Thursday, 5 December 2024

24 नवंबर से 4 दिसंबर तक की पोस्ट

 [24/11, 11:18 am] kamleshmittra: सुनील कुमार जी,


सड़क पर चोर, चोर चोर कहते हुए भागते हैं, पता नहीं लगता कि वास्तव में चोर कौन है 😂


 दलित शब्द को भाजपा सरकार ने प्रतिबंधित किया, आदिवासी शब्द भी भाजपा सरकार ने प्रतिबंधित किया है, वह आदिवासियों को वनवासी कहते हैं 🙏आरएसएस जिन शब्दों के प्रतिबंध की मांग करती है भाजपा उसको प्रतिबंधित कर देती है, आरएसएस तो "चमार" शब्द को भी प्रतिबंधित कर रही है 🙏 ताकि चमार 64 उपजातियां में टूट जाए😂 भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस के सड़यंत्र को समझना होगा🌹 चमार एक संगठन का नाम है जो चमड़े का कार्य करते थे🙏😂


 परंतु बीजेपी इनको जाटव, रैगर, मोची आदि में बांट देना चाहती है, मनुवादियों के सडयंत्र को समझना होगा 😂 


बहुजन समाज की जिन शब्दों से पहचान होती है वह सारे शब्द भारतीय जनता पार्टी प्रतिबंधित करना चाहती है ताकि बहुजन समाज की पहचान मिट जाए, और सशक्त हो रही जातियां खंड-खंड टूट जाए 🙏


दलित शब्द का मतलब है जिनका इतिहास में शासन की ताकत से दवाये रखा गया🙏


 यह शब्द शासन के मुंह पर तमाचा, शासन में कौन लोग थे, ब्राह्मणवादी धर्म की मानसिकता के लोग थे 🙏


दलित शब्द का प्रयोग संज्ञा के रूप में सदैव होता रहेगा, चमार शब्द का प्रयोग संज्ञा के रूप में सदैव होता रहेगा, परंतु इसको गली के रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता है 🙏


 जैसे "साला" एक रिश्ता भी है साला एक गाली भी है 🙏


  "साली" एक रिश्ता भी है "साली' एक गाली भी है आदि 


 मनुवादियों द्वारा थोपी जा रही शब्द शैली से चिंतित ना हो, सटीक शब्दों का प्रयोग करना सीखें 🌹😂


शोषण उन्ही का होता है जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं, इसलिए आर्थिक समानता की बात करो, समान वेतन और समान संपत्ति के बंटवारे की बात करो 🙏🌹


बेनामी संपत्ति की जपती की बात करो, उत्तराधिकार में अकूत संपत्ति को, उसी परिवार तक सीमित रखने के सिद्धांत का विरोध करो, क्योंकि कमाई गई संपत्ति तो सभी श्रमिकों के योगदान से आई है😂


आर्थिक समानता के लिए बहुत कुछ सोचना बाकी है, यही भारतीय संविधान की मूल भावना है यही रविदास राज है 🙏


 भाजपा द्वारा दिए गए विषयों पर अपनी बुद्धि को खराब ना करें, संविधान लागू करने के लिए अपनी बुद्धि का उपयोग करें क्योंकि इस ग्रुप में सभी वकील है, रविदास राज को लागू करने की कोशिश करें क्योंकि वही समाजवाद है.... जो कि भारतीय संविधान के उद्देश्य का में अंकित है 🙏😂


 प्रतिनिधि अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[25/11, 9:11 pm] kamleshmittra-SCI: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग लगातार डीएम ऑफिस अलीपुर को लेटर भेज रहा है परंतु डीएम ऑफिस उसको रिप्लाई करना भी आवश्यक नहीं समझता है 🙏 यह दलित राजनीति का विषय है, इस पर कोई दलित नेता आगे निकलकर नहीं आएगा 🙏😂 मायावती ने आयोग के हाथ काट दिए थे, अब DM भी ताकत पर हो गए हैं, हमारी रक्षक संस्थाएं जितनी कमजोर रहेंगी समाज का उतना अधिक शोषण होता रहेगा, किसी दलित नेता में दम हो तोमें दम हो तो इस लेटर पर राजनीति करके दिखाएं तीन रिमाइंडर के बाद भी भाजपा/आप शासन जवाब क्यों नहीं दे रहा है ? ❤️😍

