[20/02, 8:40 am] Sd12 Padam Singh: मायावती की बीएसपी और उनके दिशाहीन कार्यकर्ताओं ने कौन कौन से शब्द RSS की पाठशाला से लिए है ?
कृपया बताने का कष्ट करें
मायावती की बीएसपी ने बिना लड़े ही बहुजन समाज के हजारों वर्ष पुराने इतिहास को जीवित कर दिया जिसे RSS को जन्म देने वालों ने दफना दिया था
मायावती के दिशाहीन कार्यकर्ताओं ने बिना लड़े वोट की ताकत से यूपी में एक बार नहीं ,दो बार नहीं,तीन बार नहीं चार बार बीएसपी की सरकार बनकर आंबेडकरवादी सोच को साकार कर दिया
हां इतना जरूर है कि मायावती के दिशाहीन कार्यकर्ताओं ने मनुवादियों की चमचागिरी नहीं की उन्होंने फटे हाल रहकर विचारधारा को जनजन तक पहुंचाने में ही समय लगाया जो मनुवादी चमचों की नजर में दिशा हीनता कहा जाता होगा?
[20/02, 9:30 am] kamleshmittra: आप माननीय काशीराम जी के कार्यकर्ताओं की बात कर रहे हैं😂
माननीय काशीराम के जाने के बाद बीएसपी का लगातार पतन हो रहा है जिसके लिए सीधे मायावती की गलत नीतियां और उनके कार्यकर्ता जिम्मेदार हैं, 🙏
[20/02, 10:44 am] Sd12 Padam Singh: मान्यवर जी
आपका कथन मनुवादी दुष्प्रचार से प्रभावित है
बहिनजी ने मान्यवर कांशीराम साहेब के साथ उनके मार्गदर्शन से ही समाज के लिए पूर्णतः समर्पण भाव के तहत सभी प्रकार के सुखों को तिलांजलि देकर नौकरी छोड़ी,घर छोड़ा,और अविवाहित रहकर मान्यवर कांशीराम साहेब के साथ पूरे देश की गलियों में धूल फांकी और मान्यवर कांशीराम साहेब की सर्वोत्कृष्ट शिष्या साबित करते हुए यूपी में राजनीतिक सफलता प्राप्त की और उनके जाने के बाद भी 2007 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनकर इतिहास निर्माण किया
बहिनजी आज तक उसी दिशा में निरंतर मिशन के साथ खड़ी है तमाम मनुवादियों द्वारा पैदा की गई मुसीबतों में भी मिशन से नहीं डिगी और आज भी उसी नीति के साथ बहुजन आंदोलन का कुशल नेतृत्व कर रही है
समाजवको गुमराह किए जाने के कारण समाज भटका है और अपनी पार्टी को वोट देने में कंजूसी की है जिसे बहिनजी अपने चट्टानी कार्यकर्ताओं के बल पर पुनः हासिल कर लेंगी
आप जैसे बुद्धिजीवी से इतनी अपेक्षा करते है कि नकारात्मक भाव न पैदा करे और न ही समाज को दिग्भ्रमित करे🙏
[20/02, 12:54 pm] kamleshmittra: मायावती भक्त का कुछ नहीं हो सकता, मायावती का भक्त बहुजन समाज का भक्त नहीं होता, और ना ही माननीय काशीराम का भक्त होता है 😂आचार्य रजनीश ने तर्क को वेश्या कहा है 🙏
कृपया मेरे यूट्यूब चैनल "Kamlesh Mittra" पर जाएं और अन्य लोगों के विचार भी सुने 🙏 आप अंतिम वक्त नहीं हो, मनुवादी को तो बगल में लेकर घूम रही हैं मायावती🙏 कभी वह त्रिशूल पकड़ा देता है कभी परशुराम जयंती मनवा देता है🙏 कभी परशुराम की भव्य प्रतिमा लगवाने का संकल्प कर देता है😂 ऐसी मूर्ख माया को दलित वोट क्यों करें 👹😝😍
