जिस सम्मान के हकदार थे शायद वह उनको नहीं मिला, और उसका सारा गुस्सा उन्होंने मुझ पर उतारा 😭❤️
7. हँलाकि यह श्री रिशिपाल जी की जिम्मेदारी थी, कि वह अपने प्रांगण के पुराने मोतियों को संभाले🙏 मेरा क्या है मैं तो मुसाफिर हूं आज हूं कल नहीं रहूंगा 😂
8. और सम्मान का क्या है, जितना भी दो कम है, लेने वाले का लोभ बढ़ता जाता है, मैं देखता हूं रिशिपाल जी बांटते बांटते थक जाते हैं, और फिर नए सिरे से बांटने लगते हैं😂
9. मुझे वह दिन भी अच्छी तरह याद है जब मैं दिल्ली के किसी चमार को नहीं जानता था, मैं मित्रा हूं और मिश्रा में गिना जाता था, तब श्री रामचंद्र जी ने तुगलकाबाद श्री रविदास मंदिर के संबंध में मुझे सूचना दी कि मंदिर खतरे में है और जब तक मैं इस केस को समझ पाता, एंक्रोचमेंट रिमूव के आदेश दे दिये गये 🙏
10. मैं मंदिर को देखना चाहता था, श्री रामचंद्र जी के साथ मैं आया भी था, परंतु चारों तरफ से रास्ता बंद था, हमारी गाड़ी जाम में फंस गई, हताश और निराश होकर हमको वापस लौटना पड़ा 🙏
11. श्री ऋषिपाल जी ने मंदिर बचाने का आवहन किया था और सभी लोग दौड़ पड़े, इसलिए अपने सभी मोतियों को एक धागे में पिरोना तो श्री ऋषि पाल जी को ही पड़ेगा 🙏
12. कल प्रांगण में दूसरा विषय बहन रानी चौपड़ा का था वह प्रांगण के अंदर श्री गुरु दयाल लाली जी के साथ बातचीत करते हुए नजर आईं, जबकि इस प्रांगण में 28 फरवरी 2021 को प्रवेश करने के लिए, उन्होंने भारी जद्दोजहद की थी, परंतु उनका लंगर फेंक कर उनको अपमानित किया गया था 🙏
13. गुरु जी के भक्तों का सम्मान नहीं होगा, तो प्रांगण में बधाएं आती रहेगी, और प्रांगण के प्रबंधकों को भारी कष्ट और अपमान का सामना करना पड़ेगा🙏
14. सभी गुरु भक्तों का सम्मान होना चाहिए, भक्ति के बस में बसते हैं भगवान, यह बहुत पुरानी कहावत है🙏
15. तीसरा खुशी का विषय था, कल हरि और सोहम का मिलन हो गया, दोनों ने एक टेबल पर बैठकर विचार साझा किये 🙏
16. परंतु अफसोस है मैं यहां भी पीटा गया😂 संत श्री हितकारी महराज जी ने मेरे ऊपर आरोप लगा दिया कि मैं एक पक्ष को ही सुनता हूं 😭
17. मुझे लगता है इस प्रांगण में सबसे ज्यादा मार खाने वाले दो ही लोग हैं, सबसे ज्यादा श्री रिशिपाल जी को पीटा जाता है, और उसके बाद मुझे पीटा जाता है 👏
18. भाई मैं तो मुसाफिर हूं, जिस दिन मुझे लगेगा अपने मंदिर संभाल लिया, मैं चल दूंगा, किसी बहकावे में ना आयें मुझे कोई पद नहीं चाहिए, किसी भी पद का लोभ मुझे ना दें 🙏
19. कृपया लीगल नोटिस पर ध्यान दें, सभी को आम सभा में लेते हुए कार्यकारिणी का चुनाव करायें 🙏 बोर्ड स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करता रहे मुझे कोई आपत्ति नहीं है, कृपया बोर्ड में सभी संतो को सम्मिलित करने का प्रयास करें 🙏
20. तुगलकाबाद श्री रविदास मंदिर बोर्ड संतों की एक सभा होगी, और कार्यकारिणी गुरु भक्त प्रबंधकों की एक सभा होगी, उसका चुनाव आमसभा द्वारा किया जाएगा, गुरु भक्तों की एक सामान्य सूची बनाकर मैने दे दी है, बोर्ड इसका परीक्षण निरीक्षक और विस्तार करें 🙏
प्रतिनिधि गुरु भक्तों का टोला
अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏
मो. 9335122064
नोट : इस क्रम में अन्य फीडबैक सूचनाएं भी आ सकती है क्योंकि यह ग्रुप केवल भड़ास निकालने के लिए नहीं है, मुझे बहुत सोचना पड़ता है क्या ना लिखूँ 🙏