[28/11, 6:24 am] kamleshmittra: यदि किसी के पास जानकारी हो तो बताने का कष्ट करें कि इस श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ, के पदाधिकारी में कौन से व्यक्ति बीजेपी के कार्यकर्ता नहीं है? 🙏

[29/11, 2:02 pm] kamleshmittra-SCI: क्या ऐसी पार्टी के हाथों में देश या प्रदेश के कमान दी जा सकती है जिसका कार्यालय 7:00 ही बंद हो जाता है और उसके बाद आपकी सुनने वाला कोई नहीं होता है 🙏


 अभी सत्ता में नहीं है तो नशा इस कदर है, सत्ता में होंगे तो विदेश में ही होंगे, दिल्ली में न्याय यात्रा, ना कांग्रेस कमेटी के प्रदेश कार्यालय में कोई बात करने वाला है ना ही राष्ट्रीय कार्यालय में कोई बात करने वाला है,


 मेरे पास एक वोट की ताकत है अच्छे से ठोकूंगा और बजा कर दूंगा🙏

[29/11, 3:31 pm] kamleshmittra: कृपया ध्यान दें 


न्याय की मांग करने के लिए बनाए जाने वाले वीडियो और राजनीति के लिए बनाए जाने वाले वीडियो में बहुत अंतर होता है🙏


जिस वीडियो में दिन तारीख और स्थान का उल्लेख नहीं किया गया हो, मरने वाले के नाम का भी उल्लेख नहीं किया ग्या हो वह एक राजनीतिक बयान बाजी है, न्याय के लिए बनाया गया वीडियो नहीं है 🙏


राजनीतिक वीडियो का प्रचार प्रसार ना करें, वह वीडियो केवल समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं, व्यक्तियों को मानसिक तनाव दे सकते हैं, ना तो खुद राजनीतिक गंदगी का शिकार बने ना ही दूसरों को बनने दे🙏 सामाजिक सौहार्द बनाने के लिए आवश्यक है इस पोस्ट का प्रचार करें 🙏


सामाजिक इन्वेस्टिगेटर :- अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[30/11, 8:43 am] kamleshmittra: 🙏जिज्ञासु भीमरतन बौद्ध जी🌹


अभी तो मैं हर पार्टी के दरवाजे पर जाकर देख रहा हूं, कौन मत पाने योग्य है 😂


कुछ दिन पहले CPI के दरवाजे पर गया था, उनके महासचिव जोशी से पूछा, आर्थिक समानता के विषय पर उनकी क्या राय है, वह अभी तक कोमा में हैं 🙏


उनके प्रदेश अध्यक्ष श्री जुगल किशोर चावला सीधे हमारे संपर्क में रहते हैं, मैं उनसे कई बार पूछ चुका हूं, परंतु वह भी मौन रहते हैं 🙏और हर बैठक में आने के लिए उनका आमंत्रण आता रहता है😂


28 नवम्बर 2024 को मैं INC के प्रदेश कार्यालय पर पहुंच गया, तो बताया गया कि प्रमुख एक महीने बाद आएंगे, और कार्यालय में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जो संवाद कर सके अर्थात कोई PPRO (पार्टी पब्लिक रिलेशन ऑफिसर) नहीं है 😂


 इसलिए सलाह दी गई राष्ट्रीय कार्यालय पर चले जाओ वहां पर PPRO मिल जाएगा 😂 राष्ट्रीय कार्यालय पर 7:00 बजे मैं पहुंचा, तो बताया गया कार्यालय बंद हो चुका है कल आओ, उनका चौकीदारी बड़ी बतमीजी से पेस आया, जब पार्टी का एक आदमी आया, तो वह उससे बड़ा मुर्ख निकला, मैंने उसको चेतावनी देते हुए कहा कि मैं इस विषय को सोशल मीडिया पर डाल दूंगा, उसने उल्टा हमको धमका दिया जो करना हो कर लो 😂 यह 24 अकबर रोड की बात है 🌹