[20/02, 6:26 pm] Sd12 Padam Singh: ये मात्र राजनीति का पार्ट है कार्य केवल विचारधारा पर ही किया जाता है और किया है
मोदी यदि बाबा साहेब डॉ अंबेडकर के सामने हाथ जोड़ता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वो बाबा साहेब डॉ अंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाओं को भी मानता है
[20/02, 8:04 pm] Sd12 Padam Singh: मायावती का भक्त बनने से बहुजन समाज की बेटी का सम्मान होता है और बहुजन समाज हुक्मरान(राजा) बन जाता है
मायावती की आलोचना करने से समाज गुमराह होता है और अपने पैरों में कुल्हानी मार की कहावत को चरित्रार्थ करता है अर्थात अपने राज पाट को हटाकर मनुवादियों की सरकार बनवाता है और शोषण का शिकार बनता है
हमने जीते जी अपने महापुरुषों की कद्र नहीं की जबकि मरने के बाद पूजा करते हैं
काश!हमने जीते जी बाबा साहेब डॉ अंबेडकर का सम्मान किया होता तो बहुजन समाज बाबा साहेब डॉ अंबेडकर के नेतृत्व में शासक बनकर अपनी आर्थिक मुक्ति कर चुका होता लेकिन हमने बाबा साहेब डॉ अंबेडकर के विरुद्ध कांग्रेस के दुष्प्रचार का हिस्सा बनकर काजलोलकर को जिताया जिसकी सजा समाज ने भुगती
हमने जीते जी मान्यवर कांशीराम साहेब का सम्मान नहीं किया हम मनुवादी चमचों पासवान को ऊर्जा देते रहे
आज पुनः हम वहीं गलती दोहरा रहे है आज बहिनजी हमारे बीच में संघर्षरत है हम उनके संघर्ष की सराहना न करते हुए मनुवादी और उनके द्वारा तैयार चमचों पर विश्वास बनाए हुए है परिणाम स्वरूप बहुजन समाज की राजनीति विफल हो रही है और मनुवादियों की राजनीति परवान चढ़ रही है
जब बहिनजी नहीं रहेंगी तब हम उनके गुणगान करने शुरू कर देंगे जिससे कुछ भी भला नहीं होने वाला होगा
[20/02, 9:29 pm] kamleshmittra: श्री पदम सिंह जी,(+91 98687 29274)
भक्ति रस में भारी आपकी इस टिप्पणी का खंडन तो नहीं करना चाहिए🙏और
आपके बौद्धिक लेख का खंडन भी नहीं करना चाहिए, परंतु अंध्र भक्ति बुरी है🙏 हवा में उड़ता हुआ गुब्बारा अपनी कमजोरी के कारण जमीन पर आ जाता है 😂 दलितों का गुब्बारा बार-बार क्यों नीचे आ जाता है इस पर विचार करना होगा🙏
1. भौतिक गुब्बारे के नीचे आने का कारण :- ऊंचाई के साथ वायुमंडल का दबाब कम हो जाता है🙏 अर्थात गुब्बारे की जिंदगी अपनी परिसीमा (आवरण) पर निर्भर करती है🙏 जिस गुब्बारे का अपना आवरण मजबूत नहीं होता, वह फट जाता है 😂 और जमीन पर आ जाता है 🙏
2. डॉक्टर अंबेडकर ने : सविता अंबेडकर से विवाह करके जीवन की वह गलती की, जो उनके अपने समाज के लिए आज तक घातक बनी हुई है, हमारे समाज के सभी आईपीएस आईएएस ब्राह्मणी से शादी करना पसंद करते हैं, चमारिन उनको पसंद नहीं आती है🙏 ब्राह्मणों की विधवा औरतों से हमें क्या लेना देना, वह उनकी संस्कृति थी, उनकी संस्कृत में हमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था🙏 सविता अंबेडकर के