श्री जोगिंदर नरवाल जी को कल भारी फीवर था, फिर भी वह प्रांगण में आये, समाधियों पर डाली जाने वाली चादर उनके पास थी 🙏 परंतु जब मैं प्रांगण में पहुंचा तो अन्य चादर समाधियों पर पड़ी थी,
परंतु वह स्थान जहां पर गुरु जी की प्रतिमा स्थापित थी कोई चादर नहीं डाली गई, अनजाने में लोग उसे पर चलते रहे 😭
मैं सभी से इसके लिए क्षमा प्रार्थी हूं 🙏👏
[12/08, 10:00 am] kamleshmittra: 🙏🌹प्रतिभा की चोरी, सूचना दिनांक 12 अगस्त 2024 🙏
जब मैं पतंजलि योगपीठ में था, और जिस दौरान पतंजलि योगपीठ में ही रहता था, बाहर के भ्रमण पर नहीं होता था🙏
तो बाबा रामदेव के नाम पर आने वाले अथवा भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के नाम से आने वाले पत्रों को पढ़ा करता था और उनका जवाब तैयार करता था 🙏
पत्रों का जवाब दो तीन तरह से तैयार किया जाता था🙏
ऐसे पत्र जिनमे बाबा रामदेव आचार्य बालकृष्ण अथवा डॉक्टर जयदीप आर्या से किसी की भेंट वार्ता का वर्णन करते हुए कोई जवाब मांगा जाता है तो मैं उनसे पूछ लेता था इसमें क्या जवाब देना है 🙏
सामान्य चिताओं का जवाब संगठन की नीति के अनुसार मैं स्वयं दे दिया करता था, अधिकांश पत्र ऐसे ही होते थे🙏 जो कांग्रेस के शासन के भ्रष्टाचार और उत्पीड़न पर अपना सुझाव रखते थे 🙏
कुछ विशेष प्रकृति के पत्र होते थे, जो भूल बस हमको दे दिए जाते थे, या गलत/अधूरा पता होता था, पत्र के विषय को समझते हुए मैं उनको संबंधित विभाग को ट्रांसफर कर दिया करता था🙏 क्योंकि पतंजलि योगपीठ बहुत बड़ा संगठन है, बाबा रामदेव के तीन ट्रस्ट एक ही भूमि पर काम कर रहे हैं, पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट, दिव्या योग मंदिर ट्रस्ट, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट🙏
🌹ऐसे पत्र जिन को किसी सरकारी विभाग को लिखा गया होता, तो उनका निस्तारण मैं अपने स्तर पर करता था, जबकि वह सारा कार्य ऐसा माना जाता है जैसे बाबा रामदेव ने किया है, अथवा आचार्य बालकृष्ण ने किया है या डॉक्टर जयदीप आर्य ने किया है 🙏
इसी चीज को लोक प्रशासन की भाषा में लाल फीताशाही कहा जाता है 🙏
जिसकी कार्य में योग्यता होती है जिसका श्रम होता है, उसके नाम का कहीं कोई उल्लेख नहीं आता है 🙏 सामंतवादी मानसिकता के लोग उसका नाम लेना भी पसंद नहीं करते है जिसने वास्तव में काम किया है, और सभी सामंतवादी इस षड्यंत्र का संगठनात्मक रूप से पालन करते हैं, और प्रतिभाओं का शोषण करते हैं, प्रतिभा की चोरी करते हैं 🙏 यह अंग्रेजी और मनुवादी व्यवस्था का अंग है, या यूँ कह लीजिए राज तांत्रिक व्यवस्था का अंग है, राजतंत्रिक प्रशासन है 🙏 लोकतांत्रिक प्रशासन कैसा होना चाहिए, इस पर तो कोई विचार ही नहीं करता है, अंग्रेजों द्वारा बनाई गई प्रशासनिक व्यवस्था पर आज भी काम चल रहा है, 🌹तो लोकतंत्र का फायदा जनता को कैसे मिलेगा🙏
लोकतांत्रिक शासन की प्रशासनिक व्यवस्था भी तो लोकतंत्र के अनुसार ही होनी चाहिए🙏 प्रमोशन और ट्रांसफर में लोकतांत्रिक व्यवस्था का पालन होना चाहिए, वेतन वृद्धि में भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का पालन होना चाहिए🙏
मैं जो विषय दे रहा हूं🙏
इस पर रविदासिया विचारधारा के / अंबेडकर विचारधारा के बुद्धिजीवियों को विचार करना चाहिए🙏 अगर वह खुद को अनुयाई कहते हैं 🙏 आज की नौकरशाही तो बहुत ही सुखद है, गैर जवाब दे ही है 🙏 मक्खन बाजी, भाई भतीजाबाद और संगठनात्मक भ्रष्टाचार से पूरा प्रशासन चलता है 🙏
