Tuesday, 28 January 2025

महाकुंभ की झूठी चर्चा

 @ajtak @bbc


मूर्खता की पराकाष्ठा है😂


रामायण में कुंभ के मेले का कोई जिक्र नहीं है 😂😂😂

 

महाभारत में भी कुंभ के मेले का कोई जिक्र नहीं है😂😂😂 तो महाकुंभ कहां से आ गया😂😂😭👹


 समुद्र मंथन तो समुद्र में हुआ था😂😂😂


 यह पाखंड कब से शुरू हुआ, इस संदर्भ में जो प्रमाण है, वह इस प्रकार है -

भारत के महान सम्राट समुद्रगुप्त ने इसका आयोजन किया था🙏 यह महान सम्राट बुद्ध धर्म से प्रभावित था, इसलिए त्रिवेणी में सभी कुंभों ( कुए के मेंढक) को डुबकी लगवाता था 😂😂😂


ताकि मूर्खताओं को छोड़ दिया जाए, अपने डफली अपना अपना राग ना रहे 🙏 एक माह तक खुले मन से चर्चा हो🙏 सब त्रिवेणी में अपना कुंभ को पुनः भरें 😂😂😂 और उसके राज्य क्षेत्र में कहीं पर कोई धार्मिक विवाद ना हो 🙏🙏🙏


 परंतु महा मूर्ख लोग का संघ जिन्हें तेहरा अखाड़े कहां जाता है, एक दूसरे पर आज भी लाठियां भांजते रहते हैं 😂😂😂 कौन पहले नहाएगा आदि, कौन बड़ा और कौन छोटा आदि 👹


 जब आदि शंकराचार्य ने शैशव पंथ की स्थापना की, तो उनका वैष्णो पंथ से विवाद और गहरा हो गया 🙏


इसी का समाधान करने के लिए, त्रिवेणी में सभा का आयोजन किया गया, और यह सभा नियमित रूप से आज तक चली आ रही है, इस परंपरा का अनुपालन बादशाह अकबर ने भी किया 🙏 और भारत के महान बौद्ध सम्राट हर्षवर्धन ने भी किया था🙏


 विभिन्न संस्कृतियों का मिलन स्थल है संगम का त्रिवेणी क्षेत्र🙏🙏


 परंतु मूर्ख पाखंडी कहते हैं मुस्लिम यहां नहीं आएगा🙏🙏🙏, मुस्लिम तो पाकिस्तान से नहीं आया, अमेरिका की नागरिकता के लिए दुखी हो, पेट फड़कने को तैयार हो, तो यहां के मुस्लिम विदेशी कैसे होगा 😂🙏


बैल को केवल लाठी से ही समझाया जा सकता है 


 अब विषय उठता है देवता डुबकी लगाना कहां से आ गए 😂😂😭, 


 वह तो समुद्र में अमृत पीने के लिए झगड़ा कर रहे थे😂😂😂


 सब कथाओं की बातें हैं भाई, पंडित उपन्यास लिखने में कुशल है, उपन्यास के पात्रों को जोड़ने में भी कुशल है 🙏 उसकी यह कुशलता किसी भी पुराण( प्रेरणाप्रद काल्पनिक उपन्यास) को, ऐतिहासिक ग्रंथ बन सकती है🙏


अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064

Monday, 27 January 2025

14 जनवरी से 28 जनवरी 2025 तक की पोस्ट

 [11/01, 9:29 am] kamleshmittra-SCI: प्रिय नैन सिंह जी,


आपके द्वारा भेजे गए दो वीडियो पर मेरी प्रतिक्रिया निम्न प्रकार है🙏 


1. बुद्ध के वचनों में काफी कुछ मनुवाद मिश्रित दर्शन है🙏 क्योंकि ढाई हजार वर्ष से तिपिटक ब्राह्मणों के हाथ में रहा है 🙏अपनी श्रेष्ठ के प्रदर्शन करने के कारण ब्राह्मण कभी भी मनुवाद से मुक्त नहीं हो सकता है 🙏बुद्ध दर्शन पलायनवाद का दर्शन नहीं है, 🙏 


2. जिस प्रकार आर्य समाज में सनातनियों (महर्षि दयानंद सरस्वती के हत्यारे ने) ने अपना पाखंड घुसेड दिया है उसी प्रकार बुद्ध दर्शन में भी मनुवादियों ने पलायनवाद घुसेड दिया है 🙏


3. बुद्ध का दर्शन है आओ और देखो 🙏😂 जो खरा उतरे उसे स्वीकार करो अन्यथा त्याग दो 🙏 बुद्ध दर्शन में विवाद के लिए भी कोई गुंजाइश नहीं है🙏


4. जैसे कोई कहता है- चाय मीठी होती है, बुद्ध दर्शन कहता आओ चाय पियो, जिसने चाय पी ली वह दर्शन में नहीं उलझेगा 🙏 जैसा है वैसा स्वीकार करेगा और मुस्कुरा कर आगे चल देगा 😂 भले ही कोई लाख कहता रहे चाय नमकीन होती है 🙏 

5. परंतु जैन दर्शन वाले इसमें उलझ जाएंगे🙏क्योंकि जैन दर्शन दुय्तवाद को लेकर चलता है🙏 और मानवीय खुराफातों के ज्यादा निकट का दर्शन है😂 क्योंकि चाय मीठी और नमकीन दोनों हो सकती है 🙏


 साधक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[22/01, 10:00 am] kamleshmittra: मैं एक कार्य योजना में रुचि रखता हूँ, जिसका सैद्धांतिक ढाँचा पहले से ही स्थापित हो। 


डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने हमें वोट की राजनीतिक शक्ति तो प्रदान की, लेकिन वे व्यक्तिगत रूप से इस शक्ति का उपयोग हमारे समुदाय को लाभ पहुँचाने के लिए नहीं कर सके। 


