Wednesday, 1 January 2025

29 दिसंबर से 2 जनवरी तक की पोस्ट2025

 [29/12/2024, 6:15 pm] kamleshmittra-SCI: श्रीमन शुक्ला जी,


हर वर्ग और शब्द का विश्लेषण आप अपने चश्मे से कर रहे हैं 😂


देशभक्ति का विश्लेषण भी आप अपने चश्मे से कर रहे हैं 🙏


भूखे व्यक्ति की देशभक्ति

और पेट भरे व्यक्ति की देशभक्ति में कुछ तो अंतर है😂😂😂


आतंकवादी भी देशभक्त होते हैं 🙏और आतंकवाद विरोधी भी देशभक्त होते हैं🙏


एक ही भूभाग पर दोनों के देशभक्त होने की अवधारणा अलग-अलग होती है 🙏


मनमोहन का देशभक्त होना पूंजीवाद के पक्ष में था इसलिए पूंजीवादी लोग की नजर में मनमोहन सिंह देशभक्त हो सकते हैं 😂


अंतर्राष्ट्रीय श्रम नीतियों को भारत में आज तक लागू नहीं किया गया है, भारत में श्रमिकों का शोषण चरम पर है 🙏


भारत की देखा देखी अन्य देश भी अपने श्रमिकों का शोषण करने लगे हैं 🙏


 WTO के अंतर्गत बनाई श्रमिक नीतियां आज तक धरातल पर नहीं आयी 🙏 इसके लिए उत्तरदाई तो मनमोहन सिंह ही हैं 🙏


और सबसे जवालंत उदाहरण दे दूं🙏 भारतीय दूतावास, अमेरिका में अपने श्रमिक का शोषण करते हुए एक भारतीय IFS अधिकारी पकड़ा गया था, अमेरिका के श्रम संगठनों ने इसका जबरदस्त विरोध किया, उसके अमेरिका में जेल जाने की नौबत आ गई परंतु भारत सरकार ने तत्काल उसे भारत बुला लिया, ना तो अमेरिका में उस पर मुकदमा चल पाया ना भारत में चलाया गया😭


 इन सब नीतियों के लिए और श्रमिकों का शोषण करने के लिए मनमोहन सिंह ही जिम्मेदार है 🙏 कुछ और जानकारी चाहिए हो तो बता देना😂 एक-एक परते खोल कर रख दूंगा कि मनमोहन सिंह किसके लिए देशभक्त थे 🙏


आजादी बचाओ आंदोलन के पूर्व सक्रिय कार्यकर्ता अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[30/12/2024, 10:27 pm] kamleshmittra-SCI: आध्यात्मिक सूचना 30 दिसंबर 2024


 मान्यवर,


हमारे उपरोक्त लेख की एक महीने बाद एक सज्जन ने चर्चा की, 1 घंटे से अधिक चर्चा हो चुकी है परंतु अभी चर्चा अधूरी है क्योंकि वह गाड़ी ड्राइव करने लगे थे, बच्चों को ट्रेनिंग सेंटर से घर ले जाना था🙏


 कुछ लोग हमारे लेखो को सीधे अपने मीडिया चैनल पर डाल रहे है🙏 और उसका लिंक मुझे भेज रहे हैं🙏


मेरे किसी लेख पर कोई कॉपीराइट नहीं है, जो मेरे लेख से सहमत है वह अपने चैनल पर इसको जैसा वैसा ही डाल सकता है 🙏 कोई काट छांट ना करें🙏


कई जगह लिपिकीय त्रुटि हो जाती है उससे भी छेड़छाड़ करने की आवश्यकता नहीं है 🙏


उसको वैसा ही गलत जाने दे, हो सकता है जो आपकी नजर में गलत लग रहा हो वह मेरी नजर में सही हो सकता है 🙏


यदि आप हमारे लेख पर कोई आलोचक लेख लिखते हैं🙏तो वह लेख मुझे जरूर भेजें🙏

 

मेरे किसी लेख के किसी अंश को काटकर आलोचना करने पर मैं आपसे हर्जाने की मांग कर सकता हूं🙏


क्योंकि मेरे लेख पर कोई लेख लिखने के लिए आपको, कम से कम विपासना जैसी साधना का 6 साल का गंभीर साधक होना पड़ेगा🙏