साथ उनका विवाह एक असफल विवाह था, नर्स-नर्स का काम ही अच्छे से कर सकती है 🙏 बाबा साहब कहानी को जानने वाले इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं🙏 बाबा साहब की हत्या का राज खुल गया होता, अगर सविता अंबेडकर उनकी पत्नी ना होती 🙏 बाबा साहब के संपूर्ण संघर्ष को ध्वस्त करने वाले तो ब्राह्मण ही है, इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह भगवाधारी है, अथवा चीवरधारी है 🙏 जिस प्रकार गुब्बारे का एक छेद उसको धराशाही कर देता है, बाबा साहब की इस चूक ने उन्हें जमीन पर ला दिया🙏 और पूरे बहुजन की हवा निकल गई🙏
3. माननीय काशीराम द्वारा खड़े किए गए सामाजिक संघर्ष की हवा निकालने वाली मायावती की गलती सतीश मिश्रा को पार्टी में शामिल करना है🙏
4. माननीय काशीराम ने समाज के सभी संवर्गों को शासन में समान अधिकार देने की बात की थी ना कि पार्टी में, मायावती ने सतीश मिश्रा को पार्टी में जगह देकर पूरे दलित मूवमेंट का सत्यानाश कर दिया है 🙏
5. मैं आलोचना इसलिए करता हूं ताकि लोग अंधभक्त छोड़ें, मायावती भी अपनी मूर्खता का परित्याग करें 🙏 आर्थिक समानता के मूवमेंट को आगे बढ़ाएं🙏 विश्व व्यापार नीति मनु वादियों के हाथ में दिया हुआ हथियार है, जिसे बिल्ली के भाग्य से छींका टूटने जैसा कह सकते है🙏 इसलिए आरक्षण की जिद छोड़ देनी चाहिए और आर्थिक समानता के मूवमेंट को धरती पर उतारना चाहिए🙏
6. वेतन आयोग को विवश करना चाहिए कि वह सभी को सामान मूल वेतन देने की सिफारिश करें यही संविधान की आर्थिक समानता की मूल अवधारणा है 🙏
7. यह बात ना तो मूर्ख मायावती को समझ में आ रही है, आप जैसे लोगों को कितनी समझ में आएगी यह तो भविष्य बताएगा, परंतु अन्य दलित पार्टीओं के जितने नेताओं से मेरी बात हुई है, सबको लालाराम बना है 🙏 कोई आर्थिक समानता के मूवमेंट पर काम करना नहीं चाहता है 🙏 सबको मायावती की तरह माया की देवी बनना है🙏
8. सभी को एक वोट का अधिकार देकर बाबा साहब ने यह तो नहीं सोचा था, जो मायावती कर रही है 🙏 केवल गरीबी की रेखा के नीचे के लोगो को ही नहीं बल्कि सभी को 5 किलो राशन मिलना चाहिए🙏 सभी की आर्थिक समानता सुनिश्चित हो🙏 इसको शक्ति से लागू करना होगा इसको जन आंदोलन बनना होगा🇮🇳
9. यदि आपकी जरा भी औकात है, तो माया भक्ति छोड़कर इस मिशन को आगे बढ़ाएं, और दलितों के सम्मान के लिए कार्य करें ना कि केवल मायावती के लिये 🙏
10. पुनः कहूंगा आचार्य रजनीश ने तर्क को वैश्य कहा है 🙏 आप जितना उलझोगे है, मुझे दलितों की असफलता की कहानी का खुलासा करना पड़ेगा🙏 मर्जी आपकी 🙏
अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064
[20/02, 10:58 pm] Sd12 Padam Singh: क्या दलित नेताओं की सवर्णों की पार्टियों में जाने से उनकी राजनीति ध्वस्त हो गई है?
क्या दलितों की फौज सवर्ण पार्टियों को कब्जे ले सकी है?