परंतु वे लोग इस पर विचार नहीं करेंगे, जो अंग्रेजी व्यवस्था और मनुवादी व्यवस्था के अंग हो चुके हैं🙏 भले ही वे सभी चमार हों 🌹
उपरोक्त विषय सामाजिक संगठनों के लिए आंदोलन का विषय है 🙏
उपरोक्त विषय राजनीतिक संगठनों द्वारा शासन-प्रशासन में लागू करने का विषय है,
उपरोक्त विषय धार्मिक संगठनों के लिए चित्त को अवस्थित करने के लिए है 🙏 क्योंकि जब तक चित्त स्वीकार नहीं करता उस का विद्रोह होता ही रहता है 🙏
अब अपनी बात को समाप्त करता हूं - जिन पत्रों का जवाब मुझे ही देना होता था, डॉ जयदीप आर्या उस पर चिड़िया बैठालते थे अथवा उनके हस्ताक्षर मैं ही करने के लिए अधिकृत था🙏उस बार-बार की टाइपिंग से बचने के लिए, मैंने एक कामन फॉर्मेट बनाया था, और उस पर पुष्टि के लिए डॉक्टर जयदीप आर्य को भेज दिया 🙏 डॉ जयदीप आर्या से मैंने विचार विमर्श किया, उन्होंने मेरे कार्य की भर्शना की, उस पत्र को उनकी टेबल पर छोड़कर मैं चला आया 🙏 उसकी सॉफ्ट कॉपी कंप्यूटर पर उन्हें भेज दी थी 🙏
मैं अन्य कार्य के लिए दिल्ली आ गया, जब 20-25 दिन बाद मैं पतंजलि योगपीठ वापस लौटा तो एक आपत्ति पत्र मेरे पास आया🙏 मैंने रिकॉर्ड रूम से उसे पत्र की फाइल निकल वाई और रिकॉर्ड को चेक किया, तो यह पाया डॉक्टर जयदीप आर्या आने वाले पत्रों को बिना पढ़े, मेरे द्वारा बनाए गए कामना फॉर्मेट को भेजते रहे जिसकी उन्होंने भर्शना की थी,( प्रतिभा की चोरी की) क्योंकि पूछने वाले ने पूछा कुछ और था और जवाब उसे कुछ और दिया गया 😂
दूसरे के काम की चोरी करके अपने नाम का ठप्पा लगाने के दुष्परिणाम इस प्रकार आते हैं 😂
वर्तमान समय में मैं इस प्रकार की समस्या से जूझ रहा हूं, लगभग 10 साल बाद पतंजलि योगपीठ इस घटना को लिपि बध्य कर के आपके साथ शेयर कर रहा हूं🙏
मुझे अपने पत्र की ड्राफ्टिंग इसलिए समझ में आ गई, क्योंकि उस पर टाइपिंग त्रुटि हो गई थी मैंने सोचा था वार्ता के बाद इस लिपकीय त्रुटि को ठीक कर लेंगे🙏 परंतु जिस पत्र को मैं उनकी टेबल पर छोड़ आया था, उसकी टाइपिंग त्रुटि को भी वह ठीक नहीं कर सके और उसी प्रकार उस कामन फॉर्मेट को भेजते रहे, और एक बुद्धिजीवी ने उसे पर ऑब्जेक्शन कर दिया, इस प्रकार डॉक्टर जयदीप आर्य की चोरी पकड़ी गयी, अन्यथा मुझे पता ही नहीं लगता कि मेरे द्वारा बनाए गए कामन फॉर्मेट का कोई प्रयोग कर रहा है 😂
नकल के लिए भी अकल की बहुत जरूरत होती है, हम तो शिक्षक रहे हैं, कापी देखकर पहचान लेते हैं किसने किसकी नकल की है 🙏
हो सकता है कल मुझे कुछ खुलासे करने पड़े 🌹🙏 पतंजलि योगपीठ की उपरोक्त घटना सन 2014 से पहले की है 🙏
सबकी मंगल कामनाओं के साथ मैं अपनी बात समाप्त करता हूं
जय गुरुदेव - धन गुरुदेव
यादें एक विचार
अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏
9335122064
[12/08, 11:55 am] kamleshmittra: फाइल सूचना दिनांक 12 अगस्त 2024 🙏 मूल सूचना -
🌹🙏सार्वजनिक अति आवश्यक सूचना दिनांक 9 अगस्त 2024 🙏🌹
तुगलकाबाद रविदास मंदिर तोड़े जाने की पांचवी वर्षगांठ कल है 🙏
आप सभी धर्म सेवक बंधुओ से निवेदन है, भारी संख्या में तुगलकाबाद रविदास मंदिर पहुंचे, संभावना है कल नई कार्यकारिणी के चुनाव की घोषणा की जाए 🙏🌹
और अपनी बात भी रखें/कहे 🙏
🙏कुछ वादियों के अनुरोध पर, प्रिंसिपल सेक्रेटरी प्रधानमंत्री कार्यालय,
प्रिंसिपल सेक्रेटरी हाउसिंग मिनिस्ट्री
और संत श्री निरंजन दास जी को 9 जुलाई 2024 को लीगल नोटिस भेजा गया था जिसकी समय सीमा 30 दिन थी 🙏