यह कार्यकारी कार्य आदरणीय काशीराम द्वारा किया गया था। इसलिए, मैं आर्थिक समानता प्राप्त करने के लिए कार्यकारी कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूँ। मैं केवल साहित्य पर आधारित बयानबाजी में रुचि नहीं रखता। इसके लिए आर्थिक समानता के क्रियान्वयन के लिए एक नई योजना का आविष्कार करना आवश्यक हो सकता है। यदि आप इस कार्य योजना में रुचि रखते हैं, तो मैं आपको इस मिशन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूँ।"


 हिंदी ट्रांसलेशन

[27/01, 11:21 am] kamleshmittra-SCI: ( प्रश्नोत्तरी सूचना दिनांक 27 जनवरी 2025)


प्रिय नैन सिंह जी, 


आज सुबह-सुबह आप फिर मुझे अशुभ कार्य करा रहे हैं, कथित अंबेडकर वादियों और पाखंडियों को गाली दिलवा रहे हैं 🙏


मूर्ख अंबेडकरवादी भांति भांति के वीडियो बनाते रहते हैं, और दुष्प्रचार करते हैं 🙏 इस कार्य में पाखंडी ब्राह्मण भी उनके साथ देते हैं 🙏 ताकि मूर्खतापूर्ण विषयों पर चर्चा होती रहे और मानव कल्याण पर कोई चर्चा ना हो 🙏


जब अपने प्रश्न छेड़ दिया है तो सच्चाई भी सुनने लेवें :-


1. ज्योतिष विज्ञान (ज्ञान, अर्थात सांकेतिक रूप में सरस्वती )की संपूर्ण खोज, और उस पर अनुसंधान कार्य कुंभ क्षेत्र में ही होता रहा है इसीलिए उसको त्रिवेणी (गंगा यमुना और सरस्वती) कहते हैं यह एक माह का कार्यक्रम होता है, इतने विशाल गंगा क्षेत्र के आसपास रहना आसान होता है 🙏 बहुत सोच समझ कर इस स्थान का चुनाव किया गया था🙏


2. राज्य व्यवस्था करता था, पहले सम्राट समुद्रगुप्त इस कार्य को करते थे, इसलिए संगम क्षेत्र के किनारे समुद्रगुप्त का किला बना हुआ है, उसके बाद इस कार्य को बादशाह अकबर ने किया इसलिए सम्राट समुद्रगुप्त के किले के ठीक सामने अकबर का किला बना हुआ है🙏 दो नदियों के साथ-साथ ज्ञान की गंगा सरस्वती में स्नान करने के पश्चात ही कोई व्यक्ति मुक्त होता है🙏 एक माह तक कल्प वास करता है🙏 परंतु कंजूसों की जेब से बिना किसी भय के कुछ नहीं निकलता इसलिए उनको भय दिखाना ही पड़ता है 🙏 वे तो शैर-सपाटा करने आते हैं उनको त्रिवेणी स्नान से क्या लेना देना? ऐसे मूर्खों को ही भय दिखाया जाता है🙏 डुबकी लगाओ दान करो और भाग जाओ 😂


3. तन,मन,धन की विशुद्धी का स्थान है त्रिवेणी का संगम 🙏


4. अच्छा है, बुद्ध आज नहीं है, अगर वह होते तो अच्छे से दौड़ते ना जाने क्या-क्या उनके मुख से कहला देते हो 🙏 इसीलिए उन्होंने कलम सूत्र दिया था, पंचसील दिया था, आर्य अष्टांगिक मार्ग दिया था 🙏 किसी ऐसे मूर्ख की बात पर विश्वास ना करें जो पंचसील का पालन न करता हो, भले ही वह चीवरधारी बौद्ध भिक्षु ही क्यों ना हो 🙏( इस एपिसोड को बनाने वाला अथवा उसमें कार्य करने वाला पात्र क्या पंचशील का पालन करता है, जो लोगों के अहंकार की पुष्टि करता है और जिससे वह धन कमा सकता है वह तो केवल वह दिखाने का प्रयास करेगा😂)


5. आर्य अष्टांगिक मार्ग, समस्त शास्त्रों और ग्रंथो की प्रयोगशाला है 🙏 ध्यान करो तिपिटक में जोड़ी गई सारी मूर्खताएं भी समझ में आने लगेंगी🙏 विषयान्तर की चर्चा करके, किसी सभा के उद्देश्य को धूमिल करना घोर पाप है 🙏 पाखंडी कथित अंबेडकरवादी यही कर रहे हैं 🙏


 साधक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[27/01, 3:40 pm] kamleshmittra: प्रश्नोत्तरी-2 दिनांक 27 जनवरी 2025 


 @urmilesh ji ( पत्रकार को जवाब)


श्रीमान जी आप भी अपना संविधान बना ले 😂


क्या फर्क पड़ता है, एक उपन्यास और सही 🙏 भारत के संविधान की यही तो विशेषता है कि सबको अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है सबको अपने चिंतन का विस्तार करने की छूट है 😂😂😂 अटल जी ने भी तो संविधान में 200 संशोधन सुझाए थे वह संशोधन कहां गए😭😂😂😂👹अटल जी ही चले गए 😂😂🇮🇳


 कुछ भी थोपने की कोशिश करोगे तो कुटाई हो जाएगी, 400 की इच्छा रखने वाले 240 में सिमट गए, अब भी चाल नहीं सुधारी तो 40 में सिमट जाएंगे 😂


संविधान के रिप्लेसमेंट का फैसला तो ब्रिटेन की संसद अथवा यूनाइटेड नेशन में होगा😂क्योंकि भारत का संविधान 1950 भारत के मूल अधिनियम 1935 से लिंक होता है😂😂😂😂 जो यूनाइटेड नेशन 1946 के चार्टर से सम्बद्ध होते हुए इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट 1947 की घोषणा करता है 😂🙏


आज भी आपके राष्ट्रपति को राष्ट्रपति भवन के मुख्य भवन में विश्राम करने का अधिकार नहीं है, इसीलिए राष्ट्रपति होते ही पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है😂😂😂 100 साल के लीज पर मिली हुई आज़ादी ऐसे ही होती है 🙏 अगर अमेरिका ने कनाडा और पनामा पर आक्रमण किया तो पूरे विश्व का नक्शा कुछ और होगा, यूनाइटेड नेशन समाप्त होगा🙏