या दलित एजेंडे को लागू का सके है
जबकि सभी जानते है कि सवर्ण संचालित राजनीतिक दलों में दलित समाज के नेता दलितों के हितों को चोट पहुंचाने के बिलों पर हस्ताक्षर करने पर मजबूर होते है यहां तक कि अपने आकाओं को हस्ताक्षर से पहले सवाल भी नहीं पूछ सकते है
इसके विपरीत दलित समाज की एक मात्र पार्टी BSP में कुछ सवर्णों के पिछलग्गू होने मात्र से आपको लगता है कि पार्टी बदल गई है और सत्यानाश हो गया है
क्या दलित समाज के नेताओं को ही सवर्णों का पिछलग्गू बने रहना चाहिए?
क्या कोई एक भी सवर्ण दलित समाज की पार्टी में पिछलग्गू नहीं रहना चाहिए ?
क्या सवर्णों को गुलामी नहीं करनी चाहिए?
क्या गुलामी केवल दलितों के हिस्से में ही है
बसपा की पहली सरकार मान्यवर कांशीराम साहेब की निगरानी में
3 जून 1995 में बनी जिसमें रामबीर उपाध्याय केबिनेट मंत्री बना और लगातार चारों सरकारों में कैबिनेट मंत्री रहा तो आप कैसे कह सकते है कि मायावती ने सवर्ण नेताओं को पार्टी में लिया ?
जबकि मान्यवर कांशीराम साहेब ने नहीं लिया ?
बहिन कुमारी मायावती जी ने उसी पॉलिसी को लागू किया जो पॉलिसी मान्यवर कांशीराम साहेब ने बनाई
बहिनजी बहुजन समाज की आन,बान,शान,है गौरव है धरोहर है। बहुजन समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने समाज की महिला होने के नाते सम्मान देना चाहिए न कि बदतमीजी से पेश आना चाहिए
बिना तर्क की कसौटी पर कसे किसी को भी गलत मान लेना और आलोचना कर देना बुद्धिमत्ता नहीं है बल्कि समाज को नुकसान पहुंचाने वाला संस्कार है
बिना राजनीतिक परिवर्तन के सामाजिक परिवर्तन संभव नहीं है
बिना सामाजिक परिवर्तन के आर्थिक मुक्ति संभव नहीं है
मान्यवर कांशीराम साहेब ने बहुजन समाज की राजनीति का स्थाई घोषणा पत्र यही इसे ही बनाया है
*सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति*
हुक्मरान बनने पर ही इतने बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते है
[21/02, 1:42 am] kamleshmittra: जनाब पदम सिंह जी,(+91 98687 29274)
आपके संपूर्ण लेख में बड़ा घायल मेल है 🙏 बात का कोई पैराग्राफ नहीं है, इस प्रकार की भाषा शैली आरएसएस के प्रवक्ताओं की होती है, ताकि किसी बात का जवाब ही नहीं दिया जा सके🙏 फिर भी मैं प्रयास करता हूं, क्योंकि रक्षात्मक मुद्रा में लिखे गए आपके सभी कथन विचारणीय है, अल्प बुद्धि के लोगों को दिगभ्रमित करने वाले हैं 🙏
1. बात को उदाहरण से आरंभ करते हैं, यदि कोई विद्यार्थी दसवीं की परीक्षा में फेल हो जाए तो उसके मां-बाप और शुभचिंतक दलील दें कि उसके बच्चे को यह आता है वह आता है आदि आदि 🙏 मास्टर ने जबरदस्ती फेल कर दिया, यह सुनकर बच्चा भी एंठ दिखाएं और अगली परीक्षा में फिर फेल हो जाए 😂 उसके शुभचिंतक फिर इसी प्रकार की दलील दें, तो ऐसे विद्यार्थी का सर्वनाश होने से कोई नहीं रोक सकता है 🙏