उसके अनुसार:- सभी गुरु भक्तों एवं गुरु भक्त मंदिर समितियां को अधिकार दिया जाना है 🙏
A. सभी 96 गुरु भक्तों को
1. कार्यकारिणी के चुनाव में मत देने का अधिकार,
2. एवं किसी के गुरु भक्त होने अथवा ना होने के वेरिफिकेशन करने का अधिकार🙏
B. गुरु भक्त मंदिरों के प्रतिनिधि को
1. तुगलकाबाद रविदास मंदिर की कार्यकारिणी के पदों पर चुनाव लड़ने का अधिकार🙏
2. गुरु भक्त सभी रविदास मंदिरों को चुनाव में मतदान करने का अधिकार🙏
C. गुरु भक्त अन्य समितियों, गुरु भक्त अन्य सदस्यों को कार्यकारिणी के चुनाव में मत देने का अधिकार,
1. जिन्होंने शासन को पहले प्रतिवेदन कर रखा है /
2. अथवा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में और हाई कोर्ट में वादी रहे हैं 🙏
कल कोई नया प्रस्ताव आता है तो उस पर भी विचार किया जाएगा, अन्यथा लीगल नोटिस की भावना के अनुसार आगे की कार्रवाई आरंभ की जाएगी🙏
प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏
मो. 9335122064
[12/08, 9:25 pm] kamleshmittra: 🌹क्रमिक सूचना दिनांक 12 अगस्त 2024
संत श्री निरंजन दास जी के डेरे से मौखिक सूचना प्राप्त हुई है, संबंधित लीगल नोटिस निर्देश के साथ संत हितकारी महाराज जी को, और उनके विशेष सचिव श्री एम.आर. बाली जी को भेज दिया गया है 🙏
डेरा सचखंड बल्ला की प्रशासनिक बिंग को बता दिया गया है, लीगल नोटिस पर संत श्री हितकारी महाराज जी और श्री एम. आर. बाली द्वारा लिखित रूप में किसी भी सूचना से अवगत नहीं कराया गया है🙏 इसलिए प्रशासनिक बिंग से लिखित सूचना का अनुरोध किया गया है 🙏
सभी की मंगल कामनाओं के साथ अपनी बात को विराम देता हूं 🙏
प्रतिनिधि वादीगण अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 🙏
मो. 9335122064
नोट :- कृपया अगली सूचना का इंतजार करें 🙏
अब तक दिल्ली के 18 मंदिरों का मैंने भ्रमण कर लिया, वहां के प्रबंधन कमेटी हमारे संपर्क में,
कुछ ऐसे मंदिर भी पाए गए, जो घरेलू सीमा में है, उनका कोई प्रबंधन नहीं है 🙏 वह देव नगर के गुरु रविदास मंदिर को ही अपना प्रमुख मानते हैं 🙏
और कुछ ऐसे मंदिर भी हैं जिन्होंने देव नगर के गुरु रविदास मंदिर को अपना प्रमुख मानने से इनकार किया🙏
इसलिए सभी मंदिरों की सूची मैं ग्रुप में शेयर कर दे रहा हूं, कृपया सूची देख ले वें 🙏 और अपने अधिकार के संदर्भ में निर्णय लें 🙏
सरकारी बोर्ड द्वारा जिन मंदिरो को स्वीकृति दी जाएगी उनके प्रतिनिधि के पास दो प्रकार के अधिकार होंगे,
1. तुगलकाबाद गुरु रविदास मंदिर कमेटी के पदाधिकारी के पद पर चुनाव लड़ने का अधिकार
2. तुगलकाबाद गुरु रविदास मंदिर कमेटी में मतदान का अधिकार
उपरोक्त मात्र एक प्रस्ताव है, जिसे लीगल नोटिस का अंग माना जाना चाहिए 🙏
[13/08, 10:25 am] kamleshmittra: इस ग्रुप ने अपने अधिकतम सदस्यों की सीमा को प्राप्त कर लिया है, पेंडिंग रिक्वेस्ट तभी अप्रूव हो पाएंगी जब कोई इस ग्रुप को छोड़ता है🙏🌹
जिनकी रिक्वेस्ट पेंडिंग है चाहे तो वह आर्थिक समानता के समर्थक ग्रुप के सदस्यता ले सकते हैं, वह ग्रुप भी हमारे द्वारा संचालित होता है और उसमें संवाद की भी सुविधा है 🙏
[13/08, 10:31 am] kamleshmittra: यह दोनों ही ग्रुप संत शिरोमणि गुरु रविदास की विचारधारा को अग्रसारित करने के लिए बनाए गए हैं -
इस ग्रुप में गुरु रविदास जी के मंदिर को प्रमुखता दी गई है जबकि आर्थिक समानता के समर्थक ग्रुप में गुरु रविदास जी के विचार को प्रमुखता दी गई है 🙏 ऐसा चाहूं राज मैं.....