धारा 370 हटाने का परिणाम आप पूरे विश्व पर देख रहे हैं🙏अमेरिका गुंडई के रास्ते पर चल पड़ा, रूस यूक्रेन में लगातार गुंडई कर रहा है, इजरायल की गुंडई आज भी जारी है 🙏



 भारत की सभी सीमाएं असुरक्षित हैं,,


भारत के संविधान के साथ छेड़छाड़ करोगी तो पूरा विश्व की न्याय व्यवस्था खतरे में आ जाएगी, क्योंकि अगर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की मानसिकता में बदलाव होगा तो उसका असर पूरे विश्व पर दिखाई देगा😂😂😂 लंगोट पहनने वाले अपने लंगोट को संभाले, देश संभालना उनके बस की बात नहीं है 😂😂 इतने बड़े बुद्धिजीवी होते तो देश इतनी बार गुलाम ना होता 😂😂😂


अगर बीजेपी ने अपनी चाल नहीं बदली तो भारत के टुकड़े होने से कोई नहीं रोक सकता है, अखंड भारत की बात तो छोड़ दो जो पहले से उपलब्ध है वह खंड-खंड हो जाएगा 😢


( मोहन भागवत ने उसको एहसास तो दिल दिया, कि वह नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री नहीं है🙏 जनता ने उसके खुदा होने का घमंड तोड़ दिया, जबकि केंचुआ ने जी तोड़ मेहनत की, वोटो में अंतिम सीमा तक उलट फेर किया, जितना वह गृह युद्ध को रोक कर कर सकता था 😭 केंचुआ ने अपनी आदतें नहीं सुधारी तो देश में किसी भी समय गृह युद्ध हो सकता है🙏 अब लंगोट धारी की बारी है, भगवा को बहुत बदनाम कर लिए यह व्यापारी, लोभी लालची अत्याचारी)


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

पत्रकार उर्मलेश को जवाब

 @urmilesh ji ( पत्रकार को जवाब)


श्रीमान जी आप भी अपना संविधान बना ले 😂


क्या फर्क पड़ता है, एक उपन्यास और सही 🙏 भारत के संविधान की यही तो विशेषता है कि सबको अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है सबको अपने चिंतन का विस्तार करने की छूट है 😂😂😂 अटल जी ने भी तो संविधान में 200 संशोधन सुझाए थे वह संशोधन कहां गए😭😂😂😂👹अटल जी ही चले गए 😂😂🇮🇳


 कुछ भी थोपने की कोशिश करोगे तो कुटाई हो जाएगी, 400 की इच्छा रखने वाले 240 में सिमट गए, अब भी चाल नहीं सुधारी तो 40 में सिमट जाएंगे 😂


संविधान के रिप्लेसमेंट का फैसला तो ब्रिटेन की संसद अथवा यूनाइटेड नेशन में होगा😂क्योंकि भारत का संविधान 1950 भारत के मूल अधिनियम 1935 से लिंक होता है😂😂😂😂 जो यूनाइटेड नेशन 1946 के चार्टर से सम्बद्ध होते हुए इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट 1947 की घोषणा करता है 😂🙏


आज भी आपके राष्ट्रपति को राष्ट्रपति भवन के मुख्य भवन में विश्राम करने का अधिकार नहीं है, इसीलिए राष्ट्रपति होते ही पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है😂😂😂 100 साल के लीज पर मिली हुई आज़ादी ऐसे ही होती है 🙏 अगर अमेरिका ने कनाडा और पनामा पर आक्रमण किया तो पूरे विश्व का नक्शा कुछ और होगा, यूनाइटेड नेशन समाप्त होगा🙏


धारा 370 हटाने का परिणाम आप पूरे विश्व पर देख रहे हैं🙏अमेरिका गुंडई के रास्ते पर चल पड़ा, रूस यूक्रेन में लगातार गुंडई कर रहा है, इजरायल की गुंडई आज भी जारी है 🙏


 भारत की सभी सीमाएं असुरक्षित हैं,,


भारत के संविधान के साथ छेड़छाड़ करोगी तो पूरा विश्व की न्याय व्यवस्था खतरे में आ जाएगी, क्योंकि अगर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की मानसिकता में बदलाव होगा तो उसका असर पूरे विश्व पर दिखाई देगा😂😂😂 लंगोट पहनने वाले अपने लंगोट को संभाले, देश संभालना उनके बस की बात नहीं है 😂😂 इतने बड़े बुद्धिजीवी होते तो देश इतनी बार गुलाम ना होता 😂😂😂


अगर बीजेपी ने अपनी चाल नहीं बदली तो भारत के टुकड़े होने से कोई नहीं रोक सकता है, अखंड भारत की बात तो छोड़ दो जो पहले से उपलब्ध है वह खंड-खंड हो जाएगा 😢


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

Monday, 6 January 2025

3-7 जनवरी की पोस्ट

 [03/01, 3:17 pm] kamleshmittra: प्रिय समकक्ष साधक एवं शिविर संचालक श्रावस्ती विपस्सना सेंटर 🙏🌹


आपके व्याख्यान पर टिप्पणी करने योग्य कुछ भी नहीं है 🙏

क्योंकि जो बुद्ध का वचन है उस पर कोई क्या टिप्पणी करेगा🙏

जो बुद्ध के नाम से प्रचारित है, उस पर तो कोई विवादी पंडित ही टिप्पणी कर सकता है🙏


परंतु आपने मुझे टिप्पणी करने के लिए कहा है इसलिए मैं आपको कोटि-कोटि धन्यवाद करूंगा कि आपके मार्गदर्शन में रहकर ही मैं गंभीर साधना कर सका, आप पग पग पर मेरे साथी बने और हर प्रकार से मेरा सहयोग और मार्गदर्शन करते रहे उसके लिए मैं आपको आज भी कोटि कोटि नमन करता हूं🙏