मेरे लेख कोई वाणी विलास नहीं है 🙏 हमारे लेखो का द्वयातवाद से कोई लेना देना नहीं है, अर्थात तर्क-वितर्क की बुद्धि ना लगायें 🙏


केवल छठी इंद्री के सक्रिय होने पर आप हमारे लेखो की सच्चाई को परख सकते हैं 🙏


 पांच इंद्री वाले, लेखो की सच्चाई को नहीं समझ सकते है 🙏 उनके पास दो ही रास्ते हैं स्वीकार करें या त्याग करें 🙏


 गंभीर साधक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :- जिस प्रकार कामेंद्री के सक्रिय हुए बिना कोई व्यक्ति जवानी के सुख की अनुभूति नहीं कर सकता है 


ठीक उसी प्रकार छठी ज्ञान इंद्री के सक्रिय हुए बिना कोई मनुष्य आध्यात्मिक अनुभूति और उसके आनंद की कल्पना नहीं कर सकता है 🙏

[31/12/2024, 3:35 pm] kamleshmittra-SCI: श्रीमान अधिवक्ता आरएस गौतम जी


महोदय,


 बैलट पेपर से चुनाव होने से कितने पेड़ काटे जाएंगे इसका अनुमान है, स्टडी सामग्री कितनी महंगी हो जाएगी इसका अनुमान है🙏


 बीजेपी वोटो में कैसे धांधली करती है इसका अनुमान है🙏


 अभी केजरीवाल ने एनालिसिस करके बताएं कि चुनाव होने से पहले ही भाजपा ने 12% वोट इधर से उधर कर दिए हैं 🙏


 नए वोटो का जोड़ना और कमजोर लोगों के वोट को काट देना बीजेपी की रणनीति का विशेष अंग 🙏


 केंद्र सरकार के पदाधिकारी और नेताओं का राज्य में भ्रमण और अधिकारियों से मुलाकात पूरी तरह से बैन होनी चाहिए 🙏


 छोटे दलों के बीच कोआर्डिनेशन करने के लिए कौन व्यक्ति कार्य कर रहा है🙏


 नीतीश ने थोड़ा सा प्रयास किया तो राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया का गठबंधन बन गया 🙏


 राज्य स्तर पर कौन लोग नेतृत्व कर रहे हैं कहीं कुछ पता नहीं लगता है 🙏


 आप भी जमीन पर काम करते हुए नजर नहीं आते है 🙏


 क्या आपके पास ऐसे ट्रस्टी हैं जो दो-चार लोगों का खाना खर्च उठा सके 🙏


 जब तक दलितों के क्रिमी लेयर कुछ लोगों का खाना खर्च नहीं उठाएंगे, किसी भी संगठन की परिकल्पना करना मुश्किल है 🙏


 मीठी मीठी प्रेरक बातें कर देने से कुछ नहीं होगा कुछ जमीन पर करके भी दिखाना होगा🙏


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :- मैं आपकी एक सभा में गया था और मैंने पाया है आप भी कपड़ों से पहचानते हैं ऐसी दशा में, आपको भी व्यक्तियों की पहचान नहीं है, तो संगठन कैसे बनाएंगे 🙏 मास की जीभ हिला देने मात्र से काम नहीं चलेगा🙏 रणनीति भी बनानी पड़ेगी, उसके लिए सामाजिक संगठन होना चाहिए जो दलित / बहुजन राजनीतिक दलों को उंगली पर नचाये 🙏

[31/12/2024, 5:06 pm] kamleshmittra: जिज्ञासु महोदय (8888850786)


1. आपको हिंदू शब्द पर आपत्ति क्यों है? हिंदू शब्द तो मुगलों की देन है, आजकल के सनातनियों को उसे पर तकलीफ नहीं होनी चाहिए भले ही वह आतंकवादी हैं 😂 बादशाह अकबर ने पहली बार हिंदुस्तान शब्द का प्रयोग किया था और इस भूभाग पर रहने वालों को हिंदुस्तानी कहा था जिसमें मुस्लिम भी सम्मिलित थे 🙏👏 तो आज हिंदू शब्द में मुसलमान सम्मिलित क्यों नहीं है, भाजपाइयों से पूछ कर बताइएगा 😂 हिंदुस्तान का धर्म था दीन ए इलाही 🙏 यह हिंदू धर्म किसकी कोख से पैदा हुआ👹👹👹


