Monday, 9 September 2024

अनावश्यक संबोधन

 श्रीमान महिपाल सिंह जी, 


Namo बुद्धाय, Jay भीम, Jay मूलनिवासी, Jay भारत, Jay संविधान🙏


आप इसमें दो-चार अभिवादन और जोड़ सकते थे, मूर्खता का कोई अंत नहीं है 🙏


मुझे आपसे प्रेम है इसलिए जोड़ा, जब आपने मुझे ज्ञानी कह दिया, फिर मेरे ज्ञान को अधूरा कह दिया 😂


आपकी विश्लेषण क्षमता स्वतः प्रश्नगत हो जाती है🙏


ग्रुप का टाइटल " चमार महासभा" ठीक है, वैसे यह विषय ग्रुप एडमिन का विषय है, मैं ग्रुप एडमिन नहीं हूं 🙏


पृथ्वी सिंह जी से मेरी बातचीत जरूर हुई है, मुझे भी इस ग्रुप से जोड़ा गया है 🙏


अपने जीवन के सुखों की कुर्बानी देकर समाज के लिए किसी व्यक्ति ने कोई काम किया है उसका सम्मान किया जाना चाहिए, वह सफल रहा अथवा असफल यह दूसरा विषय हो सकता है🙏 इसलिए आपको मायावती, माननीय काशीराम बाबा साहब, आदि को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए🙏


हम लोगों की चर्चा का मूल विषय है "चमार महासभा" ग्रुप नाम उचित है या अनुचित 🙏


पुनः स्पष्ट कर दूं, शब्द खाली कांच का गिलास है - उसमें रंग भरने का कार्य दार्शनिक, विधि शास्त्री और समाज करता हैं🙏


चमार शब्द बुरा नहीं है, यह एक ऐतिहासिक शब्द है🙏 किसी दूसरे नाम से अपनी पहचान बना लो परंतु कर्म नहीं सुधारोगे तो वह नया शब्द भी गंदा हो जाएगा🙏


"चमार" शब्द छोड़कर लोगों ने "जाटव" लिखना शुरू कर दिया🙏 परंतु कर्म तो वही रहे 🙏 बल्कि चमार की उपजाति के रूप में जाने जाते हैं, कुछ लोगों ने "मोची" लिखना शुरू कर दिया, कुछ खुद को "रैदास" या "रविदासिया" लिखने लगे परंतु उपरोक्त सभी चमार की ही उप शाखा है, मुख्य काम तो चमड़े से ही सम्बंधित था🙏


चुक कहां पर हुई भाई? जो इस जाति को इतना निंदा और घृणित दृष्टि से देखा जाने लगा 🙏


उत्तर :- हमने अपने श्रम का वास्तविक मूल्य नहीं लिया, शासन ने हम पर मर्यादाएं थोप दी, हमारी सेवाओं को आवश्यक सेवा में रख दिया, और उसका मूल्य सरकार निर्धारित करने लगी 🙏


इस प्रकार हमारी आर्थिक स्थिति खराब होती गयी, और जिनकी आर्थिक स्थिति खराब होती है समाज में उसकी कोई इज्जत नहीं करता है 🙏


आपको अर्थशास्त्र पढ़ना चाहिए और समाजशास्त्र भी पढ़ना चाहिए🙏 आप केवल राजनीति शास्त्र पढ़ते हो और राजनीति में उलझे रह जाते हो 🙏 उस से समाज का कोई भला नहीं होगा 🙏


अगर समाज जागरूक होगा, तभी क्रीमी लेयर पर अंकुश रख सकेगा और तभी राजनीति पर भी अंकुश रख सकेगा 🙏


जो समाज शासन और प्रशासन पर अंकुश नहीं रखता है, आर्थिक रूप से दैनीय दशा में चला जाता है 🙏


आजकल वोट तुम्हारा और राज बनियों का चल रहा है, जिसे विश्व व्यापार संगठन कहा जाता है और आर्थिक रूप से नोचे-खसोटे आपकी की जा रही हैं🙏


मोबाइल सेवा अभी तक अनिवार्य सेवा में नहीं आयी है, जबकि आपका बैंक अकाउंट आधार कार्ड पैन कार्ड, सरकार की राहत योजनाएं एवं अन्य सब कुछ मोबाइल से जुड़ा हुआ है, मालामाल 1 2 3 आदमी हो रहा है 🙏


सरकार के माध्यम से बैंक क्रीमी लेयर का कर्ज माफ करती है, और गरीब का खून चूस रही हैं 😂 पैसा आप एक सीमा से अधिक घर में नहीं रख सकते, बैंक में रखा गया पैसा भी सुरक्षित नहीं है🙏


 ऐसे विषय पर चर्चा करोगे तब तो चमार महासभा का नाम होगा, ग्रुप का नाम "चमार महासभा" रखा जाए अथवा ना रखा जाए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है 🙏


इस ग्रुप में चर्चा क्या हो रही है इससे इस खाली कांच गिलास में रंग भरा जाएगा😂


और आप जैसे बुद्धिजीवी चमार लिखा जाए या चमार ना लिखा जाए इसमें उलझ रहे हैं 🙏


चमार एक ऐतिहासिक जाति है जिसके 64 टाइटल, और 25 -26 उपजातियां है🙏 अगर चमार शब्द को छोड़ोगे तो 26 उपजातियां स्वतः जातियों में बदल जाएंगी 🙏कहां जाता है कि शुद्र समाज को साढ़े छः हजार जातियों में में बांटा गया उसमें 25 और जुड़ जाएंगी 😂


मनुवादी भी तो यही चाहते हैं, आपकी यह विचारधारा मनुवाद की विचारधारा है, बच्चों की तरह रोज नयी जातियाँ उत्पन्न करते रहो 😂अहंकार को बढ़ाओ और झगड़ा कराओ 🙏


यह बात सदा ध्यान रहे की जातियों का नामकरण किस प्रकार हुआ:- 


1. जातियों के नाम कर्म के आधार पर पड़ा हैं 🙏जैसे चमार, लोहार, कहाँर आदि 

2. जातियों का नाम रक्त सम्मिश्रण के आधार पर पड़ा 🙏निषाद, चांडाल, वैवरा आदि 

3. जातियों का नाम क्षेत्र परिवर्तन के आधार पर पड़ा🙏 माथुर, श्रीवास्तव, सिंधी आदि 


जाति विश्लेषक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा 👏9335122064

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