सब मोदी के सागिर्द हैं कपड़े देखकर पहचानते हैं 😂 और कपड़ों से मैं फकीर लगता हूं, उनको लगा क्या उखाड़ लेगा, जबकि मैंने उसे चेतावनी के साथ बता दिया कि मेरे पास दिल्ली में एक वोट है🙏 फिर भी वह मुझे नहीं डरा 🙏🌹


 कपड़ों से पहचान वाले लोग आर्थिक समानता के पक्ष में कभी नहीं हो सकते, अपने वोट की कीमत पहचाने, आपके दरवाजे पर जो आ जाए उसे वोट मत देना, उसके दरवाजे पर जाकर देखो वह कितना सम्मान करता है🙏 


अकेले जाकर देखो, क्योंकि झुण्ड से तो शेर भी डरता है 🙏 बुरे वक्त में झुंड आपके साथ नहीं होता है 🙏 अपने भविष्य के लिए उचित प्रतिनिधि का चुनाव करने के लिए थोड़ा जांच परख लें 🙏🌹


फैक्ट्री 24 घंटे चलती है, श्रमिकों का खून 24 घंटे चूसा जाता है, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने ऐसी नीतियां बनाई हैं परंतु उनका राष्ट्रीय कार्यालय 7:00 बजे ही बंद हो जाता है🙏


दुख तकलीफ सूचना देकर तो नहीं आती, जिस पार्टी का कार्यालय 24 * 7 न खुलना हो उसको अपने अरमानों की कमान देना ठीक नहीं है 🙏


करीब 1 साल पहले मैं बीएसपी के राज्य कार्यालय में गया था, तब वहां पर CP सिंह जी अध्यक्ष हुआ करते थे, मैंने उनसे पूछा मैं कब-कब कार्यालय आ सकता हूं🙏


उनका कहना था कि आपको कार्यालय आने की जरूरत नहीं है जब जरूरत होगी आपको लोकसभा क्षेत्र के कार्यालय से सूचित कर दिया जाएगा, तब से लोकसभा का चुनाव भी हो गया किसी ने सूचित नहीं किया 😂


आम आदमी पार्टी की क्या बात करूं, उनसे हमारा चोली दामन का साथ है, कुछ जेल में हैं कुछ बेल पर हैं 🙏 दुखी को और दुखी करना ठीक नहीं, बनिये का काम इस कोठी के धान उस कोठी में 😂


अभी तो मैं गधों की गिनती कर रहा हूं, कि किस-किस गधे को वोट नहीं देना है 🙏


इन राष्ट्रीय पार्टियों और राज्य पार्टियों का औचक निरीक्षण आप भी करें, और देखें आपके बुरे वक्त में क्या कोई मदद के लिए तैयार खड़ा होगा😂


या इन खाए-आघाये लोगों का कार्यालय 7:00 ही बंद हो जाएगा 🙏🌹


कृपया ध्यान दें अधिवक्ता किसी पार्टी का कार्यकर्ता नहीं होता है 🙏


इसलिए कभी किसी अधिवक्ता से यह पूछने का प्रयास भी ना करें, कि किस पार्टी का समर्थन करता है क्योंकि अधिवक्ता संवैधानिक होता है, 


अगर कोई अधिवक्ता कहे वह किसी पार्टी का समर्थन करता है तो यह जान लेना कि वह अधिवक्ता नहीं है 😂


हंस कभी कौवे के पीछे नहीं चला करते 🙏😂


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[02/12, 6:31 am] kamleshmittra: 🌹सूचना दिनांक 2 दिसंबर 2024


सभी हित धारकों को सूचित किया जाता है कि तुगलकाबाद रविदास मंदिर से संबंधित तीन पत्र शासन में पेंडिंग है🙏


1. एक पत्र दिनांक 4 नवंबर 2024 को भेजा गया था

2. दूसरा पत्र 16 नवंबर 2024 को भेजा गया था

3. तीसरा पत्र 17 नवंबर 2024 को भेजा गया था.

4. पहला पत्र सरकारी कमेटी के सुधार से संबंधित है l

5. दूसरा पत्र गेट खोलने से संबंधित है.

6. तीसरा पत्र तुगलकाबाद रविदास मंदिर की जमीन से संबंधित है.


