Wednesday, 26 February 2025

व्हाट्सएप पोस्ट 25 फरवरी तक

 [21/02, 10:59 am] kamleshmittra: जनाब पदम सिंह जी(+91 98687 29274


आपने पुनः पैराग्राफ नंबर डाले बिना बात कह दी है 🙏 या तो मैं आपके पैराग्राफ की पुनरावृत्ति करूं फिर आपत्ती करूं 🙏 या इस घाल मेल को स्वीकार कर लूँ 🙏


कृपया ध्यान रहे आप किसी पाठक के साथ चर्चा नहीं कर रहे हैं 🙏 इसलिए कथन और उसकी भूमिका के बारे में जान लें, मुझे भक्तों से बात करना पसंद नहीं है क्योंकि भक्त लोग गलत बात को भी सही सिद्ध करने का प्रयास करते हैं🙏


1. जैसा तुलसीदास ने किया था, महाकाव्य रामायण में वाल्मीकि ने आदर्श राजा के जो गुण बताए थे, वह रामचंद्र में कभी नहीं थे🙏 परन्तु रामचरित्र मानस की रचना करते हुए तुलसीदास ने वह सारे गुण रामचंद्र में दिखा दिए 😂 भक्तों की तो माया ही निराली है 🙏 और जब उनके पास किसी बात का उत्तर नहीं होता है तो भाषा का स्तर भी गिर जाता है, जैसे ढोल गंवार शूद्र पशु नारी......., संत शिरोमणि गुरु रविदास का वचन था, पूजीय चरण चांडाल के...... आदि विषयों पर तुलसी कुतर्क करके मनुवादियों के बीच प्रिय हो गए 🙏

2. ऐसे में अधिक देर तक सार्थक चर्चा नहीं की जा सकती है, कुतर्कों पर क्या चर्चा की जाए 🙏 जहां पैराग्राफ ही ना हो वहां कैसे कहा जाए कि यह बात या यह पैराग्राफ गलत है🙏 असली के साथ ही नकली चलाया जाता है, इसलिए कथन के साथ उप कथन गलत लिखे जाते हैं, आरएसएस के प्रवक्ता (लेखक) इसमें कुशल है🙏

3. लगभग सभी पार्टियों के प्रवक्ता आरएसएस की पाठशाला के नियमित विद्यार्थी हैं, जो भारतीय संविधान की मूल भावना की हत्या करने के लिए पर्याप्त है 😂 क्योंकि भारतीय संविधान भाग और अनुच्छेद के साथ लिखा गया, भागो और अनुच्छेदों के अनुक्रम में बहुत ही वैज्ञानिक तालमेल है🙏 जो इस तरह की शैली का प्रयोग नहीं करता अंबेडकरवादी नहीं हो सकता है 🙏 अब आपके लेख का संक्षिप्त उत्तर देता हूं🙏 क्योंकि पैराग्राफ वाइज उत्तर देना संभव ही नहीं है 🙏


4. यदि मायावती के सारे कार्य अच्छे होते हैं, तो जनता उन्हें इतनी बुरी तरह से नहीं नकारती, कई राज्य में मुख्यमंत्री 20-20 30-30 साल रहे हैं 🙏 उत्तर प्रदेश की जनता ने 50 साल का इतिहास बदल दिया था, बिगत 25-30 साल से त्रिशंकु विधानसभा चल रही थी 🙏

5. दलितों की बहुसंख्यक आबादी वाले उत्तर प्रदेश से मायावती इतनी जल्दी विलुप्त कैसे हो गई यह विषय विचारणीय है 🙏 यह भक्ति करने का विषय नहीं है🙏 आपके साथ चर्चा करना कितना सार्थक होगा मैं नहीं कह सकता? यदि आप बहुजन समाज पार्टी के कुशल कार्यकर्ता है, तो उम्मीद करता हूं कि चर्चा को अग्रसारित किया जाएगा, अन्यथा यह चर्चा वाणी विलास से अधिक कुछ नहीं होगी🙏


6. विषय उठता है माननीय काशीराम को डॉक्टर अंबेडकर के बारे में क्यों नहीं पता था? जबकि पंजाब से आने वाले माननीय काशीराम जो खुद को रविदासिया (रैदास-सिक्ख)कहते थे, क्या वहां पर डॉ आंबेडकर नहीं पहुंचे थे? क्या डॉक्टर अंबेडकर से पंजाब अनभिज्ञ था? 

7. जो सफलता माननीय काशीराम ने उत्तर प्रदेश में प्राप्त की वह पंजाब में क्यों नहीं प्राप्त कर सके?


8. मायावती की कुर्सी तोड़ने की आदत और अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को प्रताड़ित करने तथा दिगभ्रमित करने की आदत ने बहुजन समाज पार्टी को कमजोर कर दिया है, क्या कभी आपको ऐसा नहीं लगता है?