[13/08, 2:48 pm] kamleshmittra: 🌹चिंतन लेख दिनांक 13 अगस्त 2024
आज मैं कुछ लिखना तो नहीं चाहता था, क्योंकि कई पत्रों के ड्राफ्टिंग पेंडिंग है, और क्लाइंट के रिप्लाई भी कोर्ट में सबमिट करना है 🙏
परंतु श्री अच्छे लाल जी ने 5 मिनट में ही मेरा मन विचलित कर दिया है, मेरा पेट खाली है, क्योंकि कुछ बनाने की इच्छा नहीं थी, सोचा चने उबालकर खा लूं वह भी जलकर काले हो गए 😭
बर्तन साफ कर रहा था तभी अच्छे लाल जी का फोन आ गया🙏
एक लंबे समय से मेरी, आश्रम अथवा होटल में खाने की आदत है, बनाने की कभी आदत नहीं रही, जब इंजीनियरिंग कॉलेज में था तब मेस में खाता था, और उससे पहले की जिंदगी तो और भी बुरी थी, मिल गया तो खा लिया 🙏
उमर कम थी इसलिए कहीं भी खाने मिल जाता था, ईमानदारी और प्रतिष्ठा थी, इसलिए कहीं भी खाने को मिल जाता था🙏 इससे कोई यह अनुमान ना लगा ले कि मेरे बाप के घर में खाने को नहीं था😂 परंतु मेरे लिए नहीं था😭
उन्होंने प्रतिदिन 10 X 07 (कभी-कभी 06 दिन) घंटे से अधिक की सरकारी ड्यूटी करके अपने प्रतियोगिओं से ज्यादा कमाया और खुद को स्थापित किया, वह अपने गांव (सूद्र और सवर्ण ) में सबसे पहले सरकारी नौकरी करने वाले व्यक्ति थे, और शहर में अपना मकान बनाने वाले भी पहले व्यक्ति थे 🙏
परंतु इस अंधी दौड़ में हमारा बचपन खो गया🙏 क्योंकि घर में ना संस्कार थे, ना संस्कृति, ना कोई आध्यात्मिक गुरु, सरकारी पुस्तकों से वैज्ञानिक बुद्धि का व्यक्ति था 🙏 प्रतियोगिता इतनी चरम पर थी, जिसने सामाजिकता को खो दिया था🙏
विज्ञान के साथ-साथ अज्ञान गहरा होता है, क्योंकि अभी बहुत कुछ अज्ञात है, ना तो हर चीज को आंख से देखा जा सकता है और ना ही हर चीज (तत्व और अनुभूति) कान से सुना जा सकता है,
वैज्ञानिक बुद्धि केवल दो इन्द्रियों पर जोर देती है, आंख से देख लिया कान से सुन लिया, तब तो ठीक है अन्यथा अंधविश्वास है🙏
मैं अपनी खोज में पाता हूं अंबेडकरवादियों का बुद्धिस्टों का और खुद को नास्तिक कहने वालों की यह चरम मूर्खता है 🙏
कल भी एक श्री धर्मवीर जी नाम के व्यक्ति से लंबे चर्चा हुई, वे भी वैज्ञानिक बुद्धि के व्यक्ति थे, और संत रविदास जी की पूजा के घोर विरोधी थे 🙏 क्योंकि रविदासिया संतों ने समाज के बीच कोई काम किया ही नहीं है 🙏 और आज भी वह काम करना नहीं चाहते हैं पदों पर कब्जा करना चाहते हैं, वह एक पद से संतुष्ट नहीं है🙏 एक प्रचारक को अध्यक्ष होने की क्या जरूरत है!
धन का लोभ, पद का लोभ, यही तो समाज के विनाश का कारण है🙏 और बात लोभ तक हो तो भी ठीक है परन्तु वे पद की आपा से भरपूर हैं 🙏 उनकी तृप्ति एक पद से नहीं होती है, और उस के पद का काम कोई दूसरा कर दे, नाम उनका चला रहे🙏
हमारे समाज के यही राक्षस है, जो पूरे समाज की संभावित सुख समृद्धि को खा रहे हैं🙏
आज अच्छे लाल जी ने मुझे फिर छेड़ दिया 🙏 खुद को खोकर मैंने बहुत कुछ पाया है, मेरी मृत्यु अज्ञानता में नहीं होगी, जो जानेंगे नहीं वह अज्ञानता में ही मरेंगे🙏
अब मूल प्रश्न पर आते हैं, अच्छे लाल जी तीन प्रश्नों से दुखी थे 🙏
वे सुप्रीम कोर्ट के आरक्षण सम्बन्धी आदेश से दुखी थे 🙏
वह इतने दुखी थे कि वह रविदास राज को समझ पाने में सक्षम नहीं थे 🙏
जिनके पास धन है परंतु सत्ता नहीं है वह समझते हैं जैसे तैसे सत्ता मिल जाए तो सब ठीक हो जाए 🙏
इसी प्रकार धन के महत्वाकांक्षी लोग समझते हैं पैसा मिल जाए तो सब कुछ ठीक हो जाए 🙏
मैंने दोनों प्रकार के दुखी लोगों को निकट से देखा है 😭
मुझे लगता है आज रोटी मिल जाए तो सब ठीक हो जाए 😂
असंतुलित दौड़ हमेशा दुख का कारण है, ❤️
तुगलकाबाद रविदास मंदिर की सरकारी कमेटी के लोग समझते हैं, वह चोर दरवाजे से इस पर बने रहे तब सब ठीक रहेगा🙏
चुनाव लड़कर वह पद पर आना नहीं चाहते हैं, जनतंत्र में जनतंत्र का पालन करना नहीं चाहते, और खुद को अंबेडकर का अनुयाई कहते हैं 🙏
पिछले कई दिनों से लोभ लालच के प्रस्ताव आ रहे हैं, जब मुझको ललचाया गया है, तो उनको भी ललचाया गया होगा, जो लीगल नोटिस में वादी हैं 🙏