हम शासन के उत्तर का इंतजार कर रहे हैं, विधिक प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी 🙏


 प्रतिनिधि: अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[05/12, 9:55 am] kamleshmittra-SCI: सद्भाव एवं कृतज्ञता सूचना दिनांक 5 दिसंबर 2024


"payback to society " यह कथन सुनने में बहुत अच्छा लगता है, परंतु बहुत ही कम लोग इस बात को समझते हैं 🙏


अर्थात समाज से कुछ मिलेगा तो समाज को वापस करना भी होगा😂


मैं उन चंद लोगों में से हूं जिसे समाज से कुछ प्राप्त हो रहा है 🙏


अन्यथा तो लोग अपने श्रम से अथवा छल-कपट से प्राप्त कर रहे हैं, जो लोग अपने श्रम से या छल-कपट से प्राप्त कर रहे हैं उन पर "पे बैक टू सोसाइटी" का सिद्धांत लागू नहीं होता है 🙏


"पे बैक टू सोसाइटी" का सिद्धांत उन व्यापारी, दुकानदार, उद्योगपति, डॉक्टर वकील और मास्टर पर भी लागू होता है जो समाज से कुछ प्राप्त कर रहे हैं 🙏 लगभग हर धर्म में अपनी कुल आय का कुछ प्रतिशत समाज को वापस करने का निर्देश है 🙏


परंतु ऐसी दशा में वहीं लोग समाज को वापस करेंगे जिनको प्रत्यक्ष रूप से पता है कि समाज उनको देता है 🙏


जैसे परचून की चार दुकानो में से कुछ लोग अपने समाज के व्यक्ति द्वारा खोली गई परचून की दुकान से सामान खरीदता है तो "पे बैक टू सोसाइटी" का सिद्धांत लागू होता है🙏 अर्थात ऐसी दशा में यदि उसके सामाज का कोई कार्यक्रम होता है, तो मूलभूत आवश्यकताओं के लिए आवश्यक धन को छोड़कर इस परचूनी के दुकानदार को अधिक से अधिक धन दान के रूप में सामाजिक प्रोग्राम में देना चाहिए, क्योंकि उसकी अर्जित योग्यता धन कमाना है "इसी को "पे बैक टू सोसाइटी" कहते हैं🙏


परंतु उन चार दुकानों में समाज का कोई व्यक्ति अपनी किसी अन्य व्यक्ति से मित्रता निभाता है🙏 या अन्य किसी लोभ-लालच में दूसरी परचून की दुकान से सामान खरीदना है, अथवा समाज के अधिकतम लोग ऐसा करते हैं, तो उस परचूनी के दुकान वाले पर समाज को "पे बैक टू सोसाइटी" का सिद्धांत लागू नहीं होता है🙏


किसी सामाजिक संगठन को उससे दान मांगने नहीं जाना चाहिए, क्योंकि यह सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी है कि वह समाज को प्रेरित करें कि वह उस विशिष्ट दुकानदार से ही सामान खरीदें, अगर कोई सामाजिक संगठन साल भर ऐसा कार्य नहीं करता है तो उस परचूनी की दुकान पर जाकर दान मांगने का कोई अधिकार नहीं है 🙏 क्योंकि उस परचूनी की दुकान पर "पेबैक 2 सोसाइटी" का सिद्धांत लागू नहीं होता है ऐसे दुकानदार को उस सामाजिक संगठन को कोई दान देना भी नहीं चाहिए, जो उससे दान मांगने चला आया है 😂


जिस प्रकार "पे बैक टू सोसाइटी" का सिद्धांत परचूनी की दुकान पर लागू होता है🙏 इस प्रकार अन्य व्यवसाय पर भी लागू होता है जैसे डॉक्टर वकील मास्टर 🙏 डॉक्टर वकील मास्टर आदि को भी अपनी अर्जित योग्यता को निशुल्क दान करना चाहिए🙏


2019 तक मैं अपने श्रम से कमाता था, अपनी मेहनत योग्यता का खाता था🙏 परंतु भोगल के रविदास मंदिर से यह सिलसिला शुरू हुआ कि मैं समाज के दान पर पल रहा हूं, इसलिए संत शिरोमणि गुरु रविदास के सभी प्रेमियों से मेरा विशेष लगाव है और मैं चाहता हूं एक अच्छे समाज का गठन हो, सभी सद्भाव से रहें और सबको उनका अधिकार प्राप्त हो 🙏


