प्रिय मित्र वीरेंद्र जी
महोदय,
स्वर्गीय मनमोहन सिंह की तारीफ के इतने पुल भी ना बांधे कि मेरा अतीत उन घटनाओं को याद करने लगे जो हमारे समाज के लिए विष बनी हुई है 😂😂😂
जब अपने जख्मों को हरा कर ही दिया है तो सुनते जाइए 🙏 मनमोहन के 10 कामों की चर्चा करते हैं.....
1. (1) नई आर्थिक / औद्योगिक नीति 1991, इस नीति से दलितों का क्या फायदा हुआ? एससी एसटी ओबीसी के कितने उद्योग खुले? कितने लोग उद्योगपति बने ? सरकारी सेक्टर के हो रहे निजीकरण में एससी एसटी ओबीसी का कितना रिजर्वेशन बढ़ा 🙏 श्रमिकों के कितने वेतन की वृद्धि हुई 😭
1. (2) भारत जैसे सामंतवादी देश में आर्थिक समानता को स्थापित किए बिना नई औद्योगिक नीति का क्या औचित्य था 🙏 भारतीय जनता पार्टी दलितों के शोषण की जो मीनार खड़ी कर रही है उसके जन्मदाता मनमोहन सिंह हैं 🙏 दलितों के लिए शिक्षा के दरवाजे बंद, दलितों का डॉक्टर इंजीनियर बनना बंद, दलित के लिए उच्च शिक्षा के दरवाजे बंद🙏 दलितों के लिए उच्च वेतन के दरवाजे बंद🙏 दलितों के लिए उच्च पदों पर जाना बंद 🙏 दलितों की सेविंग पर डकैती 🙏आदि
2. (1) सूचना का अधिकार अधिनियम, कल भी सरकारी अधिकारियों की दया पर था आज भी सरकारी अधिकारियों की दया पर है 🙏
2. (2) सूचना में लगाया गया दंड पीड़ित को नहीं मिलता है 🙏 सूचना में लगाया गया दंड की वसूली नहीं होती है, 30 दिन के बाद सूचना देने पर किसी भी अधिकारी की उसकी सेवा पुस्तिका में एडवर्स एंट्री नहीं होती है 🙏 किसी भी सूचना आयोग की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ लेवें 🙏 सूचना का अधिकार अधिनियम व्यक्ति के आवेदन/ प्रतिवेदन पर नहीं है, बल्कि प्रतिवेदन के संदर्भ में अतिरिक्त आवेदन करके शुल्क जमा करके अपने प्रतिवेदन के संबंध में ही सूचना प्राप्त करनी पड़ती है जोकि संविधान द्वारा प्रदत्त सूचना के मूल अधिकार की हत्या है🙏
2. (3) प्रथम अपीलीय अधिकारी अपने विभाग के अधिकारियों का संरक्षण करता है, ना की सूचना के अधिकार अधिनियम का, ना कि सूचना की मांग करने वाले व्यक्ति का, वरिष्ठ अधिकारी सूचना न देने के नियम को और जटिल बनता है, नई सूचनायें और अधिसूचनाएं नियमवली विभाग में जारी करता है, ताकि सूचना न देना पड़े, और उसके विभाग का विभागीय शोषण और आर्थिक भ्रष्टाचार खुल न जाए 🙏 अपवादों को छोड़ दिया जाए, तो माननीय राज्य/ राष्ट्रीय सूचना आयोग किसी केस का निस्तारण कब, कितने दिनों में, बरसों में करेगा यह कोई निश्चित समय सीमा में नहीं होता है🙏 आदि मूर्खताओं से भरा हुआ है, सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 🙏
3. (1) रोजगार गारंटी 100 दिन के बाद क्या? रोजगार गारंटी के भ्रष्टाचार से निपटने की कोई स्पष्ट रूपरेखा नहीं है, प्रधानों, ग्राम विकास अधिकारी की लूट से निपटने के लिए कोई दंड विधि नहीं है🙏 मानव मनोविज्ञान को समझे बिना बनाई गई यह नीति है 🙏
3. (2) रोजगार गारंटी open for all हो सकती थी, अर्थात काम कहीं भी करो आपके मासिक वेतन का हिसाब किताब सरकार रखें, कोई निजी क्षेत्र का मालिक आपके वेतन का शोषण नहीं करेगा, ठेकेदार सरकार को होना चाहिए था🙏 निजी क्षेत्र के ठेकेदार बनाकर मनमोहन सरकार ने श्रमिकों का आर्थिक शोषण कराया है आदि बातें 😭
4. (1) न्यूक्लियर डील का परिणाम सिर्फ एटम बम बनाने के लिए हुआ, ऐसा भी नहीं कह सकते, क्योंकि अटल तो पहले ही परमाणु बम का विस्फोट कर चुके थे🙏 बिजली बनाने के लिए हुआ ऐसा भी नहीं कह सकते, फिर न्यूक्लियर डील से फायदा किसको हुआ? निश्चय ही फायदा अमेरिका को दिया गया, हमारे रुपए का अवमूल्यन हुआ 🙏
4. (2) जब भारत में सभी माल इंपोर्टेड आ रहे हैं, भारत में जब उतरन ही बिक रहा है, और पहना जा रहा है, यहां का कॉटन उद्योग पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है, तो इस न्यूक्लियर डील से उत्पन्न हुई ऊर्जा का उपयोग किसके लिए किया जा रहा है, बहुत सी बातें अंदर-खाने की है, न्यूक्लियर डील सिर्फ दरवाजे पर हाथी बांधने जैसा है, यह दिखाने का प्रयास है कि अमेरिका का मेरे ऊपर कोई प्रतिबंध नहीं है, हम रूस से भी दुई पक्षीय समझौते के अंतर्गत प्राप्त कर सकते थे परंतु मनमोहन को अमेरिका का चरण चुंबन करना था 🙏 आज जोर इलेक्ट्रिक व्हीकल पर जोर दिया जा रहा है सोलर पैनल पर जोर दिया जा रहा है यह काम तो उसे समय भी किया जा सकता था 🙏 आदि बातें