परंतु वादी भी माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं पढ़ते ना समझते हैं 🙏 वादी एजेंट मालिक नही होता 😂
इसलिए ना तो लोभ लालच में आए, ना ही दूसरों को लोभ लालच में डालने का प्रयास करें😂
देश की आजादी के समय डॉक्टर अंबेडकर को समझाया गया था, अंग्रेजों को चले जाने दो, फिर दलित और सवर्ण आपस में समझौता कर लेंगे वह समझौता आजादी के 75 साल बाद भी नहीं हुआ😂
तुगलकाबाद रविदास मंदिर पर सामंती चमारों की तरफ से भी ऐसा ही प्रस्ताव आ रहा है, पहले सरकार से जमीन ले लेते हैं फिर आपस में देख लेंगे🙏
कृपया सभी गुरु भक्तों को पहले अधिकार देने का कष्ट करें, बाबा साहब के साथ हुए धोखे से हम सभी ने बहुत कुछ सीखा है 🙏
अन्यथा ध्यान रखें यह कोम उधम सिंह की वंशज है, सात समुंदर दूर भी दुश्मन को नहीं छोड़ती है 🌹
सभी की मंगल कामनाओं के साथ, सद्बुद्धि की अपेक्षा करते हुए, अपनी बात को विराम देता हूं🙏
प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏
मो. 9335122064
[13/08, 4:36 pm] kamleshmittra: मेरी माँ के मुझसे किए गये कुछ सवाल , जो मुझसे ही नहीं आप सब से भी पूछे गये हैं। “जब मैं रविदास मंदिर(तुगलकाबाद) केस में अंदर था , हमें दिल्ली बुलाया गया था। मंच पर बुलाकर मेरी माँ को माइक दिया गया, लेकिन वो कुछ कह नहीं पाईं—बस आँखों से आँसू बहते रहे। उस समय सबने कहा था, "आप क्यों रो रही हैं? आप भाग्यशाली हैं कि आपका बेटा इस कारण अंदर गया। हम सब भी तो आपके भाई और बेटे हैं। हम कभी न आपको भूलेंगे और न ही आपके बेटे को। वो हमारा भी भाई और साथी है।"
आज, जब सचमुच डूबते को तिनके का सहारा चाहिए, तो वही लोग जो कभी हमारे साथ खड़े थे, अब चुप हैं। न अब कोई बोल पा रहा है, न कोई देख पा रहा है, और न ही कोई सुन पा रहा है।
आप सभी से मेरी विनम्र प्रार्थना है कि कृपया इस स्थिति को समझें और मेरी उम्मीदों को टूटने न दें। आपकी थोड़ी सी मदद हमारे लिए बहुत मायने रखती है।
धन्यवाद,
अशोक रावत 9568246024
[13/08, 9:37 pm] kamleshmittra: 🙏 शाम के समाचार निम्लिखित है,
आज दिनांक 13 अगस्त 2024 को भी कार्यकारणी भंग कर नये चुनाव कराने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है 🙏
30 जुलाई को प्रधानमंत्री कार्यालय से मिनिस्ट्री आफ हाउसिंग को लेटर ट्रांसफर किये जाने की लिखित सूचना प्राप्त हुई🙏
कल 12 अगस्त 2024 को डेरा सचखंड बल्ला के प्रशासनिक विभाग से लेटर ट्रांसफर किए जाने की मौखिक सूचना प्राप्त हुई🙏
इस बीच ज्ञात हुआ है कि वादी एजेंटो को धमकाया और बरगलाया गया है 🙏 उन सभी की चाल उखड़ी उखड़ी नजर आ रही है🙏
इसलिए stakeholder को स्वयं सामने आना पड़ सकता है 🙏 और अगर ऐसा होता है तो प्रतिवादी को भारी जुर्माना चुकाना होगा 🙏
4/5 जून 2011 को बाबा रामदेव द्वारा चलाए गए आंदोलन के पश्चात माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर बाबा रामदेव को भारी जुर्माना चुकाना पड़ा था 😭
जस्टिस अरुण मिश्रा ने अपने आदेश में हर चीज का इलाज कर रखा है 😂
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से खेलोगे तो जेल जाने से खुदा भी नहीं रोकेगा🙏
सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोलने की सजा यह मिली की मंदिर ढा दिया गया 🙏
अभी वक्त है सुधर जाओ, हरि और सोहम में समाज को बांटने की कोशिश मत करो🙏 गुरु भक्तों को उनके अधिकार सम्मान पूर्वक दे दो 🙏
कुछ लोगों की मंशा थी कि चेयरमेन श्री निरंजन दास जी इस्तीफा दे दें और वे चोर दरबाजे से चेयरमेन हो जाए परंतु यह हो ना सका 🙏
पहले संत हो जाओ फिर चेयरमेन भी हो जाना 🙏
संत प्रमुख के चुनाव का उन्हीं लोगों ने विरोध किया, जो दुसन्त है, और संत का चोला ओढ़े हैं 😂
20-25 अगस्त के बीच कुछ नए खुलासे हो सकते हैं🙏 समाज को जितना उलझाओगे अपनी मान प्रतिष्ठा गबाओगे 🙏🌹
प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏
मो. 9335122064