मैं अभी शासन स्तर पर संघर्ष कर रहा हूं, 30 दिन हो जाने के पश्चात भी शासन ने अभी तक लीगल नोटिस के रिमाइंडर ( सेकंड रिजाल्वर ) का जवाब नहीं दिया है कल मैंने उसको रिमाइंडर भेज दिया है 🙏


 रिमाइंडर के बाद अगली प्रक्रिया न्यायालय की तरफ ही जाती है, अभी मेरे पास AOR की डिग्री नही है, जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अधिकृत अधिवक्ता होते हैं, जिनको किसी पत्रावली को फाइल करने का अधिकार होता है, पत्रावली पर हस्ताक्षर करने का अधिकार होता है🙏 बहस तो अन्य अधिवक्ता भी कर सकते हैं, मैं भी कर सकता हूं🙏


जून 25 में हमारा तीसरा प्रयास है, जब तक हमारे हाथ में हस्ताक्षर करने की शक्ति नहीं आ जाती, हम केस फाइल करने के लिए दूसरे AOR पर निर्भर है 🙏


 इसलिए 2019 के बाद से मैं लगातार इसमें विलंबित करता रहा हूं, क्योंकि कोरोना कल में मेरी पढ़ाई डिस्टर्ब हो गई, मेरा लैपटॉप चोरी हो गया सारी अध्ययन सामग्री उसी पर थी 🙏

 2023 की परीक्षा शीघ्रता से कर दी गई उस परीक्षा में बैठने के लिए मैं लगातार लिखा पढ़ी करता रहा हूँ🙏 परिणाम अपेक्षा के अनुसार नहीं मिला, क्योंकि हर जगह कुछ धांधली चलती है, जहां मोनोपोली हो पेपर लीक आसानी से होते हैं 🙏 किसको पास करना है किसको फेल यह निश्चित होता है🙏


इसलिए जनवरी 2024 में मैंने सामाजिक संघर्ष में उतारने का फैसला किया, और जनवरी 2024 से मैं तुगलकाबाद रविदास मंदिर के मामले में सक्रिय हुआ हूँ 🙏


अब सन 2025 की परीक्षा के लिए मात्र 6 माह बचा है, मैं अपना अधिकतम ध्यान पढ़ाई की ओर दूंगा, और समाज से अपेक्षा करूंगा वह मेरा आर्थिक सहयोग अगले 6 महीने तक करते रहें 🙏 क्योंकि मैं पिछली बार की तरह किसी लॉ फॉर्म को ज्वाइन करता हूं तो 12-14 घंटे की ड्यूटी करने के पश्चात मेरे पास पढ़ने के लिए समय नहीं होगा🙏


कल रात मेरे मोबाइल का रिचार्ज खत्म हो गया, मेरे पास इतने पैसे नहीं थे कि मैं रिचार्ज कर सकूं🙏 परंतु समाज के एक सज्जन व्यक्ति ने हमारा मोबाइल रिचार्ज किया है🙏 इसलिए आज की यह पोस्ट आपके साथ शेयर कर पा रहा हूं🙏


मेरे ऊपर "पे बैक टू सोसाइटी" का सिद्धांत लागू होता है🙏 मैं अधिक से अधिक समाज को वापस करने का प्रयास करूंगा यह वचन देता हूं🙏


यदि मैं किसी से कुछ कठोर बोल दूं तो यह उसके प्रति मेरी नफरत या घ्रड़ा नहीं होती है बल्कि यह अपेक्षा होती है कि उसमें सुधार हो, क्योंकि मैं अध्यात्म की गहराइयों में उतरकर यह जान चूका है कि अगले स्टेशन पर उतर जाना है, प्रतिक्षण यह याद रहता है, जो लोग आध्यात्म की गहराइयों से नहीं गुजरते उन्हें याद नहीं रहता 🙏


इसलिए जब तक इस समाज रूपी ट्रेन के डब्बे में हो प्रेम से बतियाते चलो😂


 संदेश वाहक : आध्यात्मिक गुरु अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