2. जो आजकल खुद को सनातनी कहने लगे हैं वहीं कुछ दिन पहले खुद को हिंदू कहा करते थे - जब कि सनातनी शब्द का प्रयोग महर्षि दयानंद सरस्वती के हत्यारो के लिए प्रयोग होता था 🙏 अंग्रेजों की न्याय व्यवस्था से बचने के लिए और हत्या के षड्यंत्र कार्यों के दंड से खुद को बचाने के लिए उन्होंने खुद को सनातनी कहना बंद कर दिया था, और खुद को हिंदू कहने लगे थे😂😂👹


3. हरियाणा के झज्जर में जाकर महर्षि दयानंद सरस्वती के विद्यालय की पुस्तकों का अध्ययन करो तो आपको बहुत कुछ पता लगेगा😂😂👹 पूरा सत्यार्थ प्रकाश तम्रपत्र पर लिखा है 🙏 


4. जातिवाद, महिला उत्पीड़न देवदासी प्रथा, मानव बलि आदि के समर्थको ने, महर्षि दयानंद सरस्वती के समाज सुधार को नहीं माना और उनकी हत्या करने के बाद, इन ब्राह्मण धर्म के लोगों ने जो खुद को सनातनी कहते थे छदम रूप से खुद को आर्य समाजी कहने लगे, स्वामी विवेकानंद से प्रेरित होकर खुद को हिंदू कहने लगे, जबकि महर्षि दयानंद सरस्वती ने कहा था हम हिंदू नहीं आर्य हैं 🙏 महर्षि दयानंद सरस्वती के मठो पर कब्जा कर लिया और उनके साहित्य को बदल डाला क्योंकि उन्होंने सभी ब्राह्मण ग्रंथो और पाखंड पूर्ण साहित्य का खंडन किया था😂😂😂


5. इसका सबसे ताजा उदाहरण है हरिद्वार का शांतिकुंज, जो सबके गोत्रों का निर्धारण करता है 😂


6. जबकि महर्षि दयानंद सरस्वती ने कहा था वेदों की तरफ लौटो सब एक परमात्मा के संतान है, जाति के आधार पर कोई विभाजन नहीं किया जा सकता है ना ही कोई देवता पूजने योग्य है उन्होंने राम और कृष्ण सहित पाखंडी दुराचारी देवताओं आदि का खंडन किया था 🙏 शांतिकुंज द्वारा फिर भी मूर्खता फैलाई जा रही है 🙏 महर्षि दयानंद सरस्वती के मूल सिद्धांत के खिलाफ यह शांतिकुंज गोत्रों का निर्धारण क्यों कर रहा है, और खुद को आर्य समाजी भी कहता है 😂👹


घटघट वासी अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[02/01, 7:25 am] kamleshmittra: 🌹आध्यात्मिक सूचना 2 दिसंबर 2025


 17 अक्टूबर को ध्यान की कुछ टिप दी थी 🙏


 1 नवंबर को पुनः स्पष्टीकरण दिया था 🙏 आज कुछ गंभीर चर्चा🌹


जो लोग लगातार हमारे साथ ध्यान कर रहे हैं उनको आगे की अनुभूतियों के बारे में अवगत करा सकता हूं🙏


कुछ सूत्र वचन कहता हूं जो उनको ही समझ में आएंगे, जिनकी छठी इंद्रियों कुछ सक्रिय हुई है 🙏 जिन्होंने कहीं से कुछ सुन लिया है, वह ऐसा मानकर ना चले कि उन्होंने जान लिया है 🙏


🌹परमात्मा के आगे संसार है 🙏


बात समाप्त हो गई मैं कोई व्याख्या नहीं करूंगा🙏 जिन संतों ने व्याख्या की लोगों को भरमा दिया 🙏


जो परमात्मा के आगे नहीं पहुंचता वह संसार तक नहीं पहुंचता है 🙏 संसार में राहत जरूर है, पर यह कभी नहीं जान पता कि यह संसार है🙏 इस कुएं के कुछ पार भी है 🙏