[13/08, 10:42 pm] kamleshmittra: अंबानी को जेल हो सकती है, अगर प्रशासनिक रिपोर्ट से यह प्रूफ हो जाए, कर्मचारियों को फिजूल में निकाला गया है, बेटे की शादी के खर्चे को मैनेज करने के लिए निकल गया परंतु इस विषय का मुकदमा कौन लड़ेगा🙏 जिसके अगले महीने की रोटी की जुगाड़ नहीं वह मुकदमा कहाँ से लड़ेगा 😭(under right to live)
सामंती चमारों को तो अपने घर भरने से फुर्सत नहीं है 🙏चमार मजदूरों की लड़ाई कौन लड़ेगा🙏
जब कोटे में कोटा सिस्टम आया, और लगने लगा कि अगले चुनाव में रिजर्व सीट से नहीं लड़ सकेंगे तब 131 सांसद मोदी के पास विरोध करने पहुंच गए 🙏
परंतु मजदूरों के काम के घंटे 8 से बढ़कर 12 किए गए उसके लिए आज तक एक भी सांसद मोदी के पास विरोध करने नहीं गया 🙏
सामंती चमारों थोड़ी शर्म करो🙏🌹
अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏
[14/08, 9:04 am] kamleshmittra: 🌹संशोधित प्रतिक्रिया दिनांक 14 अगस्त 2024
अंबानी को जेल हो सकती है, अगर प्रशासनिक रिपोर्ट से यह प्रूफ हो जाए, कर्मचारियों को फिजूल में निकाला गया है, बेटे की शादी के खर्चे को मैनेज करने के लिए निकाला गया परंतु इस विषय का मुकदमा कौन लड़ेगा🙏 जिसके अगले महीने की रोटी की जुगाड़ नहीं वह मुकदमा कहाँ से लड़ेगा 😭(under right to live)
सामंती चमारों को तो अपने घर भरने से फुर्सत नहीं है 🙏चमार मजदूरों की लड़ाई कौन लड़ेगा🙏
जब कोटे में कोटा सिस्टम आया, और लगने लगा कि अगले चुनाव में रिजर्व सीट से नहीं लड़ सकेंगे तब 131 सांसद मोदी के पास विरोध करने पहुंच गए 🙏
परंतु मजदूरों के काम के घंटे 8 से बढ़कर 12 किए गए उसके लिए आज तक एक भी सांसद मोदी के पास विरोध करने नहीं गया 🙏
जब पूरे देश में बेरोजगारी फैली है, तब काम के घंटे को कम कर दिया जाना चाहिए ताकि सबको रोजगार मिल सके, और इसका कड़ाई से पालन होना चाहिए, लेकिन प्रतिनिधि सामंती चमारों को यह बात समझ में नहीं आएगी क्योंकि वह तो मलाई खा रहे हैं और जनता को बरगला रहे हैं 👏
मोदी ने शिक्षा के बजट में कटौती करके, उस बजट को अंधविश्वास फैलाने पर खर्च कर रहा है, मंदिर और मंदिर समितियां को पैसा बांट रहा है, सामंती चमार उस पैसे को बटवाने में जोर-जोर से लगे हैं 👏
कोई भी सामंती चमार कितना बड़ा भी बगुला भगत हो जाए, ना तो मेरी आंख से बच सकता है और ना ही मेरी कलम से 🌹👏
सामंती चमारों थोड़ी शर्म करो🙏🌹
अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏
[14/08, 10:36 am] kamleshmittra: 🙏🌹अति आवश्यक सूचना दिनांक 14 अगस्त 2024
सभी 96 (अब 95)गुरु भाइयों को
सभी 105 मंदिर कमेटियों को
एवं अन्य गुरु रविदास एवं अंबेडकर समितियां को
एवं इच्छुक अन्य गुरु भक्तों को
सूचित किया जाता है कि तुगलकाबाद रविदास मंदिर से संबंधित कल शाम की सूचना डालने के पश्चात रात्रि 11:00 बजे हमारे पास एक फोन आया है, उन्होंने अपना परिचय डेरा बलला के एडवोकेट के रूप में दिया🙏
तुगलकाबाद रविदास मंदिर की तथाकथित सरकारी कमेटी द्वारा की जा रही गतिविधियों सहित समस्त जानकारी अर्जित की, उन्होंने एक-मत व्यक्त किया कि सभी लोग केवल मंदिर चाहते हैं, मंदिर कमेटी में सदस्यता नहीं चाहते हैंl
मैंने उन अधिवक्ता महोदय को सूचित कर दिया है, कि कुछ गुरु भक्तों / समितियों के लिखित प्रत्यावेदन हमारे पास है इसलिए आप यह नहीं कह सकते कि कोई मंदिर कमेटी का सदस्य होना नहीं चाहता है 🙏
विशेष सूचना यह है कि जिन गुरु भक्तों और समितियां ने अभी तक अपने प्रतिवेदन लिखित रूप में हमको नहीं भेजे हैं यथा शीघ्र भेजने का कष्ट करें🙏
क्योंकि तथाकथित सरकारी कमेटी लोग बिना चुनाव लड़े ही पद पर बने रहना चाहते हैं 🙏
सरकारी झटपट कमेटी(बोर्ड) गुरु भक्तों की कमेटी नहीं है 😂
लाखों लोगों की भीड़ में से, तार्किक आधार पर लगभग 300 लोगों की सूची मैंने उनको भी दे दी है, सरकारी झटपट कमेटी उसका विस्तार कर सकती है👏 और गुरु भक्तों की कमेटी बना सकती है🙏 गुरु भक्तों की कमेटी बनाना ही होगा, क्योंकि यह माननीय सर्वोच्च न्यायालय का आदेश है 🙏