[05/12, 10:32 pm] kamleshmittra: आज अपनी ही इस पोस्ट पर कुछ लिखने का मन कर रहा है😂


जीने के बहाने लाखों थे,

जीना तुझको आया ही नहीं,

कोई भी तेरा हो सकता था, कभी तूने अपनाया ही नहीं 🙏


उपरोक्त चार लाइन मेरे जीवन के अत्यंत ही निकट हैं 🙏


जब भी मैंने अपने जीवन में बड़े फैसले लिए, मन में सदैव एक दुविधा रही आगे की योजना फेल हो गई तो क्या होगा 🙏


एक लंबी श्रृंखला है, हम जुआरियो की 🙏


तब तब संत कबीर हमारे मार्गदर्शक बने 🙏


जिन खोजा तिन पाइया, गहरे पानी पैठ, मैं बपुरा बूडन डरा, रहा किनारे बैठ 😂 


संत शिरोमणि कबीर ने भी समाज को बार-बार ललकार है कि अपने भय के संस्कार निकाल दो, क्योंकि समाज में संतुलन तराजू की नोक पर ही आ सकता है जब दोनों ही पड़लो में वजन बराबर होगा 😂


 संत शिरोमणि रविदास ने कहा है, 


रैदास मदुरा का पीजिए, जो चढ़ै उतराय।

नांव महारस पीजियै, जौ चढ़ै उतराय॥

 🙏


दोनों ही मान्य संत भय के संस्कारों को नष्ट करने के लिए, नाना उपाय बता रहे हैं😂


 करने से होता है😂

 कृपा करें ना कोई 😂


आचार्य रजनीश के जीवन की एक घटनाएं है 🙏


जब धर्म का प्रचार प्रसार कर रहे थे, तो उनके एक मित्र उनको भारत के श्रेष्ठ उद्योगपति बिरला जी के पास लेकर गए, ऐसा माना जाता है कि बिरला जी धर्म के कार्य में बहुत दान पुण्य किया करते थे 🙏


दान देने के लिए तो बिरला जी तैयार हो गए परंतु यह शर्त डाल दी कि धर्म प्रवचन करना क्या है? 😂


आचार्य रजनीश ने भारत के महान उद्योगपति बिरला जी के दान को लात मार दी, और कहा यह ना बताओ कि उस दान की रकम से मुझे क्या करना है 🙏


आचार्य रजनीश का कथन था " यदि मैं आपके दिए गए दान को आग भी लगा दूं तो आप मुझसे पलट कर नहीं पूछेंगे तब तो मुझे दान दें "🙏


वास्तव में उद्योगपति और व्यापारियों द्वारा किसी धर्मात्मा को दिए गए दान से श्रमिक वर्ग को मानसिक गुलाम बनाया जाता है😂 समानता के लिए कोई धर्म प्रवचन नहीं किया जाता, मलिक को भगवान के तुल्य रखा जाता है, मलिक को परमात्मा का पैगंबर बताया जाता है, इस प्रकार गुलामी कठोर होती जाती है 🙏


धर्म प्रवचन इस प्रकार किए जाते हैं ताकि लोग मानसिक गुलाम बने, ध्यान की पद्धतियों में विकार उत्पन्न कर दिया जाता है ताकि लोग निर्भय ना हो पाएं 🙏


 उद्योगपति बिरला से दान ना लेने के बाद भी, आचार्य रजनीश को मिले दान से अमेरिका सरकार हिल गई, क्योंकि प्यासे को ही पानी की कीमत का पता होता है 🙏


 मैं जो बेंचता हूं उसका खरीदार कोई नहीं है 🙏😂 दलित समाज का क्रीमी लेयर आर्थिक समानता नहीं चाहता है......


इसके साथ मैं ऑडियो मैसेज संलग्न कर रहा हूं- क्योंकि पंजाब और हरियाणा से आने वाले बहुत से लोग हमारे इस टेक्स्ट मैसेज को नहीं पढ़ पाते हैं 🙏


 उनकी सुविधा के लिए मैं अब अधिकांश मैसेज ऑडियो ही डालूंगा🙏


 नाम लिखने की जरूरत है क्या? 😂

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