1. मेरे लेख तो बोधी पर आधारित होते है, जो समस्या प्रथम संगिति के समय 499 अर्हन्त भिक्षुओं के साथ थी, वही समस्या मेरी है 🙏 मैं यह नहीं कह सकता कौन सा बुद्ध का वचन है और कौन सा मेरा अपनी बोधि का वचन है 🙏 इसकी व्याख्या तो कोई आनंद ही कर सकता है, फिर भी रसगुल्ला का स्वाद बताते समय कोई यह कैसे निर्धारित करेगा कि मैं दूसरे की कही बात कह रहा हूं जबकि मैंने रसगुल्ला का खुद सेवन कर लिया हो 🙏


2. जहां तक सनातन शब्द के संबंध में बुद्ध का कथन है, वह स्थिति अलग थी, उसका भावार्थ अलग था 🙏


3. परंतु आज के संदर्भ में मेरी टिप्पणी इस प्रकार है, जिन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती के समाज सुधार को नहीं माना और 8 साल के अंदर सन 1883 में उनकी हत्या कर दी, अंग्रेजों के दंड विधान से बचने के लिए वह खुद को हिंदू कहने लगे थे, उससे पहले वह खुद को सनातनी कहते थे 🙏


4. महर्षि दयानंद सरस्वती के समाज सुधार का वह यह कहकर विरोध करते थे कि हम सनातनी हैं, सती प्रथा, मानव बली, देवदासी प्रथा जातिवाद, सदियों से होती चली आई है और ब्राह्मण ग्रंथो के अनुसार ब्रह्म रचित है, को बनाए रखने के लिए वे लोग खुद को सनातनी कहते थे 🙏


5. मनुवादियों का खुद को सनातनी कहने के भावार्थ अलग है, धम्म में प्राकृतिक नियम को सनातन कहा गया है, वह अलग अर्थों में है 🙏


6. जैसे तारों में प्रकाश और गर्मी दोनों होती है, सूर्य एक तारा है सनातन सत्य है 🙏


7. आसाराम बापू सनातनी है यह पूरी तरह से असत्य कथन है 😂


8. जिस प्रकार भगवान शब्द का मुख्ता दो प्रकार से प्रयोग होता है 🙏


9. भग +वान = भगवान अर्थात स्त्री पुरुष के अंगों के मिलने से जीव की उत्पत्ति होती है इसलिए प्राणियों का जन्मदाता भगवान है 🙏


10. दूसरे अर्थों में भग्ग रागो, भग्ग दोषो, भग्ग मोहो अर्थात जिसने अपने राग दोष और मोह को भंग कर दिया अर्थात भस्म कर दिया जो समस्त विकारों से विमुक्त है, चित्त और शरीर के बंधन से मुक्त है, भंग की अवस्था को प्राप्त कर चुका है, जो भंगी हो गया है भगवान है 🙏


गंभीर साधक का अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[03/01, 4:27 pm] kamleshmittra: सूचना दिनांक 3 जनवरी 2025 🌹सर्व-साधारण को सूचित किया जाता है कि 🙏 कृपया जल्दी करें, जीवन साथी चुनने का सुनहरा सीमित अवसर 😂


1. एक सेल्फ डिपेंडेंट श्रीमती की आवश्यकता है, जिनकी आयु 30 से 40 वर्ष के बीच हो, रेडीमेड एक बच्चा भी हो तो भी चलेगा 😂


2. आवश्यकता के मुख्य वजह श्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली सरकार की तरफ से लांच की जाने वाली अधिवक्ताओं की वेलफेयर योजना है 🙏 इसके अंतर्गत दिल्ली के अधिवक्ताओं के लिए 5 लाख का मेडिकल इंश्योरेंस, और 10 लाख का बीमा है 🙏 कल मैं इस फॉर्म को भर रहा था 🙏 जिसमें नॉमिनी के रूप में श्रीमती और बच्चे का नाम भरना था🙏


3. मेरे पास कोई विकल्प नहीं था इसलिए मैं इसको बाईपास करके आगे बढ़ जाना चाहता था परंतु केजरीवाल ने इसकी कोई व्यवस्था नहीं की है इसलिए मैं अभी तक फॉर्म कंप्लीट नहीं कर पाया हूं, फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 15 जनवरी 2025, अब मुझे ही श्रीमती और बच्चे की व्यवस्था करनी पड़ेगी🙏 इसलिए हमारे सहयोगी शीघ्रता करें🙏


4. मेरे पूर्व विवाह का अनुभव है कि लड़की हो या लड़की के मां-बाप सिर्फ लड़के के वेतन को देखकर शादी करते हैं परंतु उनका समर्पण नहीं होता है इसलिए हमारी पहली शर्त है कि लड़की सेल्फ डिपेंडेंट हो और उसे जीवनसाथी की आवश्यकता हो 🙏 संत शिरोमणि गुरु रविदास, डॉ. अंबेडकर तथा बुद्ध के प्रति समुचित ज्ञान रखती हो, किचन विज्ञान के बारे में भी पर्याप्त जानकारी रखती हो🙏


5. मैं सुप्रीम कोर्ट का अधिवक्ता हूं, और AOR की परीक्षा में व्यस्त हूं, बात करने के लिए समय कम ही रहता है, वैसे भी अन्य लोगों के दुख दर्द पढ़ते-पढ़ते, और माननीय सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट पढ़ते-पढ़ते, अपने दुख दर्द व्यान करने के लिए समय कम ही होता है 🙏


6. इसलिए ऐसे जीवनसाथी की तलाश है जो आवश्यकता को इशारों में समझ ले, सूंघ ले🙏 पिछला सन्ग-साथ 2007 में छूटा गया था, जीवन के अनुभव बहुत बुरे रहे इसलिए विगत 18 सालों में दोबारा से हिम्मत नहीं कर सका हूं 🙏 


7. परंतु जीवन के तीसरे पड़ाव में दिल्ली सरकार ने जीवन साथी खोजने के लिए मजबूर कर दिया है🙏


8. इस ग्रुप के सभी सदस्यों से सहयोग की अपेक्षा करता हूं, जिस जीवनसाथी को दिल्ली की समझ हो, हमारे गरीब खाने पर उसका स्वागत है😂