5. आधार कार्ड एक अधूरा कार्ड है 🙏 बेनामी संपत्ति के संबंध में कुछ नहीं कहता, केवल गरीबों का हिसाब किताब रखता है रईसों का कोई हिसाब किताब नहीं रखता है, गरीबों पर नकेल कसने का कार्ड है 😭 इसकी खामियों की अलग से विस्तृत चर्चा करेंगे क्योंकि इस पर दो कोर्ट केस माननीय सर्वोच्च न्यायालय में हो चुके हैं🙏
6. शिक्षा का अधिकार 2005 - मात्र साक्षरता का अधिकार बनकर रह गया है 🙏 अगर शिक्षा का अधिकार है तो इतने कोचिंग सेंटर क्यों खुलते जा रहे हैं, प्राइमरी स्तर पर भी कोचिंग सेंटर खुलते जा रहे हैं, क्रेज़ी स्तर पर भी कोचिंग सेंटर खुलते जा रहे हैं 🙏 अधूरे मन से क्रीमी लेयर द्वारा बनवाया गया यह कानून है 🙏 मैं खुद 14 साल इंजीनियरिंग कॉलेज का टीचर रहा है इस पर पड़ी विस्तृत चर्चा कर सकता हूं, किसी स्वतंत्र लेख में चर्चा करूंगा... 🙏
7. खाद्य सुरक्षा अधिनियम... इस कोठी का धान उस कोठी में करने के अतिरिक्त कुछ नहीं है 🙏 किसान अपना अनाज मंडी में जाकर बेंच देते हैं, और राशन की दुकान से ₹2 में वापस ले लेते हैं😂 सरकार पर ट्रांसपोर्टेशन और स्टोर का खर्चा अलग से बढ़ जाता है 😂 सड़कों को अनावश्यक रूप से चौड़ा करना पड़ता है😭 पूरी तरह मूर्खता से भरपूर यह खाद्य सुरक्षा अधिनियम है 🙏 मैं इसकी आवश्यकता को नहीं नकरता हूं, परंतु आधे अधूरे मन से क्रीमी लेयर के द्वारा बनाया गया यह अधिनियम है इस बात को कहने में मुझे कोई डर नहीं लग रहा है 🙏 यह मौनसिंह की अयोग्यता का परिणाम है 🙏
8. कुछ अन्य घोटालों की चर्चा कर लीजिए, कॉमनवेल्थ गेम घोटाला... जिसकी फाइलों का भी नहीं पता लगा, कोयला घोटाले की फाइलें कहां गई 😂 2G घोटाला और उसे समय तो एक और घोटाला गिना जाता था जिसे जीजा घोटाला कहते थे आदि
9. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करना काला धन के जांच के लिए कमेटी का गठन न करना, सब मनमोहन सरकार की बड़ी उपलब्धियां का ही अंग है 😂
10. और सबसे दुखद घटना 12 महीने में 10 घरेलु गैस सिलेंडर की नौटंकी... आदि बातें मन में अत्यंत पीड़ा उत्पन्न करती है 😂
कांग्रेस हटाओ अभियान के पूर्व सक्रिय कार्यकर्ता अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064
वीरेंद्र जी के प्रश्न 🔹 *शख्सियत*
दुनिया के जाने माने अर्थशास्त्री एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का निधन एक भारत के लिए एक बड़ा आघात है. भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और एवं राष्ट्रीय नेताओं ने उनके निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की है. पूर्व प्रधानमंत्री ने 10 वर्ष के कार्यकाल में ऐतिहासिक कार्य किए जिनमें में "मनरेगा " योजना लागू करना था जिसके तहत 100 दिन का जॉब की गारंटी थी." भोजन की गारंटी " एक और ऐतिहासिक कार्य था जिसके तहत गरीबों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है. सरकारी कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री ने "सूचना के अधिकार " का ऐतिहासिक अधिकार जनता को दिया था. उनके कार्यकाल में भारत ने अमेरिका के साथ असाइनमेंट परमाणु समझौता भारत के लिए मिल का पत्थर साबित हुआ है. केंद्र सरकार ने डॉ मनमोहन सिंह के निधन पर 7 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है. उनके कार्यकाल में भारत ने अमेरिका के साथ असाइनमेंट परमाणु समझौता भारत के लिए मिल का पत्थर साबित हुआ है. डॉ मनमोहन सिंह हम सभी भारतीयों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगे और उनके महान योगदान को कृतज्ञता पूर्वक याद किया जाता रहेगा.
वीरेंद्र कुमार जाटव, *राजनीतिक विश्लेषक एवं राष्ट्रीय सचेतक ,समता सैनिक दल*
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