अध्यात्म का विज्ञान बड़ा अद्भुत है 🙏


1. आंख वाला सीधे-सीधे देख लेता है, उस हिस्से को भी जहां उसका हाथ नहीं पहुंचता 🙏

2. कान वाला सीधे-सीधे सुन लेता है, उस पदचाप को जहां आंख नहीं पहुंचती 🙏

3. जो शांत हो गया, जो छुपा दिया गया, नाक तो उसे भी संघ लेती है 😂 हर इंद्री की अपनी माया है 🙏


4. आध्यात्मिक जगत में परमात्मा कुछ नहीं है, ब्रह्मण ब्रह्म से बड़ा है 🙏 मैं पंडित की बात नहीं कर रहा हूँ, मैं ब्राह्मण की बात कर रहा हूं जिसने जान लिया है, चित्त का बनना और उसका मिट जाना🙏 अथवा मिटा दिया जाना🙏 कथित ब्रह्मा तो शरीर को बनता है, जर्जरित करता/होता है और मिट जाता है🙏


5. जो परमात्मा से आगे निकल गया ब्राह्मण हो गया, वह तो चित्त का निर्माण करता है, चित्त को विकार विमुक्त करता है🙏 शब्द बहुत तुच्छ उस प्राणी के संबोधन के लिए > जिसने सब जान लिया सम्यक समबुद्ध हो गया 😂 प्राणी जगत में मनुष्य ही तो है, जो ब्रह्म के भी पर जा सकता है 🙏


6. प्राणी जगत में भगवान तो माता-पिता ही है स्थूल अर्थों में 🙏रिप्रोडक्टिव अंग का प्राणी से कोई लेना देना नहीं है, बनते हैं अपना काम करते हैं प्राणी को मजबूर करते हैं, मनुष्य हो या अन्य कोई प्राणी जगत, शरीर में ना हो या निकाल दिए जाएं, अथवा कोई पूर्ण किन्नर भगवान होने के योग्य तो नहीं होता, ब्रह्म होने के योग्य तो नहीं होता है 🙏परंतु ब्रह्म से पर जा सकता है🙏 जो कोई पूर्ण किन्नर हो 🙏


7. ध्यान की पद्धति की चर्चा करूं तो प्राणी का विकास कोई डॉक्टर मशीन में देखे बात समझ में आती है, पुरुष मशीन का सहारा ले यह भी बात समझ में आती है🙏 परंतु स्त्री ना जान पाए 🙏 तो वह स्त्री ब्राह्मण होने योग्य नहीं है🙏 स्त्रियां जन्म से ब्राह्मण होती हैं🙏 परंतु पुरुष की लूट प्रवृत्ति ने स्त्री को ब्राह्मण होने की सोच से भी पृथक कर दिया है🙏 वह उस हिरण की तरह से है जो कस्तूरी को पूरे जंगल में खोजती है😂

8. निस्तव्यता में ध्यान में बैठा हुआ उच्च कोटि का साधन भी, कई बार अगल-बगल की ध्वनि को नहीं सुन पता है 🙏 जबकि कान की तो कोई पलके नहीं होती है 🙏 अंदर बहुत शोर गुल रहता है 🙏 बंद आंख भी बहुत कुछ देखती है🙏 खुली आंख के देखने की गति है, बंद आंख तो प्रकाश की गति से देखती है 🙏 छठी इंद्री का अति अद्भुत विज्ञान है 🙏


9. मंडन मिश्र की पत्नी ने, पहुंचे हुए ब्रह्मचारियों को भी पानी पिला दिया था🙏 इस अपमान को पुरुष कैसे भूल सकता है इसलिए पुरुष ने उसके ब्रह्म होने के एहसास को ही भुला दिया 😂

10. कथित राष्ट्रवादी सबसे पहले स्त्रियों से लड़ते हैं😂 जब स्त्रियां उनकी अधीनता स्वीकार कर लेती हैं तो आपस में लड़ते हैं 😂 क्योंकि कोई भी राष्ट्रवादी आध्यात्मिक नहीं होता है, पाखंडी जरूर हो जाते हैं, हर धर्म के पाखंड अपनी अपनी तरह के होते हैं 🙏यह संतों का कर्तव्य है, राग दोष से मुक्त होकर संसारियो को संसार से पर ले चले, मार्गदर्शन करें 👏


 आज के लिए इतना काफी है 🙏


 गहन साधक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

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