9. मैं पुनः कथन करता हूं माया भक्ति छोड़ कर, दलित समाज के उत्थान के भक्ति करने से ही समाज का कल्याण होगा🙏 मर्जी आपकी🙏

10. बाबा साहब ने तीन ही विषय दिए हैं, एक पर वह स्वयं काम करके चले गए, दो पर अभी काम किया जाना बाकी है🙏 परंतु आप जैसे लोग मायावती के संरक्षण पर काम कर रहे हैं 😂

11. सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक (समानता) समता (न्याय)🙏 न्याय की परिभाषा आरएसएस की पाठशाला में खोज रहे हैं, आप आरक्षण के आगे एक कदम भी नहीं बढ़े है, आरक्षण आपका अधिकार नहीं है समता अधिकार है🙏

12. समता के संबंध में अन्य प्रतिमान अभी तक आपकी(BSP) सोच में आए ही नहीं है, और आने की कोई संभावना भी नहीं है क्योंकि माननीय काशीराम द्वारा बनाया गया थिंक टैंक को समाप्त कर दिया गया, केवल सतीश मिश्रा की सलाह पर प्रतिमाओं की राजनीतिक आरंभ की गई 🙏

13. आपने (BSP) कहीं पर भी वेतन विसंगतियों को दूर नहीं किया, सिर्फ मूर्तियों की राजनीति की है, नाम बदलने की संस्कृति को जन्म दिया 🙏 आर्थिक समानता का विषय मायावती की बहुजन समाज पार्टी की राजनीति का अंग नहीं है🙏 और जब तक ऐसा रहेगा मैं मायावती का विरोध करता रहूंगा🙏 क्योंकि बीएसपी को खड़ा करने में मेरे खानदान का भी खून शामिल है😭


14. ध्यान रहे भाजपा भाग्यवादी पार्टी है, और बीएसपी भक्तिवादी पार्टी 😂 बीएसपी में टिकट उसको मिलता है जो नोटों की माला चढ़ता है 🙏 बीजेपी में किसी की भी लॉटरी निकाल सकती है, जो मनुवाद का वफादार है😝


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[25/02, 10:10 pm] kamleshmittra-SCI: आशीष जी(8982217371)


बिहार और मूर्तियों के संबंध में हमारा दृष्टिकोण अलग है : बिहार वह स्थान है जहां पर लोग बैठकर समाज के लिए चिंतन करते हैं, मूर्ति वह है जिसको आदर्श मानकर समाज को सुसंगठित करते हैं🙏


दलितों के कोई भी बिहार और मंदिर मुझे इस योग्य नहीं दिखाई देते जहां बैठकर समाज के हितों की चर्चा की जा सके और अन्य समाज को ना पता लगे 🙏


 जहां तक मूर्तियों का सवाल है, वह सब धूल खा रही है और चिड़िया कौवे के बैठने का स्थान है 🙏


 मैं दिल्ली में हूं, और आपको दिल्ली की स्थिति बता रहा हूं 🙏 अन्य छोटे शहरों में मंदिरों और विहारो की क्या स्थिति है, यह शोध का विषय है 🙏


इसीलिए मेरा पहला कथन है कि दलित समाज अपने समाज के लिए नहीं कमाता है 🙏 अपने घर परिवार के लिए भी नहीं कमाते हैं, भविष्य की उम्मीद में जीता है 🙏 जिसका लाभ कोई और लेता है 🙏


समाज के लिए कामना और व्यक्ति के लिए कामना दो अलग चीज हैं 🙏


जहां समाज के चार लोग बैठे हो वहां चाय पानी की व्यवस्था होनी चाहिए अगर ऐसा नहीं है तो वह बात करते हुए थोड़ी देर में ही गर्म होने लगेंगे, मैं दलित समाज के अधिकांश बैठकों में ऐसा ही देखना हूँ 🙏


नियमित रूप से किसी भी मंदिर में कहीं कोई बैठता हुआ दिखाई नहीं देता है, जब तक चार लोग आकर नहीं बैठते उसको मंदिर नहीं कहा जा सकता है 🙏 और जब तक चार लोग आकर नहीं बैठेंगे समाज को सुसंगठित दिशा नहीं मिलेगी🙏


 आपका उपरोक्त कथन, अज्ञानता से भरा हुआ है, अथवा धूर्तता से भरा हुआ है 🙏 जो दलित समाज की उन्नति नहीं चाहते है 🙏 वह चाहते हैं हमेशा दलित समाज में बिखराव बना रहे🙏


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[26/02, 12:24 pm] kamleshmittra: 🌹आगामी चेतावनी लेख के संदर्भ में 👏