भाईयों मैं मजाक नहीं कर रहा हूं मेरी आवश्यकता है, आपसे सहयोग की अपेक्षा है 🌹


जीवनसाथी की तलाश में अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064


नोट :-माननीय पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की योजनाओं का मारा अधिवक्ता

[07/01, 12:50 am] kamleshmittra: प्रतिक्रिया लेख दिनांक 7 जनवरी 2025 


🌹प्रोफेसर आनंद साहब,


आजाद जी के द्वारा सोशल मीडिया कि ग्रुप चर्चा में जिस तरह से तथ्यों को रखा गया, वह कई दृष्टिकोण से आपत्तिजनक है और परिवारों को तोड़ने वाला है 🙏 उनको एक मेच्योर व्यक्ति की तरह अपनी बात को रखना चाहिए था ना की प्रतियोगिता के प्रतिवादी की तरह 🙏 बात को अपना विचार कह कर रखना चाहिए ना कि अंबेडकर और बुद्ध के नाम से प्रचारित करना चाहिए👹


यदि सोशल मीडिया ग्रुप पर आप इस तरह की प्रतियोगिता रखते हैं, तो द्वितीय पक्ष को भी तत्काल काउंटर करने का मौका दिया जाना चाहिए, अन्यथा समाज में बहुत ही भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी और बौद्ध धर्म बदनाम हो जाएगा, बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर बदनाम हो जाएंगे🙏 बुद्ध और अंबेडकर को बदनाम करने वाले कि मैं अच्छे से बजाता हूं 👹


1. मैं दलित समाज का अधिवक्ता हूँ और दलितों की पारिवारिक समस्याओं से ही जूझता रहता हूं 🙏 दलितों की पारिवारिक उन्नति और सामाजिक उन्नति ना होने का कारण उनके परिवारों का विखंडन बहुत बड़ी समस्या है 🙏

2. मिस्टर आजाद जैसे लोगों को ना तो बौद्ध धर्म की ए बी सी डी पता है, और ना ही डॉ अंबेडकर की विचारधारा से परिचित है 🙏 

3. डॉ अंबेडकर की संपूर्ण विचारधारा संविधान के अनुच्छेद में नहीं है बल्कि संविधान में लिखे हुए परंतुक से परिलक्षित होती है 🙏 जिसे मूर्ख अधिवक्ता तक नहीं पढ़ते है, और कई बार मनुवादी जज उसी का फायदा उठाकर अपना जजमेंट लिख देते हैं जिसको कोई वकील चैलेंज नहीं करता है क्योंकि माननीय सुप्रीम कोर्ट में हमारे समाज के अधिवक्ता ही नहीं है🙏 

4. और हाई कोर्ट में भी हमारे समाज के अधिवक्ताओं की संख्या सीमित है और हाई कोर्ट को संवैधानिक विषयों पर सुनने का अधिकार भी नहीं है वह केवल कानून पर विचार कर सकता है कि कानून संविधान के अनुरूप है अथवा नहीं है 

5. किसी मनुवादी पब्लिकेशन से छपी हुई डॉ अंबेडकर के नाम की पुस्तकों को अंबेडकर की विचारधारा नहीं कहा जा सकता है 🙏


फिलहाल में अपनी बात को पुस्तकों से पृथक रखने का आदी हूं इसलिए मुझे यह मत पूछना कि किस पुस्तक में पढ़ा, जैसे चाय पीने वाले को चाय की पुस्तक पढ़ कर चाय का स्वाद बताने की जरूरत नहीं है 🙏 इस अनुक्रम में अपनी बात स्पष्ट कर देता हूं यदि हो सके तो आप इस मैसेज को आजाद जी तक पहुंचा दें 🙏


6. प्राणी जगत दो तत्वों से बना है, जिसे जीव और आत्मा कहते हैं 🙏 बुद्धिस्म में आत्मा को ही चित्त कहा जाता है🙏 अर्थात जिसके कारण मनुष्य जीवित कहा जाता है 🙏 कोमा में व्यक्ति जीवित होता( अर्थात जीव होता) है परंतु चेतन नहीं होता है🙏 

7. चेतन पर विकारों की मोटी परत होती है, जिसे बुद्धिस्म में राग दोष और मोह कहा गया है - विस्तृत रूप में इसे काम क्रोध लोभ वासना ईर्ष्या ममत्व आदि कहा जाता है

8. संसार में कई इंद्री वाले प्राणी पाए जाते हैं, एक इंद्री दो इंद्री तीन इंद्री चार इंद्री पांच इंद्री 🙏 मनुष्य छे इंद्री का प्राणी है 🙏 छठी इंद्री को विकसित करना पड़ता है 🙏 कुछ प्राणियों के कुछ खास इंद्रिय बहुत ज्यादा सक्रिय होती हैं, जैसे चींटी की गंध सूंघने की क्षमता, हाथी की सुनने की क्षमता आदि 

9. अधिकतम वनस्पतियां एक इंद्रीय प्राणी है, कुछ दो इंद्रिय वनस्पतियां भी हैं, जो प्राणी को देखकर उस पर आक्रमण करती हैं इस बात से ऐसी वनस्पतियों को अच्छे से पहचाना जा सकता है कि वह स्पर्श इंद्री के साथ सुनने अथवा देखने में भी सक्षम है 🙏

10. आजाद जी को डिस्कवरी चैनल देखना चाहिए, जो वनस्पति हो और प्राणी विज्ञान पर विशेष अध्ययन कराता है 🙏

11. अब मैं अपने मुख्य विषय पर लौटता हूँ 🙏 स्त्री और पुरुष में चैतिक समानता है, परंतु शारीरिक समानता नहीं है🙏 स्त्री पुरुष की छह ज्ञान इंद्रियां समान है, परंतु पांचो कर्मेंद्रियां सामान नहीं है 🙏