बोर्ड - संतो और समाज के गणमान्य व्यक्तियों की एक सभा होगी जो समाज को सुसंगठित करेगी (जैसा कि सरकारी झटपट कमेटी में प्रलक्षित है)🙏 तुगलकाबाद रविदास मंदिर की कार्यकारिणी को निर्देशित कर सकेगी और अपना अधिकारों और कर्तव्य का विस्तार कर सकेगी 🙏
Note:- पिछले कई दिनों से (96 गुरु भाइयों अब 95 में से ) एक गुरु भाई आर्थिक मदद की गुहार लगा रहा है, सरकारी झटपट कमेटी के सदस्यों से भी आर्थिक मदद की गुहार लगा चुका है परंतु मेरी जानकारी में नहीं है, सरकारी झटपट कमेटी ने उसकी कोई मदद की हो 👏
एक गुरु भाई ने आत्महत्या कर ली थी, इसलिए अब गुरु भाइयों की संख्या 95 है अगर इस गुरु भाई को कुछ हुआ तो मैं सरकारी झटपट कमेटी पर हत्या का मुकदमा चलाऊंगा 👏
जो संत बने घूमते हैं, उन्होंने रविदास राज की अर्थव्यवस्था को लागू करने के लिए कुछ नहीं किया है, मनुवादी अर्थव्यवस्था लागू है, और व्याजी हमारे गरीब समाज का खून चूस रहे हैं, परंतु यह सब संत घंटा बजाने में मस्त है 🙏 अपनी चरण बंदगी कराने में मस्त है 🙏
झटपट कमेटी को बोर्ड में बदलना होगा🙏
काउंसिल फॉर पेटीशनर
अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏
मो. 9335122064
[14/08, 12:49 pm] kamleshmittra: सूचना-2 दिनांक 14 अगस्त 2024
उपरोक्त फॉर्म सरकारी कमेटी का सदस्य होने के लिए सदस्यता फॉर्म उपलब्ध है 🙏
आप इसको प्रिंट करा लें, और भर कर मुझे भेज सकते हैं 🙏
घोषित सूचना के अनुसार यह 30 अप्रैल 2024 तक मेरे पास आ जाना चाहिए था परंतु संतों की सभा के प्रतिनिधि संत श्री के. सी रवि जी ने कहा था इतनी जल्दबाजी मत करो, अभी लोगों को समझने दो🙏
इसलिए इसको 2 महीने और बढ़ा दिया गया और 9 जुलाई को लीगल नोटिस जारी की गई थी 🙏
मैं एक ही काम में उलझा नहीं रह सकता, क्योंकि केस जितना लंबा चलता है, अधिवक्ता का खर्चा उतना अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि अधिवक्ता का दिमाग उसी कार्य में लगा रहता है, और उसे अपने जीवन को सरवाइव भी करना होता है 🙏
यह एक सामाजिक कार्य है, परंतु फिर भी मुझे उचित आर्थिक सहयोग नहीं मिल रहा है 🙏
जून और जुलाई में संत श्री के. सी रवि जी द्वारा कोई आर्थिक सहयोग नहीं दिया गया है, जबकि जनवरी-फरवरी मार्च अप्रैल और मई में उन्होंने आर्थिक सहयोग किया था🙏
इस लीगल नोटिस के लिए ₹400 प्राप्त हुए, जोकि वादी एजेंट द्वारा दिए गए हैं 🙏
अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏
मो. 9335122064
[14/08, 3:23 pm] kamleshmittra: महोदय,
जिसने जाना हो उससे जानो, किताबों में बड़ा धोखा है😍
गुरु हृदय बथु को कहा जाता है, उस पर ध्यान लगाया जाता है 🙏 तब स्मृति की अतुल्य गहराइयों में पहुंच जाता है🙏
जब साधक ध्यान की गहराइयों में उतरने में सक्षम हो जाता है, तब हृदय बथू पर ध्यान लगाकर, गर्भ स्मृति में प्रवेश कर जाता है 🙏
इसको आप इस प्रकार समझ सकते हैं, जिनको नदी में गोता लगाने का अभ्यास नहीं है, वह नदी की अतुल्य गहराइयों में से मोती नहीं निकाल सकते है 🙏
नदी और समुद्र में जाने के लिए, गोताखोर सूट बन गए हैं, परंतु स्मृति की अतुल्य गहराइयों में जाने के लिए अभी कोई सूट नहीं बना है, वहां पर हृदय बथु के मार्ग से ही जाना पड़ता है, उस मार्ग को गुरु के नाम से भी जाना जाता है😂
गुरु को साधने की एक व्यवस्था है जिसे शब्द कहते हैं, यह एक बैसाखी के समान है, बैसाखी के साथ चलने वाला व्यक्ति दौड़ में विजई नहीं हो सकता है, चलने में सक्षम हो जाने पर इसको छोड़ना ही पड़ता है 😂 जिसे गोता लगाने का अभ्यास नहीं है, वह जिद बस गोता लगाएगा तो अपनी मौत को गले लगाएगा 😭
जिस प्रकार शिशु को चलने के लिए धकेला की जरूरत होती है, उसके बाद धकेला को छोड़ देने की आवश्यकता होती है, इसी प्रकार गुरु तक पहुंचाने के लिए, शब्द एक धकेला है 😂 गुरु तक पहुंचते ही धकेला को छोड़ देना चाहिए, तभी स्मृति क़ी अतुल्य गहराइयों में कोई पहुंचता है 🙏 सभी इसी मार्ग से जाते हैं🙏
संत जी क्या समझ में आया?
साधक कमलेश कुमार मित्रा 👏
मो. 9335122064
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