मैं एक कथित धार्मिक संगठन के गतिविधियों को फिर नंगा करने जा रहा हूं🙏


 दिल थाम कर बैठे 😂 क्योंकि लगभग 6 महीने पहले दी गई चेतावनी की कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया मुझे दिखाई नहीं दे रही है🙏


मेरा किसी धार्मिक संगठन से कोई लेना-देना नहीं है🙏 परंतु मेरा धर्म से लेना देना है 🌹


धर्म के नाम पर अधर्म की अर्थ राजनीति करोगे तो मेरी कलम चुप नहीं बैठेगी 👹


कुछ लोग अपनी सीमाओं में, अपनी क्षमताओं के अनुसार घोषित नियम के अधीन संगठनात्मक धार्मिक कार्य कर रहे हैं🙏 मेरे सीधे संपर्क में है 🙏 मैं समय-समय पर उनकी भी आलोचना करता हूं, क्योंकि धर्म बहुत ही व्यापक है🙏 धार्मिक संगठन तक सीमित हो जाना धर्म की रक्षा नहीं है, मैं उनसे ज्यादा अपेक्षा करता हूं इसलिए उनकी आलोचना करता हूं🇮🇳


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[26/02, 1:05 pm] kamleshmittra: 🌹Arvind Kumar Meena जी,


बहुजन समाज पार्टी एक थकी हुई पार्टी है 😂😂😂


1. बूढ़े हाथी से ज्यादा उम्मीद नहीं करनी चाहिए, बचे हुए उसके दिन अच्छा से कट जाए, हमें इतनी ही आशा करनी चाहिए🙏


2. कोई छोटा प्राणी हो तो उसे कोई भोजन करा भी दे, बड़े प्राणी का शरीर ही उसकी मौत का कारण बनता है😂


3. मुझे ज्यादा उम्मीद नहीं है, हाथरस के बाद मथुरा की घटना पर BSP में थोड़ी सी गतिविधि नजर आ रही है, इसके स्थाई रहने की कोई संभावना नहीं है 🙏


4. बहुजन समाज पार्टी ने ना तो समाज को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया, ना ही बाहुबल प्रदान किया🙏 केवल समाज को भिखारी बनाया, इस बात को केजरीवाल ने अच्छे से पकड़ लिया, और उसकी राजनीति चल पड़ी, जिस राज्य में केजरीवाल सफल हुआ वहां बीएसपी समाप्त हो गई 🙏


5. BSP ने बहुजन समाज को यदि बाहुबली बनाया होता तो अखिलेश का शासन आते ही उसे पर अत्याचार नहीं होता, और भाजपा की सरकार आने पर दलित समाज की शिक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता🙏


6. कृपया बताने का कष्ट करें, आज दलित समाज के कितने % लोग डॉक्टर इंजीनियर और आईआईएम के संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, और कितने % लोग आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, आईएफएससी की परीक्षा में सफल हो रहे हैं 😍


7. मायावती ने राजनीतिक उथल-पुथल से दलित समाज को निष्प्रभावी बनाए रखने का कोई उपाय नहीं किया क्योंकि सत्ता में आते ही उनके मुख्य सलाहकार मनुवादी हो गए थे🙏( यह सोशल इंजीनियरिंग का दुष्परिणाम था)


8. इसलिए मैं मायावती की बीएसपी से कोई उम्मीद नहीं करता हूँ 🙏 पुलिस प्रशासन की क्षमताएं सीमित होती हैं, आज भी दलित समाज के पास सब्जी काटने के लिए अच्छा चाकू नहीं है, तो अपनी और अपने समाज की रक्षा कैसे करेगा🙏 विरोधी समाज तो धनबल से लाइसेंसी खरीद लेता है, और उसके बल पर पूरे गांव को डराता है 😂 क्या मायावती को अपने समाज की रक्षा के लिए कुछ नहीं करना चाहिए था, क्या उसके स्थाई उपाय नहीं करनी चाहिए थे, जबकि उस समय तक फूलन देवी की हत्या कर दी गई थी🙏


9. दबंग क्षेत्तो में काशीराम कॉलोनी में आज भी सवर्ण लोग ही रहते हैं, और नाम दलित का चलता है, यही हाल आवंटित पट्टो और भूमिका है 🙏 मायावती ने दलित हितैषी, अधिवक्ताओं और जजों का कोई पैनल तैयार नहीं किया, बल्कि मनुवादियों पर स्वयं निर्भर रही हैं, और समाज का पंगु बना दिया🙏


10. अस्तु समाज 1 जनवरी 1818 की स्थिति में पहुंच गया है, आरएसएस समर्थित मनुवादियों के द्वारा किए जा रहे चीर हरण के खिलाफ रक्त क्रांति जरूरी है🙏


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

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