12. स्त्री पुरुष एक दूसरे के पूरक हैं समान नहीं, आजाद जी को संविधान को ध्यान से पढ़ना चाहिए आर्टिकल 14 स्त्री पुरुष में भेद न करने की बात कहता है उसके साथ-साथ परंतुक में महिला कल्याण से संबंधित योजनाओं के लिए सरकार को कार्य करने की छूट देता है 🙏 फिर भी इसे समानता का भेद न होना कहता है,

13. ऐसा संविधान इसलिए कहता है क्योंकि स्त्री पुरुष शारीरिक रूप से सामान नहीं है, उनकी भौतिक आवश्यकता और भौतिक जिम्मेदारियां अलग-अलग है, प्राकृतिक प्रदत्त कर्तव्य अलग-अलग है 🙏 इसलिए प्राकृतिक प्रदत्त कर्तव्यों को समाज में भी अग्रसारित किया गया है 

14. इसीलिए मैंने आपसे मौखिक चर्चा में कहा था कि आपके यहां पर चर्चा बड़ी सताई स्तर पर होती है, और मैं उसमें मूक दर्शक बनकर सुनता रहूंगा तो मैं अपनी बुद्धि गवा दूंगा 🙏


भगवान बुद्ध ने कहा है मूढ़ो के संगत ना करें 🙏😂🌹


गंभीर साधक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

Wednesday, 1 January 2025

29 दिसंबर से 2 जनवरी तक की पोस्ट2025

 [29/12/2024, 6:15 pm] kamleshmittra-SCI: श्रीमन शुक्ला जी,


हर वर्ग और शब्द का विश्लेषण आप अपने चश्मे से कर रहे हैं 😂


देशभक्ति का विश्लेषण भी आप अपने चश्मे से कर रहे हैं 🙏


भूखे व्यक्ति की देशभक्ति

और पेट भरे व्यक्ति की देशभक्ति में कुछ तो अंतर है😂😂😂


आतंकवादी भी देशभक्त होते हैं 🙏और आतंकवाद विरोधी भी देशभक्त होते हैं🙏


एक ही भूभाग पर दोनों के देशभक्त होने की अवधारणा अलग-अलग होती है 🙏


मनमोहन का देशभक्त होना पूंजीवाद के पक्ष में था इसलिए पूंजीवादी लोग की नजर में मनमोहन सिंह देशभक्त हो सकते हैं 😂


अंतर्राष्ट्रीय श्रम नीतियों को भारत में आज तक लागू नहीं किया गया है, भारत में श्रमिकों का शोषण चरम पर है 🙏


भारत की देखा देखी अन्य देश भी अपने श्रमिकों का शोषण करने लगे हैं 🙏


 WTO के अंतर्गत बनाई श्रमिक नीतियां आज तक धरातल पर नहीं आयी 🙏 इसके लिए उत्तरदाई तो मनमोहन सिंह ही हैं 🙏


और सबसे जवालंत उदाहरण दे दूं🙏 भारतीय दूतावास, अमेरिका में अपने श्रमिक का शोषण करते हुए एक भारतीय IFS अधिकारी पकड़ा गया था, अमेरिका के श्रम संगठनों ने इसका जबरदस्त विरोध किया, उसके अमेरिका में जेल जाने की नौबत आ गई परंतु भारत सरकार ने तत्काल उसे भारत बुला लिया, ना तो अमेरिका में उस पर मुकदमा चल पाया ना भारत में चलाया गया😭


 इन सब नीतियों के लिए और श्रमिकों का शोषण करने के लिए मनमोहन सिंह ही जिम्मेदार है 🙏 कुछ और जानकारी चाहिए हो तो बता देना😂 एक-एक परते खोल कर रख दूंगा कि मनमोहन सिंह किसके लिए देशभक्त थे 🙏


आजादी बचाओ आंदोलन के पूर्व सक्रिय कार्यकर्ता अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[30/12/2024, 10:27 pm] kamleshmittra-SCI: आध्यात्मिक सूचना 30 दिसंबर 2024


 मान्यवर,


हमारे उपरोक्त लेख की एक महीने बाद एक सज्जन ने चर्चा की, 1 घंटे से अधिक चर्चा हो चुकी है परंतु अभी चर्चा अधूरी है क्योंकि वह गाड़ी ड्राइव करने लगे थे, बच्चों को ट्रेनिंग सेंटर से घर ले जाना था🙏


 कुछ लोग हमारे लेखो को सीधे अपने मीडिया चैनल पर डाल रहे है🙏 और उसका लिंक मुझे भेज रहे हैं🙏


मेरे किसी लेख पर कोई कॉपीराइट नहीं है, जो मेरे लेख से सहमत है वह अपने चैनल पर इसको जैसा वैसा ही डाल सकता है 🙏 कोई काट छांट ना करें🙏


कई जगह लिपिकीय त्रुटि हो जाती है उससे भी छेड़छाड़ करने की आवश्यकता नहीं है 🙏


उसको वैसा ही गलत जाने दे, हो सकता है जो आपकी नजर में गलत लग रहा हो वह मेरी नजर में सही हो सकता है 🙏


यदि आप हमारे लेख पर कोई आलोचक लेख लिखते हैं🙏तो वह लेख मुझे जरूर भेजें🙏

 

मेरे किसी लेख के किसी अंश को काटकर आलोचना करने पर मैं आपसे हर्जाने की मांग कर सकता हूं🙏


क्योंकि मेरे लेख पर कोई लेख लिखने के लिए आपको, कम से कम विपासना जैसी साधना का 6 साल का गंभीर साधक होना पड़ेगा🙏


मेरे लेख कोई वाणी विलास नहीं है 🙏 हमारे लेखो का द्वयातवाद से कोई लेना देना नहीं है, अर्थात तर्क-वितर्क की बुद्धि ना लगायें 🙏


केवल छठी इंद्री के सक्रिय होने पर आप हमारे लेखो की सच्चाई को परख सकते हैं 🙏


 पांच इंद्री वाले, लेखो की सच्चाई को नहीं समझ सकते है 🙏 उनके पास दो ही रास्ते हैं स्वीकार करें या त्याग करें 🙏


 गंभीर साधक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :- जिस प्रकार कामेंद्री के सक्रिय हुए बिना कोई व्यक्ति जवानी के सुख की अनुभूति नहीं कर सकता है 