2. आपका संपूर्ण लेख एक पक्षीय है, विगत तीन लोकसभा चुनाव और अनंत विधानसभा में हार और घटते वोट प्रतिशत के खिलाफ, शुतुरमुर्गिया रक्षा के उपाय करने से आप बीएसपी का सर्वनाश होने से नहीं बचा सकेंगे 😭
3. मेरी रोजी-रोटी बीएसपी से नहीं चलती, मेरी रोजी-रोटी कभी भी बीएसपी से नहीं चली, यह दूसरी बात है कि हमारा डेढ़ सौ लोगों का कुनबा बीएसपी का सपोर्टर रहा है 🙏 मेरी तकलीफ ज्यादा है, मैं तो BSP की हार के करणो पर चर्चा करूंगा🙏 माया भक्ति से मेरा कोई लेना देना नहीं है 🙏
4. अगर उनका दिमाग काम नहीं करता है, अगर वह सरकारी एजेंसियों के दबाव में हैं 🙏 तो बीएसपी का अध्यक्ष पद छोड़ देना चाहिए और उस पर निष्पक्ष चुनाव होने देना चाहिए🙏 चाहे तो वह मार्गदर्शक मंडल में रह सकती हैं 🙏
5. आप मानते हैं कि दलितों की कोई और विश्वसनीय पार्टी नहीं है, परंतु अब यह अवधारणा टूटती जा रही है 🙏 हर राज्य में स्वतंत्र अस्तित्व निकलकर आ रहा है 🙏 बीएसपी ने अपनी नीति में सुधार नहीं किया, तो बीएसपी का भी वही हाल होगा जो जनता दल का हुआ है 🙏 जनता दल ने बहुत से राजनीतिक दलों को जन्म दिया है 🙏 बहुजन समाज पार्टी से बहुत से राजनीतिक दल निकलेंगे🙏
6. महिला सम्मान महिला सम्मान, की बातें उठाते हुए, कभी दलित सम्मान की भी बातें सोचनी चाहिए, दलितों का सम्मान रहेगा तो दलित महिला का भी सम्मान हो जाएगा 🙏
7. एक दलित महिला के भ्रष्टाचार को छुपाए रखने के लिए, अथवा षड़यंत्र पर पर्दा डालकर दलितों के सम्मान को कूचला नहीं जा सकता है 🙏
8. मेरा अपना शोध है बहुजन समाज पार्टी में वे ही कार्यकर्ता वफादारी से कार्य करते हुए नजर आते हैं जिन्होंने मायावती के शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार किया है और सरकारी एजेंसी के रडार पर हैं 😂 अथवा वर्तमान समय में जिनकी रोजी-रोटी बीएसपी से चल रही है🙏
9. यह दोनों लोग बीएसपी के सपोर्टर को भी काम नहीं करने देते है 🙏 जनहित के मुद्दों पर कोई आंदोलन नहीं करने देते है, दलित उत्पीड़न के मुद्दे पर कोई घेराव नहीं करने देते है 🙏
10. आपकी गलतफहमी है कि सतीश मिश्रा केवल केंद्र में, बीएसपी हवा निकालते होंगे 🙏जबकि सतीश मिश्रा के शुभचिंतक बूथ लेवल तक BSP की हवा निकालने के लिए तैनात हैं 🙏
11. या तो आप इन चीजों से अनजान है, या सब कुछ मेरे मुंह से कहलवाना चाहते हैं 🙏 इसको ही राजनीति कहते हैं, यही कूटनीति है खुद अपने मुंह से ना कहो दूसरे के मुंह से कहला दो 😂😂😂
मेरी तो बिल्ली के गले में घंटी बांधने की आदत है, जिन्हें बीएसपी में पद लेना हो वह चुप रहे, और कूटनीति करते रहे🙏 मैं 14 साल इंजीनियरिंग कॉलेज का टीचर रहा हूँ, रिजल्ट कार्ड को पढ़ना अच्छा ढंग से जानता हूं, और विद्यार्थी की मटरगश्ती को भी भली भांति पहचानता हूं 🙏
अस्तु चर्चा को समाप्त किया जाए🙏 क्योंकि आप बीएसपी के शुभचिंतक हैं तो सब कुछ जानते हैं🙏 मैले की बदबू को कपड़ा डालकर नहीं ढाका जाता है, मिट्टी डालकर दफना दिया जाता है 😂
अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा
@9335122064
No comments:
Post a Comment