ठीक उसी प्रकार छठी ज्ञान इंद्री के सक्रिय हुए बिना कोई मनुष्य आध्यात्मिक अनुभूति और उसके आनंद की कल्पना नहीं कर सकता है 🙏

[31/12/2024, 3:35 pm] kamleshmittra-SCI: श्रीमान अधिवक्ता आरएस गौतम जी


महोदय,


 बैलट पेपर से चुनाव होने से कितने पेड़ काटे जाएंगे इसका अनुमान है, स्टडी सामग्री कितनी महंगी हो जाएगी इसका अनुमान है🙏


 बीजेपी वोटो में कैसे धांधली करती है इसका अनुमान है🙏


 अभी केजरीवाल ने एनालिसिस करके बताएं कि चुनाव होने से पहले ही भाजपा ने 12% वोट इधर से उधर कर दिए हैं 🙏


 नए वोटो का जोड़ना और कमजोर लोगों के वोट को काट देना बीजेपी की रणनीति का विशेष अंग 🙏


 केंद्र सरकार के पदाधिकारी और नेताओं का राज्य में भ्रमण और अधिकारियों से मुलाकात पूरी तरह से बैन होनी चाहिए 🙏


 छोटे दलों के बीच कोआर्डिनेशन करने के लिए कौन व्यक्ति कार्य कर रहा है🙏


 नीतीश ने थोड़ा सा प्रयास किया तो राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया का गठबंधन बन गया 🙏


 राज्य स्तर पर कौन लोग नेतृत्व कर रहे हैं कहीं कुछ पता नहीं लगता है 🙏


 आप भी जमीन पर काम करते हुए नजर नहीं आते है 🙏


 क्या आपके पास ऐसे ट्रस्टी हैं जो दो-चार लोगों का खाना खर्च उठा सके 🙏


 जब तक दलितों के क्रिमी लेयर कुछ लोगों का खाना खर्च नहीं उठाएंगे, किसी भी संगठन की परिकल्पना करना मुश्किल है 🙏


 मीठी मीठी प्रेरक बातें कर देने से कुछ नहीं होगा कुछ जमीन पर करके भी दिखाना होगा🙏


 अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @ 9335122064


नोट :- मैं आपकी एक सभा में गया था और मैंने पाया है आप भी कपड़ों से पहचानते हैं ऐसी दशा में, आपको भी व्यक्तियों की पहचान नहीं है, तो संगठन कैसे बनाएंगे 🙏 मास की जीभ हिला देने मात्र से काम नहीं चलेगा🙏 रणनीति भी बनानी पड़ेगी, उसके लिए सामाजिक संगठन होना चाहिए जो दलित / बहुजन राजनीतिक दलों को उंगली पर नचाये 🙏

[31/12/2024, 5:06 pm] kamleshmittra: जिज्ञासु महोदय (8888850786)


1. आपको हिंदू शब्द पर आपत्ति क्यों है? हिंदू शब्द तो मुगलों की देन है, आजकल के सनातनियों को उसे पर तकलीफ नहीं होनी चाहिए भले ही वह आतंकवादी हैं 😂 बादशाह अकबर ने पहली बार हिंदुस्तान शब्द का प्रयोग किया था और इस भूभाग पर रहने वालों को हिंदुस्तानी कहा था जिसमें मुस्लिम भी सम्मिलित थे 🙏👏 तो आज हिंदू शब्द में मुसलमान सम्मिलित क्यों नहीं है, भाजपाइयों से पूछ कर बताइएगा 😂 हिंदुस्तान का धर्म था दीन ए इलाही 🙏 यह हिंदू धर्म किसकी कोख से पैदा हुआ👹👹👹


2. जो आजकल खुद को सनातनी कहने लगे हैं वहीं कुछ दिन पहले खुद को हिंदू कहा करते थे - जब कि सनातनी शब्द का प्रयोग महर्षि दयानंद सरस्वती के हत्यारो के लिए प्रयोग होता था 🙏 अंग्रेजों की न्याय व्यवस्था से बचने के लिए और हत्या के षड्यंत्र कार्यों के दंड से खुद को बचाने के लिए उन्होंने खुद को सनातनी कहना बंद कर दिया था, और खुद को हिंदू कहने लगे थे😂😂👹


3. हरियाणा के झज्जर में जाकर महर्षि दयानंद सरस्वती के विद्यालय की पुस्तकों का अध्ययन करो तो आपको बहुत कुछ पता लगेगा😂😂👹 पूरा सत्यार्थ प्रकाश तम्रपत्र पर लिखा है 🙏 


4. जातिवाद, महिला उत्पीड़न देवदासी प्रथा, मानव बलि आदि के समर्थको ने, महर्षि दयानंद सरस्वती के समाज सुधार को नहीं माना और उनकी हत्या करने के बाद, इन ब्राह्मण धर्म के लोगों ने जो खुद को सनातनी कहते थे छदम रूप से खुद को आर्य समाजी कहने लगे, स्वामी विवेकानंद से प्रेरित होकर खुद को हिंदू कहने लगे, जबकि महर्षि दयानंद सरस्वती ने कहा था हम हिंदू नहीं आर्य हैं 🙏 महर्षि दयानंद सरस्वती के मठो पर कब्जा कर लिया और उनके साहित्य को बदल डाला क्योंकि उन्होंने सभी ब्राह्मण ग्रंथो और पाखंड पूर्ण साहित्य का खंडन किया था😂😂😂


5. इसका सबसे ताजा उदाहरण है हरिद्वार का शांतिकुंज, जो सबके गोत्रों का निर्धारण करता है 😂


6. जबकि महर्षि दयानंद सरस्वती ने कहा था वेदों की तरफ लौटो सब एक परमात्मा के संतान है, जाति के आधार पर कोई विभाजन नहीं किया जा सकता है ना ही कोई देवता पूजने योग्य है उन्होंने राम और कृष्ण सहित पाखंडी दुराचारी देवताओं आदि का खंडन किया था 🙏 शांतिकुंज द्वारा फिर भी मूर्खता फैलाई जा रही है 🙏 महर्षि दयानंद सरस्वती के मूल सिद्धांत के खिलाफ यह शांतिकुंज गोत्रों का निर्धारण क्यों कर रहा है, और खुद को आर्य समाजी भी कहता है 😂👹


घटघट वासी अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064

[02/01, 7:25 am] kamleshmittra: 🌹आध्यात्मिक सूचना 2 दिसंबर 2025


 17 अक्टूबर को ध्यान की कुछ टिप दी थी 🙏


 1 नवंबर को पुनः स्पष्टीकरण दिया था 🙏 आज कुछ गंभीर चर्चा🌹


जो लोग लगातार हमारे साथ ध्यान कर रहे हैं उनको आगे की अनुभूतियों के बारे में अवगत करा सकता हूं🙏


कुछ सूत्र वचन कहता हूं जो उनको ही समझ में आएंगे, जिनकी छठी इंद्रियों कुछ सक्रिय हुई है 🙏 जिन्होंने कहीं से कुछ सुन लिया है, वह ऐसा मानकर ना चले कि उन्होंने जान लिया है 🙏


🌹परमात्मा के आगे संसार है 🙏


बात समाप्त हो गई मैं कोई व्याख्या नहीं करूंगा🙏 जिन संतों ने व्याख्या की लोगों को भरमा दिया 🙏


जो परमात्मा के आगे नहीं पहुंचता वह संसार तक नहीं पहुंचता है 🙏 संसार में राहत जरूर है, पर यह कभी नहीं जान पता कि यह संसार है🙏 इस कुएं के कुछ पार भी है 🙏


अध्यात्म का विज्ञान बड़ा अद्भुत है 🙏


1. आंख वाला सीधे-सीधे देख लेता है, उस हिस्से को भी जहां उसका हाथ नहीं पहुंचता 🙏

2. कान वाला सीधे-सीधे सुन लेता है, उस पदचाप को जहां आंख नहीं पहुंचती 🙏

3. जो शांत हो गया, जो छुपा दिया गया, नाक तो उसे भी संघ लेती है 😂 हर इंद्री की अपनी माया है 🙏


4. आध्यात्मिक जगत में परमात्मा कुछ नहीं है, ब्रह्मण ब्रह्म से बड़ा है 🙏 मैं पंडित की बात नहीं कर रहा हूँ, मैं ब्राह्मण की बात कर रहा हूं जिसने जान लिया है, चित्त का बनना और उसका मिट जाना🙏 अथवा मिटा दिया जाना🙏 कथित ब्रह्मा तो शरीर को बनता है, जर्जरित करता/होता है और मिट जाता है🙏


5. जो परमात्मा से आगे निकल गया ब्राह्मण हो गया, वह तो चित्त का निर्माण करता है, चित्त को विकार विमुक्त करता है🙏 शब्द बहुत तुच्छ उस प्राणी के संबोधन के लिए > जिसने सब जान लिया सम्यक समबुद्ध हो गया 😂 प्राणी जगत में मनुष्य ही तो है, जो ब्रह्म के भी पर जा सकता है 🙏


6. प्राणी जगत में भगवान तो माता-पिता ही है स्थूल अर्थों में 🙏रिप्रोडक्टिव अंग का प्राणी से कोई लेना देना नहीं है, बनते हैं अपना काम करते हैं प्राणी को मजबूर करते हैं, मनुष्य हो या अन्य कोई प्राणी जगत, शरीर में ना हो या निकाल दिए जाएं, अथवा कोई पूर्ण किन्नर भगवान होने के योग्य तो नहीं होता, ब्रह्म होने के योग्य तो नहीं होता है 🙏परंतु ब्रह्म से पर जा सकता है🙏 जो कोई पूर्ण किन्नर हो 🙏


7. ध्यान की पद्धति की चर्चा करूं तो प्राणी का विकास कोई डॉक्टर मशीन में देखे बात समझ में आती है, पुरुष मशीन का सहारा ले यह भी बात समझ में आती है🙏 परंतु स्त्री ना जान पाए 🙏 तो वह स्त्री ब्राह्मण होने योग्य नहीं है🙏 स्त्रियां जन्म से ब्राह्मण होती हैं🙏 परंतु पुरुष की लूट प्रवृत्ति ने स्त्री को ब्राह्मण होने की सोच से भी पृथक कर दिया है🙏 वह उस हिरण की तरह से है जो कस्तूरी को पूरे जंगल में खोजती है😂

8. निस्तव्यता में ध्यान में बैठा हुआ उच्च कोटि का साधन भी, कई बार अगल-बगल की ध्वनि को नहीं सुन पता है 🙏 जबकि कान की तो कोई पलके नहीं होती है 🙏 अंदर बहुत शोर गुल रहता है 🙏 बंद आंख भी बहुत कुछ देखती है🙏 खुली आंख के देखने की गति है, बंद आंख तो प्रकाश की गति से देखती है 🙏 छठी इंद्री का अति अद्भुत विज्ञान है 🙏


9. मंडन मिश्र की पत्नी ने, पहुंचे हुए ब्रह्मचारियों को भी पानी पिला दिया था🙏 इस अपमान को पुरुष कैसे भूल सकता है इसलिए पुरुष ने उसके ब्रह्म होने के एहसास को ही भुला दिया 😂

10. कथित राष्ट्रवादी सबसे पहले स्त्रियों से लड़ते हैं😂 जब स्त्रियां उनकी अधीनता स्वीकार कर लेती हैं तो आपस में लड़ते हैं 😂 क्योंकि कोई भी राष्ट्रवादी आध्यात्मिक नहीं होता है, पाखंडी जरूर हो जाते हैं, हर धर्म के पाखंड अपनी अपनी तरह के होते हैं 🙏यह संतों का कर्तव्य है, राग दोष से मुक्त होकर संसारियो को संसार से पर ले चले, मार्गदर्शन करें 👏


 आज के लिए इतना काफी है 🙏


 गहन साधक अधिवक्ता कमलेश कुमार मित्रा @9335122064